छत्तीसगढ़ / रायपुर
सेवानिवृत्ति प्रकरणों के त्वरित निपटारे और रिक्त पदों पर भर्ती के दिए निर्देश-मुख्य सचिव
रायपुर, 11 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार साधक सचिवों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के प्रकरणों का निराकरण उनकी सेवानिवृत्ति से पहले ही सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभागवार नियतकालिक सूची तैयार करने के निर्देश सचिवों को दिए।
बैठक में विभागों में रिक्त पदों तथा बैकलॉग के पदों पर सेटअप तैयार कर त्वरित भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, मुख्य सचिव ने सभी सचिवों को अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा।
लोक सेवा गारंटी व अन्य पोर्टल
बैठक में लोक सेवा गारंटी, सूचना का अधिकार, सेवा सेतु, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी-रेगुलेशन और ग्रामीण विकास की योजनाओं की समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अब तक लगभग 728 सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं।
कर्मचारियों के लिए mandatory i GOT प्रशिक्षण
अधिकारियों-कर्मचारियों को iGOT (iGOT Karmayogi) प्लेटफॉर्म के तहत विभाग की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को प्रतिमाह 1 से 3 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करना अनिवार्य होगा।
रिफ़ॉर्म उत्सव अभियान
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों से संबंधित रिफ़ॉर्म (सुधार) की जानकारी तैयार करने को कहा, जिसका प्रदर्शन आगामी दिनों में आयोजित होने वाले रिफॉर्म उत्सव अभियान में किया जाएगा।
मेरा युवा भारत पोर्टल पर पंजीकरण
केंद्रीय खेल एवं युवा मंत्रालय के मेरा युवा भारत (MY Bharat) पोर्टल पर राज्य के स्कूलों व कॉलेजों के 15 से 29 वर्ष के युवाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जिला समन्वयकों और प्राचार्यों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया है।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खाद्य विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
रायपुर व गरियाबंद जिले की 4 सिंचाई योजनाओं के लिए 16.03 करोड़ स्वीकृत
सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगा पानी
रायपुर, 11 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने किसानों को सिंचाई सुविधा का बेहतर लाभ देने के उद्देश्य से रायपुर और गरियाबंद जिले की चार प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए 16 करोड़ 03 लाख 38 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। यह स्वीकृति जल संसाधन विभाग मंत्रालय (महानदी भवन) द्वारा मुख्य अभियंता, महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रदान की गई है।
स्वीकृत राशि से नहरों की लाइनिंग, मरम्मत और जीर्णाेद्धार के कार्य कराए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में जल प्रबंधन में सुधार होगा और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। स्वीकृत योजनाओं में गुजरा व्यपवर्तन योजना (रायपुर) के लिए 4 करोड़ 99 लाख 15 हजार रूपए स्वीकृत किया गया हैं, इस स्वीकृत राशि से नहर लाइनिंग एवं जीर्णाेद्धार कार्य पूर्ण होने पर 141 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसी तरह पतोरा व्यपवर्तन योजना (गरियाबंद) के लिए स्वीकृत राशि 2 करोड़ 2 लाख 50 हजार रूपए से शीर्ष जीर्णाेद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य से 84.27 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई जल का लाभ मिलेगा।
गनियारी जलाशय योजना (गरियाबंद) के लिए 4 करोड़ 66 लाख रूपए स्वीकृत की गई है। इस स्वीकृत राशि से जीर्णाेद्धार, वेस्ट वियर की मरम्मत, मुख्य नहर की रिमॉडलिंग एवं सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग का कार्य कराया जाएगा। इससे 144 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विकास होगा। ठाकुरदेव जलाशय योजना (गरियाबंद) 4 करोड़ 35 लाख 73 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं। इस स्वीकृत राशि से शीर्ष, मुख्य नहर एवं शाखा नहरों का जीर्णाेद्धार, मरम्मत तथा लाइनिंग का कार्य कराया जाएगा, इससे 80 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों से किया संवाद, दिए सफलता के मंत्र
रायपुर, 11 सितंबर 2026


राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में सैनिक स्कूल अंबिकापुर के विद्यार्थियों ने भेंट की और संवाद किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए अनुशासन, आत्मनियंत्रण और कठोर परिश्रम को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी।
’सफलता का आधारभूत बिंदु अनुशासन है सैनिक स्कूल’
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें सैनिक स्कूल जैसी उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्था में अध्ययन करने का अवसर मिला है। सैनिक स्कूल में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, समय की पाबंदी तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का महत्व भी सिखाया जाता है। उन्होंने कहा कि सफलता का आधारभूत बिंदु अनुशासन है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पढ़ाई, नौकरी और करियर को लेकर तनाव एक बड़ी चुनौती है। तनाव का सामना करने के लिए हमें जो प्राप्त है, उसमें संतुष्ट रहना सीखना होगा। अपनी क्षमताओं को पहचानकर उसी के अनुरूप कार्य करना चाहिए। मन को नियंत्रित रखते हुए अपनी योग्यता और ऊर्जा को सही दिशा में लगाएंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी।
’लक्ष्य को निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी लगन एवं मेहनत से प्रयास करें’
