छत्तीसगढ़ / रायपुर
तीज महोत्सव में रंगारंग नृत्य व तीज सुंदरी प्रतियोगिता सम्पन्न
रायपुर. वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन छ.ग. एवं सर्व युवा ब्राह्मण परिषद छ.ग. द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी प्रदेश की विप्र महिलाओं/युवतियों को पूर्णतः पारिवारिक, सामाजिक माहौल में मंच प्रदान करने तीज महोत्सव पर रंगारंग फोक व क्लासिकल नृत्य एवं तीज सुंदरी प्रतियोगिता का आयोजन वृन्दावन हॉल, सिविल लाईन में किया गया. इस कार्यक्रम के अतिथि श्री पुरन्दर मिश्रा-विधायक रायपुर उत्तर, श्रीमती दीप्ति दुबे-वरिष्ठ समाजसेवी, श्रीमती शताब्दी पाण्डेय-प्रदेश प्रवक्ता भाजपा थे एवं निर्णायक डॉ. मीनाक्षी बाजपेयी, श्रीमती उषा शर्मा, नृत्य शिक्षिका थी.
सीएम हेल्पलाइन 1076 का असर: बसना के युवक को मिली ईवी सब्सिडी, एक कॉल से सुलझी महीनों की परेशानी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन मॉडल की मिसाल, परिवहन विभाग की त्वरित कार्रवाई से मिली राहत
रायपुर, 07 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और जवाबदेह प्रशासन को नई मजबूती मिल रही है। इसका प्रभावी उदाहरण मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से देखने को मिला, जहां महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के ग्राम केंवटापाली निवासी श्री खिरोद कुमार साव की ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) सब्सिडी से जुड़ी लंबित समस्या का त्वरित समाधान किया गया।
श्री साव ने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बाद सब्सिडी राशि प्राप्त नहीं होने की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज कराई थी। शिकायत प्राप्त होते ही परिवहन विभाग ने मामले पर तत्परता से कार्रवाई की और प्रक्रिया पूरी कर उन्हें लंबित सब्सिडी राशि उपलब्ध करा दी।
सब्सिडी राशि मिलने के बाद श्री खिरोद कुमार साव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और परिवहन विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 ने उनकी समस्या का समयबद्ध समाधान कर शासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत किया है।
प्रदेश में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों और शासन के बीच भरोसे का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। एक कॉल पर शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। लाखों नागरिक इस व्यवस्था के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर चुके हैं, जिससे पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह शासन की अवधारणा को मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर संचालित यह व्यवस्था आमजन की शिकायतों के प्रभावी निराकरण के साथ नागरिकों को समय पर राहत उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रदेश में सुशासन का एक विश्वसनीय और प्रभावी मंच बन चुकी है।
डिजिटल छत्तीसगढ़- अब ज़मीन के सीमांकन के लिए नहीं काटने पड़ेंगे तहसील के चक्कर
नया मॉड्यूल 7 दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश,पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
रायपुर, 07 सितंबर 2026
राज्य सरकार के राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए ज़मीन के सीमांकन (Demarcation) की प्रक्रिया को बेहद आसान, पारदर्शी और डिजिटल बना दिया है। अब ज़मीन मालिकों को नाप-जोख या सीमांकन के लिए तहसील कार्यालयों और सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
नए डिजिटल सिस्टम में सीमांकन आवेदन के लिए तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी बल्कि सिर्फ लोक सेवा केंद्र (CSC/चॉइस सेंटर) और राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटिज़न पोर्टल या सेवासेतु के माध्यम से ही आवेदन जमा किए जा सकेंगे। जिससे सीमांकन के ऑफलाइन या मैन्युअल आवेदन को E-Court अंतर्गत तहसील स्तर से दर्ज करने की व्यवस्था खत्म की जा रही है। आवेदन सीधे संबंधित तहसीलदार की आईडी में ट्रांसफर हो जाएंगे। एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा भी अपने रिपोर्ट ऑनलाइन जमा करने का प्रावधान भी इसमें शामिल किया जा रहा है, जिससे आवेदक को आवेदन के संबंध मे सभी स्तर के जानकारी उपलब्ध होती रहेगी।
राजस्व विभाग के भू-अभिलेख शाखा से जारी पत्र अनुसार राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक को ई-कोर्ट (E-Court) सॉफ्टवेयर में ज़रूरी तकनीकी सुधार कर नया मॉड्यूल 7 दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए गये हैं।
सिर्फ आपत्ति होने पर ही जाना होगा तहसील
नई व्यवस्था के तहत पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल मैपिंग से पूरी होगी। आवेदक को तहसील कार्यालय केवल तभी जाना पड़ेगा, जब सीमांकन के दौरान किसी पड़ोसी या अन्य पक्ष द्वारा कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई जाए। अगर मामला निर्विवाद है, तो आवेदक को एक बार भी दफ्तर जाने की ज़रूरत नहीं होगी।
