छत्तीसगढ़ / रायपुर
शिक्षक दिवस पर बलरामपुर में जिला स्तरीय समारोह- 21 उत्कृष्ट शिक्षक ज्ञानदीप और शिक्षादूत पुरस्कार से सम्मानित
शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला नहीं, बल्कि पीढ़ी का निर्माता- रामविचार नेताम
रायपुर, सितंबर 2026

कृषि विकास एवं कल्याण, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राष्ट्र के भविष्य निर्माण में गुरुजनों का योगदान अमूल्य है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले में युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास विद्यालय तथा नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। शिक्षक ही समाज और राष्ट्र की भावी पीढ़ी के सच्चे निर्माता होते हैं, जो ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को आकार देते हैं।
शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं कल्याण, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम रहे। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, अनुशासन और अच्छे संस्कार भी विकसित करते हैं । वे बच्चों में स्वतंत्र सोच, रचनात्मकता और कुछ नया सीखने की जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन इस प्रकार करने का आह्वान किया कि वे समाज के लिए मिसाल बन सकें।
21 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान
समारोह में जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। ज्ञानदीप पुरस्कार से श्री श्याम सुंदर चौरगे (शिक्षक, शासकीय माध्यमिक शाला कोरवापारा, राजपुर), श्रीमती नीलीमा एक्का (शिक्षिका, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डौरा), श्री जवाहर लाल पैकरा (प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरई, शंकरगढ़) को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार शिक्षादूत पुरस्कार जिले के विभिन्न विकासखंडों के 18 शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
शिक्षकों का समाज में स्थान सदैव आदरणीय एवं अग्रणी-उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा
गुरुजनों से मिले संस्कार और ज्ञान को बताया आज भी प्रासंगिक और उपयोगी
मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह 2026 में जिले के 108 शिक्षकों को शिक्षा दूत एवं ज्ञानदीप पुरस्कार से किया सम्मानित
शॉल, श्रीफल, मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र भेंटकर शिक्षकों का बढ़ाया मान
अपने गुरुजनों को सम्मानित कर उप मुख्यमंत्री ने लिया आशीर्वाद
रायपुर, सितंबर 2026


हमारे राष्ट्र निर्माता शिक्षकों का समाज में स्थान सदैव आदरणीय एवं अग्रणी हैं उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने आज स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, कवर्धा में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण, शिक्षा सत्र 2026-27, शिक्षा दूत एवं ज्ञानदीप पुरस्कार सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 108 शिक्षकों को शिक्षा दूत एवं ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित किया। सम्मानित शिक्षकों में सेवानिवृत्त शिक्षक भी शामिल रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया और उनके योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य विद्यार्थियों और समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने गुरुजनों से मिले संस्कार और ज्ञान को आज भी प्रासंगिक और उपयोगी बताया। उन्होने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के नव निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक केवल कक्षा में पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके जीवन को सही दिशा देने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक का प्रभाव विद्यार्थी के जीवन पर लंबे समय तक बना रहता है। कक्षा में दिया गया ज्ञान और गुरुजनों द्वारा सिखाए गए संस्कार जीवन के प्रत्येक पड़ाव पर काम आते हैं। कार्यक्रम में इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्रप्रकाश चंद्रवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, श्री लोकचन्द साहू, श्री मनीराम साहू, श्री राजा टाटिया, श्रीमती विजय लक्ष्मी तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण विद्यार्थी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्वामी करपात्री जी विद्यालय में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में गुरुजनों ने पढ़ाई के साथ-साथ खेल एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से भी बहुत कुछ सिखाया। गुरुजनों द्वारा उस समय पढ़ाया और सिखाया गया ज्ञान आज भी उनके जीवन में उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बचपन में गुरुजनों के साथ बिताए गए वे पल आज भी उनके लिए महत्वपूर्ण, प्रेरणादायी एवं चीरस्मरणीय बनकर उनका मार्गदर्शन कर रहें हैं।
उप मुख्यमंत्री ने अपने गुरुजनों का किया सम्मान, चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद
कार्यक्रम के दौरान भावुक क्षण भी देखने को मिला, जब उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने अपने विद्यार्थी जीवन के गुरुजनों श्री जी.आर. चंदेल, श्री पी.पी. दुबे, श्री एम.आर. महोबिया, श्री विजेंद्र श्रीवास्तव एवं श्री एम.के. गुप्ता का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। उन्होंने अपने गुरुजनों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु का स्थान जीवन में सबसे महत्वपूर्ण होता है। गुरुजनों से प्राप्त शिक्षा, संस्कार और मार्गदर्शन व्यक्ति के जीवन की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
84 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविध
उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 84 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा स्थापित की जा चुकी है, जबकि शेष 34 स्कूलों में भी जल्द ही स्मार्ट क्लास रूम स्थापित कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।
7 हजार 500 स्कूलों में बालिका शौचालय का होगा निर्माण
उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री शर्मा ने बताया कि बालिकाओं की सुविधा एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए 7 हजार 500 स्कूलों में बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रत्येक स्कूल में बालिकाओं के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे छात्राओं को विद्यालय में बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा तथा उनके शिक्षा के प्रति निरंतर जुड़ाव को भी बढ़ावा मिलेगा।
मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों पर पढ़ाई प्रारंभ
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जिले में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तेज गति से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों पर पढ़ाई प्रारंभ हो गई है। उन्होंने इसे जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि मेडिकल कॉलेज में अपना एडमिशन कराने वाले पहला विद्यार्थी सहसपुर लोहारा के हिमांशु देवांगन हैं। उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल शिक्षा की शुरुआत होना क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक नई संभावना और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
दुग्ध उत्पादन का व्यवसाय कर परिवार को बना सकते हैं सक्षम- मंत्री श्री नेताम
पशुपालन मंत्री नवागांव में आयोजित भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में हुए शामिल
भवन निर्माण के लिए 30 लाख रूपए की घोषणा
रायपुर, सितम्बर 2026

कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अटल नगर नवा रायपुर के नवागांव में दुग्ध व्यवसाय कल्याण संघ द्वारा आयोजित भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई और शुभकामनाएं दी।
’दुग्ध उत्पादन के व्यवसाय से परिवार को सक्षम बनाए’
पशुपालन मंत्री श्री नेताम ने कहा कि सबको शासकीय रोजगार मिले यह संभव नहीं है, लेकिन स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बने यह अपने हाथ में है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में व्यवसाय की काफी संभावनाएं है। गाय, भैंस पालन आमतौर पर कम लागत में घर पर आसानी हो जाता है। इस काम में महिलाएं भी विशेष रूप से हाथ बटातीं हैं। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन का व्यवसाय कर परिवार को सक्षम बना सकते हैं।
’दुग्ध उत्पादन में ज्यादा से ज्यादा परिवारों और महिलाओं को रोजगार मुहैया कराना उद्देश्य’
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के 5 जिलों में दुधारू गाय पालन करने की योजना शुरू की है। इसमें कोई भी ऐसी महिलाएं जो दुग्ध उत्पादन में रूचि रखती हैं, उन महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे अपने क्षेत्र में भी दुग्ध उत्पादन में ज्यादा से ज्यादा परिवारों और महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य ये दुग्ध उत्पादन के व्यवसाय में जोड़ने दुग्ध शीतल संयंत्र भी स्थापित किए गए हैं। दुग्ध एकत्र करने के लिए क्लस्टर तैयार किया गया है।
’दुग्ध उत्पादन से महिलाएं रोजगार और आर्थिक रूप से सशक्त हुई’
इस केन्द्र में पशुपालक अपने दुध को छोड़ते, रोज दुध की एंट्री होती है और 10 दिवस के भीतर उनका भुगतान भी किया जाता है। इससे महिलाएं रोजगार और आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं। कार्यक्रम में दुग्ध कल्याण संघ के अध्यक्ष श्री प्रकाश यदु, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप साहू, सदस्य श्रीमती ईश्वरी गिधौड़े, जनपद सदस्य श्री संतोष यदु, नवागांव के सरपंच श्री धर्मेन्द्र पटेल, परमानंद यादव, उद्योग यदु, गोलू हिरवानी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
ओरछा, फरसगांव, खड़गवां, सोनहत, डौंडी, डोंगरगांव और धमधा में भी खुलेंगे लोक निर्माण विभाग के उप संभागीय कार्यालय
कार्यों में गति लाने, विभागीय कसावट और कड़ी निगरानी के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में भी कार्यालय शुरू कर रहा पीडब्ल्यूडी
पुल-पुलियों के निर्माण में भी आएगी तेजी, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव, बालोद, सारंगढ़ और बैकुंठपुर जैसे दूरवर्ती जिलों में प्रारंभ होंगे सेतु उप संभागीय कार्यालय
रायपुर, 5 सितम्बर 2026
सड़कों, भवनों और पुल-पुलियों के कार्यों में गति लाने तथा इनके निर्माण कार्यों में कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने लोक निर्माण विभाग दूरस्थ क्षेत्रों में भी कार्यालय शुरू कर रहा है। राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के 16 उप संभागीय, दो संभागीय और एक सेतु मंडल कार्यालय के साथ ही इन कार्यालयों के लिए सेट-अप की मंजूरी दे दी है। इनमें से ज्यादातर कार्यालय दूरस्थ क्षेत्रों में खोले जा रहे हैं। इनकी स्थापना से निर्माण कार्यों में तेजी के साथ ही विभागीय कामकाज में कसावट आएगी।
राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के सेतु परिक्षेत्र के अंतर्गत 9 नए कार्यालयों की स्वीकृति प्रदान की है। इनमें जगदलपुर में अधीक्षण अभियंता कार्यालय, रायपुर में कार्यपालन अभियंता कार्यालय सेतु संभाग क्रमांक-2, तथा बीजापुर, सुकमा, कोण्डागांव, बालोद, मुंगेली, सारंगढ़ और बैकुंठपुर में अनुविभागीय अधिकारी (सेतु उप संभाग) कार्यालय शामिल हैं।
राज्य शासन ने भवन एवं सड़क निर्माण के लिए 10 नवीन कार्यालय भी मंजूर किए हैं। इनमें बैकुंठपुर में कार्यपालन अभियंता (कोरिया संभाग) कार्यालय तथा फरसगांव, ओरछा, डोंगरगांव, डौंडी, धमधा, आरंग, खड़गवां, सोनहत और बलौदाबाजार में अनुविभागीय अधिकारी (उप संभाग) कार्यालय शामिल हैं।
किसान किताब और केसीसी कार्ड से सोहन सिंह की खेती-किसानी हुई आसान
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले में किसानों को किसान किताब एवं किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में सुविधा मिल रही है।
जशपुर जिले के ग्राम बरगांव डूमरटोली निवासी किसान सोहन सिंह को किसान किताब के साथ केसीसी कार्ड प्राप्त हुआ है। किसान किताब और केसीसी कार्ड मिलने से उन्हें अब खेती के लिए खाद, बीज सहित अन्य आवश्यक कृषि सामग्री की खरीदी में सहूलियत हो रही है। इससे कृषि कार्यों को समय पर पूरा करने में भी मदद मिल रही है।
किसान सोहन सिंह ने किसान किताब एवं केसीसी कार्ड मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसान किताब मिलने से खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में काफी सुविधा हुई है। उन्होंने इसे किसानों के लिए उपयोगी पहल बताते हुए कहा कि इससे कृषि कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में आसानी हो रही है।