राज्यपाल ने कहा कि कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। योग्यता के साथ यदि निरंतर मेहनत की जाए तो सफलता प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने लक्ष्य को निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी लगन एवं मेहनत से प्रयास करें। गुरुजनों और पालकों की बातों को गंभीरता से सुनें, लेकिन निर्णय लेते समय अपने तर्क और बुद्धि का भी प्रयोग करें। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी ‘थिंकिंग प्रोसेस’ को हमेशा सक्रिय रखने की सलाह दी। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने राज्यपाल से उनके जीवन, करियर और सार्वजनिक जीवन से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सहजता से उत्तर देते हुए उन्हें अपने संवैधानिक पद के दायित्वों की जानकारी दी तथा अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा के अनुभव भी साझा किए। सैनिक स्कूल के विद्यार्थियों को लोक भवन का भ्रमण भी कराया गया। इस अवसर पर सैनिक स्कूल अंबिकापुर के शिक्षकगण भी उपस्थित थे।
पोरा तिहार पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रदेश के पारंपरिक एवं लोक आस्था के प्रमुख पर्व पोरा तिहार के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व हमारी माटी, खेती-किसानी और पशुधन के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना को प्रकट करता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान और गौरव हैं। पोरा तिहार के माध्यम से हमारी परंपराएं, लोकमान्यताएं और संस्कार एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचते हैं। यह पर्व समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश भी देता है।
श्री ओपी चौधरी ने कामना की कि पोरा तिहार प्रदेश के सभी परिवारों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। किसानों के खेतों में भरपूर फसल हो और छत्तीसगढ़ निरंतर विकास एवं समृद्धि की दिशा में आगे बढ़े।
छत्तीसगढ़ में मानसून 2026: प्रदेश में अब तक 931.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज
बलरामपुर में सर्वाधिक तो कांकेर-बेमेतरा में सामान्य से कम बारिश
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 10 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार प्रदेश भर में मानसून की रफ्तार कुल मिलाकर संतोषजनक बनी हुई है। चालू मानसून सत्र में 1 जून से 10 सितंबर तक राज्य में औसतन 931.9 मि.मी. वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो कि इस अवधि की सामान्य औसत वर्षा 960.9 मि.मी. का 97 प्रतिशत है। हालांकि, प्रदेश के सभी 33 जिलों में वर्षा का वितरण एकसमान नहीं रहा है। सरगुजा संभाग के बलरामपुर और मध्य छत्तीसगढ़ के रायपुर तथा सारंगढ़ क्षेत्रों में झमाझम बारिश से आंकड़े सामान्य से काफी ऊपर पहुंच चुके हैं, वहीं बस्तर संभाग और मैदानी इलाकों के कुछ जिलों में वर्षा की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है।
प्रदेश में बारिश के प्रतिशत के मामले में उत्तर छत्तीसगढ़ का बलरामपुर जिला शीर्ष पर है, जहाँ सामान्य औसत 825.3 मि.मी. की तुलना में अब तक 1456.5 मि.मी. बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि 176.5 प्रतिशत के साथ जिले की संभावित वार्षिक वर्षा के आंकड़े को भी पार कर गई है। इसके साथ ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1110.1 मि.मी. (148.0%), राजधानी रायपुर में 1034.2 मि.मी. (129.4%), मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1105.6 मि.मी. (127.4%), महासमुंद में 1078.1 मि.मी. (123.6%) और सूरजपुर में 1121.9 मि.मी. (117.6%) बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में औसत से अधिक वर्षा होने के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और जलाशयों में जलभराव की स्थिति काफी मजबूत हुई है।
मध्य छत्तीसगढ़ और बिलासपुर संभाग के बड़े हिस्से में बारिश का संतुलन बना हुआ है। मुंगेली में 962.3 मि.मी. (115.9%), गरियाबंद में 1082.0 मि.मी. (115.1%), बलौदाबाजार में 971.9 मि.मी. (111.9%), नारायणपुर में 1285.7 मि.मी. (109.1%) तथा जांजगीर-चांपा में 1068.7 मि.मी. (108.1%) बारिश दर्ज हुई है। वहीं कोरिया में 879.7 मि.मी. (103.0%), बालोद में 931.6 मि.मी. (102.7%), कोरबा में 1034.8 मि.मी. (101.7%), बिलासपुर में 949.6 मि.मी. (101.6%), धमतरी में 950.9 मि.मी. (101.0%) और सक्ती में 906.1 मि.मी. (99.3%) वर्षा के साथ आंकड़े सामान्य स्तर के बेहद करीब हैं। इसके अलावा दुर्ग में 700.6 मि.मी. (97.8%), गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 871.6 मि.मी. (94.2%), राजनांदगांव में 753.9 मि.मी. (92.4%), रायगढ़ में 926.5 मि.मी. (90.5%) और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 620.6 मि.मी. (90.2%) बारिश के साथ स्थिति सामान्य बनी हुई है।
दूसरी ओर, राज्य के कुछ पश्चिमी मैदानी इलाकों और दक्षिणी बस्तर संभाग के जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। दंतेवाड़ा में 1094.6 मि.मी. (85.7%), जशपुर में 768.6 मि.मी. (83.8%), कबीरधाम में 597.0 मि.मी. (83.5%) और सरगुजा में 578.1 मि.मी. (79.9%) बारिश हुई है। बेमेतरा में कुल 541.1 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य का 77.2 प्रतिशत है और यह प्रदेश में सबसे कम कुल बारिश का आंकड़ा भी है। बस्तर संभाग की बात करें तो कोण्डागांव में 803.0 मि.मी. (74.3%), बस्तर जिले में 897.8 मि.मी. (73.9%), बीजापुर में 1245.9 मि.मी. (73.4%), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 740.2 मि.मी. (66.7%) और सुकमा में 865.5 मि.मी. (64.9%) बारिश ही दर्ज हो सकी है। प्रदेश में बारिश के सबसे कम प्रतिशत वाला जिला कांकेर रहा है, जहाँ सामान्य औसत के मुकाबले केवल 816.5 मि.मी. यानी 61.5 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई है।
