छत्तीसगढ़ / रायपुर
जोखिमपूर्ण भवनो की जांच में होगी लापरवाही, तो तय होगी जवाबदेही - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता, संभावित खतरों की पहले पहचान कर करें प्रभावी कार्रवाई: मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर-एसपी को दिए स्पष्ट निर्देश: घटना होने का इंतजार नहीं, संभावित जोखिमों की पहचान कर समय रहते करें कार्रवाई
सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल और बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश
जर्जर और जोखिमपूर्ण भवनों की वास्तविक स्थिति का करें आकलन, विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों के पालन में नहीं हो कोई शिथिलता
अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ पुलिस, आबकारी और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से चलाएं अभियान
दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आवक रोकने सीमावर्ती क्षेत्रों और परिवहन मार्गों पर बढ़ाएं निगरानी
रायपुर 10 सितंबर 2026
विद्यार्थियों और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रशासन की जिम्मेदारी केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित खतरों की पहले से पहचान कर उन्हें दूर करना भी हमारी जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल तथा बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां भी सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आएं, वहां समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराया जाए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में स्वयं इसकी नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर दिखाई दे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूलों, पुस्तकालयों, छात्रावासों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थित पुराने एवं जर्जर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भवन, जिनकी स्थिति जोखिमपूर्ण है अथवा जिनसे किसी प्रकार की जनहानि की आशंका हो सकती है, उनकी पहचान कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान हो और दुर्घटना की आशंका को पहले ही समाप्त कर दिया जाए। विशेष रूप से बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों के पालन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिलों में सुरक्षा से संबंधित निरीक्षण की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। केवल शिकायत अथवा दुर्घटना सामने आने के बाद कार्रवाई करने की प्रवृत्ति के स्थान पर सतत निगरानी और समय रहते सुधार की कार्यसंस्कृति विकसित करनी होगी।
’अवैध और मिलावटी शराब के विरुद्ध प्रदेशभर में सख्त अभियान चलाने के निर्देश’
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को अवैध एवं मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों अथवा स्थानों पर अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री या मिलावट की आशंका हो, वहां संयुक्त टीमों के माध्यम से छापेमारी की जाए।
’सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाएं निगरानी, दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आवक पर लगे प्रभावी रोक’
उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग को सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान करते हुए संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण अथवा मिलावट में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
’लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही’
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू किया जाए तथा जिलों में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
3 दिन सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद, स्थानीय अवकाश घोषित
रायपुर । रायपुर जिले के लोगों के लिए जरूरी खबर है। सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर की ओर से जिले के लिए तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए गए हैं। इन तारीखों पर रायपुर जिले और राजधानी शहर में स्थित संबंधित शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं बंद रहेंगी।
जारी आदेश के मुताबिक, स्थानीय अवकाश नुआखाई पर्व, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर घोषित किए गए हैं।
कब-कब रहेगा स्थानीय अवकाश?
15 सितंबर 2026, मंगलवार — नुआखाई पर्व
19 अक्टूबर 2026, सोमवार — महाअष्टमी
9 नवंबर 2026, सोमवार — गोवर्धन पूजा (दीपावली के दूसरे दिन)
रायपुर जिले में लागू होगा आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ये तीनों स्थानीय अवकाश रायपुर जिले के अंतर्गत संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं पर लागू होंगे।
त्योहारों के अवसर पर घोषित इन स्थानीय छुट्टियों से सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को भी त्योहार मनाने के लिए अतिरिक्त अवकाश मिलेगा।
रायपुर के लिए घोषित स्थानीय अवकाशों की तारीखें एक नजर में:
15 सितंबर — नुआखाई | 19 अक्टूबर — महाअष्टमी | 9 नवंबर — गोवर्धन पूजा
नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं रहेंगी बंद
तीन स्थानीय अवकाश किए घोषित
रायपुर, 10 सितंबर 2026
सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के तहत रायपुर जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। यह अवकाश रायपुर जिले, शहर (राजधानी) स्थित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं में लागू होंगे।
जारी आदेश के अनुसार नुआखाई पर्व के लिए 15 सितंबर 2026 (मंगलवार), महाअष्टमी के लिए 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) तथा गोवर्धन पूजा (दीपावली के दूसरे दिन) के लिए 9 नवंबर 2026 (सोमवार) को स्थानीय अवकाश रहेगा। जारी आदेश के अनुसार ये अवकाश रायपुर जिले के अंतर्गत संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं पर लागू होंगे।
रायपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 7 निरीक्षकों का तबादला