मैन्युअल व्यवस्था खत्म होने से दफ्तरों की अनचाही भाग-दौड़ और बिचौलियों का दखल पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। तय समय-सीमा के कारण मामलों के पेंडिंग रहने की समस्या दूर होगी और आवेदकों को निश्चित समय में सीमांकन रिपोर्ट मिल जाएगी।
ई-गवर्नेंस की ओर एक और बड़ा कदम
राजस्व विभाग नागरिकों की सुविधा के लिए पहले ही कई सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन कर चुका है। जिसमें डिजिटल हस्ताक्षरित B-1 एवं P-II नागरिक घर बैठे खसरा और खतौनी की QR कोड वाली प्रमाणित कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं। ज़मीन की खरीद-बिक्री के बाद नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध है। ऑनलाइन नजरी नक्शा, परिवर्तित भूमि (Diversion) और नजूल ज़मीन के टैक्स रिकॉर्ड्स को पूरी तरह डिजिटल किया जा चुका है। राजस्व अदालतों में चल रहे मामलों की पेशी, आदेश और सुनवाई का स्टेटस ऑनलाइन देखा जा सकता है।
राजस्व विभाग की यह नई पहल राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और आम लोगों की समस्याओं को पारदर्शी तरीके से हल करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
डिजिटल क्रॉप सर्वे में सारंगढ़-बिलाईगढ़ प्रदेश में अव्वल, 87 प्रतिशत कार्य के साथ प्रथम स्थान
सरसींवा और भटगांव में 93 प्रतिशत से अधिक सर्वे पूर्ण, जिले में अब तक 47 हजार 350 प्लॉटों का सर्वे
रायपुर, 07 सितम्बर 2026
डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) के प्रभावी और बेहतर क्रियान्वयन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले ने प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश स्तरीय रिपोर्ट में जिले ने 87 प्रतिशत कार्य के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। डिजिटल क्रॉप सर्वे में सर्वाधिक कार्य करने वाले प्रदेश के शीर्ष तीन जिलों में सारंगढ़-बिलाईगढ़ पहले स्थान पर है, जबकि खैरागढ़ 86 प्रतिशत के साथ दूसरे और कोरिया 81 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है।
जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य को प्रशासन द्वारा लगातार प्राथमिकता देते हुए मैदानी स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है। 6 सितंबर 2026 को शाम 4.30 बजे तक की तहसीलवार प्रगति रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 53 हजार 524 प्लॉटों के विरुद्ध 47 हजार 350 प्लॉटों का सर्वे पूर्ण किया जा चुका है, जो 88.45 प्रतिशत है। जिले में 35 हजार 476 सर्वे अनुमोदित किए जा चुके हैं और अनुमोदन की प्रगति 74.93 प्रतिशत दर्ज की गई है।
तहसीलवार प्रगति भी उत्साहजनक
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सभी छह तहसीलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य तेजी से जारी है। सारसींवा तहसील ने सर्वे कार्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 8 हजार 187 प्लॉटों में से 7 हजार 653 प्लॉटों का सर्वे पूर्ण कर 93.27 प्रतिशत प्रगति हासिल की है। यहां 5 हजार 348 सर्वे अनुमोदित किए गए हैं। इसी प्रकार भटगांव तहसील में कुल 6 हजार 235 प्लॉटों के विरुद्ध 5 हजार 847 प्लॉटों का सर्वे पूर्ण किया गया है, जो 93.15 प्रतिशत है। तहसील में 3 हजार 748 सर्वे अनुमोदित किए जा चुके हैं। जिले की सबसे बड़ी तहसीलों में शामिल सारंगढ़ तहसील में कुल 16 हजार 134 प्लॉटों के विरुद्ध 14 हजार 32 प्लॉटों का सर्वे पूर्ण कर 88.60 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। यहां 12 हजार 61 सर्वे अनुमोदित किए गए हैं और अनुमोदन प्रतिशत 84.36 प्रतिशत है। सारिया तहसील में कुल 5 हजार 491 प्लॉटों के विरुद्ध 4 हजार 647 प्लॉटों का सर्वे पूर्ण किया गया है, जिससे तहसील की सर्वे प्रगति 86.64 प्रतिशत पहुंच गई है। यहां 3 हजार 258 सर्वे अनुमोदित किए गए हैं। वहीं बिलाईगढ़ तहसील में कुल 7 हजार 876 प्लॉटों में से 6 हजार 745 प्लॉटों का सर्वे पूर्ण कर 85.49 प्रतिशत प्रगति हासिल की गई है। तहसील में 5 हजार 132 सर्वे अनुमोदित किए जा चुके हैं। इसी तरह बरमकेला तहसील में कुल 9 हजार 626 प्लॉटों के विरुद्ध 8 हजार 136 प्लॉटों का सर्वे पूर्ण किया गया है, जो 84.49 प्रतिशत है। यहां 5 हजार 910 सर्वे अनुमोदित किए जा चुके हैं।
शत-प्रतिशत लक्ष्य तक जारी रहेगी तेजी
जिले की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण होने तक इसी गति और गंभीरता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित समीक्षा करते हुए लंबित प्लॉटों के सर्वे कार्य में तेजी लाने तथा प्रदेश में जिले की अग्रणी स्थिति को लगातार बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को मैदानी अमले के साथ सतत समन्वय स्थापित कर शेष सर्वे कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का लक्ष्य जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान की उपलब्धि को निरंतर बनाए रखना है।
