छत्तीसगढ़ / रायपुर
27 अगस्त को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में समान नागरिक संहिता के प्रारूप पर मंथन
रायपुर, 21 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code&UCC) लागू करने शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की उपस्थिति में आगामी 27 अगस्त 2026 को राजधानी के कन्वेंशन हॉल, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, रायपुर में एक राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है।
इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर व्यापक विचार-विमर्श करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 200 जिनमें आयेाग, निगम, मंडल, विभिन्न सामाजिक संगठनों, समाज प्रमुखों, विकास प्राधिकरणों के प्रदाधिकारियों, प्रबुद्ध नागरिक, जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों के विचार, अनुभव और सुझाव कानून के भावी स्वरूप को गढ़ने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में समान नागरिक संहिता के विभिन्न प्रावधानों, सामाजिक प्रभावों और व्यावहारिक पहलुओं पर गहराई से चर्चा की जाएगी। राज्य शासन का उद्देश्य एक ऐसा समावेशी और संतुलित प्रारूप तैयार करना है जो राज्य के सभी वर्गों के हितों का ध्यान रख सके। विस्तृत चर्चा/सुझाव हेतु विभिन्न समूह को पृथक से भी आमंत्रित किया जाएगा, समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code&UCC का Online सुझाव इस पर भी दिया जा सकता है।
चिंतावागु नदी बनी चुनौती तो नगर सेना बनी सहारा, बोट से ग्रामीणों को सुरक्षित कराया पार
मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल से संकट की घड़ी में ग्रामीणों के साथ खड़ा प्रशासन, प्रभारी मंत्री के मार्गदर्शन में राहत-बचाव कार्य जारी
रायपुर, 24 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में उफनती चिंतावागु नदी के तेज बहाव और बढ़े हुए जलस्तर के बीच नगर सेना (DDRF) की बचाव टीम ने गुड्डीपाल गांव की एक बीमार महिला विमला अंगनपल्ली और उनके परिजनों को सुरक्षित नदी पार कराकर बीजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया और जीवन बचाया।
नगर सेना की टीम ने बोट के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित नदी पार कराया
बीजापुर जिले में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने पर जिला प्रशासन और राहत-बचाव दल पूरी तत्परता से ग्रामीणों की मदद में जुटे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में प्रशासन द्वारा विषम परिस्थितियों में ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में तहसील बीजापुर के ग्राम चिन्नाकवाली के पास चिंतावागु नदी में पानी का बहाव बढ़ने से नदी पार करना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया। स्थिति को देखते हुए नगर सेना की टीम ने मौके पर पहुंचकर बोट के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित नदी पार कराया।
अस्वस्थ ग्रामीणों को प्राथमिकता से पहुंचाया सुरक्षित
चिंतावागु नदी में तेज बहाव के बीच नगर सेना के जवानों ने पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ बोट का संचालन किया। टीम ने विशेष रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित नदी के दूसरे छोर तक पहुंचाया। इससे ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार तक पहुंचने में मदद मिली। नगर सेना के जवानों की तत्परता और सेवा भावना से बारिश के बीच ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। कठिन परिस्थितियों में जवानों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ग्रामीणों की मदद की।
मुश्किल समय में ग्रामीणों के साथ प्रशासन
बारिश के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। चिन्नाकवाली के पास चिंतावागु नदी में नगर सेना की यह पहल प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण है। ग्रामीणों ने संकट की घड़ी में मदद के लिए नगर सेना के जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार का प्रयास है कि
प्राकृतिक आपदा या विषम परिस्थितियों में प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी शासन की सहायता समय पर पहुंचे। प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
सुशासन से बदली डल्ला की तस्वीर, ललिता बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल
शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहीं महिलाएं
रायपुर, 24 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के सुदूर आदिवासी अंचल में स्थित ग्राम डल्ला में संकट के समय प्रशासन और संवेदनशील सुशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक गर्भवती महिला विकट परिस्थितियों के बावजूद समय पर चिकित्सा और राहत पहुँचाकर सरकार ने दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास और भरोसे की नई तस्वीर पेश की है।
छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सुदूर और कभी नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों के लोगों तक भी पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीजापुर जिले के उसूर तहसील अंतर्गत ग्राम डल्ला, येर्राबोरू इसका उदाहरण है। कभी चुनौतियों के कारण जहां शासकीय योजनाओं का लाभ लेना कठिन था, वहीं अब ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ रही है और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। इसी बदलाव की प्रेरक कहानी ग्राम डल्ला की महिला कुरसम ललिता, पति श्री रमेश की है। ललिता ने जागरूक होकर अपना आधार कार्ड बनवाया। यही आधार कार्ड आगे चलकर उनके लिए शासकीय योजनाओं का लाभ लेने का माध्यम बना।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिला सहारा
पहली बार गर्भवती होने पर ललिता ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती हीना शेख से संपर्क किया। कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी और आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया। योजना के तहत ललिता को 5 हजार रुपये की सहायता राशि मिली। ललिता ने इस राशि का उपयोग पौष्टिक आहार, फल और आवश्यक दवाइयों के लिए किया। इससे उन्हें गर्भावस्था के दौरान अपने और अपने शिशु के स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रखने में मदद मिली।