किसान किताब और केसीसी कार्ड की सुविधा से सोहन सिंह जैसे किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने में सहूलियत मिल रही है। राज्य सरकार की यह पहल किसानों को कृषि कार्यों में सुविधा प्रदान करने और उनकी आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विकास की नई राह पर बलौदाबाजार
रायपुर । राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने आज रायपुर जिला के तिल्दा विकासखण्ड के ग्राम सगुनी में विकास और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम में नव निर्मित रंगमंच और अमृत सरोवर का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए शिक्षकों का सम्मान और महिलाओं को पूरक आहार का वितरण किया। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को नया आयाम देते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की गति को तेज कर दिया गया है।
मूलभूत सुविधाओं की पहुंच प्राथमिकता में
मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि बलौदाबाजार विधानसभा के लगभग 260 गांवों और 2 नगरपालिकाओं में विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। विकास कार्यों का आवंटन बिना किसी भेदभाव के किया जा रहा है, ताकि हर पंचायत और गांव को इसका समान लाभ मिल सके। प्रत्येक गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं की पहुंच प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है।
शिक्षा व्यवस्था एवं आंगनबाड़ियों का सुदृढ़ीकरण
ग्रामीण बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करने के लिए व्यापक स्तर पर अधोसंरचना सुधार जारी है। तिल्दा ब्लॉक के 40 स्कूलों में अतिरिक्त कमरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। स्कूलों में पेयजल, बाउंड्री वॉल और शौचालयों का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। इसी तरह हर गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों, खेल मैदानों और सामुदायिक शेड के निर्माण को प्राथमिक सूची में शामिल किया गया है।
गांवों का कायाकल्प और अधोसंरचनात्मक विकास पर विशेष ध्यान
ग्रामीण जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए अधोसंरचनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विधानसभा के 50 गांवों में नई लाइटें लगाने के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर जारी कर दी गई है। गांवों में मुक्तिधाम निर्माण, तालाबों का सौंदर्यकरण और पिंडा-बूतरा निर्माण के कार्य प्रगति पर हैं।राजस्व विभाग के माध्यम से लगभग 15 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी।
17 सितंबर को विकसित भारत के संकल्प के साथ विशेष आयोजन
मंत्री टंक राम वर्मा ने 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से दीप प्रज्वलित कर इसे धूमधाम से मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
कुरूद की ग्राम पंचायतों में योजनाओं और विकास कार्यों का आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने किया निरीक्षण
अमृत सरोवर, बालिका शौचालय, पंचायत भवन और आंगनबाड़ी केंद्र का लिया जायजा
युक्तधारा, सिक्योर एवं क्लार्ट पोर्टल से कार्ययोजना तैयार करने और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के दिए निर्देश
रायपुर, सितंबर 2026

विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-(ग्रामीण) के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने धमतरी जिले के विकासखंड कुरूद की विभिन्न ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत धूमा में बालिका शौचालय निर्माण, अमृत सरोवर एवं पंचायत भवन का निरीक्षण किया। साथ ही ग्राम पंचायत चरमुड़िया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
बालिका शौचालय निर्माण एवं श्रमिकों से की चर्चा
ग्राम पंचायत धूमा में बालिका शौचालय निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए आयुक्त श्री सिन्हा ने कार्य में लगे श्रमिकों से बातचीत की तथा उन्हें मजदूरी भुगतान की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को श्रमिकों के मजदूरी भुगतान के लिए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत में निर्मित अमृत सरोवर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सरोवर से स्व-सहायता समूह द्वारा किए जा रहे मछली पालन की गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने समूह की आयवर्धक गतिविधियों, आजीविका के साधनों और कार्यों की प्रगति के संबंध में सदस्यों से चर्चा की तथा ग्रामीण आजीविका से जुड़े कार्यों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
क्यू आर कोड स्कैन कर देखी ग्राम पंचायत में हुए कार्यों की जानकारी
आयुक्त श्री सिन्हा ने ग्राम पंचायत भवन में क्यू आर कोड स्कैन कर पंचायत में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी का अवलोकन किया। उन्होंने क्लार्ट ऐप एवं युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक से ली। उन्होंने पंचायत स्तर पर योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, समयबद्ध प्रगति तथा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चरमुड़िया आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण
भ्रमण के दौरान आयुक्त श्री सिन्हा ने ग्राम पंचायत चरमुड़िया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं, उपलब्ध सुविधाओं एवं संचालन की स्थिति की जानकारी ली तथा बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया।
कार्ययोजना में स्थानीय जरूरतों को मिले प्राथमिकता
भ्रमण के अंत में जनपद पंचायत कुरूद कार्यालय में कार्यक्रम अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना तैयार करने, कार्यों को ैमबनतम एवं युक्तधारा पोर्टल में शामिल करने तथा स्वीकृति की प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की गई।