सुशासन एवं स्वप्रगटीकरण की दिशा में अभिनव पहल का एक वर्ष पूर्ण, जानकारी सबकी, निगरानी सबकी
वीबी - जीरामजी योजना के क्यूआर कोड को मिले 7 लाख से अधिक स्कैन, औसत प्रतिदिन 2 हजार से अधिक लोगों ने ली जानकारी
प्रदेश की ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सूचना की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने की अभिनव पहल ने पूरा किया एक वर्ष
रायपुर, 07 सितंबर 2026

सुशासन, पारदर्शिता एवं स्वप्रगतिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई अभिनव पहल ‘क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली ने एक वर्ष पूर्ण कर लिया है। वर्तमान में वीबी जी राम जी, पूर्व में मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में पिछले वर्ष क्यूआर कोड प्रदर्शित किए गए थे। इस नवाचार के माध्यम से ग्रामीणों एवं आमजन को संबंधित ग्राम पंचायत में योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में कराए गए कार्यों, भुगतान तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही स्थान पर सहज, सरल एवं सुलभ रूप से उपलब्ध कराई गईं।

’एक वर्ष में क्यूआर कोड को 7 लाख से अधिक बार स्कैन किया गया’
इस पहल को प्रदेशवासियों का उल्लेखनीय प्रतिसाद मिला है। पिछले एक वर्ष में इन क्यूआर कोड को 7 लाख से अधिक बार स्कैन किया गया, यानी औसतन प्रतिदिन 2 हजार से अधिक बार ग्रामीणों एवं आमजन ने योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त की। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि तकनीक आधारित सूचना व्यवस्था को आमजन ने व्यापक रूप से अपनाया है।
’पारदर्शिता और जवाबदेही को मिला नया आयाम’
क्यूआर कोड के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों एवं उनसे संबंधित जानकारी आमजन की पहुंच में आने से पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिली है। ग्रामीण अब अपने क्षेत्र में योजना के तहत हुए कार्यों, उनके भुगतान एवं अन्य संबंधित विवरणों की जानकारी स्वयं प्राप्त कर सकते हैं। इससे सूचना के लिए किसी कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है और आमजन को ‘सूचना मांगने’ के बजाय ‘सूचना देखने’ की सुविधा मिली है। इस नवाचार ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ संभावित अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। योजना संबंधी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने से सामाजिक निगरानी और जनभागीदारी को बढ़ावा मिला है।
’आरटीआई एवं शिकायतों में भी कमी’
क्यूआर कोड के माध्यम से योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी ग्राम पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध होने का सकारात्मक प्रभाव सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों तथा योजना संबंधी शिकायतों पर भी देखने को मिला है। जानकारी की सहज उपलब्धता से ऐसे आवेदनों एवं शिकायतों में कमी आई है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनी है।
’मुख्यमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित हुआ नवाचार’
क्यूआर कोड आधारित इस स्वप्रगतिकरण नवाचार की प्रभावशीलता और उपयोगिता को देखते हुए इसे मुख्यमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से सुशासन को ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाने की यह पहल उल्लेखनीय और अनुकरणीय है।
’‘जानकारी सबकी, निगरानी सबकी’ की दिशा में प्रभावी कदम’
बीबी- जीरामजी योजना के क्यूआर कोड ने ग्राम पंचायतों में सूचना को सीमित दायरे से निकालकर सीधे आमजन तक पहुंचाया है। पिछले एक वर्ष में 7 लाख से अधिक स्कैन इस बात का प्रमाण हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। यह पहल न केवल पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को मजबूत कर रही है, बल्कि स्वप्रगतिकरण एवं सुशासन की अवधारणा को भी धरातल पर साकार कर रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध जानकारी के माध्यम से आमजन स्वयं अपने क्षेत्र में योजना के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं और विकास कार्यों की निगरानी में सहभागी बन रहे हैं।
एक वर्ष की अवधि में क्यूआर कोड आधारित इस नवाचार ने यह सिद्ध किया है कि तकनीक, पारदर्शिता और जनभागीदारी का समन्वय सुशासन को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बना सकता है। प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में लागू यह पहल आने वाले समय में डिजिटल पारदर्शिता एवं जनसशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की उपलब्धि : महिला के पेट से निकाला गया 8 किलोग्राम वजनी विशालकाय ट्यूमर