ललिता बताती हैं कि यदि उन्होंने समय पर आधार कार्ड नहीं बनवाया होता तो उन्हें योजना का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती थी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हीना शेख के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
जागरूकता से बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
ग्राम डल्ला में अब महिलाएं अपने अधिकारों और शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक हो रही हैं। वे स्वयं ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज बनवा रही हैं और योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आ रही हैं। यह बदलाव बताता है कि जब योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती है और हितग्राही जागरूक होकर उनका लाभ लेते हैं, तो विकास की राह और मजबूत होती है।
सुशासन से विकास और विश्वास की नई राह
राखी के पावन पर्व पर ललिता की कहानी महिला सशक्तिकरण का प्रेरक संदेश देती है। एक महिला की जागरूकता उसके परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य को बेहतर बनाने के साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव रखती है।
“हर बहन के चेहरे पर मुस्कान, विष्णु भैया का यही अरमान”
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार सुरक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और आत्मनिर्भरता के अवसरों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाना जाने वाला डल्ला आज सुशासन, जागरूकता और शासकीय योजनाओं के प्रभाव से विकास और विश्वास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।
चक्रधर समारोह में छत्तीसगढ़ी माटी के कलाकारों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
रायगढ़ घराने की विरासत से लेकर बस्तर की लोकधुनों तक, चक्रधर समारोह में दिखेगी छत्तीसगढ़ की बहुरंगी संस्कृति
रायगढ़ सहित प्रदेश के कलाकार देंगे मनमोहक प्रस्तुतियां
14 से 23 सितम्बर तक रामलीला मैदान में होगा आयोजन, 10 दिनों तक गूंजेगी सुर, ताल और नृत्य की अनूठी धुन
रायपुर, 24 अगस्त 2026
कला और संगीत की संस्कारधानी रायगढ़ में आगामी 14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में विश्वप्रसिद्ध चक्रधर समारोह 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में छत्तीसगढ़ की लोक एवं शास्त्रीय कला के साथ देशभर की विविध सांस्कृतिक विधाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। समारोह में कुल 42 प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं, जिनमें 24 प्रस्तुतियां रायगढ़ एवं छत्तीसगढ़ के कलाकारों की होंगी। इससे स्थानीय और प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।
पद्मश्री विभूतियों की प्रस्तुतियां रहेंगी विशेष आकर्षण
चक्रधर समारोह 2026 के प्रमुख आकर्षणों में देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से अलंकृत कलाकारों की प्रस्तुतियां शामिल हैं। रायगढ़ कथक घराने की गौरवशाली परंपरा के ध्वजवाहक पद्मश्री रामलाल बरेठ के निर्देशन में कथक की विशेष प्रस्तुति होगी। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंडवानी को पहचान दिलाने वाली पद्मश्री डॉ. उषा बारले अपनी प्रस्तुति देंगी। इसके अलावा सूफी एवं कबीर गायन के चर्चित हस्ताक्षर पद्मश्री भारती बंधु तथा छत्तीसगढ़ी लोक कला और संस्कृति के लोकप्रिय कलाकार पद्मश्री अनुज शर्मा भी समारोह में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। विशेष काव्य संध्या में पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा सहित देश के वरिष्ठ कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर करेंगे। इन दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी समारोह को राष्ट्रीय स्तर की विशेष पहचान प्रदान करेगी।
रायगढ़ के कलाकारों की 7 प्रस्तुतियों से दिखेगी घराने की समृद्ध परंपरा
समारोह में रायगढ़ की स्थानीय प्रतिभाओं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष महत्व दिया गया है। आयोजन की शुरुआत श्री वेदमणि महाराज के शिष्यों द्वारा पारंपरिक गणेश वंदना से होगी। इसके बाद रायगढ़ की कथक परंपरा को आगे बढ़ाने वाले कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से मंच को गौरवान्वित करेंगे। पद्मश्री रामलाल बरेठ के मार्गदर्शन में भूपेंद्र बरेठ एवं समूह, सुश्री विभूति शर्मा, वासंती वैष्णव एवं समूह तथा नृत्यांजलि (कथक बनारस घराना) द्वारा शास्त्रीय कथक की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दी जाएंगी। वहीं राकेश शर्मा सूफी गायन से सुरों की आध्यात्मिक अनुभूति कराएंगे, जबकि सोनू गुप्ता एवं ग्रुप (लोक कला मंच) छत्तीसगढ़ी लोक संगीत की रंगारंग प्रस्तुति देंगे। इस तरह रायगढ़ की धरती पर विकसित कथक की विशिष्ट शैली, लोक संगीत और सूफी गायन की विविधता एक ही मंच पर देखने को मिलेगी। स्थानीय कलाकारों की इन प्रस्तुतियों से समारोह में रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूती से उभरकर सामने आएगी।
बस्तर से सरगुजा और बिलासपुर तक, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का रंग
चक्रधर समारोह में प्रदेश के विभिन्न अंचलों की कला और संस्कृति को भी व्यापक प्रतिनिधित्व दिया गया है। बस्तर अकैडमी ऑफ डांस, आर्ट्स एंड लिटरेचर (बादल) के कलाकार बस्तर की लोक धरोहर और आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करेंगे। संगीत नाटक अकादमी के सदस्य भूपेंद्र साहू (गरियाबंद) छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इसी क्रम में तरुणा साहू (रायपुर) पंडवानी की प्रस्तुति देंगी। पायल साहू (दुर्ग), अनुराग शर्मा (रायपुर) और लहरगंगा पुनरिक साहू (बालोद) माटी की लोक संगीत परंपरा को मंच पर जीवंत करेंगे। प्रदेश की शास्त्रीय और समकालीन प्रतिभाओं में इंडियन आइडल फेम अमित साना (भिलाई) का सुगम गायन भी विशेष आकर्षण रहेगा। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के विद्यार्थी सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे। प्रो. डॉ. लवली शर्मा सितार वादन प्रस्तुत करेंगी। वहीं दीक्षा रथ (सारंगढ़) ओडि़सी, श्वेता नायक (बिलासपुर) कुचिपुड़ी तथा अनुष्का सुल्तानिया (रायपुर) और शिव शक्ति कला संस्थान (बिलासपुर) कथक की प्रस्तुतियां देंगे। इस प्रकार छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों की कला विधाएं समारोह के मंच पर एक साथ दिखाई देंगी।