रायपुर । पुलिस कमिश्नरेट रायपुर में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने 7 निरीक्षकों के तबादले का आदेश जारी किया है। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक नई पदस्थापना पर अस्थायी रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तबादला आदेश के बाद शहर के कई महत्वपूर्ण थानों की कमान नए निरीक्षकों को दी गई है। इनमें आजाद चौक, टिकरापारा, महिला थाना और गोलबाजार शामिल हैं।
राजेश कुमार सिंह बने टिकरापारा थाना प्रभारी
आदेश के मुताबिक निरीक्षक राजेश कुमार सिंह को आजाद चौक थाना प्रभारी के पद से हटाकर टिकरापारा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं निरीक्षक राजेश कुमार मराई को टिकरापारा थाना प्रभारी की जिम्मेदारी से हटाकर रक्षित आरक्षी केंद्र भेजा गया है।
महिला थाना और आजाद चौक की जिम्मेदारी बदली
निरीक्षक अर्चना धुरंधर को प्रभारी महिला थाना के पद से हटाकर आजाद चौक थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही निरीक्षक राजश्री मौर्य को रक्षित आरक्षी केंद्र से हटाकर प्रभारी महिला थाना बनाया गया है।
गोलबाजार, यातायात और जिविशा में भी नई पदस्थापना
तबादला आदेश के तहत निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू को प्रभारी जिविशा से हटाकर थाना प्रभारी गोलबाजार बनाया गया है। निरीक्षक आनंद सोनी को रक्षित आरक्षी केंद्र से यातायात में पदस्थ किया गया है। वहीं निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार तिवारी को रक्षित आरक्षी केंद्र से हटाकर प्रभारी जिविशा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
*पर्युषण में वैर का त्याग ही सच्ची आराधना, सभी से रखें मित्रता का भाव : मुनिश्री संवेगरत्न सागर*
रायपुर। विवेकानंद नगर स्थित श्री ज्ञानवल्लभ उपाश्रय के सर्वमंगलमय वर्षावास में जारी पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के दूसरे दिन धर्म और आत्मचिंतन की साधना का क्रम जारी रहा। धर्मसभा में परम पूज्य मुनिश्री संवेगरत्न सागर जी म.सा. ने कर्तव्य बोध की चर्चा करते हुए श्रद्धालुओं को वैर का त्याग कर सभी के साथ मित्रवत व्यवहार करने की प्रेरणा दी।
वरिष्ठों की अनदेखी कर कनिष्ठों को उच्च पद का प्रभार देने पर उठे सवाल
पैरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा मंत्री को भेजा पत्र
वरिष्ठता के आधार पर आदेश संशोधित करने की मांग
रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में पदस्थापना और प्रभार आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में जारी पदस्थापना आदेशों में प्राचार्यों को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालक जैसे उच्च पदों की जिम्मेदारी दिए जाने पर छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन ने सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद कनिष्ठों को उच्च पद का प्रभार सौंपा गया है।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल पॉल ने मामले को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों ने सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों और न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया है। संगठन के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध होने की स्थिति में कनिष्ठ अधिकारी को उच्च पद का चालू प्रभार नहीं दिया जाना चाहिए।
एसोसिएशन ने कहा है कि इसके बावजूद जारी आदेशों में वरिष्ठता क्रम को दरकिनार किया गया है। इससे विभाग की पदस्थापना प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
पैरेंट्स एसोसिएशन ने नियम-विरुद्ध बताए जा रहे सभी पदस्थापना और प्रभार आदेशों को तत्काल निरस्त अथवा संशोधित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि उच्च पदों का प्रभार वरिष्ठता क्रम के अनुसार दिया जाना चाहिएए ताकि विभागीय व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
एसोसिएशन ने कहा कि मनमाने स्थानांतरण और पदस्थापना से शिक्षा तंत्र की साख प्रभावित हो रही है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही संबंधित आदेशों में नियमों के अनुसार संशोधन नहीं किया गया तो वह प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर आगे की लड़ाई लड़ेगा
डिजिटल हुआ सिख समाज - छत्तीसगढ़ सिख समाज ने लांच किया ऑनलाइन परिवार सर्वेक्षण एवं जनगणना फॉर्म
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने शुरू किया परिवार-आधारित ऑनलाइन सामाजिक सर्वेक्षण एवं जनगणना
समाज के परिवारों की जानकारी एकत्र कर शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सेवा एवं भविष्य की योजनाओं को मिलेगा आधार
केंद्र एवं प्रदेश की शासकीय योजनाओं के लाभ की सभी को मिलेगी जानकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज (रजि.) द्वारा समाज के परिवारों की शैक्षणिक, बेरोजगारी, रोजगार, सामाजिक, पारिवारिक, आवश्यकताएं एवं वैवाहिक स्थिति की जानकारी एकत्र करने के उद्देश्य से ऑनलाइन सिक्ख परिवार सर्वेक्षण शुरू किया गया है।
ऑनलाइन परिवार सर्वेक्षण एवं जनगणना फॉर्म की लॉन्चिंग प्रोजेक्टर के माध्यम से मीडिया के सामने की गई जिसमें QR कोड को स्कैन करने के बाद खुलने वाले फार्म को दिखाया गया और सिलसिले वार फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया |
समाज का मानना है कि किसी भी समाज की मजबूती के लिए यह जानना आवश्यक है कि समाज में कितने परिवार हैं, परिवारों में कितने सदस्य हैं, बच्चों की शिक्षा की स्थिति क्या है, कितने युवा रोजगार से जुड़े हैं, कितने रोजगार की तलाश में हैं ?, कितने लोगों को स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग की जरूरत है? समाज में किन किन क्षेत्रों में महिला पुरुष और प्रभावशाली बच्चे, युवक - युवतियां हैं | उच्च शिक्षा के लिए राजधानी में पढ़ाई की व्यवस्था एवं उचित मार्गदर्शन चाहने वालों की जानकारी के आधार पर उनकी जरूरतों को पूरा करने की व्यवस्था समाज द्वारा की जाएगी |
समाज को किन क्षेत्रों में विशेष सहयोग और शासकीय योजनाओं की आवश्यकता है इस सर्वेक्षण के बाद उन पर भी ध्यान दिया जाएगा |
इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा परिवारों से संबंधित आवश्यक जानकारी ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से एकत्र की जा रही है। इससे सिक्ख परिवारो को जानकारी देने कहीं जाने की आवश्यकता नहीं होगी और वे अपने मोबाइल से कुछ ही मिनटों में सर्वेक्षण फॉर्म भर सकेंगे।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने सभी सिक्ख परिवारों से अपील की है कि वे स्वयं अपना सर्वेक्षण फॉर्म भरें तथा अन्य सिक्ख परिवारों को भी फॉर्म भरने के लिए प्रेरित करें।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के अनुसार यह सर्वेक्षण भविष्य में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सहायता, विवाह योग्य युवक-युवतियों, बच्चों के भविष्य तथा विभिन्न कल्याणकारी एवं सामाजिक कार्यक्रमों की बेहतर योजना बनाने में उपयोगी हो सकता है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि यह केवल आंकड़े जुटाने का अभियान नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक परिवार को एक-दूसरे से जोड़कर संगठित, सक्षम और आत्मनिर्भर सिक्ख समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
बेबीलॉन होटल के मालिक एवं वरिष्ठ समाज सेवी सरदार जगजीत सिंह खनूजा ने मीडिया को बताया कि सिक्ख समाज हमेशा से सेवाभावी समाज रहा है इस ऑनलाइन परिवार सर्वेक्षण एवं जनगणना फॉर्म के माध्यम से इस बार सिक्ख समाज के जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शिक्षा रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा
इस पूरे मामले को लेकर छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा की आजकल सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है इसलिए हमने इसे ऑनलाइन किया है ताकि लोगों को किसी तरह का फॉर्म और उसे जमा करने का झंझट ना हो, आजकल Genz का जमाना है सब कुछ ऑनलाइन होता है इसलिए इसका लॉन्च किया गया है, इससे पूरे छत्तीसगढ़ के सिखों के बारे में हमें जानकारी मिलेगी किसको किसी तरह से परेशानी है, चाहे वह नौकरी की हो या फिर पारिवारिक समस्या हो इन सभी समस्याओं को हम सुलझाने की हर संभव कोशिश करेंगे |
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के ऑनलाइन परिवार सर्वेक्षण एवं जनगणना फॉर्म की लॉन्चिंग अवसर पर छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, कुलवंत सिंह खालसा, सुरजीत सिंह छाबड़ा, मनजीत सिंह भाटिया, देवेंद्र सिंह चावला, तरजीत सिंह मल्होत्रा, करमजीत सिंह नोटा, जसप्रीत सिंह चावला, इकबाल सिंह होरा, रणजीत सिंह खनूजा, अमृत सिंह सूर, इंदर पाल सिंह गांधी, मानवेंद्र सिंह डडियाला, जागीर सिंह बावा, नरेन्द्र सिंह चावला, बंटी जुनेजा, हरमिंदर सिंह राजू छाबड़ा, अत्तर सिंह, इंदरजीत सिंह इस्सर, सागर सिंह छाबड़ा, रविंदर सिंह आसी, मनप्रीत कौर धन्जल, खालसा शिक्षण समिति के उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह पट्टी, गुरुद्वारा महावीर नगर के प्रधान रणजीत सिंह खनूजा, सचिव मनमोहन सिंह सहित समाज के समस्त सदस्य एवं समाज के वरिष्ठ जन उपस्थित रहे |
सुखबीर सिंह सिंघोत्रा
प्रदेश अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज
मो. 9301094242
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के दो सिंचाई योजनाओं के लिए 5.24 करोड़ रुपये स्वीकृत
रायपुर, 10 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बलौदाबाजार- भाटापारा जिले की 2 सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 5 करोड़ 24 लाख 23 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
जल संसाधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता, महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को इस संबंध में स्वीकृति आदेश जारी किया गया है।स्वीकृत कार्यों में मोहतरा टार बांध योजना - 2.27 करोड़ रुपये बलौदाबाजार- भाटापारा जिले की मोहतरा टार बांध योजना के जीर्णाेद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 27 लाख 88 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के पूर्ण होने पर 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसी तरह बिटकुली जलाशय योजना - 2.96 करोड़ रुपये बिटकुली जलाशय योजना के जीर्णाेद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 96 लाख 35 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके पूर्ण होने पर 134 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
सक्ती में श्रमिक सम्मेलन आयोजित- 734 श्रमिकों को मिली 1.25 करोड़ से अधिक की सहायता राशि


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार श्रम विभाग द्वारा जिला सक्ती में भव्य श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) डॉ. रामप्रताप सिंह रहे। सम्मेलन के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत कुल 734 हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से 1 करोड़ 25 लाख 39 हजार 500 रुपये की राशि सीधे अंतरित की गई। साथ ही हितग्राहियों को प्रतीक स्वरूप डमी चेक प्रदान किए गए।
’कल्याणकारी योजनाएं से हितग्राहियों को सहायता’
मंडल के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिक एवं उनके परिवार के सदस्यों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए 31 प्रकार के जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। पंजीकृत निर्माण श्रमिक आगे बढ़कर योजनाओं को लाभ लेना सुनिश्चित करें। सक्ती जिले के बाराद्वार में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा श्रमिक सम्मेलन में डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों को लाभ प्रदान किया गया । मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना, मुख्यमंत्री मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, नौनीहाल छात्रवृत्ति एवं मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
’प्रतिभाशाली छात्रों व अभिभावकों का सम्मान’
अटल उत्कृष्ट योजना (सत्र 2026-27) के तहत चयनित 05 विद्यार्थियों और टॉप-10 में स्थान पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों के माता-पिता को मंच पर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में श्रमिकों को विभागीय योजनाओं की पात्रता, पंजीयन प्रक्रिया और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए शासन की योजनाओं से जुड़ने का प्रोत्साहन दिया गया। कार्यक्रम में सक्ती कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कमल किशोर पटेल, पूर्व विधायक श्री खिलावन साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को “ए ग्रेड” के साथ अधिमान्यता