आंतों से चिपका होने के कारण था हाई-रिस्क; तीन विभागों की संयुक्त टीम ने बचाई जान
रायपुर, 7 सितंबर 2026

लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति चिकित्सालय, रायगढ़ के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और जोखिम भरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर एक 46 वर्षीय महिला को नई जिंदगी दी है।
झलमला निवासी चंपा यादव के पेट से एक विशालकाय ट्यूमर (फाइब्रॉएड) निकाला गया है, जिसका आकार लगभग 24.2 x 23.1 x17 सेंटीमीटर और वज़न 8 किलोग्राम था, जो आकार में एक बड़े फुटबॉल के बराबर है।
चंपा यादव पिछले एक महीने से पेट में तेज दर्द, अत्यधिक सूजन और उल्टी की समस्या से बुरी तरह जूझ रही थीं। 22 अगस्त 2026 को जब उन्हें आपातकालीन स्थिति में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में लाया गया, तब उनकी हालत बेहद गंभीर थी और शरीर में खून की भारी कमी (हीमोग्लोबिन मात्र 7.5 g/dL) पाई गई थी। इसके अलावा, रेडियोलॉजिकल जांच (सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड) में स्पष्ट हुआ कि इस विशाल गांठ के भारी दबाव के कारण गर्भाशय विस्थापित हो गया था और बायीं मूत्रवाहिनी (ureter) दब गई थी, जिससे किडनी पर भी विपरीत असर पड़ रहा था और लिवर के पैरामीटर्स बिगड़ चुके थे।
स्थिति की गंभीरता और मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए, मेडिकल टीम ने पहले मरीज को स्थिर करने का निर्णय लिया। रक्त की भारी कमी को पूरा करने के लिए उन्हें कई यूनिट पैक्ड रेड ब्लड सेल (PRBC) चढ़ाए गए और एंटीबायोटिक्स के माध्यम से उनके ऑर्गन फंक्शन को सर्जरी के अनुकूल बनाया गया।
मरीज के पूरी तरह स्थिर होने के बाद, 1 सितंबर 2026 को जनरल एनेस्थीसिया के तहत एक हाई रिस्क सर्जरी (एक्सप्लोरेटरी लेपरोटॉमी) को अंजाम दिया गया। यह ऑपरेशन किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि यह भारी भरकम ट्यूमर मरीज की आंतों से बेहद गहराई से चिपका हुआ था। इस नाजुक स्थिति को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए ऑपरेशन थियेटर में जनरल सर्जरी यूनिट को विशेष रूप से सहायता के लिए बुलाया गया।
स्त्री रोग और जनरल सर्जरी एवं निश्चेतना विभाग के डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने अद्भुत सर्जिकल कौशल का परिचय देते हुए, आंतों के जटिल जुड़ाव को सावधानी से काटा और दोनों मूत्रवाहिनियों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित अलग कर लिया। इसके पश्चात, गर्भाशय सहित उस विशाल ट्यूमर को शरीर से बाहर निकाल लिया गया।यह जटिल ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। ऑपरेशन के बाद चंपा यादव को रिकवरी रूम में शिफ्ट कर दिया गया, जहां उन्हें आईवी फ्लूइड्स और दर्द निवारक दवाएं दी जा रही हैं। उनकी स्थिति अब स्थिर है और वे स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं।
जल जीवन मिशन से संवर रही नारायणपुर के वनांचल की तस्वीर- घर-घर पहुँच रहा शुद्ध पेयजल, बढ़ रही खुशहाली
379 गाँवों के 22,923 परिवारों तक पहुँचा नल कनेक्शन
119 गाँव में ‘हर घर पहुँच रहा शुद्ध पेयजल, बढ़ रही खुशहाली
रायपुर, 07 सितम्बर 2026

छत्तीसगढ़ के सुदूर, वनांचल और दुर्गम इलाकों में बसे नारायणपुर जिले में जल जीवन मिशन ग्रामीण परिवारों की जिंदगी में खुशहाली और बेहतर स्वास्थ्य की नई भोर लेकर आया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के निरंतर प्रयासों से जिले के अंतिम व्यक्ति तक सुरक्षित, शुद्ध और पर्याप्त पेयजल पहुँचाने का संकल्प अब धरातल पर रंग ला रहा है। हर घर जल की इस मुहिम ने न केवल पेयजल का संकट दूर किया है, बल्कि ग्रामीणों के दैनिक जीवन को आसान बनाकर उनके जीवन स्तर को भी ऊँचा उठाया है।
’22 हजार 923 परिवारों को मिला नल कनेक्शन’
जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते नारायणपुर और ओरछा विकासखंड के 379 गाँवों में निर्धारित 33,009 घरेलू नल कनेक्शनों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 22,923 परिवारों को सफलतापूर्वक नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं।
’दुर्गम क्षेत्रों में सौर ऊर्जा बनी बड़ा सहारा’
भौगोलिक रूप से कठिन और दूरस्थ अंचलों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सोलर पंपों को मजबूत आधार बनाया गया है। स्वीकृत सोलर पंप 1,084, स्थापित सोलर पंप 852, वर्तमान में चालू सोलर पंप 750, सौर ऊर्जा से 20 हजार 138 लाभान्वित घरों को सुरक्षित, शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
’119 गाँव में ‘हर घर पहुँच रहा शुद्ध पेयजल, बढ़ रही खुशहाली’