देशभर की शास्त्रीय एवं लोक कलाओं का भी होगा भव्य समागम
चक्रधर समारोह में छत्तीसगढ़ के साथ देश के विभिन्न राज्यों की कला परंपराओं को भी मंच मिलेगा। केरल के गुरु कोट्क्कल नंदकुमारन नायर कथकली की प्रस्तुति देंगे, जबकि मणिपुर की डॉ. मंजू इलंगबम मणिपुरी नृत्य से दर्शकों को परिचित कराएंगी। दिल्ली की टी. लक्ष्मी रेड्डी कुचिपुड़ी तथा चेन्नई की श्रीविद्या शैलेश और बेंगलुरु की शिवरंजनी हरीश भरतनाट्यम प्रस्तुत करेंगी। ओडिशा और दिल्ली से जान्हवी बेहरा, रीला होता एवं श्री गौरी शंकर दाश ओडि़सी नृत्य की प्रस्तुति देंगे। भुवनेश्वर के श्री बी. साहू गोटीपुआ कला प्रस्तुत करेंगे। वहीं कोलकाता, दिल्ली और बनारस से आने वाले मौमाला नायक, सुब्रता पंडित एवं रुद्रशंकर मिश्रा कथक की प्रस्तुति देंगे। लोक संगीत और वादन की विविधता भी समारोह का प्रमुख आकर्षण होगी। राजस्थान के बाड़मेर की स्टार्क सोसाइटी राजस्थानी लोक संगीत प्रस्तुत करेगी। संस्कार कला संघ, जबलपुर नृत्य नाटिका पेश करेगा। दिल्ली के निशित गंगानी तबला वादन करेंगे, जबकि वृंदावन का माधवरस बैंड और बनारस का त्रिवेणी संगम संतूर, पखावज और तबले के दुर्लभ संगम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेगा।
कला, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का बनेगा राष्ट्रीय मंच
चक्रधर समारोह 2026 की प्रस्तुतियों में स्थानीय कलाकारों से लेकर राष्ट्रीय स्तर के स्थापित कलाकारों तक को स्थान दिए जाने से यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच प्रदान करेगा। रायगढ़ घराने की कथक परंपरा, छत्तीसगढ़ी लोक संगीत, पंडवानी, बस्तर की लोक धरोहर और प्रदेश की नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों की शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत परंपराएं एक ही मंच पर दिखाई देंगी। आयोजन समिति ने देश-विदेश के कला प्रेमियों, कलाकारों, शोधार्थियों, संस्कृति अध्येताओं और नागरिकों से आयोजित होने वाले इस सांस्कृतिक महापर्व चक्रधर समारोह में सहभागी बनने का आह्वान किया है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की
गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के दिए निर्देश
लापरवाही और धीमा प्रगति पर होगी कार्रवाई
रायपुर, 24 अगस्त 2026

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी विकास कार्यों को निर्धारित समयावधि के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबे समय से लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्दी पूरा करने को कहा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्ध प्रगति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों से कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों एवं संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
श्री साव ने बैठक में शासन की प्राथमिकता के अनुरूप विकास कार्यों को गति देते हुए उनका लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों की निरंतर समीक्षा एवं स्थल निरीक्षण करते हुए प्रगति पर कड़ी नजर रखने को कहा। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और कार्यों की धीमी प्रगति पर
मंदिर के पास मिला नवजात, डायल-112 बनी सहारा: समय पर पहुंचाया अस्पताल
रायपुर । राजधानी रायपुर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल सामने आई है। मोनेट रोड स्थित चिरकुतहीन माता मंदिर के पास लावारिस हालत में मिले करीब 10 दिन के नवजात शिशु को डायल-112 की टीम ने सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।
सुबह मिली सूचना, तत्काल मौके पर पहुंची टीम
पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 6:37 बजे डायल-112 टीम को सूचना मिली कि चिरकुतहीन माता मंदिर के पास एक नवजात शिशु लावारिस अवस्था में पड़ा हुआ है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची। वहां करीब 10 दिन का नवजात मिला, जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति छोड़कर चला गया था।
सुरक्षित CHC मंदिर हसौद पहुंचाया
नवजात को लावारिस अवस्था में देखकर पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), मंदिर हसौद पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को शिशु वार्ड में भर्ती कर लिया, जहां उसकी आवश्यक देखभाल की जा रही है।
पुलिस टीम की इस तत्पर कार्रवाई से नवजात को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।
अज्ञात व्यक्ति की तलाश जारी
पुलिस अब नवजात को वहां छोड़कर जाने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है। घटना की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। नवजात की सुरक्षा और उचित देखभाल के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक सूचना दे दी गई है।
इस कार्रवाई में मंदिर हसौद टाइगर वन के पुलिसकर्मी आर. राजेश यादव और चालक टिकेंद्र साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की इस मानवीय पहल ने एक बार फिर साबित किया कि आपात स्थिति में डायल-112 सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
मैनी एनीकट निर्माण कार्य के लिए 71 करोड़ रूपए स्वीकृत
रायपुर, 24 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखण्ड-कांसाबेल की मैनी एनीकट निर्माण कार्य के लिए 70 करोड़ 99 लाख 57 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के निर्माण से भू-जल संवर्धन, निस्तारी, पेयजल एवं आवागमन के साथ ही 1300 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ एवं 200 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी सहित कुल 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक मामला