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा कृषि विश्वविद्यालयों की अधिमान्यता सूची जारी
कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार के क्षेत्र में कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किए गए प्रयासों से मिली यह महत्वपूर्ण उपलब्धि
कृषि मंत्री श्री नेताम ने कुलपति डॉ. चंदेल को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए दी बधाई


इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए छत्तीसगढ़ को गौरवांवित किया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा अधिमान्यता बोर्ड द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा उसके अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों एवं शिक्षण कार्यक्रमों को अधिमान्यता प्रदान करते हुए “ए ग्रेड” दिया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा हाल में ही विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों को अधिमान्यता प्रदान करने संबंधी आदेश जारी किया गया है तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न महाविद्यालयों एवं शिक्षण कार्यक्रमों (स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध पाठ्यक्रमों) को वर्ष मार्च 2024 से मार्च 2029 तक अवधि के लिए “ए ग्रेड” के साथ अधिमान्यता प्रदान की गई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा जारी सूची के अनुसार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को देश के उत्कृष्ट कृषि विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त हुआ है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विगत चार वर्षों में शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रसार के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के कारण यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। उल्लेखनीय है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा वर्ष 2019 में जारी अधिमान्यता सूची में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को “बी ग्रेड” प्राप्त हुआ था। यहां यह भी बताना लाजमी होगा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को विगत वर्ष एनआईआरएफ रैंकिंग में भी 28वां स्थान प्राप्त हुआ था तथा यह एनआईआरएफ रैंकिंग सूची में स्थान प्राप्त करने वाला छत्तीसगढ़ का एकमात्र विश्वविद्यालय है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अर्जित इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं उनके समस्त सहयोगियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को ए ग्रेड प्राप्त होने से अनेक लाभ होंगे। विश्वविद्यालय की साख में वृद्धि होगी। “ए ग्रेड” मिलने से यह सिद्ध होता है कि विश्वविद्यालय ने शिक्षण, अनुसंधान, अधोसंरचना निर्माण, प्रशासन, छात्र सहायता आदि क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण कार्य किया है। नवीन शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालयों को उनके परफार्मेंस अर्थात ग्रेड के आधार पर विभिन्न अधोसंरचनाओं (महाविद्यालय भवन, हॉस्टल, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, खेल मैदान आदि) के निर्माण एवं शिक्षण तथा शोध कार्यक्रमों के संचालन के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। अतः ग्रेड में वृद्धि से विश्वविद्यालय को भारत सरकार के विभिन्न विभागों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों, राज्य सरकार तथा विभिन्न अनुसंधान संस्थाओं से शिक्षण एवं अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए अधिक वित्तीय सहयोग प्राप्त होगा। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की साख बढ़ेगी। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के अच्छे विद्यार्थी विश्वविद्यालय की ओर आकर्षित होंगे। अन्य विश्वविद्यालयों एवं विदेशी संस्थानों के साथ शिक्षण एवं शोध हेतु सहयोग में बढ़ोतरी होगी। कृषि अनुसंधान, कृषि प्रसार एवं औद्योगिक सहयोग में इजाफा होगा। भारतीय कृषि अनुसंधान द्वारा जिन बिंदुओं के आधार पर विभिन्न विश्वविद्यालय को ग्रेड प्रदान की गई है उनमें शिक्षण व्यवस्था, शिक्षण अधोसंरचनाओं की उपलब्धता, शोध एवं अनुसंधान का स्तर, किसानों तक तकनीकों का हस्तांतरण, नवाचार, विद्यार्थियों के प्लेसमेंट की स्थिति आदि प्रमुख है। ग्रेडिंग के दौरान विश्वविद्यालय एवं विभिन्न महाविद्यालयों में छात्र शिक्षक अनुपात, क्लासरूम, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, हॉस्टल सुविधा, प्लेग्राऊंड, फर्निचर, आदि की उपलब्धता का भी ध्यान रखा गया था। इसके साथ ही छात्र प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रम, शिक्षण-अध्यापन का स्तर, एकेडेमिक रेगुलेशन, मूल्यांकन, स्कॉलरशिप, छात्र कल्याण, संस्थागत डाटाबेस, आदि पर भी ध्यान दिया गया था।
गौरतलब है कि कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के हाल के चार वर्षीय कार्यकाल में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अधोसंरचना, अनुसंधान, तकनीकी विकास तथा किसान कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। नए कृषि महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं। विद्यार्थियों की प्रवेश संख्या में वृद्धि की गई तथा स्मार्ट कक्षाओं, छात्रावासों और आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण किया गया है। विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी लागू की गई है। विगत वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों एवं सहायक स्टाफ की भर्ती भी की गई है। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ अपने शैक्षणिक संबंधों को मजबूत किया है। विद्यार्थियों को विदेशों में उच्च शिक्षा और अनुसंधान के अवसर प्राप्त हुए हैं। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना की गई तथा डिग्री प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराया गया।
