छत्तीसगढ़ / रायपुर
रंग-तरंग में सजेगा छत्तीसगढ़ का लोक-संगीत, संस्कृति और आधुनिक सुरों का संगम
1 से 3 सितंबर तक मुक्ताकाशी मंच पर होगा भव्य आयोजन, पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियों के साथ दिखेगा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का रंग
रायपुर, 30 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और आधुनिक सुरों के अनूठे संगम को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘रंग तरंग’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक आयोजन 1, 2 एवं 3 सितंबर 2026 को प्रतिदिन शाम 7 बजे से रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा।
‘रंग तरंग’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को नए और आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियों के साथ संगीत की विभिन्न विधाओं का संगम देखने-सुनने को मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें समकालीन संगीत के साथ जोड़कर व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है।
लोक वाद्यों की गूंज के साथ सजेगी संगीत की महफिल
‘रंग तरंग’ को संस्कृति, रंगों और सुरों का फ्यूजन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं से जुड़े वाद्ययंत्रों और कलाकारों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पारंपरिक वाद्यों की धुनों के साथ आधुनिक संगीत का मेल दर्शकों को सांस्कृतिक विरासत का नया अनुभव प्रदान करेगा।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया मंच
तीन दिवसीय इस आयोजन के जरिए प्रदेश की विविध लोक परंपराओं, संगीत शैलियों और वाद्य संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी जीवंत लोक कलाओं और संगीत परंपराओं से रही है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलने के साथ ही आम लोगों, विशेषकर युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘रंग तरंग’ में लोक और आधुनिकता का यह मेल दर्शकों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को करीब से जानने का अवसर भी बनेगा।
तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन रायपुरवासियों और प्रदेश की कला-संस्कृति में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। ‘रंग तरंग’ छत्तीसगढ़ की लोकधुनों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और आधुनिक संगीत को एक ही मंच पर लाकर संस्कृति के विविध रंगों को सुरों की तरंगों में पिरोने की पहल है।
‘मन की बात’ नवाचारों और प्रेरक प्रयासों को देती है राष्ट्रीय पहचान : विष्णु देव साय
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को निरंजन धर्मशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी का श्रवण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी का देश के 140 करोड़ नागरिकों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे नवाचारों, प्रेरक प्रयासों और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले लोगों की उपलब्धियों को पूरे देश के सामने रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशवासियों को प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाले ‘मन की बात’ कार्यक्रम की प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इसमें ऐसे अनेक विषयों और व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हैं, जिनके बारे में सामान्यतः देश के लोगों को जानकारी नहीं मिल पाती। इससे जहां अच्छे कार्य करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ता है, वहीं उनके प्रयास लाखों देशवासियों के लिए प्रेरणा बनते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे देश के दूरस्थ गांवों और छोटे-छोटे क्षेत्रों में अनेक लोग बिना किसी प्रचार और स्वार्थ के समाज तथा राष्ट्रहित में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। कोई पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहा है, कोई स्वच्छता के लिए कार्य कर रहा है, तो कोई स्थानीय संसाधनों के माध्यम से नवाचार कर अपने क्षेत्र में बदलाव ला रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से ऐसे सामान्य लोगों के असाधारण कार्यों को राष्ट्रीय पहचान देते हैं। इससे देश में सकारात्मकता और जनभागीदारी की भावना मजबूत होती है तथा दूसरे लोगों को भी कुछ नया और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।
‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के संकल्प को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रखना परिवार, समाज और राष्ट्र सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज को झेलने पड़ते हैं। स्वस्थ, समर्थ और ऊर्जावान युवा पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से नशामुक्ति के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने और युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
‘हर घर तिरंगा’ में दिखा देशवासियों का राष्ट्रप्रेम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के प्रति देशवासियों के अभूतपूर्व उत्साह का भी उल्लेख किया। अभियान के अंतर्गत 8 करोड़ से अधिक देशवासियों ने तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड की। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्रध्वज के प्रति देशवासियों के सम्मान, गौरव और गहरे भावनात्मक जुड़ाव की अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ आज जन-जन का अभियान बन चुका है। ऐसे अभियान राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के साथ प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका और कर्तव्यों का स्मरण कराते हैं।
पीएम स्वनिधि से मातृशक्ति को मिल रही आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की भी चर्चा की। रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को योजना के माध्यम से अपने कारोबार को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और देशभर में करीब 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर अपने छोटे व्यवसायों को नई गति दे रही हैं। आर्थिक रूप से सशक्त महिला न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाती है, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
स्वच्छता केवल अभियान नहीं, जन-जन का संकल्प बने
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है। स्वच्छता में स्थायी परिवर्तन तभी संभव है, जब यह केवल सरकारी अभियान न रहकर प्रत्येक नागरिक की आदत और जिम्मेदारी बने।