आयुक्त श्री सिन्हा ने विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत बारिश के दौरान तथा बारिश के बाद प्राथमिकता के आधार पर किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्यों का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना केवल औपचारिकता न होकर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उपयोगी, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों के निर्माण का आधार बने। उन्होंने कार्यों की समयबद्ध स्वीकृति, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्राम पंचायतों में युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति एवं प्रगति की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का अधिकतम लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
जिला अस्पताल कांकेर की कैंटीन को मिला ‘ईट राइट कैंपस’ का 5-स्टार एक्सेम्प्लरी प्रमाण-पत्र
स्वच्छ, सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन कांकेर ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिला अस्पताल कांकेर की कैंटीन को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा ‘ईट राइट कैंपस’ के रूप में 5-स्टार ‘एक्सेम्प्लरी’ प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। यह प्रमाण-पत्र 2 सितंबर 2026 से 1 सितंबर 2028 तक प्रभावी है। यह उपलब्धि जिला अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों एवं अस्पताल के कर्मचारियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।
‘ईट राइट कैंपस’ पहल का उद्देश्य संस्थानों में सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देना तथा लोगों में संतुलित और स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूकता विकसित करना है। जिला अस्पताल की कैंटीन का इस पहल के तहत ‘एक्सेम्प्लरी’ श्रेणी में 5-स्टार प्रमाणन प्राप्त करना कांकेर जिले में खाद्य सुरक्षा एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है।
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ अस्पताल परिसर में उपलब्ध खाद्य व्यवस्था को भी गुणवत्तापूर्ण बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका सीधा लाभ अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को मिलेगा।
जिला अस्पताल कांकेर की कैंटीन का यह प्रमाणन भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित ‘ईट राइट कैंपस’ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है। प्रमाण-पत्र पर FSSAI के कार्यकारी निदेशक श्री यू.एस. ध्यानी के हस्ताक्षर हैं। इस उपलब्धि में FSDA कांकेर की कार्यान्वयन भागीदारी, Onecrew Services Private Limited की ऑडिटिंग भागीदारी तथा Gyancity Educational Trust की प्रशिक्षण भागीदारी रही।
जिला अस्पताल कांकेर की कैंटीन को मिला यह प्रमाण-पत्र जिला प्रशासन कांकेर की ‘स्वस्थ जिला’ की दिशा में प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण परिणाम है। प्रशासन का प्रयास है कि शासकीय संस्थानों में नागरिकों को बेहतर सुविधाओं के साथ सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ भी उपलब्ध हों 5-स्टार ‘एक्सेम्प्लरी’ प्रमाणन कांकेर जिले के लिए गौरव की उपलब्धि है और यह स्वस्थ खान-पान एवं खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को नई पहचान प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली अमर सिंह की जिंदगी
रायपुर । बरसात के दिनों में टपकती खपरैल और सीलन भरी मिट्टी की दीवारें नारायणपुर नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 07 में रहने वाले 45 वर्षीय अमर सिंह उईके का परिवार वर्षों से इन्हीं दुश्वारियों के बीच गुजर-बसर कर रहा था। सीमित आय के कारण अपने परिवार के लिए एक पक्का मकान बनाना अमर सिंह के लिए एक दूर की कौड़ी जैसा था। मौसम की हर मार परिवार की चिंता और असुरक्षा को बढ़ा देती थी, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) ने इस बेबसी को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है।
वार्ड शिविर से बदली किस्मत
नारायणपुर जिले के नारायणपुर नगर पालिका परिषद के निवासी अमर सिंह के जीवन में नया मोड़ तब आया, जब उन्हें नगरपालिका द्वारा आयोजित एक वार्ड शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत नगरपालिका परिषद नारायणपुर कार्यालय पहुंचकर प्रक्रिया समझी और जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर दिया। योजना के तहत उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उनके अपने पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में कदम बढ़ गए।
3.05 लाख रुपए की लागत से बना सपनों का घर
योजना के तहत स्वीकृत 29 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अमर सिंह का सुंदर और सुरक्षित पक्का मकान बनकर तैयार हुआ है। इस आवास का निर्माण 3.05 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से हुआ है, जिसमें केंद्रांश 1.50 लाख रुपये, राज्यांश 0.76 लाख रुपये और हितग्राही अंश 0.79 लाख रुपये शामिल है।
मिला मानसिक सुकून और बेहतर भविष्य की मजबूत बुनियाद
आज अमर सिंह उईके अपने परिवार के साथ इस सुरक्षित आशियाने में रह रहे हैं। अब न तो उन्हें भारी बारिश का डर सताता है और न ही हर साल घर की मरम्मत की चिंता रहती है। पक्के मकान ने उनके परिवार को न केवल छत दी है, बल्कि सम्मान और मानसिक शांति के साथ जीने का नया हौसला भी दिया है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए अमर सिंह कहते हैं कि यह पक्का घर हमारे लिए सिर्फ ईंट-सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि मेरे परिवार की सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत बुनियाद है। वर्षों पुराना सपना सच करने के लिए मैं केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नगर पालिका प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ।
सरकार प्रदेश के युवा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति संवेदनशील- उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू करने को प्रतिबद्ध सरकार
5वें सेमेस्टर में अटके छात्रों को मिली बड़ी राहत, अध्यादेश में होगा संशोधन
रायपुर, सितंबर 2026