दैनिक आंकड़ों पर नजर डालें तो कोरिया में 12.6 मि.मी., सक्ती में 11.6 मि.मी., सूरजपुर में 11.4 मि.मी., कांकेर में 11.2 मि.मी. और बलरामपुर में 10.8 मि.मी. बारिश हुई है, जबकि प्रदेश का दैनिक औसत 3.1 मि.मी. दर्ज किया गया। राज्य स्तर पर कुल 97 प्रतिशत औसत वर्षा होने से खरीफ फसलों के लिए पानी की स्थिति अनुकूल बनी हुई है, वहीं कम वर्षा वाले जिलों में सिंचाई तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है।
सेवा संकल्प अभियान को लेकर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने जशपुर के जनप्रतिनिधियों से की वर्चुअल बैठक

वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने अपने प्रभार जिले जशपुर के जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल माध्यम से जुड़कर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों को लेकर बैठक में सहभागिता की। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस एक माह के अभियान के तहत जिले में प्रस्तावित विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की रूपरेखा पर चर्चा की गई।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि “25 वर्षों में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की यात्रा जनसेवा, नेतृत्व और भारत की क्षमता में अटूट विश्वास की कहानी है।” उनके जनसेवा के 25 वर्षों की इस प्रेरणादायी यात्रा को जन-जन तक पहुंचाना और सेवा, समर्पण तथा राष्ट्र निर्माण की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग से जोड़ना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास के साथ विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में युवाओं, जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
बैठक में जशपुर जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों, जनभागीदारी बढ़ाने, विभिन्न सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों तथा अभियान को प्रभावी और व्यापक स्वरूप देने को लेकर चर्चा की गई।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पंख- भखारा में बैंक ऑफ बड़ौदा के मेगा क्रेडिट कैंप में 32 करोड़ का ऋण स्वीकृत
धमतरी जिले के भखारा में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा आयोजित मेगा क्रेडिट कैंप ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और कृषि उद्यमिता को नई दिशा दी है। वित्तीय समावेशन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में 476 हितग्राहियों को कुल 32 करोड़ रुपए की ऋण सहायता स्वीकृत एवं वितरित की गई।
इस पहल के माध्यम से किसानों, स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं तथा स्थानीय उद्यमियों को सीधे तौर पर संस्थागत बैंकिंग सुविधाओं से जोड़कर आर्थिक संबल प्रदान किया गया। कार्यक्रम में स्वीकृत ऋण राशि का मुख्य हिस्सा कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करने में गया, जिसके तहत फूड एवं एग्रो प्रोसेसिंग से संबंधित 7 प्रकरणों में सर्वाधिक 16 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई। इसके अलावा ग्रामीण कृषि तंत्र को मजबूती देने के लिए 211 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से 6 करोड़ रुपए और ट्रैक्टर तथा हार्वेस्टर जैसे कृषि टर्म लोन के 69 मामलों में 5 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया। वहीं महिला सशक्तिकरण और स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 155 स्वयं सहायता समूहों को 5 करोड़ रुपए तथा बैंक ऑफ बड़ौदा नारी शक्ति योजना के 34 प्रकरणों में 84 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
कलेक्टर धमतरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग संस्थानों द्वारा आयोजित ऐसे क्रेडिट कैंप न केवल वित्तीय समावेशन को मजबूत करते हैं, बल्कि स्थानीय उद्यमियों और किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि के नए द्वार भी खोलते हैं। उन्होंने हितग्राहियों से ऋण राशि का उपयोग निर्धारित उत्पादक गतिविधियों में करते हुए अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि आगामी 15 सितंबर को जिंजर लीफ में लोन मेला आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद धमतरी में एक वृहद जिला स्तरीय लोन मेले का आयोजन भी होगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को सहजता से पर्याप्त ऋण उपलब्ध होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए साधन निर्मित होते हैं। शिविर के दौरान बैंक अधिकारियों ने उपस्थित ग्रामीणों को विभिन्न बैंकिंग योजनाओं, पात्रता शर्तों, आवश्यक दस्तावेजों और डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं की भी विस्तार से जानकारी दी, जिससे यह आयोजन ग्रामीण समुदाय को बैंकिंग सेवाओं के और करीब लाने में बेहद सफल साबित हुआ।
नवा रायपुर के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मिली नई पहचान
IHCL का 111 कमरों वाला Ginger Hotel नवा रायपुर में होगा विकसित
नवा रायपुर की बढ़ती राष्ट्रीय पहचान और निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है नई परियोजना - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
बिजनेस, पर्यटन और निवेश के लिए नवा रायपुर को मिल रही विश्वस्तरीय सुविधाओं की नई कड़ी- वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी
- श्री सुनील त्रिपाठी
- सहायक संचालक जनसंपर्क