उन्होंने कहा कि जब किसी गांव, शहर अथवा क्षेत्र के लोग स्वयं अपने परिवेश को स्वच्छ रखने का संकल्प लेते हैं, तो उसका प्रभाव केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उस स्थान की पहचान और वहां के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव आता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घर, मोहल्ले, गांव, शहर और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
अंतरिक्ष विज्ञान में बेटियों की उड़ान, छत्तीसगढ़ की महिमा राजपूत पर गर्व
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज भारत की बेटियां अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं। उनकी आकांक्षाओं की उड़ान अब धरती से अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में मिशन शक्ति सैट जैसे प्रेरक प्रयास का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से भारत सहित विभिन्न देशों की हजारों छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी को समझने, सीखने और नवाचार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का विषय है कि प्रदेश की महिमा राजपूत भी इस महत्वपूर्ण मुहिम का हिस्सा बनी हैं। उन्होंने महिमा राजपूत को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उनकी उपलब्धियां प्रदेश की दूसरी बेटियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करती हैं।
‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ की विभिन्न कड़ियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर छत्तीसगढ़ और यहां के उल्लेखनीय प्रयासों का उल्लेख किया है। बस्तर ओलंपिक से लेकर मल्हार में मिले प्राचीन ताम्रपत्रों और काले हिरण के संरक्षण तक, छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं और उपलब्धियों को प्रधानमंत्री ने देशवासियों के सामने रखा है।
.उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के नवाचारों, संस्कृति, विरासत और सकारात्मक प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर स्थान दिया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गौरव की बात है। इससे छत्तीसगढ़ के अच्छे कार्यों को देशभर में पहचान मिलने के साथ प्रदेश के लोगों का उत्साह भी बढ़ता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों को एक सूत्र में जोड़ती है। यह कार्यक्रम नागरिकों को स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, नवाचार, समाजसेवा और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों के लिए प्रेरित करने के साथ जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है। प्रधानमंत्री मोदी का यह सतत संवाद देशवासियों में कर्तव्यबोध जगाकर विकसित भारत के निर्माण में अपना सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू एवं पुरंदर मिश्रा, संतजन, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधिगण तथा नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर : इतिहास, संस्कृति और स्वदेशी से आत्मनिर्भरता तक—‘मन की बात’ में देश की विकास यात्रा के विविध आयामों पर प्रधानमंत्री का प्रेरक संदेश
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने शासकीय आवास में सुना ‘मन की बात’ का 137वां संस्करण, कहा—प्रधानमंत्री का संवाद जनभागीदारी और राष्ट्रनिर्माण की भावना को देता है नई ऊर्जा
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज रायपुर स्थित अपने शासकीय आवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया। इस अवसर पर अंबिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिक उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देश की विविध उपलब्धियों, सामाजिक सरोकारों, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया। कार्यक्रम में इतिहास को डिजिटल माध्यमों से संरक्षित करने के अभिनव प्रयासों से लेकर युवाओं को नशे से दूर रखने, स्वच्छता, स्थानीय उद्यमिता, कृषि में वैज्ञानिक नवाचार और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषय प्रमुखता से सामने आए।
डिजिटल माध्यमों से इतिहास और विरासत के संरक्षण पर जोर
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने इतिहास और देश की समृद्ध विरासत को आधुनिक डिजिटल माध्यमों के जरिए सहेजने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऐसे प्रयासों को आने वाली पीढ़ियों को अपने अतीत, गौरव और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान और हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। इतिहास, लोक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक धरोहरों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से संरक्षित करना समय की आवश्यकता है। इससे हमारी विरासत आने वाली पीढ़ियों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।
नशा मुक्त युवा और विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान के तहत ड्रग फ्री इंडिया के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उनकी ऊर्जा को रचनात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में लगाने पर विशेष जोर दिया गया।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि युवा शक्ति भारत के भविष्य की आधारशिला है। स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान दे सकते हैं। समाज के हर वर्ग को मिलकर युवाओं के लिए सकारात्मक और प्रेरक वातावरण तैयार करना होगा।
तिरंगा यात्रा ने जगाई राष्ट्रप्रेम की भावना
प्रधानमंत्री ने अगस्त माह में देशभर में आयोजित भव्य तिरंगा यात्राओं का उल्लेख करते हुए इनमें लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी को राष्ट्रभावना की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है।
रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनाने में पीएम स्वनिधि की भूमिका
‘मन की बात’ में छोटे रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली पीएम स्वनिधि योजना का भी उल्लेख किया गया। इस योजना के माध्यम से छोटे उद्यमियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग और आत्मनिर्भरता का अवसर मिल रहा है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छोटे व्यवसाय हमारे स्थानीय अर्थतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जब एक छोटा दुकानदार, ठेला संचालक या रेहड़ी-पटरी व्यवसायी अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा होता है, तो इसका सीधा लाभ उसके परिवार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलता है।
स्वच्छता को निरंतर जनआंदोलन बनाए रखने का संदेश