इन प्रयासों का परिणाम है कि जिले के 119 गाँवों के 7,276 परिवारों को पूरी तरह शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। इन गाँवों को ‘हर घर जल’ गाँव के रूप में प्रमाणित कर इनका प्रबंधन सीधे संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 3,572 हैंडपंप भी ग्रामीणों की दैनिक जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
’स्वास्थ्य में सुधार और महिलाओं को राहत’
जल आपूर्ति के साथ-साथ जल स्रोतों की स्वच्छता, पाइपलाइन के रख-रखाव और जल संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शुद्ध पेयजल की सुलभ उपलब्धता से मौसमी बीमारियों में उल्लेखनीय कमी आई है। वहीं, पानी लाने में लगने वाले समय की बचत होने से विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिससे नारायणपुर के दुर्गम अंचलों में विकास और खुशहाली की नई राह खुल रही है।
पत्रकारिता में सत्य, तथ्य और जनहित सर्वाेच्च प्राथमिकता हो - राज्यपाल श्री डेका
राज्यपाल ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में कन्या छात्रावास, मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का किया शुभारंभ
रायपुर, 07 सितम्बर 2026




राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का उद्घाटन भी किया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन विश्वविद्यालय के लिए विशेष महत्व रखता है। सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा के प्रसार और नारी सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके नाम पर कन्या छात्रावास का नामकरण छात्राओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह छात्रावास दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी उच्च शिक्षा और प्रतिभा विकास में सहायक होगा।
राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन से मीडिया और पत्रकारिता के स्वरूप में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। ऐसे समय में विश्वविद्यालय में स्थापित मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने तथा उनके जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल श्री डेका ने विश्वविद्यालय के प्रेरणा स्त्रोत स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे जी की प्रतिमा में श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। उन्होंने स्व. ठाकरे जी के सानिध्य में बिताए गए अवसरों और प्रेरणादायी उद्धरणों को साझा किया।
श्री डेका ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना प्रत्येक पत्रकार का दायित्व है। समाचारों में तथ्य, सत्य और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के संबंध में समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूर्ण पुष्टि आवश्यक है, क्योंकि एक समाचार का प्रभाव व्यक्ति और समाज दोनों पर पड़ सकता है।
श्री डेका ने कहा कि सोशल मीडिया के वर्तमान दौर में सूचनाओं का तेजी से प्रसार हो रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर उपलब्ध प्रत्येक सामग्री सत्य हो, यह आवश्यक नहीं है। ऐसे में पत्रकारों को तथ्यों की जांच-पड़ताल के बाद ही समाचारों को प्रसारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। एक श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं जो सबसे पहले खबर दे, बल्कि वह है जो सही, तथ्यपरक और जिम्मेदारी के साथ खबर दे।
राज्यपाल ने प्रिंट मीडिया के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एआई और सोशल मीडिया के आधुनिक दौर में भी प्रिंट मीडिया आज भी विश्वसनीय माध्यम समाज में बना हुआ है। पत्रकारिता को समाज के अंतिम व्यक्ति की आवश्यकताओं और समस्याओं को सामने लाने तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए हैं, लेकिन वे व्यापक रूप से पहचाने नहीं जा सके। ऐसे अनसुने नायक-नायिकाओं के कार्यों को समाचारों और लेखों के माध्यम से समाज के सामने लाने से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने तथा कम से कम एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों की आवश्यक मान्यता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मनोज दयाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष मंडावी विभागाध्यक्ष प्रबंधन और आभार प्रदर्शन सुनील कुमार शर्मा कुलसचिव ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षक, प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री डेका ने न्यायाधिपति श्री कृष्न राम महापात्र को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की दिलाई शपथ
रायपुर, 07 सितम्बर 2026




राज्यपाल श्री रमेन डेका ने न्यायाधिपति श्री कृष्न राम महापात्र (Krushna Ram Mohapatra) को आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। इसके पूर्व श्री कृष्न राम महापात्र उड़ीसा हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज के पद पर कार्यरत थे। राज्यपाल श्री डेका ने मुख्य न्यायाधीश श्री कृष्न राम महापात्र को राष्ट्रपति द्वारा जारी मूल वारंट की प्रति सौंपी। राज्यपाल ने मुख्य न्यायाधीश श्री महापात्र को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