नवा रायपुर अटल नगर अब देश के प्रमुख आधुनिक शहरों के साथ-साथ हॉस्पिटैलिटी और बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इसी दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। देश की प्रमुख हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने नवा रायपुर में अपने प्रतिष्ठित Ginger Hotel की स्थापना की घोषणा की है। 111 कमरों वाला यह होटल ब्राउनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए IHCL ने ECHT Ventures के साथ साझेदारी की है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि नवा रायपुर में देश की प्रतिष्ठित हॉस्पिटैलिटी कंपनी IHCL का Ginger Hotel लाना छत्तीसगढ़ के प्रति बढ़ते निवेशकों के विश्वास और नवा रायपुर की राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक, सुविधायुक्त और निवेश के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। देश-विदेश से आने वाले निवेशकों, उद्यमियों, प्रोफेशनल्स और पर्यटकों के लिए बेहतर हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं का विस्तार नवा रायपुर की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अब केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और आधुनिक सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
वित्त एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में Ginger Hotel का आगमन शहर के तेजी से विकसित होते बिजनेस और हॉस्पिटैलिटी इकोसिस्टम को नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय संस्थानों, निवेश परियोजनाओं और कॉर्पोरेट गतिविधियों के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण आवास और आतिथ्य सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि नवा रायपुर में निवेश करने वाले उद्यमियों और यहां आने वाले देश-विदेश के प्रतिनिधियों को एक आधुनिक और सुविधाजनक इकोसिस्टम उपलब्ध हो। Ginger जैसी प्रतिष्ठित ब्रांड की परियोजना नवा रायपुर की बदलती तस्वीर और बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित करती है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा Ginger Nava Raipur
प्रस्तावित Ginger Nava Raipur में 111 कमरे होंगे। होटल में विशाल एवं आधुनिक कमरे, Ginger का सिग्नेचर ऑल-डे डाइनिंग रेस्टोरेंट Qmin, मीटिंग रूम और फिटनेस सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसे व्यावसायिक यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन एवं अवकाश के लिए नवा रायपुर आने वाले यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से जशपुर के युवाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
25 सितंबर तक क्विज में भाग लेकर युवा दर्ज करा सकते हैं सहभागिता
जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का मिलेगा अवसर
भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की पहल ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के माध्यम से जशपुर जिले के युवाओं को अपनी प्रतिभा, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित इस पहल में युवाओं को विकसित भारत के निर्माण को लेकर अपने विचार और दृष्टिकोण साझा करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
जशपुर जिले में भी मेरा युवा भारत (MY Bharat) के माध्यम से युवाओं को इस अभियान से जोड़ने के लिए विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिले के युवा 25 सितंबर 2026 तक आयोजित क्विज में भाग लेकर इस महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा बन सकते हैं।
इस पहल की प्रक्रिया क्विज से प्रारंभ होकर जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी। विभिन्न चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को अपनी प्रतिभा, विचारों और नेतृत्व क्षमता को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
युवा होंगे राष्ट्र निर्माण के सक्रिय भागीदार
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का उद्देश्य युवाओं को केवल कार्यक्रमों में सहभागी बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें नीति निर्माण, नवाचार और राष्ट्र विकास के सक्रिय भागीदार के रूप में तैयार करना है। शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर युवाओं के विचारों एवं सुझावों को इस पहल के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाएगा।
युवा संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से भी सहभागिता की अपील
मेरा युवा भारत, जशपुर ने जिले के सभी पात्र युवाओं, युवा संगठनों, महाविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े युवाओं से अपील की है कि वे निर्धारित अंतिम तिथि 25 सितंबर 2026 से पहले अधिक से अधिक संख्या में क्विज में भाग लें। यह पहल जशपुर के युवाओं के लिए अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को जिला स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ 9वां राष्ट्रीय पोषण माह-2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास को जनभागीदारी से मिलेगा नया संबल : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में बच्चों, माताओं एवं महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 9वां राष्ट्रीय पोषण माह-2026 पूरे प्रदेश में शुरू हो गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत आयोजित इस राज्यव्यापी अभियान की इस वर्ष की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है। अभियान के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार बच्चों और माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राष्ट्रीय पोषण माह केवल जागरूकता का अभियान नहीं, बल्कि पोषण को जनआंदोलन बनाने का अवसर है। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ परिवार, समुदाय और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से आंगनवाड़ी केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