प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान की निरंतरता पर भी चर्चा की और स्वच्छता को केवल किसी अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन की आदत और सामाजिक जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि स्वच्छता और पर्यटन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। स्वच्छ पर्यटन स्थल न केवल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा करते हैं। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में स्वच्छता की महत्वपूर्ण भूमिका है।
अमरनाथ यात्रा और आध्यात्मिक पर्यटन की समृद्ध परंपरा
प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न हुई श्री अमरनाथ जी की पावन यात्रा का उल्लेख करते हुए देश की आध्यात्मिक एवं धार्मिक यात्रा परंपरा की व्यापकता को रेखांकित किया। भारत में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक यात्राएं हमारी प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखती हैं। छत्तीसगढ़ भी राम वन गमन पथ, माता कौशल्या की नगरी और अनेक प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के माध्यम से देश की आध्यात्मिक पर्यटन परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
कृषि में आधुनिक विज्ञान और नवाचार से किसानों की समृद्धि
प्रधानमंत्री ने किसानों की आय और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक नवाचारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कृषि में नई तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और नवाचारों का उपयोग किसानों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप अधिक सक्षम बनाने में सहायक है।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि कृषि में विज्ञान और तकनीक का समावेश किसानों के लिए नए अवसर खोल रहा है। आधुनिक नवाचारों के साथ स्थानीय अनुभव और पारंपरिक ज्ञान का समन्वय खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बना सकता है।
‘Vocal for Local’ से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘Vocal for Local’ के मंत्र को भी दोहराया। स्थानीय उत्पादों को अपनाने और उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने से कारीगरों, शिल्पकारों, छोटे उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि हमारे स्थानीय शिल्प, हस्तकला, लोककलाएं और पारंपरिक उत्पाद केवल वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान के वाहक हैं। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से संस्कृति का संरक्षण होने के साथ-साथ कलाकारों और कारीगरों की आजीविका भी मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी की प्रेरक कहानियों को सामने लाने का प्रभावी माध्यम है। ऐसे संवाद समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और नागरिकों को अपने स्तर पर राष्ट्रहित में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी संबोधन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को एक-दूसरे से जोड़ने और देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे रचनात्मक प्रयासों को साझा करने का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन हमें अपनी संस्कृति, पर्यावरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, युवा शक्ति और विकास के लिए निरंतर बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।
रायपुर में 30 स्पा सेंटरों पर पुलिस का छापा, ग्राहकों-कर्मचारियों के रिकॉर्ड खंगाले
रायपुर । राजधानी रायपुर में स्पा सेंटरों में नियमों के पालन और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने शनिवार को बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 30 स्पा सेंटरों की एक साथ जांच की गई। कार्रवाई के लिए पुलिस ने 15 टीमें गठित की थीं, जिनमें राजपत्रित अधिकारियों समेत 100 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
15 टीमों ने एक साथ की जांच
पुलिस उपायुक्त वेस्ट जोन रॉबिन्सन गुरिया, सेंट्रल जोन डीसीपी तारकेश्वर पटेल और नॉर्थ जोन डीसीपी दीपमाला कश्यप के निर्देशन में तीनों जोन में कार्रवाई की गई। अलग-अलग टीमों ने स्पा सेंटरों में पहुंचकर संचालकों, मैनेजर और कर्मचारियों से पूछताछ की तथा दस्तावेजों का सत्यापन किया।
पुलिस के इस अचानक जांच अभियान से स्पा सेंटर संचालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य स्पा सेंटरों की आड़ में होने वाली किसी भी प्रतिबंधित या संदिग्ध गतिविधि पर रोक लगाना और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
ग्राहकों और कर्मचारियों के रिकॉर्ड खंगाले
जांच के दौरान पुलिस टीमों ने ग्राहकों के रजिस्टर, स्टाफ रजिस्टर और कर्मचारियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इसके अलावा सेंटरों में लगे सीसीटीवी कैमरों, उनकी रिकॉर्डिंग क्षमता और फुटेज सुरक्षित रखने की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
संचालक, मैनेजर और कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन की स्थिति भी जांची गई। कर्मचारियों की आयु से जुड़े दस्तावेज और उनके पूरे रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया गया।
लीज और स्वामित्व के दस्तावेज भी जांचे
पुलिस ने स्पा सेंटरों के लीज, किराया और स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की। सेंटर संचालन के लिए जरूरी अनुमतियों और अन्य अभिलेखों की जांच के साथ परिसर में संचालित गतिविधियों का भी निरीक्षण किया गया।
दो स्पा सेंटरों में मिली आपत्तिजनक वस्तुएं
जांच के दौरान डीडी नगर थाना क्षेत्र के एलिना स्पा सेंटर और पंडरी थाना क्षेत्र के अंबुजा मॉल स्थित ला थाई स्पा सेंटर में आपत्तिजनक वस्तुएं मिलने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने इन मामलों में संबंधित मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आए नियमों के उल्लंघन और अन्य अनियमितताओं के आधार पर संबंधित संचालकों, मैनेजरों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगी स्पा सेंटरों की निगरानी
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि स्पा सेंटरों की निगरानी केवल इस अभियान तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में भी सेंटरों का निरीक्षण, दस्तावेजों का सत्यापन और गतिविधियों की जांच जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन या संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर में 113 बिल्डरों को निगम का नोटिस, फिर भी जारी है निर्माण...