प्रोफेसर सहित 06 आरोपी गिरफ्तार, 36 घंटे के भीतर पुलिस का बड़ा खुलासा
रायपुर, 24 अगस्त 2026
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV)) की बी.एस.सी. (कृषि) द्वितीय वर्ष की कीटशास्त्र (एजीसीएच 221) परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक करने के मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट और थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना के 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी प्रोफेसर सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सुई और नुकीले औजार से छेदा लिफाफा, वीडियो बनाकर 11 हजार में बेचा
पुलिस खुलासे के अनुसार, इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में पदस्थ प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38 वर्ष) है। आरोपी प्रोफेसर पिछले एक साल से रायपुर कृषि महाविद्यालय से उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र ले जाने का काम कर रहा था। 17 अगस्त को आरोपी ने आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र प्राप्त किए। इसके बाद वह 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा के प्रश्न पत्र का लिफाफा चुपके से अपने घर ले गया। वहां उसने सुई और नुकीले औजार से लिफाफे में छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरे से प्रश्न पत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। आरोपी ने यह लीक कंटेंट अपने ही कॉलेज के छात्र अजय नायक को 11,000 रुपये में बेचा, जिसके बाद यह प्रश्न पत्र अन्य छात्रों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में वायरल हो गया।
100 से अधिक पुलिस टीमों ने खंगाले डिजिटल साक्ष्य
20 अगस्त की सुबह परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले कवर्धा कृषि महाविद्यालय के ई-मेल और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रश्न पत्र वायरल होने की सूचना मिली। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं परीक्षा प्रभारी डॉ. एन. आर. रंगारे की शिकायत पर थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 360/26 दर्ज किया गया। पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस उपायुक्त (उत्तर जोन) श्री तारकेश्वर पटेल की सतत मॉनिटरिंग में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त कार्यवाही के लिए 100 से अधिक पुलिस टीमों का गठन किया गया। रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम और बिलासपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। साइबर विंग ने व्हाट्सएप और सोशल मीडिया टाइमलाइन का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए दुर्ग निवासी अनुज मिंज को हिरासत में लिया, जिससे पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
जब्त सामग्री एवं कानूनी कार्यवाही
पुलिस ने आरोपियों के पास से नगद राशि 11 हजार रूपए, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण 06 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर,अन्य सामग्रियों में सुई, सुजा और फेविकोल जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 की धारा 4, 5, 10 तथा बीएनएस (BNS) की धारा 316 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। प्रकरण में 02 अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
आरोपियों में योगेश सोनकेसरिया (मुख्य आरोपी - प्रोफेसर) निवासी सिवनी (म.प्र.), हाल पता - चंदखुरी, दुर्ग, अजय नायक (छात्र) निवासी बलौदा बाजार, हाल पता - मीनाक्षी नगर, बोरसी, दुर्ग, त्रिदेव पटेल (छात्र) निवासी महासमुंद, हाल पता - आनंद विहार, दुर्ग, नितिन पाण्डेय (छात्र) निवासी बस्तर, हाल पता - मीनाक्षी नगर, बोरसी, दुर्ग, अनुज मिंज (छात्र) निवासी जशपुर, हाल पता - पोटिया चौक, दुर्ग और आदित्य साहू (छात्र) निवासी बालोद, हाल पता - मीनाक्षी नगर, बोरसी, दुर्ग शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया ‘जशपुर: एक परिचय’ पुस्तक का विमोचन
जशपुर की विशिष्ट पहचान और विकास की संभावनाओं को देश-दुनिया के सामने लाने में उपयोगी सिद्ध होगा प्रकाशन: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान ने जशपुर के प्रशासन, सुशासन, विकास, संस्कृति और प्राकृतिक वैभव पर किया व्यापक अध्ययन
आजादी के बाद प्रशासनिक बदलाव से लेकर वर्तमान विकास यात्रा तक का दस्तावेज है पुस्तक
प्रशासकों, नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ बनेगी पुस्तक
जिले में बेहतर प्रशासन और भावी विकास के लिए भी प्रस्तुत किए गए हैं महत्वपूर्ण आयाम
रायपुर 24 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान दिल्ली के द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘जशपुर : एक परिचय’ का विमोचन किया। यह पुस्तक जशपुर जिले के इतिहास, प्रशासनिक विकास, सुशासन की व्यवस्थाओं, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन, जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और विकास की संभावनाओं पर केंद्रित एक व्यापक अध्ययन है। पुस्तक में आजादी के बाद से जशपुर की प्रशासनिक व्यवस्था में आए बदलावों के साथ वर्तमान प्रशासनिक संस्थाओं और कार्यप्रणाली का अध्ययन किया गया है। इस अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा रायपुर के चेयरमैन भूतपूर्व मुख्य सचिव श्री सुयोग्य कुमार मिश्रा, वाइस चेयरमैन भूतपूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. इंदिरा मिश्रा तथा वाइस चेयरमैन भूतपूर्व मुख्य सचिव तथा वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण प्रकाशन के लिए भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा को बधाई देते हुए कहा कि जशपुर छत्तीसगढ़ के उन विशिष्ट अंचलों में है, जहां प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध विरासत के साथ विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। जशपुर की पहचान उसके सुंदर पहाड़ों, घाटियों, नदियों, जलप्रपातों और घने वनों से तो है ही, यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराएं इसे विशिष्ट बनाती हैं। उन्होंने कहा कि जशपुर की इन विशेषताओं के साथ जिले की विकास यात्रा और प्रशासनिक अनुभवों को एक पुस्तक के रूप में समेटना सराहनीय प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की विकास यात्रा को समझने के लिए वहां के इतिहास, समाज, संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का समग्र अध्ययन आवश्यक है। ‘जशपुर : एक परिचय’ इसी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह पुस्तक केवल जशपुर की वर्तमान तस्वीर प्रस्तुत नहीं करती, बल्कि समय के साथ जिले की प्रशासनिक संरचना और विकास प्रक्रिया में आए परिवर्तनों को समझने का अवसर भी प्रदान करती है।