गौपालन बना मधुसुदन भगत की मजबूत आय का साधन
27 गायों से प्रतिदिन 60 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन, स्थानीय बाजार में होती है पूरी खपत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों को कृषि के साथ-साथ पशुपालन जैसी गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय के स्थायी और बेहतर साधन विकसित किए जा रहे हैं। शासन के प्रयासों और विभागीय सहयोग से प्रदेश के अनेक किसान गौपालन को व्यवसाय के रूप में अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। जशपुर जिले के नगर पंचायत बगीचा के किसान श्री मधुसुदन भगत ऐसे ही प्रगतिशील पशुपालक हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, अनुभव और आधुनिक पशुपालन तकनीकों के जरिए गौपालन को अपनी मजबूत आय का साधन बनाया है।
श्री मधुसुदन भगत वर्ष 2005 से बड़े स्तर पर गौपालन कर रहे हैं। वर्तमान में उनके पास 27 गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन 60 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन होता है। उनके द्वारा उत्पादित दूध की स्थानीय स्तर पर ही पूरी खपत हो जाती है। इससे उन्हें नियमित और अच्छी आय प्राप्त हो रही है।
श्री भगत के गौपालन में जर्सी नस्ल के साथ स्थानीय एवं मिश्रित नस्ल की गायें भी शामिल हैं। वे पशुओं के स्वास्थ्य और बेहतर दुग्ध उत्पादन के लिए विशेष देखभाल करते हैं। बगीचा स्थित पशु चिकित्सालय के माध्यम से वे अपने पशुओं का नियमित उपचार एवं टीकाकरण करवाते हैं। पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी से उन्हें बेहतर दुग्ध उत्पादन में मदद मिल रही है।
उन्होंने बताया कि उनकी गायें सुबह और शाम नियमित रूप से दूध देती हैं। पशुओं के पोषण का भी वे विशेष ध्यान रखते हैं। गायों के आहार में मक्के के चूरे का उपयोग किया जाता है, जिसे खौलते पानी में पकाकर पशुओं को खिलाया जाता है। उनका अनुभव है कि पौष्टिक आहार से पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार के साथ दूध उत्पादन में भी वृद्धि होती है।
गौपालन से निकलने वाले गोबर का भी श्री भगत बेहतर उपयोग कर रहे हैं। प्रतिदिन दो बार गोबर एकत्रित कर उसे वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने में उपयोग किया जाता है। तैयार जैविक खाद का उपयोग वे अपने खेतों में करते हैं। इससे खेती की लागत कम करने और खेतों की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है।
श्री मधुसुदन भगत का कहना है कि गौपालन में नियमित देखभाल, संतुलित आहार, पशुओं का समय पर टीकाकरण और विभागीय मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है। वर्षों के अनुभव से उन्होंने पशुपालन की बारीकियों को समझा है और इसी का परिणाम है कि आज गौपालन उनके परिवार के लिए नियमित एवं मजबूत आय का माध्यम बन गया है।
मधुसुदन भगत की सफलता यह संदेश देती है कि आधुनिक तकनीक, सही पशु प्रबंधन, मेहनत और विभागीय सहयोग को अपनाकर गौपालन किसानों के लिए कृषि के साथ-साथ स्थायी एवं बेहतर आय का प्रभावी साधन बन सकता है।
पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना ने बदली युगल किशोर की किस्मत
2 लाख के लोन से शुरू की बेकरी, बने आत्मनिर्भर
शासकीय योजनाओं का सही मार्गदर्शन और मेहनत से कैसे एक आम व्यक्ति का जीवन बदल सकता है, इसकी मिसाल कबीरधाम जिले के ग्राम तोरला नवापारा निवासी युगल किशोर साहू ने पेश की है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (च्डथ्डम्) योजना के सहयोग से उन्होंने न केवल अपना स्वरोजगार स्थापित किया, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार किया है।
युगल किशोर अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहते थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण पूंजी की कमी उनके आड़े आ रही थी। इसी दौरान उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के माध्यम से योजना की जानकारी और अधिकारियों से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
सफलता के प्रमुख बिंदु
योजना के तहत युगल किशोर साहू ने बैंक ऑफ बड़ौदा (शाखा पांडातराई) से 2 लाख का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने अपनी बेकरी उत्पाद निर्माण इकाई की शुरुआत की। बेकरी व्यवसाय के सफल संचालन से होने वाली नियमित आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। अपनी लगन और मेहनत के बल पर व्यवसाय को आगे बढ़ाकर युगल किशोर अब क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल बन चुके हैं।
सरकारी स्कूलों में नवाचार की क्रांति
धमतरी के शिक्षकों के समर्पण से बदले बच्चों के दिन, राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित
रायपुर, सितंबर 2026

सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि साफ नीयत, नई सोच और बच्चों के भविष्य के प्रति सच्चा समर्पण ही सबसे बड़ा बदलाव ला सकता है। धमतरी जिले के तीन शिक्षकों ने अपनी इसी निष्ठा और नवाचार से यह साबित कर दिखाया है। अपनी जेब से खर्च, अतिरिक्त समय और पालकों व शिक्षकों की सहभागिता के बल पर इन्होंने न केवल सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाई, बल्कि इन्हें बच्चों और अभिभावकों की पहली पसंद भी बना दिया। कलेक्टर ने इन शिक्षकों की पहल को पूरे जिले के लिए गौरव और शिक्षा जगत के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया है।
इन नवाचारी शिक्षकों के प्रयासों से जिले के प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा के स्तर में अद्भुत सुधार देखने को मिला है। शासकीय प्राथमिक शाला धौराभाठा के शिक्षक श्री लीलाराम साहू ने खेल-खेल में और टीएलएम आधारित शिक्षण पद्धति को अपनाया, जिससे बच्चों में सीखने की रुचि जगी। उनके मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि कभी सीमित छात्र संख्या वाले इस स्कूल से अब तक 23 बच्चों का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय एवं एकलव्य विद्यालय में हो चुका है। 'पढ़ई तुहर दुआर' कार्यक्रम में भी उनके योगदान को राज्य स्तर पर सराहना मिली है।