रायपुर । राजधानी रायपुर के रावतपुरा फेस-2 में कथित अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। जोन क्रमांक-6 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में निर्माण से जुड़े करीब 113 बिल्डरों और संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, नोटिस के बाद भी निर्माण गतिविधियां पूरी तरह नहीं रुकने के आरोप सामने आए हैं।
मामले में निर्माण से जुड़े लोगों में एक कांग्रेस नेता के भाई का नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है। राजनीतिक रसूख से जुड़े नाम की चर्चा के बाद मामला और गरमा गया है। हालांकि, संबंधित व्यक्ति की ओर से इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नोटिस के बाद भी निर्माण जारी होने का आरोप
रावतपुरा फेस-2 में स्थानीय रहवासियों और जनप्रतिनिधि की शिकायत के बाद नगर निगम ने जांच की। इसके बाद कथित अवैध निर्माण से जुड़े 113 लोगों को नोटिस जारी कर निर्माण गतिविधियां रोकने के निर्देश दिए गए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नोटिस जारी होने के बावजूद कुछ स्थानों पर निर्माण से जुड़े काम जारी हैं। लोगों ने निगम की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल नोटिस जारी करने के बजाय मौके पर नियमित निरीक्षण और नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
निगम अधिकारियों ने कही आगे कार्रवाई की बात
जोन क्रमांक-6 के कमिश्नर हेमंत यादव ने बताया कि स्थानीय रहवासियों के साथ एक जनप्रतिनिधि की ओर से शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर जांच की गई और अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी कर निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने भी लिया संज्ञान
रावतपुरा फेस-2 में कथित अवैध निर्माण के मामले में रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने भी जानकारी लेकर कार्रवाई करने की बात कही है।
अब निगाह इस बात पर है कि नोटिस के बाद भी यदि निर्माण जारी रहने की शिकायत सही पाई जाती है, तो नगर निगम संबंधित बिल्डरों और निर्माणकर्ताओं के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई करता है।
कुदर्शन ध्यान को समय रहते दूर करना ही हितकारी : मुनि संवेगरत्न सागर
रायपुर । विवेकानंद नगर के ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में जारी सर्वमंगलमय वर्षावास में ज्ञान की गंगा बह रही है। मुनि संवेगरत्न सागर के मुखारविंद से श्रावक-श्राविकाएं जिनवाणी का श्रवण कर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर हो रहे हैं। शनिवार को मुनिश्री ने धर्मसभा में कुदर्शन ध्यान से दूरी बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते क़ुदर्शन ध्यान से सुदर्शन ध्यान की ओर नहीं आए तो धर्म और संस्कृति से विमुख हो जाओगे।
मुनिश्री ने कहा कि चील सबसे ऊंचाई पर उड़ती है लेकिन उसकी दृष्टि सबसे नीचे होती है। चकोर ऊंचाई पर नहीं उड़ पाता लेकिन उसकी दृष्टि चंद्रमा की तरफ रहती है। इसी प्रकार मानव भव प्राप्त करने के पश्चात दृष्टि यदि इंद्रियों के पोषण पर रहे तो अनुकूलता का राग और मिथ्यात्व की पीड़ा रहती है। यह अनुकूलता का राग विष पर विश्वास करता है।
जो कुदर्शन ध्यान का भागी रहता है वह अनुकूलता के राग से घिरे रहता है। मिथ्यात्व की पीड़ा में फंसे रहता है। अपने धर्म और संस्कृति से दूर होकर कुदर्शन के कारण अपने ही धर्म और संस्कृति का निंदक हो जाता है। कुदर्शन ध्यान से बचना ही होगा। ये कुदर्शन ध्यान ही अन्य दर्शन का अनुरागी बना देगा। बोध को प्राप्त करना है, अन्य दर्शन को प्राप्त नहीं करना है।
दुर्लभ बोधी नहीं बनना है। यदि यह बंध हो जाए तो उत्तम निमित्त, देव,गुरु व धर्म भी मिल जाए तो क़ुदर्शन ध्यान में घिरकर कुछ समझ नहीं आता। दुर्लभ बोधी अशुभ कर्म का उदय हो जाए तो सब अच्छा भी सामने होने पर भी दिखाई नहीं देता। कुदर्शन ध्यान का रागी देव, गुरु और धर्म से विमुख हो जाता है। जीव कुदर्शन से जुड़कर सुदर्शन से भटक जाता है।
मुनिश्री ने कहा कि कुदर्शन ध्यान संसार में मिथ्यात्व से घेरकर विपरीत क्रियाओं में ले जाता है। जैसे मानव के दुख को दूर करने के लिए सृष्टि में जो परिवर्तन होता है वह विज्ञान है। वहीं मानव के जीवन में जो दुख आए जो दृष्टि में परिवर्तन करता है वह धर्म है। धर्म से दूर होकर दुख,दुर्गति व पीड़ा का सर्जन होता है। संसार में वीतराग विज्ञान आपको कुदर्शन ध्यान से बचाता है।
22 दिवसीय गिरनार नेमी तप की तपस्या पूर्ण
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया एवं महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया कि 150 तपस्वियों का 22 दिवसीय गिरनार नेमी तप पूर्ण होने पर 28 अगस्त को सामूहिक पारणा कराया गया। लाभार्थी परिवार ने सभी तपस्वियों का तिलक, माला और श्रीफल से सम्मान किया। चातुर्मास समिति की ओर से पारणा के पश्चात लाभार्थी परिवार के हाथों तपस्वियों को तपस्या की स्मृति में उपहार भेंट किए गए। श्रावक-श्राविकाओं ने तपस्वियों की कठिन साधना की अनुमोदना करते हुए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
लक्ष्य हासिल करने के लिए जुनून जगाएं और मेहनत करें : राज्यपाल डेका
रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका शनिवार को बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम चाम्पा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित लोकार्पण एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण किया। साथ ही, वरिष्ठ शिक्षकों, 10वीं व 12वीं के मेधावी छात्रों, पीएटी (PAT) में चयनित विद्यार्थियों और 'हम होंगे कामयाब' योजना के तहत रोजगार प्राप्त 9 युवाओं को सम्मानित किया।