श्री साय ने कहा कि जशपुर का सांस्कृतिक और पारिस्थितिक स्वरूप छत्तीसगढ़ के मैदानी और औद्योगिक क्षेत्रों से अलग है। छोटानागपुर पठार के विस्तारित भू-भाग का हिस्सा होने के कारण यहां की भौगोलिक संरचना, जलवायु, वन संपदा और आजीविका के स्वरूप की अपनी विशिष्टताएं हैं। पीढ़ियों से यहां निवासरत जनजातीय समुदायों ने अपनी परंपराओं, जीवन-पद्धति और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की संस्कृति को संरक्षित रखा है। यही विविधता जशपुर को अध्ययन और विकास, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बनाती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते वर्षों में जशपुर ने अधोसंरचना, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है। विकास की इस यात्रा में यह आवश्यक है कि स्थानीय विशेषताओं और जरूरतों को केंद्र में रखकर भविष्य की योजनाएं तैयार की जाएं। इस प्रकार के अध्ययन प्रशासन को क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को गहराई से समझने और विकास की भावी प्राथमिकताएं तय करने में उपयोगी आधार प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार, रोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार करते हुए स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जशपुर में विकास और प्रकृति के बीच संतुलन की बड़ी संभावनाएं हैं। कृषि, वनोपज, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और महिला तथा युवा उद्यमिता को बढ़ावा देकर जिले की अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के सबसे समृद्ध अंचलों में से एक है। यहां के पहाड़, वन, नदियां, जलप्रपात और सुरम्य घाटियां पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखती हैं। इसके साथ ही जनजातीय जीवन, लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और स्थानीय खान-पान जशपुर को विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखते हैं। जिले की इन खूबियों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण जशपुर को व्यापक पहचान दिलाने में भी सहायक होगा।
श्री साय ने कहा कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान ने देश में लोक प्रशासन के अध्ययन और उसकी गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शोध, प्रशिक्षण, प्रकाशन और नीतिगत विमर्श के माध्यम से संस्थान ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने में निरंतर योगदान दिया है। जिला स्तर पर प्रशासन और विकास के अध्ययन की यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत की विकास यात्रा को सही मायने में समझने के लिए जिलों और स्थानीय प्रशासन के अनुभवों को समझना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन शासन और नागरिकों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर सेवा प्रदाय और स्थानीय समस्याओं के समाधान तक जिला स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था की केंद्रीय भूमिका होती है। ऐसे में किसी जिले की प्रशासनिक यात्रा, सफल प्रयोगों और चुनौतियों का दस्तावेजीकरण अन्य क्षेत्रों के लिए भी सीख और नवाचार का आधार बन सकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘जशपुर : एक परिचय’ प्रशासकों, नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और जशपुर के सामाजिक-आर्थिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप को समझने की रुचि रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री सिद्ध होगी। यह पुस्तक जशपुर की विशिष्टताओं को व्यापक मंच पर सामने लाने के साथ जिले पर आगे होने वाले शोध और विकासपरक अध्ययनों को भी प्रेरित करेगी।
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत हुआ जशपुर का अध्ययन
उल्लेखनीय है कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली द्वारा अपनी क्षेत्रीय शाखाओं को संबंधित राज्यों के कम से कम एक जिले का व्यापक अध्ययन करने का प्रोजेक्ट दिया गया है। इसका उद्देश्य आजादी के बाद जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था, शासन प्रणाली और कार्यप्रणाली में आए बदलावों के साथ उनकी विकास यात्रा का अध्ययन और दस्तावेजीकरण करना है।
इस अध्ययन में वर्तमान प्रशासनिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं का आकलन करने के साथ भविष्य में बेहतर प्रशासन और विकास के लिए संभावित दिशा की पहचान पर भी जोर दिया गया है। इसी क्रम में भारतीय लोक प्रबंधन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा रायपुर ने प्रदेश के 33 जिलों में से जशपुर का चयन किया।
जशपुर को अध्ययन के लिए चुने जाने के पीछे जिले की विशिष्ट भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण रही हैं। छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित जशपुर एक प्रमुख जनजातीय बहुल जिला है। इसकी सांस्कृतिक और पारिस्थितिक संरचना प्रदेश के मैदानी कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों से काफी अलग है। छोटानागपुर पठार के विस्तारित क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण जशपुर में ऊंचे भू-भाग, वन आधारित आजीविका और समृद्ध जनजातीय परंपराओं का अनूठा संगम दिखाई देता है।
जशपुर पर अपनी तरह का महत्वपूर्ण समग्र अध्ययन