समारोह में मुख्य न्यायाधीश श्री महापात्र की धर्मपत्नी श्रीमती अनिता महापात्र सहित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण उपस्थित थे। शपथ ग्रहण समारोह का संचालन प्रदेश के मुख्य सचिव श्री विकास शील द्वारा किया गया तथा उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट का वाचन किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव गृह विभाग श्रीमती निहारिका बारिक, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, महाधिवक्ता श्री विवेक शर्मा, उच्च न्यायालय बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल श्री रजनीश श्रीवास्तव सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं हाईकोर्ट के अधिवक्तागण उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि श्री महापात्र छत्तीसगढ़ के 16 वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।
रायपुर : विशेष लेख : डिजिटल क्रांति की राह पर सारंगढ़-बिलाईगढ़
तकनीक से बदली खेती की तस्वीर, डिजिटल क्रॉप सर्वे में रचा इतिहास
- विष्णु प्रसाद वर्मा , सहायक संचालक
- गुलाब डडसेना , सहायक संचालक
छत्तीसगढ़ का नवगठित जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ तकनीक के प्रभावी उपयोग और दूरदर्शी प्रशासनिक रणनीति के बल पर प्रदेश में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कृषि क्षेत्र को पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में संचालित राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल क्रॉप सर्वे के क्रियान्वयन में जिले ने समूचे प्रदेश को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। प्रदेश स्तरीय रिपोर्ट में 87 प्रतिशत कार्य पूर्णता के साथ सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने यह शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जबकि 86 प्रतिशत के साथ खैरागढ़ दूसरे और 81 प्रतिशत के साथ कोरिया तीसरे स्थान पर है।
प्रदेश में 88.45 प्रतिशत डिजिटल क्रॉप सर्वे
मैदानी स्तर पर मुस्तैदी और कड़े प्रशासनिक नियंत्रण के बूते जिले में कुल 53 हजार 524 लक्षित प्लॉटों के सापेक्ष 47 हजार 350 प्लॉटों का सर्वे पूरा कर लिया गया है, जो 88.45 प्रतिशत की वास्तविक प्रगति को दर्शाता है। केवल सर्वे ही नहीं, बल्कि डेटा सत्यापन और अनुमोदन में भी तेजी लाते हुए 35 हजार 476 मामलों को अनुमोदित किया जा चुका है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सभी छह तहसीलों में सर्वे का काम एक होड़ की तरह आगे बढ़ रहा है, जिसमें 93.27 प्रतिशत प्रगति के साथ सारसींवा तहसील सबसे आगे है। इसके ठीक पीछे भटगांव तहसील ने 93.15 प्रतिशत का आंकड़ा हासिल कर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जिले के सबसे बड़े राजस्व क्षेत्र सारंगढ़ ने भी 88.60 प्रतिशत सर्वे पूर्ण करने के साथ-साथ सर्वाधिक 84.36 प्रतिशत अनुमोदन दर्ज कराकर प्रशासनिक दक्षता की मिसाल पेश की है। इसी तरह सारिया, बिलाईगढ़ और बरमकेला तहसीलों में भी 84 से 86 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है।
डिजिटल ब्यौरा सटीक पारदर्शी व्यवस्था बनाएगा
राजस्व और कृषि विभाग की पूरी टीम शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए मुस्तैद है। मैदानी अमले के साथ सतत समन्वय और नियमित समीक्षा के बल पर बचे हुए प्लॉटों का काम भी तेजी से निपटाया जा रहा है। फसलों का यह सटीक डिजिटल ब्योरा न केवल पारदर्शी व्यवस्था बनाएगा, बल्कि आने वाले समय में किसानों को बीमा दावों से लेकर शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
रायपुर : मंत्रिपरिषद की बैठक 09 सितम्बर को
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 09 सितम्बर 2026 को पूर्वान्ह 11: 30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में होगी।
*05 सितंबर 2026 — आकृति चाइल्ड डेवलपमेंट एंड लर्निंग सेंटर में शिक्षक सम्मान समारोह सम्पन्न*
*रायपुर (भाटागांव) —* आकृति चाइल्ड डेवलपमेंट एंड लर्निंग सेंटर, रायपुर भाटागांव में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन *05 सितंबर 2026 को दोपहर 12:00 से 03:00 बजे तक* सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की अध्यक्ष *श्रीमती जयंती प्रधान* ने की।
बिहान से बदली राह : 35 महिला किसानों ने 600 क्विंटल सब्जी उगाकर लिखी सफलता की नई कहानी
उजाला उत्पादक समूह की दीदियों ने सामूहिक खेती से हासिल की नई पहचान, सीधे थोक बिक्री से 6 लाख रूपए की आय
रायपुर, 07 सितम्बर 2026