प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत पढ़ रहे हजारों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बेहद संवेदनशील और बड़ा निर्णय लिया है। प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक-दो प्रश्नपत्रों (पेपर्स) में असफल होने के कारण 5वें सेमेस्टर में प्रवेश से वंचित हो रहे छात्रों को अब सरकार ने बड़ी राहत देते हुए अंतरिम (Academic Year) प्रवेश देने की घोषणा की है। इस फैसले से हजारों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष (।बंकमउपब ल्मंत) खराब होने से बच जाएगा। मामले की गंभीरता और युवाओं के हित को सर्वाेपरि रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि छम्च् के क्रियान्वयन में आ रही किसी भी व्यावहारिक अड़चन को दूर करने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पबद्ध है।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग और हमारी सरकार प्रदेश के युवा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। राज्य में नई शिक्षा नीति (NEP)को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए हम पूरी तरह कटिबद्ध हैं। इसे लागू करने की प्रक्रिया में यदि कोई भी व्यावहारिक समस्या या व्यवधान उत्पन्न होता है, तो युवाओं के स्वर्णिम भविष्य और उनके सर्वांगीण उत्थान को ध्यान में रखकर उसका त्वरित समाधान निकाला जाएगा। इसी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि जो छात्र प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक या दो पेपर्स में अनुत्तीर्ण होने की वजह से 5 वें सेमेस्टर में दाखिला नहीं ले पा रहे थे, उन्हें अब 5 वें सेमेस्टर में अनंतिम रूप से प्रवेश दिया जाएगा। छात्रों के व्यापक हित को देखते हुए संबंधित अध्यादेश में समय रहते आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे। सरकार प्रदेश के सभी युवाओं के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना करती है।
कुरूद की ग्राम पंचायतों में योजनाओं और विकास कार्यों का आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने किया निरीक्षण
रायपुर । विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-(ग्रामीण) के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा ने धमतरी जिले के विकासखंड कुरूद की विभिन्न ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत धूमा में बालिका शौचालय निर्माण, अमृत सरोवर एवं पंचायत भवन का निरीक्षण किया। साथ ही ग्राम पंचायत चरमुड़िया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
बालिका शौचालय निर्माण एवं श्रमिकों से की चर्चा
ग्राम पंचायत धूमा में बालिका शौचालय निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए आयुक्त श्री सिन्हा ने कार्य में लगे श्रमिकों से बातचीत की तथा उन्हें मजदूरी भुगतान की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को श्रमिकों के मजदूरी भुगतान के लिए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत में निर्मित अमृत सरोवर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सरोवर से स्व-सहायता समूह द्वारा किए जा रहे मछली पालन की गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने समूह की आयवर्धक गतिविधियों, आजीविका के साधनों और कार्यों की प्रगति के संबंध में सदस्यों से चर्चा की तथा ग्रामीण आजीविका से जुड़े कार्यों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
क्यू आर कोड स्कैन कर देखी ग्राम पंचायत में हुए कार्यों की जानकारी
आयुक्त श्री सिन्हा ने ग्राम पंचायत भवन में क्यू आर कोड स्कैन कर पंचायत में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी का अवलोकन किया। उन्होंने क्लार्ट ऐप एवं युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक से ली। उन्होंने पंचायत स्तर पर योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, समयबद्ध प्रगति तथा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चरमुड़िया आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण
भ्रमण के दौरान आयुक्त श्री सिन्हा ने ग्राम पंचायत चरमुड़िया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं, उपलब्ध सुविधाओं एवं संचालन की स्थिति की जानकारी ली तथा बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया।
कार्ययोजना में स्थानीय जरूरतों को मिले प्राथमिकता
भ्रमण के अंत में जनपद पंचायत कुरूद कार्यालय में कार्यक्रम अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना तैयार करने, कार्यों को ैमबनतम एवं युक्तधारा पोर्टल में शामिल करने तथा स्वीकृति की प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की गई।
आयुक्त श्री सिन्हा ने विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत बारिश के दौरान तथा बारिश के बाद प्राथमिकता के आधार पर किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्यों का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना केवल औपचारिकता न होकर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उपयोगी, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों के निर्माण का आधार बने। उन्होंने कार्यों की समयबद्ध स्वीकृति, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्राम पंचायतों में युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति एवं प्रगति की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का अधिकतम लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से कांकेर जिले के 24 शिक्षक सम्मानित
रायपुर । शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला पंचायत कांकेर में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के 24 शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें प्राथमिक शालाओं के 21 शिक्षकों को शिक्षा दूत पुरस्कार तथा माध्यमिक शालाओं के 03 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार प्रदान किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार के लिए जिले के प्रत्येक विकासखंड से 03-03 शिक्षकों का विकासखंड स्तर पर चयन किया गया था। इसी प्रकार ज्ञानदीप पुरस्कार के लिए माध्यमिक शाला के 03 शिक्षकों का जिला स्तर पर चयन किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित प्रत्येक शिक्षक को 5 हजार रुपये तथा ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित प्रत्येक शिक्षक को 7 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि के साथ प्रशस्ति पत्र मोमेन्टो प्रदान की गई। इस प्रकार कुल 24 शिक्षकों को सम्मानित करते हुए 1 लाख 26 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