पुस्तक में उल्लेख किया गया है कि यह परंपरागत जिला गजेटियर नहीं, बल्कि जशपुर के विविध पक्षों को समेटने वाला संक्षिप्त समग्र दस्तावेज है। वर्ष 1998 में पृथक जिला बनने से पहले जशपुर, रायगढ़ जिले की एक तहसील था। जशपुर का पृथक जिला गजेटियर उपलब्ध नहीं होने के कारण अध्ययन में रायगढ़ जिला गजेटियर सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न प्रकाशनों, जनगणना 2011, शासकीय विभागों की रिपोर्ट और जिले से संबंधित प्रकाशित सामग्री का उपयोग किया गया है।
इस अध्ययन की एक विशेषता यह भी है कि इसे किसी एक व्यक्ति द्वारा तैयार नहीं किया गया है, बल्कि जशपुर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों से प्राप्त जानकारियों और सामूहिक सहयोग के आधार पर इसे स्वरूप दिया गया है। जिले के विभिन्न शासकीय कार्यालयों से उपलब्ध आंकड़ों और सूचनाओं को संकलित कर जशपुर की समग्र तस्वीर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
पुस्तक जशपुर के प्रशासन और विकास की यात्रा के साथ उसकी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशिष्टताओं को भी सामने लाती है।भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा ने विश्वास व्यक्त किया है कि जशपुर के विविध पहलुओं पर केंद्रित यह प्रारंभिक समग्र अध्ययन भविष्य में जिले के इतिहास, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और विकास की संभावनाओं पर और अधिक विस्तृत शोध के लिए आधार बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने 'जशपुर : एक परिचय' के प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह अध्ययन जशपुर के अतीत और वर्तमान को समझने के साथ उसके उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को नई दिशा देने में उपयोगी सिद्ध होगा।
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राजधानी में फिर डबल मर्डर, कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त : कन्हैया
रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने डीडी नगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाठा और रायपुरा में देर रात हुए दोहरे हत्याकांड पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को पुलिस पेट्रोलिंग की पोल खोलने वाला और कमिश्नरेट प्रणाली की विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण करार देते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और अपराधियों के दिल से पुलिस का खौफ खत्म हो गया है।
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र लगातार अपराधियों का गड़बड़ पर जा रहा है। क्षेत्र में अवैध शराब गांजा नशे की गोलियां भारी मात्रा में लगातार बेची जा रही है साथ ही अवैध रूप से सट्टा और जुआ खिलाने का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है। राजधानी रायपुर के डीडी नगर थाना अंतर्गत आने वाले कई इलाके लंबे समय से अवैध नशीली वस्तुओं के कारोबार और सट्टेबाजी के लिए बदनाम हैं। पुलिस प्रशासन की ढिलाई और गश्त के अभाव के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, जिसके चलते खुलेआम हत्या जैसी संगीन वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चंगोराभाठा और रायपुरा की इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है और नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने सीधे तौर पर प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा , पुलिस प्रशासन और कमिश्नरेट प्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए माँग की है कि दोहरे हत्याकांड के सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। क्षेत्र में संचालित हो रहे अवैध नशे और सट्टे के कारोबार पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। श्री अग्रवाल ने कहा कि डीडी नगर थाना क्षेत्र सहित पूरे शहर में पुलिस पेट्रोलिंग को प्रभावी और सख्त बनाया जाए।
कन्हैया अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि शहर में बढ़ते अपराधों, अवैध नशे के कारोबार और सट्टेबाजी पर लगाम नहीं कसी गई, तो कांग्रेस पार्टी क्षेत्र की जनता के साथ उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
रायपुर में चाकूबाजी की दो वारदात, दो युवकों की मौत से मचा हड़कंप
रायपुर । राजधानी रायपुर में चाकूबाजी की दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मौत हो गई। दोनों वारदातें डीडी नगर थाना क्षेत्र में सामने आई हैं। घटनाओं के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, वहीं पुलिस दोनों मामलों की जांच में जुटी है।
रायपुरा चौक पर विवाद के बाद खूनी खेल
पहली घटना रायपुरा चौक स्थित सुमीत बाजार के सामने की है। जानकारी के मुताबिक, देर रात टिकेंद्र देवांगन और कैलाश निषाद के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान टिकेंद्र देवांगन ने कैलाश निषाद पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद कैलाश ने चाकू छीनकर टिकेंद्र पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण टिकेंद्र देवांगन की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं, कैलाश निषाद भी हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसे उपचार के लिए एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
चंगोराभाठा में रंजिश में युवक पर चाकू से हमला
दूसरी वारदात चंगोराभाठा इलाके में हुई। यहां आपसी रंजिश के चलते भोला विश्वकर्मा पर चाकू से हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है।
आरोप है कि आशीष नामक युवक ने भोला विश्वकर्मा पर चाकू से हमला किया। गंभीर रूप से घायल भोला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान मेकाहारा में उसकी मौत हो गई।
पुलिस जांच में जुटी
एक ही थाना क्षेत्र में चाकूबाजी की दो घटनाओं में दो युवकों की मौत के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। दोनों मामलों में घटनाओं के कारण, आरोपियों की भूमिका और विवाद की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
विवेकानंद नगर से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने की गिरनार तीर्थ की भाव यात्रा