जुनून और कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि नवनिर्मित सभाकक्ष से विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए सांस्कृतिक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने शिक्षक-छात्र संबंधों की प्रगाढ़ता पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों को अपने आचरण से छात्रों का रोल मॉडल बनना चाहिए। छात्रों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए जुनून पैदा करें और उसे हकीकत में बदलने के लिए निरंतर कड़ी मेहनत करें। नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यह नीति कौशल विकास और विषय विशेषज्ञता हासिल करने में सहायक है।
डिजिटल तकनीक का संतुलित उपयोग जरूरी
मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने छात्रों से अपील की कि वे तकनीक का इस्तेमाल केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही करें। सोशल मीडिया और एआई (AI) सुविधाजनक जरूर हैं, लेकिन इनका अत्यधिक उपयोग आत्ममंथन और सृजनात्मक को कम कर देता है।
ऐतिहासिक और गौरव का क्षण: टंक राम वर्मा
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने राज्यपाल के आगमन को चाम्पा गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए कहा कि शिक्षक न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध भी कराते हैं। उन्होंने छात्रों को असफलताओं से न घबराकर कड़ी मेहनत जारी रखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने अपनी स्वर्गीय माता चम्पावती डेका की स्मृति में स्कूल परिसर में अमलताश का पौधा रोपा। राजस्व मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी एक पेड़ माँ के नाम पौधरोपण किया।
कार्यक्रम में 'बिहान' योजना की आजीविका दीदियों द्वारा लगाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का राज्यपाल ने अवलोकन किया। इस दौरान दीदियों ने उन्हें धान और चावल के बीजों से निर्मित हस्तनिर्मित राखी बांधी, जिसकी राज्यपाल ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
समारोह में शिक्षक व शिक्षाविद एस.एम. पाध्ये, डॉ. निशा झा, डॉ. डी.एन. राय, और भूषण धुरंधर तथाप्रतिभावान छात्र जिज्ञासु वर्मा (12वीं स्टेट टॉपर), साक्षी वर्मा, अमित कुमार टंडन (10वीं), तथा पीएटी चयनित प्रवीण डहरिया, ममता साहू एवं मयंक वर्मा को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं
रायपुर, 29 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर देश के सभी खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं खेल जगत से जुड़े लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह अनुशासन, समर्पण, मेहनत, आत्मविश्वास और टीम भावना जैसे गुणों को विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। खेल व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस हमें खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को खेलों से जोड़ने की प्रेरणा देता है। खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन देकर भारत को खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
मंत्री श्री ओपी चौधरी ने देशवासियों, विशेषकर युवाओं से खेल को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं। उन्होंने सभी से स्वस्थ, सशक्त और विजयी भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियां देश का गौरव बढ़ाती हैं। खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने से भारत की खेल शक्ति और मजबूत होगी।
महतारी वंदन की राशि से बेटी के उज्ज्वल भविष्य की तैयारी कर रही मीना बाई साहू
रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त जारी होने पर महिलाओं ने माना इसे ‘विष्णु भैया’ की सौगात
रायपुर, 29 अगस्त 2026
महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ उनके परिवार और बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गरियाबंद जिले छुरा विकासखंड अंतर्गत रावणभाठा निवासी श्रीमती मीना बाई साहू भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपने परिवार के भविष्य को संवारने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
मीना बाई साहू ने बताया कि वे बिहान स्व-सहायता समूह से जुड़कर आजीविका गतिविधियों से भी निरंतर जुड़ी हुई हैं। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रूपए की मासिक राशि को वे अपनी बेटी प्रीति साहू के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर रही हैं। उनका कहना है कि छोटी-छोटी बचत आज उनकी बेटी के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन रही है।
रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त अगस्त माह में ही जारी होने पर खुशी व्यक्त करते हुए मीना बाई साहू ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले राशि जारी करना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए ‘विष्णु भैया’ की ओर से रक्षाबंधन का उपहार है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने में भी सहायक बन रही है।
मीना बाई की कहानी यह दर्शाती है कि महतारी वंदन योजना की राशि केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं, बल्कि बेटियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए निवेश का आधार भी बन रही है।
सुशीला यादव हुई आत्मनिर्भर, खोली स्वयं की दुकान
रायपुर । भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षाबंधन इस बार छत्तीसगढ़ की बहनों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। त्योहार से पहले ‘विष्णु भैया’ की सरकार ने महतारी वंदन योजना की किश्त जारी कर प्रदेश की लाखों बहनों को आर्थिक संबल के साथ स्नेह का उपहार दिया है।