शिक्षकों को बच्चों का भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए: विधायक श्री नेताम
मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षक पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक कांकेर आशाराम नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से सम्मानित होना शिक्षकों के लिए गौरव की बात है। शिक्षक बच्चों को गढ़ने का काम करते हैं और आज के कार्यक्रम में बच्चों के भविष्य को गढ़ने वाले शिक्षकों का सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य शिक्षक भी सम्मानित शिक्षकों से प्रेरणा लें और बच्चों का भविष्य संवारने के लिए निरंतर समर्पण के साथ कार्य करें।
विधायक श्री नेताम ने कहा कि विद्यार्थी अपने शिक्षक को हमेशा याद रखते हैं। शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है, इसलिए शिक्षकों को अपने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनका उचित मार्गदर्शन भी करना चाहिए। शासकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर बनाए रखने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर जोर देते हुए विधायक श्री नेताम ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे सामान्य परिवारों से आते हैं। उन्हें बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उनके भविष्य को संवारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमारे शासकीय स्कूल किसी भी तरह से निजी स्कूलों से कम नहीं होने चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों को गढ़ने और उनका भविष्य संवारने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। अपने दायित्वों का भली-भांति निर्वहन करते हुए शिक्षक स्वयं को सम्मान का हकदार बनाएं।
शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित 21 शिक्षक
अंतागढ़ विकासखंड से श्रीमती हेमलता मांझी, प्राथमिक शाला भैरगांव; राधेश्याम ठाकुर, प्राथमिक शाला दर्राेखलारी तथा मुकेश कुमार साहू, प्राथमिक शाला कुदुरपाल को शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भानुप्रतापपुर विकासखंड से शेख अमजद, प्राथमिक शाला नयापारा कुंडी; हरिश्चंद्र ठाकुर, प्राथमिक शाला कोकड़े तथा पुरुषोत्तम किरशाने, प्राथमिक शाला आमापारा भानबेड़ा को पुरस्कार प्रदान किया गया। चारामा विकासखंड से श्रीमती सरला सिन्हा, शासकीय प्राथमिक शाला चारामा; संतोष सिन्हा, शासकीय प्राथमिक शाला रंगोपारा मरकाटोला तथा शिव कुमार सिन्हा, शासकीय प्राथमिक शाला केकतीपारा को शिक्षा दूत पुरस्कार मिला। दुर्गूकोंदल विकासखंड से नरेंद्र कुमार उयके, शासकीय प्राथमिक शाला मदले; सुकदेव कोड़ोपी, शासकीय प्राथमिक शाला नेलचांग तथा अनिल कुमार साहू, शासकीय प्राथमिक शाला चिहरो को पुरस्कार प्रदान किया गया।
कांकेर विकासखंड से श्रीमती भगवती ठाकुर, शासकीय प्राथमिक शाला डुमाली छोटेपारा; श्रीमती त्रिवेणी जैन, शासकीय प्राथमिक शाला सरंगपाल तथा श्रीमती रिया मरकाम, शासकीय प्राथमिक शाला भट्टीपारा देवरी को शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कोयलीबेड़ा विकासखंड से तुमेश्वर कुमार विश्वकर्मा, शासकीय प्राथमिक शाला छिंदटोला; रविंद्रनाथ सरदार, शासकीय पीएमश्री विद्यालय पी.टी.ई. 83 तथा श्रीमती दुर्गामनी नेताम, शासकीय प्राथमिक शाला ढुढ़ापारा को पुरस्कार प्रदान किया गया नरहरपुर विकासखंड से दिनेश कुमार साहू, शासकीय प्राथमिक शाला मावलीपारा; श्रीमती सविता नेताम, शासकीय प्राथमिक शाला माखाड़ी तथा झुमर सिंह नेताम, शासकीय प्राथमिक शाला नयापारा भिरौद को शिक्षा दूत पुरस्कार प्रदान किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित सभी 21 शिक्षकों को 5-5 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि के साथ शाल - श्री फल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान की गई।
ज्ञानदीप पुरस्कार से तीन शिक्षक सम्मानित
ज्ञानदीप पुरस्कार से चारामा विकासखंड की सुश्री खुशबू जैन शासकीय माध्यमिक शाला खैरवाही; कांकेर विकासखंड की श्रीमती रवी नाग शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुमाली तथा दुर्गूकोंदल विकासखंड के मधुराम नेताम शासकीय माध्यमिक शाला सुखई को सम्मानित किया गया।ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित प्रत्येक शिक्षक को 7 हजार रुपये की पुरस्कार राशि,शाल -श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं मोमेन्टो प्रदान की गई।
गोंडी भाषा सीखकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने वाले शिक्षक मुकेश साहू हुए सम्मानित
शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित अंतागढ़ विकासखंड के प्राथमिक शाला कुदुरपाल के सहायक शिक्षक (एल.बी.) मुकेश कुमार साहू ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी पदस्थापना वर्ष 2010 में कुदुरपाल में हुई थी। उस समय क्षेत्र के अधिकांश बच्चे अपनी स्थानीय गोंडी भाषा में ही बातचीत करते थे तथा उन्हें हिंदी और अंग्रेजी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं था। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उन्हें शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से उन्होंने स्वयं सबसे पहले गोंडी भाषा सीखी। इसके बाद वे बच्चों से उनकी स्थानीय गोंडी भाषा में संवाद करने लगे और धीरे-धीरे उन्हें हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा का ज्ञान देना शुरू किया। श्री साहू ने बताया कि इस प्रयास से बच्चों में भाषा को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें अपने गांव से बाहर अन्य स्थानों पर लोगों से बातचीत करने में भाषा संबंधी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा। शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित होने पर मुकेश कुमार साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
शिक्षक सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, नगर पालिका अध्यक्ष अरूण कौशिक, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, शिशुपाल शोरी, नगर पालिका उपाध्यक्ष उत्तम यादव, महेश जैन, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, राजीव लोचन सिंह, ईश्वर कावड़े, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद सहित शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सरकार प्रदेश के युवा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति संवेदनशील : टंक राम वर्मा