स्थानीय खाद्य पदार्थों से पौष्टिक आहार का होगा प्रदर्शन
पोषण माह के दौरान प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों में स्थानीय एवं कम लागत वाली खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने का प्रदर्शन किया जाएगा। पोषण मेलों के माध्यम से मिलेट्स, मौसमी फल-सब्जियां, दालें, दुग्ध उत्पाद, मेवे एवं विभिन्न प्रकार के बीजों के पोषण संबंधी महत्व की जानकारी दी जाएगी। ‘प्रोटीन रिच फूड’ अभियान के माध्यम से परिवारों को दैनिक भोजन में प्राकृतिक एवं किफायती प्रोटीन स्रोतों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
गर्म पके भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष निगरानी
आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं विविधता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नाश्ते एवं गर्म भोजन का साप्ताहिक मेन्यू बोर्ड केंद्रों में प्रदर्शित किया जाएगा। भोजन की तैयारी एवं वितरण में पारदर्शिता तथा सामुदायिक निगरानी के लिए अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों एवं मातृ समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
जीवन के पहले 1000 दिनों पर विशेष फोकस
पोषण माह के दौरान बच्चे के जीवन के शुरुआती 1000 दिनों में पोषण एवं संवेदनशील देखभाल के महत्व के प्रति परिवारों को जागरूक किया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर संपर्क कर माताओं एवं अभिभावकों को पोषण, स्वास्थ्य और बाल देखभाल संबंधी परामर्श दिया जाएगा। ‘नवचेतना’ एवं ‘आधारशिला’ पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ बच्चों में विकासात्मक विलंब की प्रारंभिक पहचान पर भी जोर दिया जाएगा। आवश्यकता होने पर बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की मेडिकल टीमों के माध्यम से उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में संदर्भित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का होगा 100 प्रतिशत सैचुरेशन
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के अंतर्गत प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं धात्री महिला को योजना से जोड़ने के लिए 100 प्रतिशत सैचुरेशन अभियान चलाया जाएगा। लंबित आवेदनों की समीक्षा, सत्यापन, स्वीकृति एवं प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। मैदानी स्तर पर पात्रता एवं योजना के लाभों की जानकारी देकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
जनभागीदारी से बनेगा पोषण का जनआंदोलन
पूरे प्रदेश में आयोजित होने वाली गतिविधियों में जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों को परिवार और समुदाय से जोड़ते हुए पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा बाल विकास के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया जाएगा। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बच्चों का सुपोषण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, समुदाय और समाज की साझा जिम्मेदारी है।
हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ शुरू हुआ राष्ट्रीय पोषण माह-2026 प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों को सुपोषण, संवेदनशील देखभाल और बच्चों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी आधार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विष्णु भैया का संबल, एनीमा खलखो की बचत से संवर रहा बच्चे का भविष्य
महतारी वंदन योजना से हर माह मिल रहे 1,000 रुपये, घरेलू जरूरतों के साथ बच्चे की पढ़ाई और पोषण में आ रही काम
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के लिए आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि महिलाओं को अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार के भविष्य के लिए बेहतर निर्णय लेने में भी सक्षम बना रही है।
जशपुर जिले के ग्राम पुरनानगर निवासी श्रीमती एनीमा खलखो महतारी वंदन योजना की लाभार्थी हैं। योजना के तहत मिलने वाली राशि उनके परिवार के लिए काफी मददगार साबित हो रही है। वे इस राशि का उपयोग अपने बच्चे की पढ़ाई और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। इसके साथ ही घर की छोटी-मोटी आवश्यकताओं को भी इसी राशि से पूरा कर लेती हैं।
एनीमा खलखो के लिए महतारी वंदन योजना की खास बात यह है कि वे मिलने वाली राशि में से हर माह 500 रुपये अपने छोटे बच्चे के भविष्य के लिए बचत करती हैं। नियमित बचत की यह आदत उन्हें अपने बच्चे के बेहतर भविष्य की तैयारी के साथ आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस कराती है।
श्रीमती एनीमा खलखो बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उन्हें आर्थिक सहारा दिया है। अब वे अपनी जरूरतों को प्राथमिकता के अनुसार तय करते हुए राशि के उपयोग का निर्णय स्वयं लेती हैं। योजना से मिली आर्थिक स्वतंत्रता ने उनके आत्मविश्वास को भी मजबूती दी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि हमारे लिए बहुत उपयोगी है। इससे घर की जरूरतें पूरी करने के साथ बच्चे के भविष्य के लिए बचत करने का अवसर भी मिल रहा है।”
महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रहा नियमित आर्थिक संबल परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्हें बचत, आत्मनिर्भरता और आर्थिक निर्णयों की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। एनीमा खलखो की कहानी इस बात की मिसाल है कि विष्णु भैया की सरकार का संबल आज महिलाओं के हाथों में आर्थिक मजबूती और बच्चों के भविष्य के लिए नई उम्मीद बन रहा है।
विकसित भारत-2047 के संकल्प से जुड़ेगा सारंगढ़-बिलाईगढ़