रायपुर । गिरनार तीर्थ की यात्रा का भावपूर्ण अनुभव रविवार को विवेकानंद नगर से टेगौर नगर तक दिखाई दिया। जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक समाज एवं चातुर्मास समिति की ओर से निकाली गई गिरनार तीर्थ भाव यात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक -श्राविकाओं ने भाव से गिरनार तीर्थ की यात्रा की।
चतुर्विध संघ के सानिध्य में गाजे-बाजे के साथ विवेकानंद नगर स्थित लाभार्थी परिवार के निवास से टैगोर नगर स्थित पटवा भवन तक निकली भाव यात्रा में भक्ति गीतों के साथ भगवान नेमिनाथ के जयकारों से मार्ग गिरनारमय हुआ।
पटवा भवन पहुंचने पर लाभार्थी परिवार भगवान नेमिनाथ को पालकी में विराजमान कर गिरनार मंडप पहुंचा। मुनि भगवंतों की पावन निश्रा में भगवान नेमिनाथ को मंडप में विराजमान कर अक्षत, नैवेद्य और फल अर्पित किए गए। इसके बाद रत्नागिरी से आए दीक्षित ओसवाल ने अपनी टीम के साथ संगीतमय प्रस्तुति दी। संगीत और भक्ति के माध्यम से श्रावक- श्राविकाओं ने गिरनार तीर्थ की भाव यात्रा की।
सूरत से आए ऋषभ बारोटा ने भजनों की प्रस्तुति से पूरे मंडप को गिरनारमय कर दिया। भजनों पर श्रद्धालु झूमते-गाते नजर आए। जयकारों और भक्ति गीतों के बीच ऐसा माहौल बना कि श्रद्धालुओं ने भाव के माध्यम से स्वयं को गिरनार तीर्थ से जुड़ा महसूस किया।
सहसावन प्रतिकृति के दर्शन और चैत्यवंदन
गिरनार भाव यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने सहसावन प्रतिकृति के दर्शन किए और चैत्यवंदन कर धर्मलाभ लिया। मुनि भगवंतों के सानिध्य में श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ गिरनार तीर्थ की भावपूर्ण आराधना की। भाव यात्रा को खरतरगच्छाचार्य जिन पीयूषसागर सूरीश्वर के शिष्यरत्न मुनि संवेगरत्न सागर आदि ठाणा-5 का पावन सानिध्य मिला।
आयोजन में लाभार्थी परिवार के साथ बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने गिरनार भाव यात्रा की। भगवान नेमिनाथ की आरती के पश्चात भक्ति के साथ भाव यात्रा का सानंद समापन हुआ। इसके बाद रत्नप्रभसूरि सदन, विवेकानंद नगर में साधर्मिक वात्सल्य का आयोजन हुआ।
महान क्रांतिकारी शिवराम हरि राजगुरु की जयंती पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन
रायपुर, 24 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने मां भारती के वीर सपूत एवं महान क्रांतिकारी शिवराम हरि राजगुरु जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राजगुरु जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनका साहस, राष्ट्रभक्ति और अदम्य बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।उन्होंने कहा कि राजगुरु जी ने भगत सिंह और सुखदेव जैसे क्रांतिकारियों के साथ मिलकर ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। देश की आजादी के लिए उनका सर्वाेच्च बलिदान युवाओं में राष्ट्रभक्ति और देशसेवा की भावना जागृत करने वाला है।
श्री ओपी चौधरी ने कहा कि राजगुरु जी का जीवन हमें राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए साहस, त्याग और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।
वित्त मंत्री ने महान क्रांतिकारी शिवराम हरि राजगुरु जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि उनका त्याग और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
आत्मा ही वास्तविक धन है, संसार में कोई गरीब नहीं : मुनि आगम सागर
रायपुर । दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर के 23 अगस्त को प्रातः 7:30 बजे भव्य जिनालयों में सकल जैन समाज को एक साथ त्रिसंयोग धर्मलाभ का अलौकिक एवं पावन सुअवसर प्राप्त हुआ। यह समस्त धार्मिक आयोजन मुनि आगम सागर, मुनि पुनीत सागर, एलक धैर्य सागर एवं एलक स्वागत सागर के मंगल सानिध्य और मार्गदर्शन में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
प्रातः काल की बेला में जिनालय में भगवान पार्श्वनाथ जी की प्रतिमा का स्वर्ण कलशों के माध्यम से प्रथम महामस्तकाभिषेक किया गया। इस परम पवित्र कार्य को संपन्न करने का सौभाग्य संजय दीप्ति जैन, अरुण जैन प्रदर्शनी नगर, प्रदीप जैन विश्वपरिवार, पवन कुमार, अमित कुमार, प्रणीत कुमार एवं श्रेय जैन जोरापारा वाले को प्राप्त हुआ।
इसके पश्चात मुनि आगम सागर के मुखारबिंद से मंत्रोच्चारण के बीच स्फटिक मणि की प्रतिमाओं पर शांतिधारा संपन्न हुई। शांतिधारा करने का पुण्य लाभ सुजीत कुमार जैन लाभांडी एवं सुनील जैन वारासिवनी वाले ने प्राप्त किया।
इसी पावन समय पर त्रिकाल चौबीसी में प्रतिमा विराजमान करने वाले गुरुकृपा परिवार समता कॉलोनी के नरेंद्र जैन,योगेंद्र,रितेश,रिंकू जैन ने मूलनायक भगवान आदिनाथ जी का महामस्तकाभिषेक करने का सौभाग्य अर्जित किया।
मुनि पुनीत सागर के पावन सानिध्य में छोटे बच्चों के मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास हेतु प्रति शनिवार और रविवार को विशेष थर्ड आई (अंतर ज्ञान चक्षु) कक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस श्रृंखला के अंतर्गत बीते कल शनिवार को दोपहर 4:00 बजे भव्य कक्षा आयोजित की गई, जबकि रविवार को दोपहर 1 बजे पुनः इस कक्षा का आयोजन किया जाएगा। इन ज्ञानवर्धक कक्षाओं में लगभग 100 से अधिक बच्चे उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी आंतरिक क्षमताओं को विकसित कर रहे हैं।
धार्मिक कक्षाएं और स्वाध्याय
अभिषेक एवं शांतिधारा के उपरांत श्रद्धालुओं द्वारा आचार्य की संगीतमय पूजन की गई। पूजन संपन्न होने के बाद प्रतिदिन की तरह धार्मिक कक्षाओं का आयोजन हुआ। धार्मिक कक्षाओं के अंतर्गत मुनि पुनीत सागर ने श्रद्धालुओं को तत्त्वार्थ सूत्र ग्रंथ का गहराई से अध्ययन कराया। वहीं मुनि आगम सागर ने छह ढाला ग्रंथ का वाचन कर भक्तों को जैन दर्शन के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया।
मंगल देशना: आत्मा ही वास्तविक धन है, संसार में कोई गरीब नहीं
धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए पूज्य मुनि आगम सागर ने अपनी अमूल्य वाणी में कहा कि इस संसार में कोई भी व्यक्ति गरीब नहीं है, क्योंकि हर जीव के पास उसकी अपनी अमूल्य और शाश्वत आत्मा विद्यमान है। मनुष्य केवल अपनी अज्ञानता और विपरीत मान्यताओं के कारण ही इस संसार रूपी सागर के दुखों में उलझा हुआ है।.