रायपुर । प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत पढ़ रहे हजारों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बेहद संवेदनशील और बड़ा निर्णय लिया है। प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक-दो प्रश्नपत्रों (पेपर्स) में असफल होने के कारण 5वें सेमेस्टर में प्रवेश से वंचित हो रहे छात्रों को अब सरकार ने बड़ी राहत देते हुए अंतरिम (Academic Year) प्रवेश देने की घोषणा की है। इस फैसले से हजारों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष (।बंकमउपब ल्मंत) खराब होने से बच जाएगा। मामले की गंभीरता और युवाओं के हित को सर्वाेपरि रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि छम्च् के क्रियान्वयन में आ रही किसी भी व्यावहारिक अड़चन को दूर करने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पबद्ध है।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग और हमारी सरकार प्रदेश के युवा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। राज्य में नई शिक्षा नीति (NEP)को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए हम पूरी तरह कटिबद्ध हैं। इसे लागू करने की प्रक्रिया में यदि कोई भी व्यावहारिक समस्या या व्यवधान उत्पन्न होता है, तो युवाओं के स्वर्णिम भविष्य और उनके सर्वांगीण उत्थान को ध्यान में रखकर उसका त्वरित समाधान निकाला जाएगा। इसी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि जो छात्र प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक या दो पेपर्स में अनुत्तीर्ण होने की वजह से 5 वें सेमेस्टर में दाखिला नहीं ले पा रहे थे, उन्हें अब 5 वें सेमेस्टर में अनंतिम रूप से प्रवेश दिया जाएगा। छात्रों के व्यापक हित को देखते हुए संबंधित अध्यादेश में समय रहते आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे। सरकार प्रदेश के सभी युवाओं के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना करती है।
अपूर्ण आवासों को पूर्ण कराने सरगुजा जिले में लग रही ‘आवास चौपाल’
हितग्राहियों से सीधा संवाद कर रेत, सीमेंट, किस्त और सेंटिंग प्लेट सहित निर्माण संबंधी समस्याओं का किया जा रहा समाधान
बिहान समूह की दीदियों और राजमिस्त्रियों की सहभागिता से प्रत्येक आवास के लिए तैयार की जा रही कार्ययोजना
रायपुर, सितंबर 2026




प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत सरगुजा जिले में अपूर्ण एवं अप्रारंभ आवासों के निर्माण में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष पहल की जा रही है। जिले के सभी 7 जनपद पंचायतों की उन ग्राम पंचायतों में, जहां अपेक्षाकृत अधिक आवास अपूर्ण हैं, ‘आवास चौपाल’ आयोजित कर हितग्राहियों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जा रहा है। चौपाल के माध्यम से हितग्राहियों से सीधा संवाद कर उन्हें आवास निर्माण शीघ्र पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
आवास चौपाल में ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच, पंच, अपूर्ण एवं अप्रारंभ आवासों के हितग्राही, बिहान समूह की दीदियां तथा स्थानीय राजमिस्त्री शामिल हो रहे हैं। चौपाल में अधिकारियों द्वारा प्रत्येक हितग्राही से आवास निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली जा रही है तथा निर्माण कार्य में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों की पहचान की जा रही है।
हितग्राहियों द्वारा रेत एवं सीमेंट की उपलब्धता, आवास की किस्त प्राप्त होने, सेंटिंग प्लेट की व्यवस्था तथा अन्य निर्माण संबंधी समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। इन समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभागों एवं स्थानीय स्तर पर आवश्यक समन्वय कर हितग्राहियों को सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
*प्रत्येक आवास के लिए तैयार होगी अलग कार्ययोजना*
आवास चौपाल का उद्देश्य केवल समस्याओं की पहचान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक अपूर्ण एवं अप्रारंभ आवास को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए व्यक्तिगत कार्ययोजना तैयार करना भी है। राजमिस्त्रियों एवं बिहान समूह की दीदियों की सहभागिता से आवास निर्माण की प्रगति पर सतत नजर रखी जाएगी। हितग्राहियों को निर्माण कार्य के प्रत्येक चरण में आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
बिहान समूह की दीदियों को हितग्राहियों से निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए उन्हें आवास निर्माण के लिए प्रेरित करने तथा निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं स्थानीय राजमिस्त्रियों को गुणवत्तापूर्ण निर्माण तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप समय-सीमा में आवास पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
*100 प्रतिशत हितग्राहियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश*
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री रोमा श्रीवास्तव ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवास चौपाल में अपूर्ण एवं अप्रारंभ आवास वाले शत-प्रतिशत हितग्राहियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रत्येक हितग्राही से आवास की वास्तविक स्थिति और निर्माण में आ रही बाधाओं की जानकारी लेकर उनका प्राथमिकता से निराकरण किया जाए।
उन्होंने राजमिस्त्री एवं बिहान समूह की दीदियों के सहयोग से प्रत्येक आवास के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने तथा निर्माण कार्य की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही हितग्राहियों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
*गांव में ही मिल रहा समस्याओं का समाधान*
सरगुजा जिले में आयोजित की जा रही ‘आवास चौपाल’ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों की समस्याओं को गांव में ही सुनने और उनके समाधान का प्रभावी माध्यम बन रही है। हितग्राहियों से सीधा संवाद, स्थानीय राजमिस्त्रियों और बिहान समूह की दीदियों की सहभागिता तथा आवासवार कार्ययोजना के माध्यम से जिला प्रशासन अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। इससे पात्र परिवारों को जल्द से जल्द सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ की मुहिम को वैश्विक संकल्प से मिली नई ताकत