17 सितंबर से गांव को शहर तक दिखेगा ”सेवा संकल्प”
”सेवा संकल्प अभियान” को जन-आंदोलन बनाने में जुटे मंत्री श्री टंक राम वर्मा, तैयारियों की समीक्षा कर दिए निर्देश

राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज सारंगढ़ - बिलाईगढ़ जिला में ”सेवा संकल्प अभियान” की तैयारियों को लेकर कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान को जिले में व्यापक, प्रभावी और भव्य स्वरूप देने के लिए मंत्री श्री वर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ रणनीति तैयार की।
बैठक में मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के बेमिसाल जनसेवा और नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करने तथा ”विकसित भारत-2047” के संकल्प को मजबूत करने के लिए यह अभियान आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि यह आयोजन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि जनपद, तहसील, नगर पंचायत से लेकर सुदूर ग्राम पंचायतों तक एक जन-आंदोलन का रूप ले। इसमें युवाओं, महिलाओं, स्वयं-सहायता समूहों और वरिष्ठ नागरिकों समेत समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
माहभर आयोजित होंगी विविध गतिविधियां
अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर की शाम जिले के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर ”आशीर्वाद का दीया” जलाकर किया जाएगा। इसी तरह 25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होगी। इसके तहत सभी सरकारी व निजी स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं के जरिए नई पीढ़ी के सपनों के भारत की झलक देखने को मिलेगी।
आंगन का उत्सव का आयोजन 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण और महिला-बाल विकास से जुड़ी योजनाओं पर जागरूकता फैलाई जाएगी और उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार के अंतर्गत विकासखंड व विधानसभा स्तर पर विशेष शिविर लगाकर पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। कहानी बदलाव की व नमो सेवा गाथा में जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की प्रेरक कहानियों का संकलन होगा और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाई जाएगी। इसी तरह सेवा मेरा योगदान व सेवा ज्योति यात्रा में नदियों, घाटों की सफाई और सार्वजनिक सेवा कार्यों के साथ-साथ जिलेभर में जन-भागीदारी यात्राएं आयोजित की जाएंगी।
कलेक्टर ने बैठक में बताया कि जिला प्रशासन द्वारा अभियान की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और सभी विभागों के साथ तालमेल बिठाकर तिथिवार कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पांडेय, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पूर्व विधायक तथा जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
ऑयल पाम की खेती से जशपुर के किसानों की आय में बढ़ेगा नया आयाम
100 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 43 हेक्टेयर में हो चुका रोपण
फेंसिंग, ड्रिप सिंचाई, बोरवेल और चार वर्ष तक रखरखाव व अंतर्वर्ती खेती के लिए मिलेगा अनुदान

देश को खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित ‘नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम’ योजना जशपुर जिले में किसानों के लिए आय के नए अवसर लेकर आई है। जिले में ऑयल पाम की खेती को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत जशपुर जिले को 100 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके विरुद्ध अब तक 43 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम का सफल रोपण किया जा चुका है।
उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को ऑयल पाम की उन्नत खेती से जोड़ने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मेगा प्लांटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। घोलेंग विकासखंड जशपुर, भुरसाकोना विकासखंड बगीचा तथा टिकलीपारा विकासखंड फरसाबहार में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। इस दौरान किसानों को ऑयल पाम की खेती की तकनीक, पौध रोपण, सिंचाई, रखरखाव और अंतर्वर्ती फसल के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रमों में सहायक संचालक उद्यान सहित विकासखंड स्तर के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
पौध सामग्री के लिए प्रति हेक्टेयर 29 हजार रुपये का अनुदान
योजना के तहत किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त ऑयल पाम पौध सामग्री उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित प्रावधान के अनुसार 9×9 मीटर की दूरी पर 143 पौधे प्रति हेक्टेयर लगाए जाते हैं। इम्पोर्टेड पौध सामग्री के व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 29 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान का प्रावधान है।
फेंसिंग और ड्रिप सिंचाई से खेती होगी अधिक सुरक्षित और आधुनिक
ऑयल पाम के पौधों की सुरक्षा के लिए किसानों को फेंसिंग हेतु 54,485 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा बेहतर जल प्रबंधन के लिए ड्रिप सिंचाई हेतु 14,130 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाता है। इसके साथ ही सफल बोर के लिए 50 हजार रुपये तक सहायता का प्रावधान है। इससे किसानों को सिंचाई सुविधा विकसित करने और फसल को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
पम्प के लिए भी मिलेगा अनुदान
दो हेक्टेयर अथवा उससे अधिक क्षेत्र में ऑयल पाम का रोपण करने वाले अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, लघु एवं सीमांत तथा महिला हितग्राहियों को डीजल/इलेक्ट्रिक पम्प के लिए 10 हजार रुपये प्रति पम्प तथा अन्य हितग्राहियों को 8 हजार रुपये प्रति पम्प अनुदान का प्रावधान है।