वहीं, शासकीय माध्यमिक शाला लुगे की शिक्षिका श्रीमती रंजीता साहू ने तकनीक और जनभागीदारी का एक अनोखा मॉडल पेश किया। उन्होंने संसाधनों की कमी को आड़े न आने देते हुए 'मैं हूं गुल्लक' अभियान की शुरुआत की, जिसके माध्यम से जिले के 150 विद्यालयों में स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही उन्होंने 300 स्कूलों में गणित वर्णमाला पहुँचाने और लगभग 11 हजार बच्चों को कॉपी-किताबें व पेन वितरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षा में इस अभूतपूर्व योगदान के लिए श्री लीलाराम साहू और श्रीमती रंजीता साहू दोनों का चयन राज्यपाल पुरस्कार के लिए किया गया है।
समावेशी शिक्षा की दिशा में शासकीय प्राथमिक शाला कोलियारी की शिक्षिका श्रीमती प्रीति शांडिल्य का कार्य भी बेहद सराहनीय रहा। राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका श्रीमती के. शारदा के नेतृत्व में 30 शिक्षकों की टीम के साथ मिलकर उन्होंने दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ब्रेल एवं ऑडियो आधारित सामग्री तैयार की। कक्षा 5वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए बनाई गई 11 हजार से अधिक ऑडियो बुक्स आज 400 से अधिक सामान्य और 20 विशेष विद्यालयों तक पहुँच चुकी हैं। लाखों बार सुनी जा चुकी इस शैक्षणिक सामग्री के कारण इस ऐतिहासिक प्रयास का नाम 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में दर्ज हुआ है।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कलेक्टर ने श्री लीलाराम साहू और श्रीमती रंजीता साहू को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा में बदलाव केवल भौतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि सही दृष्टिकोण और समर्पण से आता है। जब कोई शिक्षक अपने दायित्व को नौकरी से आगे बढ़ाकर एक मिशन बना लेता है, तो स्कूल की चारदीवारी से निकली बदलाव की यह रोशनी अनगिनत बच्चों के सपनों को नई उड़ान देती है।
नुक्कड़ नाटकों से गूंजेगी ‘सेवा’ की गाथा, इन्फ्लूएंसर दिखाएंगे बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तैयारियों की समीक्षा की 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में होंगे विविध आयोजन
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवाकाल के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ प्रभावी बनाने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज नया रायपुर स्थित अपने आवास कार्यालय पर अभियान के तहत पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा की जाने वाली गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सचिव डॉ. एस. भारतीदासन पर्यटन एवं संस्कृति छत्तीसगढ़ शासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री श्री अग्रवाल ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनसेवा, जनभागीदारी और विकास के प्रति नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने का व्यापक अवसर है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान से जुड़ी गतिविधियों को अधिक प्रभावी, रचनात्मक और जनोन्मुखी बनाया जाए, ताकि योजनाओं एवं विकास कार्यों का संदेश प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक सहज और प्रभावशाली ढंग से पहुंच सके।
नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से दिखेगी योजनाओं से आए बदलाव की कहानी
संस्कृति विभाग द्वारा अभियान के दौरान प्रदेश के महाविद्यालयों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों, सामुदायिक केन्द्र, पंचायत सहित विभिन्न प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा इन योजनाओं से आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भावपूर्ण एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
नुक्कड़ नाटकों में स्थानीय भाषा, लोककला, संगीत और प्रभावी संवादों का उपयोग करते हुए योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों की जीवन-परिवर्तन की कहानियों को आमजन तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी को केवल औपचारिक प्रचार तक सीमित न रखते हुए उसे जनसंवाद और जनजागरूकता का माध्यम बनाना है। महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में होने वाली प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। वहीं सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तुतियां आयोजित कर आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
पर्यटन विभाग के माध्यम से दुनिया देखेगी बदलता छत्तीसगढ़
अभियान के दौरान पर्यटन विभाग द्वारा देश और प्रदेश के इन्फ्लूएंसरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ में हुए विकास कार्यों, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार तथा प्रदेश की बदलती तस्वीर को लोगों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी। इन्फ्लूएंसरों के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों, विकसित अधोसंरचना, पर्यटन सुविधाओं और विकास कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के विकास की कहानी को व्यापक वर्ग तक पहुंचाने के साथ प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाना है। डिजिटल माध्यमों की व्यापक पहुंच को देखते हुए इस पहल के जरिए युवाओं और सोशल मीडिया से जुड़े नागरिकों को अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा।
सेवा और विकास की गाथा बनेगी जनभागीदारी का माध्यम
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रदेशभर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देना है।
अभियान के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ और ‘सेवा सेतु अभियान, ‘सरकार आपके द्वार’ सहित अनेक गतिविधियां होंगी।
इन गतिविधियों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाने, योजनाओं के लाभ से वंचित पात्र हितग्राहियों को जोड़ने तथा समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
संस्कृति और पर्यटन के माध्यम से अभियान को मिलेगा रचनात्मक विस्तार