रायपुर । बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा 27 नवंबर को ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ घोषित किए जाने से नई ताकत मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता देते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा जिला एवं मैदानी स्तर पर जागरूकता, निगरानी और रोकथाम की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है।
यह निर्णय भारत के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 27 नवंबर 2024 को ही देश में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत की गई थी। भारत से शुरू हुई इस मुहिम को अब वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलना बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
छत्तीसगढ़ में बाल विवाह की दर में आई उल्लेखनीय कमी
राज्य में बाल विवाह रोकथाम के लिए शासन, प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, पंचायतों, स्कूलों और सामाजिक संगठनों के समन्वित प्रयासों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (2019-21) के अनुसार छत्तीसगढ़ में 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करने वाली लड़कियों का प्रतिशत 12.1 प्रतिशत था, जो राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (2023-24) में घटकर 10.1 प्रतिशत रह गया है।
बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के साथ ही राज्य में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। समुदायों, पंचायतों, स्कूलों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और पुलिस की भागीदारी से बाल विवाह की सूचना मिलने पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 8,414 बाल विवाह रुकवाए गए
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (श्रत्ब्) और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा भी राज्य में बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 8 सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर 8,414 बाल विवाह रुकवाए गए हैं। यह आंकड़ा राज्य में शासन और सामाजिक संगठनों के साझा प्रयासों तथा बढ़ती जनजागरूकता को दर्शाता है।
27 नवंबर को वैश्विक स्तर पर मजबूत होगा संकल्प
संयुक्त राष्ट्र महासभा में सिएरा लियोन द्वारा भारत सहित 67 देशों के समर्थन से प्रस्तुत प्रस्ताव को 4 सितंबर को पारित किया गया। इसके तहत 27 नवंबर को बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया है।
27 नवंबर 2024 को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के दौरान 25 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली गई थी। अब संयुक्त राष्ट्र की घोषणा से इस अभियान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और व्यापक जनभागीदारी मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बालिका को शिक्षा, सुरक्षा और विकास के समान अवसर मिलें तथा बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूरी तरह उन्मूलन हो। राज्य के सतत प्रयास 2030 तक बाल विवाह समाप्त करने के वैश्विक संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
अवैध रेत एवं गिट्टी परिवहन में 8 ट्रैक्टर वाहन जब्त
रायपुर । जिले में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच एवं कार्रवाई कर अवैध रेत एवं गिट्टी परिवहन करते पाए गए 8 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है। खनिज विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में ग्राम खंता से रेत परिवहन करते 2 ट्रैक्टर, रूमगा से 2 ट्रैक्टर, चिचगोहना से 1 ट्रैक्टर, कोरजा से 1 ट्रैक्टर एवं लालपुर से 1 ट्रैक्टर वाहन तथा कोटमी से गिट्टी का अवैध परिवहन करते 1 ट्रैक्टर वाहन जब्त किया गया। जब्त वाहनों में से 4 ट्रैक्टर वाहनों को गौरेला थाना, 3 ट्रैक्टर वाहनों को कोटमी चौकी तथा 1 ट्रैक्टर वाहन को मरवाही थाना में सुरक्षित रखा गया है। खनिज विभाग द्वारा जब्त वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जिले में अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण परीक्षण कर समयबद्ध एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुपालन में खनिज विभाग द्वारा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मैदानी स्तर पर सतत निगरानी की जा रही है। कार्रवाई में आदित्य मानकर, सहायक खनि अधिकारी, सुजीत कंवर खनि निरीक्षक, शिवकुमार लहरे खनि सिपाही तथा साहिब गनी एवं सतीश साहू नगर सैनिक शामिल रहे।
जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में अवैध खनन, उत्खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर खनिज विभाग की त्वरित कार्रवाई
अवैध रेत एवं गिट्टी परिवहन में 8 ट्रैक्टर वाहन जब्त
रायपुर, 5 सितंबर 2026
जिले में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच एवं कार्रवाई कर अवैध रेत एवं गिट्टी परिवहन करते पाए गए 8 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है। खनिज विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में ग्राम खंता से रेत परिवहन करते 2 ट्रैक्टर, रूमगा से 2 ट्रैक्टर, चिचगोहना से 1 ट्रैक्टर, कोरजा से 1 ट्रैक्टर एवं लालपुर से 1 ट्रैक्टर वाहन तथा कोटमी से गिट्टी का अवैध परिवहन करते 1 ट्रैक्टर वाहन जब्त किया गया। जब्त वाहनों में से 4 ट्रैक्टर वाहनों को गौरेला थाना, 3 ट्रैक्टर वाहनों को कोटमी चौकी तथा 1 ट्रैक्टर वाहन को मरवाही थाना में सुरक्षित रखा गया है। खनिज विभाग द्वारा जब्त वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने जिले में अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण परीक्षण कर समयबद्ध एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुपालन में खनिज विभाग द्वारा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मैदानी स्तर पर सतत निगरानी की जा रही है। कार्रवाई में आदित्य मानकर, सहायक खनि अधिकारी, सुजीत कंवर खनि निरीक्षक, शिवकुमार लहरे खनि सिपाही तथा साहिब गनी एवं सतीश साहू नगर सैनिक शामिल रहे।
जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में अवैध खनन, उत्खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।