चार वर्षों तक रखरखाव के लिए आर्थिक सहायता
ऑयल पाम के शुरुआती विकास और किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए पौधों के रखरखाव हेतु भी चार वर्षों तक अनुदान दिया जाएगा। प्रथम वर्ष से चतुर्थ वर्ष तक प्रत्येक वर्ष 5,250 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता खाद, दवा, उर्वरक, गैप फिलिंग और सिंचाई जैसे कार्यों के लिए दिए जाने का प्रावधान है।
अंतर्वर्ती खेती से एक ही खेत से मिलेगा दोहरा लाभ
ऑयल पाम के पौधों के बीच खाली स्थान का उपयोग कर किसान अंतर्वर्ती फसलें भी ले सकेंगे। इसके लिए प्रथम से चतुर्थ वर्ष तक प्रत्येक वर्ष 5,250 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान है। इससे किसानों को ऑयल पाम के साथ-साथ अंतर्वर्ती फसलों से अतिरिक्त आय प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने पर जोर
उद्यानिकी विभाग द्वारा जिले के शेष भौतिक लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने के लिए किसानों को ऑयल पाम की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आधुनिक सिंचाई, फसल सुरक्षा, पौध रखरखाव और अंतर्वर्ती खेती जैसी सुविधाओं के साथ यह योजना जशपुर के किसानों के लिए दीर्घकालिक और अतिरिक्त आय का प्रभावी माध्यम बन सकती है। विभाग का लक्ष्य है कि जिले के अधिक से अधिक किसान इस महत्वाकांक्षी योजना से जुड़कर इसका लाभ उठाएं और कृषि आय को नई ऊंचाई दें।
बस्तर से ऑक्सफोर्ड तक : छत्तीसगढ़ की पहली सामाजिक विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माता विनायक कोहली बने देश के सबसे युवा ‘बेस्ट टीचर‘
जिला कार्यालय में हुआ सम्मान, कलेक्टर ने दिए जिले के सभी विद्यालयों में भूगोल प्रयोगशाला स्थापित करने के निर्देश
ऑक्सफोर्ड सईद बिज़नेस स्कूल एवं शिव नादर फाउंडेशन द्वारा आयोजित इंडियाज़ बेस्ट टीचर्स अवार्ड्स 2026 में भूगोल श्रेणी का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय कोण्डागांव के सामाजिक विज्ञान शिक्षक श्री विनायक कोहली का मंगलवार को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती नूपुर राशि पन्ना द्वारा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई तथा अपर कलेक्टर श्री अजय उरांव एवं जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारीगण, विद्यालयों के प्राचार्यगण, शिक्षकगण तथा विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
भरतनाट्यम नमस्कारम से हुआ प्रस्तुतिकरण का शुभारंभ
लगभग तीस मिनट के अपने प्रस्तुतिकरण की शुरुआत श्री कोहली ने भरतनाट्यम की पारम्परिक नमस्कारम मुद्रा से की। सात वर्षों से भरतनाट्यम का प्रशिक्षण प्राप्त श्री कोहली ने इस माध्यम से अपनी बात का मूल संदेश उपस्थित शिक्षकों तक पहुँचाया उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक के पास अपने विषय से परे भी कोई न कोई कला, कौशल अथवा रुचि होती है, और उसे कक्षा-शिक्षण से जोड़ देने पर अध्यापन कहीं अधिक प्रभावी और जीवंत हो जाता है।
साढ़े नौ हज़ार से अधिक शिक्षकों में से चयन
श्री कोहली ने बताया कि इस राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए देशभर से नौ हज़ार पाँच सौ से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया तीन चरणों में सम्पन्न हुई। अंतिम चरण के लिए उन्हें दिल्ली आमंत्रित किया गया, जहाँ ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं अन्य विशिष्टजनों के समक्ष उन्होंने अपना प्रस्तुतिकरण दिया। इसी प्रस्तुतीकरण के आधार पर उन्हें भूगोल श्रेणी में देश का सर्वश्रेष्ठ शिक्षक चुना गया।
कोण्डागांव की संस्कृति बनी अंतरराष्ट्रीय मंच की पहचान
श्री कोहली ने कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय अकेले उन्हें नहीं, बल्कि कोण्डागांव की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, यहाँ के शिल्पकारों-कलाकारों तथा उनके विद्यार्थियों को जाता है। बस्तर की मिट्टी, यहाँ की शिल्पकला और स्थानीय परम्पराओं को अपने विषय-ज्ञान से जोड़कर ही वे इस विषयवस्तु को अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जा सके। उन्होंने कहा कि कोण्डागांव की संस्कृति को इस स्तर पर प्रस्तुत कर पाना उनके लिए गर्व का विषय है।
नवाचारी शिक्षण पद्धतियों का प्रस्तुतिकरण
अपने प्रस्तुतिकरण में श्री कोहली ने विद्यालय में अपनाई जा रही अनेक नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को साझा किया, जिनमें प्रमुख रूप से सम्मिलित थीं, जिसमें ‘सामाजिक विज्ञान प्रयोगशाला, जो सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की पहली प्रयोगशाला है, बस्तर आर्ट म्यूज़ियम कॉर्नर, भूमिका-निर्वाह (रोल-प्ले) आधारित गतिविधियाँ, विद्यार्थियों के साथ नियमित ध्यान (मेडिटेशन) सत्र, युवा संसद का आयोजन, मानचित्रण (मैपिंग) गतिविधियाँ, मृदा नमूना संग्रहण कार्य, कला-एकीकृत शिक्षण हेतु भरतनाट्यम का उपयोग’ जैसे नवाचार शामिल है। उन्होंने पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय कोण्डागांव में अन्य शिक्षकों द्वारा अपनाई जा रही उत्कृष्ट शिक्षण पद्धतियों का भी उल्लेख किया।
मोबाइल पर बढ़ती निर्भरता पर चिंता
श्री कोहली ने बच्चों में बहुत कम आयु से ही मोबाइल फोन तथा अन्य उपकरणों पर बढ़ती निर्भरता पर गम्भीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता कमज़ोर हो रही है। इसका समाधान बताते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सिद्धांतों तथा जीन पियाजे जैसे मनोवैज्ञानिकों के रचनावादी (ब्वदेजतनबजपअपेज) दृष्टिकोण को अपनाते हुए हस्त-कौशल आधारित (ींदके-वद), अनुभवात्मक तथा खिलौना-आधारित आनंददायी शिक्षण गतिविधियों को कक्षा में स्थान देना चाहिए।