पारंपरिक खेती से हटकर हरी सब्जियों की आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने वाले कई किसानों ने अपनी मेहनत और सूझबूझ से सफलता की नई कहानियां लिखी हैं, जिनमें ग्राम पंचायत रिसोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने सामूहिक खेती जैसी प्रेरणादायक मिसालें शामिल हैं, जो कभी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करती थी और आज लाखों की कमाई कर रही हैं।

छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रिसोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने सामूहिक खेती के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। छोटे से भूखंड पर भी टमाटर, बैंगन, लौकी या करेला, खीरा जैसी सब्जियां उगाकर किसान प्रति बीघा या एकड़ कई गुना अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। उजाला उत्पादक समूह से जुड़ी 35 महिला किसानों ने एकजुट होकर न केवल लागत घटाई, बल्कि 600 क्विंटल सब्जियों का रिकॉर्ड उत्पादन कर करीब 6 लाख रूपए की आय अर्जित की है।

2 लाख रूपए की शुरुआती पूंजी से मिली नई उड़ान
वर्ष 2025 में गठित इस समूह का उद्देश्य सामूहिक प्रयास के ज़रिए उत्पादन बढ़ाना और बेहतर बाज़ार तलाशना था। आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समूह को क्लस्टर से स्टार्टअप राशि 50 हजार रूपए, सखी क्लस्टर संगठन, बुदेली से ऋण 1 लाख 50 हजार रूपए, कुल शुरुआती पूंजी 2 लाख रूपए। इस पूंजी की मदद से महिलाओं ने अपने खेतों में वैज्ञानिक तकनीक अपनाते हुए लौकी, करेला और खीरा की खेती शुरू की।
600 क्विंटल सब्जियों की बंपर पैदावार
महिलाओं की कड़ी मेहनत और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग से खेतों में शानदार उत्पादन हुआ। सब्जी की फसल से बचत बढने लगी तो महिलाओं का हौसला बढ़़ा। इसके साथ ही फसल का दायरा बढ़ाने लगी, जिससे पैदावार में बढ़ोत्तरी होने लगी। महिलाओं ने सामूहिक खेती कर लौकी 250 क्विंटल, करेला 250 क्विंटल, खीरा 100 क्विंटल का उत्पादन की। कुल सब्जी उत्पादन 600 क्विंटल होने लगा।
बिचौलियों से मुक्ति, सीधे थोक बाजार से जुड़ाव
सफलता की सबसे बड़ी कड़ी महिलाओं की विपणन (मार्केटिंग) रणनीति रही। बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय समूह की दीदियों ने अपनी उपज को सीधे थोक बाजार तक पहुंचाया। इससे फसल का उचित दाम मिला और कुल आय 6 लाख रूपए तक पहुंच गई।
सुशासन और जमीनी मॉनिटरिंग का असर
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर निरंतर कार्य कर रही है। जिला प्रशासन द्वारा बेहतर क्रियान्वयन, मैदानी मार्गदर्शन और सतत् मॉनिटरिंग से योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राहियों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
CG हाईकोर्ट को मिला नया चीफ जस्टिस, जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने ली शपथ
रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका ने न्यायाधिपति कृष्न राम महापात्र (Krushna Ram Mohapatra) को आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। इसके पूर्व कृष्न राम महापात्र उड़ीसा हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज के पद पर कार्यरत थे। राज्यपाल डेका ने मुख्य न्यायाधीश कृष्न राम महापात्र को राष्ट्रपति द्वारा जारी मूल वारंट की प्रति सौंपी। राज्यपाल ने मुख्य न्यायाधीश महापात्र को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री तोखन साहू, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
समारोह में मुख्य न्यायाधीश महापात्र की धर्मपत्नी श्रीमती अनिता महापात्र सहित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण उपस्थित थे। शपथ ग्रहण समारोह का संचालन प्रदेश के मुख्य सचिव विकास शील द्वारा किया गया तथा उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट का वाचन किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव गृह विभाग श्रीमती निहारिका बारिक, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, महाधिवक्ता विवेक शर्मा, उच्च न्यायालय बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं हाईकोर्ट के अधिवक्तागण उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़- सात सिंचाई योजनाओं के लिए 30.74 करोड़ रूपए स्वीकृत
किसानों को मिलेगी बेहतर सिंचाई सुविधा
बलौदाबाजार-भाटापारा और रायपुर जिले के हजारों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को मिलेगा फायदा
रायपुर, 07 सितम्बर 2026
छत्तीसगढ़ सरकार के जल संसाधन विभाग ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सात प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए कुल 30 करोड़ 74 लाख 39 हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि का उपयोग नहरों के जीर्णाेद्धार, रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग और भूमिगत पाइपलाइन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाएगा।
जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलेवार स्वीकृत कार्यों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के बलौदा शाखा नहर (वितरक 11 एवं 12)में रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग एवं पक्के निर्माण कार्यों के लिए 4.99 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, इससे 339.05 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। इसी प्रकार सोंढूर परियोजना (बेन्द्री वितरक नहर) के भाटापारा शाखा नहर के बेन्द्री वितरक नहर की रिमॉडलिंग व सीसी लाइनिंग के लिए 4.82 करोड़ मंजूर। इससे 355 हेक्टेयर क्षेत्र को पानी मिलेगा।
रायपुर जिला (धरसींवा विकासखंड) के भाटापारा शाखा नहर कार्य में महानदी परियोजना अंतर्गत विभिन्न सुधार कार्यों हेतु 4.20 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 14) के आर.डी. 2700 मीटर से 3500 मीटर तक नहर को ह्यूम पाइप के माध्यम से भूमिगत करने के लिए 4.90 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। मांढ़र ब्रांच केनाल सर्विस रोड- आर.डी. 31600 मीटर से 32900 मीटर तक डामर रोड निर्माण के लिए 1.90 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 8 व माइनर 1) में भूमिगत पाइपलाइन तथा कंक्रीट व मुरमीकरण रोड निर्माण के लिए 4.92 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 11।, 13, 14 व माइनर्स) महानदी परियोजना समूह के अंतर्गत जीर्णाेद्धार कार्यों के लिए 4.97 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।
जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत इन विकास कार्यों से क्षेत्र में जल प्रबंधन बेहतर होगा और अंतिम छोर (टेल एरिया) तक किसानों के खेतों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
विष्णु कैबिनेट की बैठक 9 सितंबर को
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई है। यह बैठक 9 सितंबर की सुबह 11:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होगी। मीटिंग के बाद डिप्टी सीएम अरूण साव मीडिया से चर्चा कर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देंगे।
मानव भव केवल भोग-विलास के लिए नहीं, जीवन को सार्थक बनाओ : मुनि संवेगरत्न सागर
रायपुर । विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में जारी सर्वमंगलमय वर्षावास में रविवार को विशेष प्रवचनमाला में मुनि संवेगरत्न सागर ने श्रावक-श्राविकाओं को मानव भव की दुर्लभता समझाई। मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य जन्म केवल सुख और भोग-विलास के लिए नहीं, बल्कि आत्मकल्याण और मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर है। मानव भव मिला है तो सबसे पहले मानव बनें, फिर उत्तम,श्रेष्ठ और महान मानव बनने का प्रयास करें।
मोक्ष लक्ष्य है तो सुख के राग को छोड़ना होगा
मुनिश्री ने कहा कि संसार के परिभ्रमण को समाप्त कर मोक्ष प्राप्त करना जीवन का अंतिम लक्ष्य है। इसके लिए सुख के प्रति राग और आसक्ति को छोड़ना होगा। परमात्मा के वचनों का आलंबन मिलने पर जीव मोक्ष की ओर आगे बढ़ता है। गुरु भगवंत प्रतिबोध दे सकते हैं, लेकिन जिनवाणी का श्रवण केवल कानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
मुनिश्री ने कहा कि मानव भव अत्यंत दुर्लभ है। इसके साथ उत्तम धर्म और कुल की प्राप्ति भी हुई है। ऐसे में धर्म से विमुख होना मोक्ष के लक्ष्य को दूर करना है। हर व्यक्ति को स्वयं से यह सवाल करना चाहिए कि मानव भव प्राप्त करने के बाद क्या वह वास्तव में मानव बन पाया है?
उत्तम मानव की पहचान है सत्संग और बड़ों का सम्मान
मुनिश्री ने कहा कि उत्तम मानव का पहला कर्तव्य सत्संग है। बड़ों की आज्ञा और उनका सम्मान करना उसका धर्म है। लोक-विरुद्ध आचरणों का त्याग करना चाहिए। उत्तम मानव कभी विश्वासघात नहीं करता। विश्वासघात महाभयंकर होता है और विश्वासघाती व्यक्ति अक्सर स्वयं को बुद्धिमान समझने की भूल करता है।
मुनिश्री ने कहा कि महान इंसान करुणावान होता है, दोषों से दूर रहता है और स्वधर्म का पालन करता है। पुरुष का स्वधर्म है सदाचार, स्त्री का सम्मान, बालकों को शिक्षित करना और राष्ट्र के प्रति भक्ति। महिलाओं का स्वधर्म है जीव की रक्षा, बाल संस्करण,पति की सेवा, कुटुंब को संभालना। ये मानव जीवन की सार्थकता है।
देव-गुरु-धर्म को समय नहीं दिया तो संसार में ही देना पड़ेगा
मुनिश्री ने कहा कि हमें यह विचार करना चाहिए कि कितने भवों के बाद मानव जन्म मिला है। यह दुर्लभ अवसर केवल काम और भोग में गंवाने के लिए नहीं मिला। यदि इस भव में आत्मा का कल्याण नहीं हुआ तो भव-भव के फेर चलते रहेंगे।
मुनिश्री ने कहा कि जो देव,गुरु व धर्म को समय नहीं देंगे तो संसार को समय देना ही पड़ेगा। जो देव, गुरु और धर्म को समय देता है, वह संसार के फेरों से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ता है। मानव भव को पहचानकर जीवन को आत्मकल्याण, सदाचार और मोक्ष की साधना में लगाना चाहिए।