महासमुंद जिले के कोमाखान विकासखंड के ग्राम बिडोरा की श्रीमती सुशीला यादव भी प्रदेश की बहनों के लिए एक मिसाल है। जो महिला कभी घर से बाहर निकलने में डरती थीं, आज वही अपने पैर पर खड़ी है और दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही है।
श्रीमती सुशीला यादव ने बताया कि वे स्व सहायता समूह से जुड़कर इन्होंने बचत करना सीखा और इन्ही बचत से लोन लेकर अपने पति के लिए ऑटो पार्ट्स की दुकान खोला। उनके पति पहले दूसरे के पास काम करने जाते थे। लेकिन अब उनका स्वयं का ऑटो पार्ट्स और रिपेयरिंग की दुकान है। इसके अलावा 2 अन्य युवाओं को इससे रोजगार मिल रहा है।
श्रीमती यादव ने इसके लिए ‘विष्णु भैया‘ के सुशासन की सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘विष्णु भैया‘ की सरकार में प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भर और सशक्त हो रही हैं। महतारी वंदन योजना से लाखों माताओं को भी आर्थिक मजबूती मिली है।
बहनों का मान, ‘विष्णु भैया‘ का सम्मान, महिला सशक्तिकरण से छत्तीसगढ़ महान
रायपुर । राखी के पवित्र धागे में भाई-बहन के प्रेम और विश्वास की डोर बंधी होती है। रक्षाबंधन से पहले छत्तीसगढ़ की बहनों के लिए यह खुशी और भी खास हो गई, जब ‘विष्णु भैया’ की सरकार ने महतारी वंदन योजना की किश्त जारी कर बहनों को स्नेह का उपहार दिया।
महासमुंद जिले के खल्लारी की लखपति दीदी श्रीमती वंदना यादव ने प्रदेश के मुखिया ‘विष्णु भैया‘ को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके सुशासन की सरकार में प्रदेश की माताओं-बहनों को नया आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का नया अवसर मिला है।
श्रीमती वंदना यादव ने बताया कि वे पहले अपने घर तक ही सीमित थी। घर से बाहर नही निकलती थी। लेकिन समूह से जुड़कर उन्हें नया संबल मिला। उन्हें बिहान बाजार खोलने का अवसर मिला, जिसमें वे समूह की दीदियों द्वारा बनाए उत्पाद का विक्रय करती है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति तो सुधरीही है समूह की दीदियों को भी लाभ हो रहा है। श्रीमती यादव ने ‘विष्णु भैया‘ का आभार व्यक्त किया।
महतारी वंदन की राशि से बेटी के उज्ज्वल भविष्य की तैयारी कर रही मीना बाई साहू
रायपुर । महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ उनके परिवार और बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गरियाबंद जिले छुरा विकासखंड अंतर्गत रावणभाठा निवासी श्रीमती मीना बाई साहू भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपने परिवार के भविष्य को संवारने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
मीना बाई साहू ने बताया कि वे बिहान स्व-सहायता समूह से जुड़कर आजीविका गतिविधियों से भी निरंतर जुड़ी हुई हैं। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रूपए की मासिक राशि को वे अपनी बेटी प्रीति साहू के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर रही हैं। उनका कहना है कि छोटी-छोटी बचत आज उनकी बेटी के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन रही है।
रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त अगस्त माह में ही जारी होने पर खुशी व्यक्त करते हुए मीना बाई साहू ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले राशि जारी करना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए ‘विष्णु भैया’ की ओर से रक्षाबंधन का उपहार है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने में भी सहायक बन रही है।
मीना बाई की कहानी यह दर्शाती है कि महतारी वंदन योजना की राशि केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं, बल्कि बेटियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए निवेश का आधार भी बन रही है।
शशिकांत द्विवेदी को मिला राज्य मंत्री का दर्जा
रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने विभिन्न निगम, मंडल, आयोग एवं संस्थाओं के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री एवं राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान करने संबंधी आदेश जारी किया है। 27 अगस्त 2026 को जारी आदेश में शशिकांत द्विवेदी को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के अध्यक्ष के रूप में राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा राज्यपाल के नाम से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य शासन द्वारा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को प्रदान किए गए मंत्री दर्जा के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने का दायित्व संबंधित प्रशासनिक विभाग अथवा आयोग का होगा।
राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किए जाने पर शशिकांत द्विवेदी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह जी , प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव जी, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल जी, प्रदेश भाजपा महामंत्री संगठन पवनसाय जी , उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जी, उप मुख्यमंत्री जी अरुण साव जी आदि सभी वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया है।