शिक्षकों के सम्मान और कल्याण पर बल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की चर्चा करते हुए श्री कोहली ने विद्यार्थी-केन्द्रित शिक्षण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नीति में शिक्षकों के कल्याण को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, और समाज में शिक्षकों को सम्मान मिलना उतना ही आवश्यक है जितना विद्यार्थियों की प्रगति। उन्होंने कहा कि शिक्षण को राष्ट्रीय सेवा के रूप में देखा जाना चाहिए, तथा इस पेशे की गरिमा बनाए रखना स्वयं शिक्षकों का भी दायित्व है। जब शिक्षक सम्मानित अनुभव करेगा, तभी वह अपने कार्य पर गर्व करते हुए कक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकेगा।
कलेक्टर ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने श्री कोहली के कार्य की सराहना की। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई ने भी उनके प्रयासों की प्रशंसा की। कलेक्टर ने जिले के समस्त प्राचार्यों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में इसी प्रकार की भूगोल प्रयोगशालाएँ स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रारम्भ करें। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोण्डागांव जिले के समस्त सामाजिक विज्ञान, भूगोल, इतिहास एवं कला विषय के शिक्षकों के लिए एक कार्यशाला आयोजित की जाए, जिसमें श्री कोहली अपनी शिक्षण पद्धतियों एवं अनुभवों को साझा कर शिक्षकों को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करेंगे।
श्री कोहली ने इस उपलब्धि पर बधाई देने के लिए वन मंत्री श्री केदार कश्यप के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती पन्ना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, अपर कलेक्टर तथा उपस्थित समस्त अधिकारीगण, प्राचार्यगण, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय कोण्डागांव के प्राचार्य तथा केन्द्रीय विद्यालय संगठन प्रशासन का विशेष धन्यवाद किया।
*जनकल्याण और जनभागीदारी का व्यापक अभियान बने ‘सेवा संकल्प अभियान’ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*
मुख्यमंत्री ने कहा- अभियान से आम नागरिक को मिले प्रत्यक्ष लाभ*
रोजगार मेलों को अभियान से जोड़कर युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश*
स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और जनसेवा की गतिविधियों से जुड़ेंगे प्रदेशवासी*
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत वृक्षारोपण, इस वर्ष 2.5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य होगा पूरा*
*काम नहीं करने वाले ठेकेदारों पर लोक निर्माण विभाग की बड़ी कार्रवाई, 6 ठेकेदार ब्लैकलिस्टेड
कार्यों की अत्यंत धीमी प्रगति और कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों के पंजीयन के अ-नवीनीकरण की कार्रवाई, दो के पंजीयन भी निरस्त*
विकसित भारत-2047 के संकल्प से जुड़ेगा सारंगढ़-बिलाईगढ़
17 सितंबर से गांव को शहर तक दिखेगा ”सेवा संकल्प”
”सेवा संकल्प अभियान” को जन-आंदोलन बनाने में जुटे मंत्री श्री टंक राम वर्मा, तैयारियों की समीक्षा कर दिए निर्देश

राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज सारंगढ़ - बिलाईगढ़ जिला में ”सेवा संकल्प अभियान” की तैयारियों को लेकर कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान को जिले में व्यापक, प्रभावी और भव्य स्वरूप देने के लिए मंत्री श्री वर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ रणनीति तैयार की।
बैठक में मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के बेमिसाल जनसेवा और नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करने तथा ”विकसित भारत-2047” के संकल्प को मजबूत करने के लिए यह अभियान आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि यह आयोजन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि जनपद, तहसील, नगर पंचायत से लेकर सुदूर ग्राम पंचायतों तक एक जन-आंदोलन का रूप ले। इसमें युवाओं, महिलाओं, स्वयं-सहायता समूहों और वरिष्ठ नागरिकों समेत समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
माहभर आयोजित होंगी विविध गतिविधियां
अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर की शाम जिले के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर ”आशीर्वाद का दीया” जलाकर किया जाएगा। इसी तरह 25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होगी। इसके तहत सभी सरकारी व निजी स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं के जरिए नई पीढ़ी के सपनों के भारत की झलक देखने को मिलेगी।
आंगन का उत्सव का आयोजन 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण और महिला-बाल विकास से जुड़ी योजनाओं पर जागरूकता फैलाई जाएगी और उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार के अंतर्गत विकासखंड व विधानसभा स्तर पर विशेष शिविर लगाकर पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। कहानी बदलाव की व नमो सेवा गाथा में जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की प्रेरक कहानियों का संकलन होगा और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाई जाएगी। इसी तरह सेवा मेरा योगदान व सेवा ज्योति यात्रा में नदियों, घाटों की सफाई और सार्वजनिक सेवा कार्यों के साथ-साथ जिलेभर में जन-भागीदारी यात्राएं आयोजित की जाएंगी।
कलेक्टर ने बैठक में बताया कि जिला प्रशासन द्वारा अभियान की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और सभी विभागों के साथ तालमेल बिठाकर तिथिवार कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पांडेय, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पूर्व विधायक तथा जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।