बैठक में मंत्री श्री अग्रवाल ने संस्कृति एवं पर्यटन विभाग से संबंधित गतिविधियों को समयबद्ध रूप से पूरा करने तथा दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्कृति जनसंवाद का प्रभावी माध्यम है और पर्यटन प्रदेश की विकास यात्रा को देश-दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम। इन दोनों माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर ‘सेवा संकल्प अभियान’ को अधिक व्यापक एवं जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान की गतिविधियों में स्थानीय संस्कृति, लोक कलाओं, युवाओं और डिजिटल माध्यमों की सहभागिता को बढ़ावा दिया जाए, ताकि सेवा, विकास और जनभागीदारी का संदेश सहज एवं प्रभावशाली तरीके से आम नागरिकों तक पहुंचे।
आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में प्रवासित परिवारों का संवेदनशीलता के साथ करें पुनर्वास-कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह
दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिलों के प्रवासित परिवारों के पुनर्वास की कमिश्नर ने की समीक्षा
शासन की 31 व्यक्ति मूलक एवं 14 सामुदायिक योजनाओं से पात्र परिवारों को लाभान्वित करने पर जोर
रायपुर, सितम्बर 2026
कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने आंध्रप्रदेश एवं तेलंगाना राज्यों में प्रवासित दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिले के परिवारों के पुनर्वास की प्रगति की वर्चुअल समीक्षा की। उन्होंने माओवाद मुक्त बस्तर में अपने गांव वापस लौट रहे परिवारों के पुनर्वास को संवेदनशीलता एवं सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि माओवाद मुक्त बस्तर में विश्वास के साथ अपने गांव वापस लौट रहे परिवारों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन इन प्रवासित परिवारों के पुनर्वास के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पात्रता के आधार पर परिवारों को आवास सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को शासन की 31 व्यक्ति मूलक योजनाओं एवं 14 सामुदायिक योजनाओं से लाभान्वित करने की दिशा में सकारात्मक पहल की जा रही है।
ग्राम पंचायत स्तर पर नियमित सर्वे के निर्देश
कमिश्नर ने कहा कि आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में निवासरत इन जिलों के प्रवासित परिवारों को वापस लौटने के लिए शासन द्वारा किए जा रहे पुनर्वास प्रयासों की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए। उन्होंने संबंधित जिलों की ग्राम पंचायतों में नियमित शिविर आयोजित करने तथा वापस आने वाले परिवारों का सर्वे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कमिश्नर श्री सिंह ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में नियमित रूप से प्रवासित परिवारों की जानकारी प्राप्त कर उसका संधारण किया जाए। इसके लिए संबंधित गांवों में बैठक आयोजित कर मांझी-मुखिया, समाज प्रमुख, पटेल-कोटवार, गायता-पुजारी, पंचायत पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों से चर्चा की जाए तथा गांव से उक्त राज्यों में रह रहे परिवारों और वापस लौटने वाले परिवारों की विस्तृत जानकारी जुटाई जाए। उन्होंने कहा कि परिवारों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध होने से उनके पुनर्वास के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं योजनाएं समय पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मीडिया और मुनादी के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल
कमिश्नर श्री सिंह ने आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना राज्यों में प्रवासित परिवारों के पुनर्वास के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रिंट एवं अन्य मीडिया माध्यमों के साथ ही संबंधित ग्राम पंचायतों में प्रवासित परिवारों से संबंधित सूचनाएं एवं सूची चस्पा करने तथा कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने को कहा, ताकि अधिक से अधिक परिवारों तक शासन की पुनर्वास नीति और सुविधाओं की जानकारी पहुंच सके। राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रवासित परिवारों के सर्वे के लिए नियमित क्षेत्र भ्रमण करने हेतु भ्रमण रोस्टर तैयार कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्चुअल समीक्षा बैठक में दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिले के अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी जुड़े रहे।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जीपीएम में चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी से मिलेगा नया विस्तार
‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’ और ‘कहानी बदलाव की’ जैसी अभिनव गतिविधियों से जुड़ेगा हर वर्ग
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देने के उद्देश्य से जीपीएम जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा। एक माह तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाने, उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने और विकास की प्रक्रिया में प्रत्येक परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा।
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय, स्पष्ट एवं समयबद्ध कार्ययोजना तथा प्रभावी मैदानी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे को ‘सेवा संकल्प अभियान’ का जिला नोडल अधिकारी बनाया गया है।
‘आशीर्वाद का दीया’ से होगा अभियान का शुभारंभ
अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इस दिन शाम को जिले के प्रत्येक परिवार को दीप प्रज्वलित कर अभियान से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक दीप प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति नागरिकों के आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प का प्रतीक होगा।
मैदानी अमला घर-घर पहुंचकर नागरिकों को इस पहल की जानकारी देगा तथा उन्हें दीप प्रज्वलन के माध्यम से अभियान में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करेगा। इस गतिविधि का उद्देश्य विकास के संकल्प को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे जन-जन और घर-घर का संकल्प बनाना है।
बच्चों की कल्पनाओं में दिखेगा विकसित भारत
‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के अंतर्गत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक जिले के शासकीय एवं निजी विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को विकसित भारत की अपनी कल्पना और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा कार्यों को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने का अवसर मिलेगा।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही बच्चों द्वारा तैयार की गई श्रेष्ठ कलाकृतियों एवं उनकी कल्पनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से आमजन के सामने रखा जाएगा।
नुक्कड़ नाटकों के जरिए आमजन तक पहुंचेगी ‘नमो सेवा गाथा’
अभियान के दौरान ‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत 17 सितंबर से विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, उनके उद्देश्यों और योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की कहानियों को रोचक एवं प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया जाएगा।
नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से नागरिकों को पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि सरकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर तक पहुंच सके।
‘आंगन का उत्सव’ में पोषण और महिला-बाल कल्याण पर जोर
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी हितग्राहियों को दी जाएगी।
कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उनका सम्मान भी किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और परिवारों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
‘कहानी बदलाव की’ में सामने आएंगी सफलता की वास्तविक कहानियां
अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियों का संकलन किया जाएगा। इन कहानियों के माध्यम से यह बताया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का प्रभाव किस तरह आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
हितग्राहियों की सफलता की कहानियां अन्य पात्र नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ लेने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।
जनभागीदारी से विकसित भारत के संकल्प को मिलेगा विस्तार
‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से जिले में शासन की योजनाओं की जानकारी को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ-साथ सेवा, सहभागिता और संकल्प की भावना को जन-जन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। एक माह तक चलने वाली विभिन्न गतिविधियों में बच्चे, महिलाएं, युवा, किसान, हितग्राही और आम नागरिक सहभागी बनेंगे।
इस तरह ‘सेवा संकल्प अभियान’ 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार से लेकर विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प तक की यात्रा को जनभागीदारी से सशक्त करने का व्यापक अभियान बनेगा।
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर जिले में गूंजा साक्षरता का संदेश
मानव श्रृंखला, उल्लास शपथ और दीप प्रज्वलन से दिया ‘अंधेरे से उजाले की ओर’ बढ़ने का संदेश
रायपुर, सितम्बर 2026
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2026 में प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के लक्ष्य के साथ जनजागरूकता और वातावरण निर्माण के लिए आयोजित साक्षरता पखवाड़ा के अंतर्गत जिले में भी विभिन्न जागरूकता एवं जनभागीदारी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिले के सभी विकासखण्डों में साक्षरता के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को शिक्षा और साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए यह संदेश दिया गया कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन में जागरूकता, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करती है। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर मानव श्रृंखला, उल्लास शपथ, जागरूकता कार्यक्रम सहित अन्य गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों ने सहभागिता की।
दीप प्रज्वलन के माध्यम से अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के उजाले की ओर बढ़ने का संदेश
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर सायंकाल आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा। दीप प्रज्वलित कर अज्ञानता और अशिक्षा रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान, शिक्षा और साक्षरता के उजाले की ओर आगे बढ़ने का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के संकल्प को दोहराते हुए साक्षरता अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मानव श्रृंखला और उल्लास शपथ के माध्यम से भी लोगों को अपने आसपास के निरक्षर व्यक्तियों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करने तथा साक्षरता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया। विभिन्न विकासखण्डों में आयोजित गतिविधियों में स्थानीय स्तर पर समुदाय की सहभागिता देखने को मिली।
साक्षरता से आत्मनिर्भरता और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का मार्ग
साक्षरता पखवाड़ा के माध्यम से जिले में यह संदेश दिया जा रहा है कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में व्यापक बदलाव का माध्यम है। साक्षर व्यक्ति अपने अधिकारों और दायित्वों को बेहतर ढंग से समझने के साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने में अधिक सक्षम होता है। साक्षरता से व्यक्ति में आत्मविश्वास बढ़ता है और वह सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ता है। जिले को 100 प्रतिशत साक्षर बनाने के लक्ष्य की दिशा में प्रशासन द्वारा निरंतर जनजागरूकता एवं सहभागिता आधारित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिलेवासियों से अपील की गई कि वे साक्षरता अभियान से जुड़ें और अपने आसपास के निरक्षर व्यक्तियों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करें, ताकि सामूहिक प्रयासों से जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य को शीघ्र हासिल किया जा सके।