ज्ञातव्य हो की शशिकांत द्विवेदी जी पूर्व में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनादगांव के भी अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनंदगांव को सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण 2011 ’ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार ’से नवाजा गया था। इसी प्रकार सन 2024 में द्विवेदी को व्यक्तिगत रूप से सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण सम्मान 2024 ’ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार ’से नवाजा गया है ।श्री द्विवेदी पूर्व में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के वरिष्ठ उपाध्याय के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। तत्पश्चात संगठन में भी भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक का दायित्व भी पांच वर्षों तक बखूबी निभाया है।उन्हें सहकारिता के क्षेत्र में कार्य करने का लंबा अनुभव रहा है। श्री
द्विवेदी को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किए जाने से भाजपा समर्थकों एवं शुभचिंतकों ने द्विवेदी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके अनुभव एवं कुशल नेतृत्व से छत्तीसगढ़ सहकारिता के क्षेत्र में विकास की उम्मीद जताई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में जरूरतमंदों के पक्के घर का सपना हो रहा साकार
प्रधानमंत्री आवास योजना ने दूरपति राठिया को दिया सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाना
कच्चे मकान में बारिश, नमी और जहरीले जीव-जंतुओं का रहता था डर, अब पक्के घर में सुकून से बीत रहा जीवन
मेहनत-मजदूरी कर जीवन चलाने वाली एकल महिला के लिए पक्का आवास बना सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जरूरतमंद परिवारों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह योजना गरीब परिवारों के लिए केवल पक्की छत उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व लेकर आ रही है।
रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत महलोई की निवासी दूरपति राठिया के जीवन में भी प्रधानमंत्री आवास योजना ने ऐसा ही सकारात्मक बदलाव लाया है। विधवा एवं एकल महिला दूरपति मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करती हैं। सीमित आमदनी में रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना ही उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में अपने संसाधनों से पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं था।
दूरपति लंबे समय तक मिट्टी के कच्चे मकान में रहती थीं। बरसात का मौसम उनके लिए परेशानी और चिंता लेकर आता था। बारिश के दौरान छत से पानी टपकता, घर के भीतर नमी और गंदगी फैल जाती तथा कच्ची दीवारों के कमजोर होने से मकान गिरने का खतरा बना रहता था। इसके साथ ही जहरीले जीव-जंतुओं के घर में प्रवेश की आशंका भी बनी रहती थी। ऐसे कठिन हालात के बीच सुरक्षित छत का सपना उनके लिए दूर की बात लगती थी।
मेहनत-मजदूरी के सहारे जीवन आगे बढ़ाते हुए दूरपति को उम्मीद थी कि एक दिन उन्हें भी पक्का घर मिल सकेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) उनके इस सपने को पूरा करने का माध्यम बनी। योजना के अंतर्गत उनका आवास स्वीकृत हुआ और शासन से प्राप्त सहायता राशि से पक्के मकान का निर्माण संभव हो सका। वर्षों से देखा जा रहा उनका सपना आखिरकार साकार हुआ।
अब बारिश में नहीं सताती चिंता
आज दूरपति अपने पक्के प्रधानमंत्री आवास में सुरक्षित और सम्मान के साथ जीवन-यापन कर रही हैं। जिस बारिश के मौसम में पहले उन्हें छत टपकने और कच्ची दीवारों के कमजोर होने की चिंता रहती थी, अब उसी मौसम में वह अपने सुरक्षित घर में निश्चिंत रहती हैं। जहरीले जीव-जंतुओं और मकान के क्षतिग्रस्त होने का डर भी काफी हद तक दूर हो गया है।
पक्का आवास मिलने से दूरपति के जीवन में केवल भौतिक बदलाव ही नहीं आया, बल्कि उनके आत्मविश्वास और मनोबल में भी वृद्धि हुई है। उनके लिए यह घर सुरक्षा के साथ-साथ सम्मान और सुकून का प्रतीक बन गया है। नए घर के सामने खड़ी दूरपति के चेहरे की खुशी इस बदलाव की सबसे सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करती है।
दूरपति राठिया ने पक्का आवास मिलने पर शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने पक्के घर में रहना उनके लिए बेहद खुशी और सुकून का अनुभव है। उन्होंने बताया कि पहले बारिश के दिनों में घर को लेकर चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित छत का सहारा मिल गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से छत्तीसगढ़ में ऐसे हजारों जरूरतमंद परिवारों को उनके सपनों का पक्का घर मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाएं समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े परिवारों तक पहुंचकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। दूरपति राठिया की कहानी इसी विश्वास को मजबूत करती है कि सरकार की संवेदनशील पहल जब जरूरतमंद तक पहुंचती है, तो वर्षों का सपना भी सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाने में बदल जाता है।
अंतिम सांस तक संघर्ष की सीख देता है खेल: कुलपति प्रो. मनोज दयाल
रायपुर । खेल केवल शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती का जरिया नहीं, बल्कि यह विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी अंतिम क्षण तक संघर्ष कर विजय हासिल करने का साहस प्रदान करता है। यह विचार कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