उन्होंने कहा कि मनुष्य जिन भौतिक साधनों, मकान और धन-दौलत को अपना मानता है, वे वास्तव में उसके हैं ही नहीं। यदि ये चीजें अपनी होतीं तो जीव मृत्यु के बाद इन्हें अपने साथ ले जाता। अनादि काल से जीव इस भ्रम में जी रहा है कि यह मेरा परिवार है या मेरा बच्चा है। वास्तव में इस संसार चक्र में जीव न जाने कितनी बार किसका संबंधी बना और छूटा। केवल आत्मा ही एकमात्र सच्चा और शाश्वत तत्व है।
सांसारिक मोह के दुष्परिणामों को समझाते हुए मुनिश्री ने एक मार्मिक कथा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्षों की तपस्या और आशीर्वाद के बाद जन्मे एक पुत्र की जब भरी जवानी में मृत्यु हो गई, तो उसके माता-पिता शोक में व्याकुल हो गए। उस समय गांव में पधारे एक अवधिज्ञानी मुनिराज ने बताया कि वह पुत्र वास्तव में उनके पूर्व जन्म का एक ईर्ष्यालु पड़ोसी था। उसने बदला लेने की भावना अर्थात निदान ध्यान करके पुत्र के रूप में जन्म लिया था, ताकि भरी जवानी में मरकर माता-पिता को गहरा दुख दे सके।
मुनिश्री ने समझाया कि यदि संतान जीवन में सुख दे तो समझना चाहिए कि वह पूर्व जन्म का कोई पुण्यात्मा जीव है, और यदि वह जीवनभर सताए या असमय दुख देकर चला जाए, तो समझना चाहिए कि पूर्व जन्म का कोई बैरी बदला लेने आया था। उन्होंने सचेत किया कि यदि मनुष्य मोह-माया के साथ मरण करेगा तो बार-बार नीची गतियों में भटकेगा, लेकिन यदि सांसारिक मोह त्याग कर आत्म-कल्याण के मार्ग पर चलेगा तो उसका ऊर्ध्वगमन होगा।
पूजा-अर्चना और प्रवचन के पश्चात श्रद्धालुओं ने नवधा भक्ति के साथ मुनि संघ को आहार कराने का पुण्य लाभ लिया। मुनि आगम सागर जी महाराज को आहार देने का सौभाग्य श्रीमती मोना अक्षत जैन सपरिवार जगदलपुर वाले को प्राप्त हुआ।
मुनि पुनीत सागर को आहार देने का सौभाग्य श्रीमती अंजली निलेश जैन, निवास सुपर स्वीट्स के सामने वाली गली, बुढ़ापारा को प्राप्त हुआ। एलक धैर्य सागर को आहार देने का सौभाग्य दीपक, जिनेश कुमार, नवीन कुमार, राकेश, मुकेश, अनिमेश, निधि दीदी, मधु दीदी, राजकुमारी, प्रमोद कुमार एवं फूफाजी आरोन वाले को प्राप्त हुआ।
एलक स्वागत सागर का आज उपवास अर्थात व्रत रहा। इस समस्त धार्मिक आयोजन में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और मुनिश्री के दर्शन कर धर्म लाभ उठाया।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े से सावधान
पर्यटन बोर्ड की पर्यटकों से अपील—फर्जी वेबसाइट, बुकिंग लिंक, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया से रहें सतर्क
रायपुर, 23 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और पर्यटन सुविधाओं की बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायतों को देखते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने पर्यटकों को सतर्क रहने की अपील की है। बोर्ड को ऐसी अनधिकृत वेबसाइटों और माध्यमों की जानकारी मिली है, जो छत्तीसगढ़ पर्यटन के नाम पर फर्जी बुकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। ऐसे माध्यमों के जरिए पर्यटकों से ऑनलाइन भुगतान कराकर ठगी किए जाने की आशंका है।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पर्यटक पर्यटन स्थलों, आवासीय सुविधाओं तथा अन्य पर्यटन सेवाओं की बुकिंग के लिए केवल छत्तीसगढ़ पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइटtourism.cgstate.gov.inका ही उपयोग करें। किसी अन्य वेबसाइट, अनधिकृत बुकिंग लिंक, संदिग्ध मोबाइल नंबर, विज्ञापन अथवा सोशल मीडिया के ऐसे पेज पर भरोसा नहीं करें, जो छत्तीसगढ़ पर्यटन की बुकिंग उपलब्ध कराने का दावा करते हों।
बोर्ड के अनुसार, साइबर ठगी करने वाले तत्व छत्तीसगढ़ पर्यटन के नाम, प्रतीक चिन्ह, पर्यटन स्थलों की तस्वीरों और अन्य प्रचार सामग्री का दुरुपयोग कर पर्यटकों को भ्रमित कर सकते हैं। ऐसे तत्व आकर्षक दरों पर कमरे, पर्यटन आवास, भ्रमण पैकेज अथवा अन्य सुविधाओं की बुकिंग का झांसा देकर पर्यटकों से ऑनलाइन भुगतान कराने का प्रयास कर सकते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित वेबसाइट और बुकिंग प्रक्रिया की प्रामाणिकता की जांच करना आवश्यक है।
पर्यटन बोर्ड ने पर्यटकों से अपील की है कि बुकिंग के लिए केवल अधिकृत पर्यटन प्रक्रिया का पालन करें और भुगतान भी उसी अधिकृत प्रक्रिया के माध्यम से करें। किसी व्यक्ति के निजी खाते, संदिग्ध भुगतान माध्यम अथवा अनजान मोबाइल नंबर पर राशि भेजने से बचें। विशेष रूप से कम कीमत में बुकिंग, तत्काल भुगतान का दबाव या आकर्षक पर्यटन पैकेज का प्रस्ताव मिलने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।
आधिकारिक माध्यम से ही करें बुकिंग
पर्यटक छत्तीसगढ़ पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइटtourism.cgstate.gov.inके माध्यम से ही बुकिंग करें। पर्यटन संबंधी जानकारी और बुकिंग के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के गढ़ कलेवा, रायपुर स्थित सूचना केंद्र तथा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में स्थित सूचना केंद्रों से भी संपर्क किया जा सकता है। इन अधिकृत केंद्रों के माध्यम से पर्यटकों को पर्यटन संबंधी जानकारी के साथ उपलब्धता के अनुसार पर्यटन आवासों की बुकिंग की सुविधा भी प्राप्त की जा सकती है।
संदेह होने पर हेल्पलाइन से करें पुष्टि
पर्यटकों को किसी वेबसाइट, बुकिंग लिंक, मोबाइल नंबर या सोशल मीडिया के पेज की प्रामाणिकता को लेकर संदेह होने पर भुगतान करने से पहले छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की हेल्पलाइन से जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ पर्यटन हेल्पलाइन नंबर:
+91-7714224600
18001026415
बोर्ड ने पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय केवल अधिकृत और विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। फर्जी वेबसाइटों, संदिग्ध बुकिंग प्रस्तावों और अनधिकृत भुगतान माध्यमों से सतर्क रहकर पर्यटक अपनी यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकते हैं।