विश्वविद्यालय प्रांगण में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. दयाल ने कहा कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, धैर्य, उत्साह, सकारात्मकता और आपसी समन्वय जैसे जीवन-मूल्यों का बीजारोपण होता है। ये गुण न केवल व्यक्तित्व को संतुलित और बहुआयामी बनाते हैं, बल्कि आज के दौर में तनाव मुक्त जीवन जीने का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में परिसर में विविध पारंपरिक एवं नवाचारी खेलों की धूम रही। इसमें विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने ‘ओंकार दौड़‘, ‘केंद्र कबड्डी‘, ‘नेताजी की पहचान‘, ‘मत चूको चौहान‘, ‘शेर-आदमी-बंदूक‘ और ‘सुदर्शन चक्र‘ जैसी स्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. दयाल के साथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील शर्मा, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने खेल भावना का परिचय देते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अटल आरोग्य लैब बनी मरीजों के लिए बड़ी राहत, दो माह में 6 हजार से अधिक मरीजों ने कराया जांच
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की अटल आरोग्य लैब योजना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है। योजना के अंतर्गत किरोड़ीमल जिला चिकित्सालय, रायगढ़ में संचालित अटल आरोग्य लैब से मरीजों को विभिन्न प्रकार की चिकित्सा जांच सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका लाभ बड़ी संख्या में मरीजों को मिल रहा है। बीते दो माह में 6 हजार 44 मरीजों ने लैब की सुविधा का लाभ उठाया है। इस अवधि में कुल 25 हजार 835 जांचें संपन्न की जा चुकी हैं।
जिला चिकित्सालय स्थित अटल आरोग्य लैब में 134 प्रकार की विभिन्न चिकित्सा जांच की सुविधा उपलब्ध है। इससे मरीजों को आवश्यक जांच के लिए निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर निर्भरता कम हुई है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निःशुल्क जांच की यह सुविधा उपचार के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी खर्च को कम करने में भी मददगार साबित हो रही है।
अटल आरोग्य लैब योजना का उद्देश्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक एवं विश्वसनीय जांच सुविधाओं का विस्तार करना है, ताकि मरीजों को उपचार के लिए आवश्यक जांच उनके जिले में ही उपलब्ध हो सके। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से जिला चिकित्सालय पहुंचने वाले मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
लैब में जांच प्रक्रिया को आधुनिक और सुविधाजनक बनाया गया है। जांच के उपरांत रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से मरीजों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इससे मरीजों को रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए बार-बार अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं पड़ती और चिकित्सकों को भी समय पर जांच रिपोर्ट उपलब्ध होने से उपचार प्रक्रिया में तेजी आती है।
अटल आरोग्य लैब के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में जांच सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को एक ही स्थान पर आवश्यक जांच, समय पर रिपोर्ट और बेहतर उपचार की सुविधा मिल रही है। निःशुल्क जांच की सुविधा से आर्थिक बचत के साथ मरीजों का समय भी बच रहा है। यह पहल प्रदेश में सुलभ और जन-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
मेजर ध्यानचंद की स्मृति में खेल दिवस समारोह का आयोजन
रायपुर । भारत सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा भारतीय खेल प्राधिकरण के निर्देशानुसार अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में मेजर ध्यानचंद की स्मृति में खेल दिवस समारोह का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में प्रातः 8ः30 बजे से किया गया।
’कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने की।’ कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ हॉकी के महान खिलाड़ी एवं भारतीय खेल जगत के प्रेरणास्रोत मेजर ध्यानचंद जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धा पूर्वक नमन किया गया। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेट कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में छात्र-छात्राओं को खेलकूद, योग एवं नियमित शारीरिक गतिविधियों के महत्व एवं उनसे होने वाले शारीरिक तथा मानसिक लाभों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा दैनिक जीवन में खेल एवं व्यायाम को शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के खेल अधिकारी डॉ. राम कुमार ठाकुर द्वारा लिखित पुस्तक “Physical Education, First Aid, Yoga and Meditation: A Practical Perspective” का विमोचन कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा किया गया। पुस्तक में शारीरिक शिक्षा, प्राथमिक उपचार, योग एवं ध्यान से संबंधित विषयों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियों में अधिक से अधिक भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत आयोजित ‘एक घंटा खेल के मैदान में’ कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल एवं शारीरिक गतिविधियों के लिए समर्पित करने का आह्वान किया।
इस कार्यक्रम में डॉ. प्रवीण वर्मा, डॉ. आशुतोष दुबे, सूबेदार मेजर गोवर्धन शर्मा, डॉ. राम कुमार ठाकुर सहित विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन इस वर्ष ‘एक घंटा खेल के मैदान में’ अभियान के अंतर्गत ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ की थीम पर किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में छात्र-छात्राओं के लिए एक घंटे के जुंबा एवं अन्य शारीरिक गतिविधियों का अभ्यास कराया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।