छत्तीसगढ़ / सरगुजा
हाथी प्रभावित क्षेत्र में सुविधा विस्तार को लेकर मंत्रणा,सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक में उठा था मुद्दा
अंबिकापुर। उत्तर छत्तीसगढ़ हाथियों से प्रभावित है। धान और गन्ना के इस सीजन में हाथी लगातार आबादी क्षेत्रों में विचरण करते हैं। हाथियों द्वारा जान माल का नुकसान भी पहुंचाया जाता है। हाथियों की भी जान जा रही है।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आयोजित सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक में विधायकों ने हाथियों से प्रभावित क्षेत्र में और सुविधा विस्तार पर जोर दिया था। खासकर जंगल,पहाड़ से घिरे रहवासी क्षेत्रों में प्रकाश की समुचित व्यवस्था पर जोर दिया गया था। इसी कड़ी में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी सुधीर कुमार अग्रवाल, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी प्रेम कुमार की उपस्थिति में अंबिकापुर में वन अधिकारियों की बैठक आहूत की गई।बैठक में प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते भी उपस्थित रही। बैठक में विधायक ने प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में हाथियों के प्रबंधन को लेकर अपनी बात रखी। अधिकारियों ने हाथियों से बचाव को लेकर विभागीय तौर पर चल रहे प्रयासों से अवगत कराया।
कच्चे मकानों को पक्के मकानों में परिवर्तित करने की कार्ययोजना
तीन किलोमीटर क्षेत्र की हैंगिंग फिनिशिंग
विधायक प्रबोध मिंज ने पर्याप्त हाई मास्क लाइट का दिया सुझाव
सांसद चिंतामणि ने शोधार्थियों के साथ किया सांस्कृतिक स्मारकों का अवलोकन
अम्बिकापुर। संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय रायपुर की ओर से अंबिकापुर में आयोजित सरगुजा के सांस्कृतिक विरासतों का संरक्षण से संबंधित 5 दिवसीय संभागस्तरीय कार्यशाला के अंतिम दिन सांस्कृतिक स्मारकों का अवलोकन करने शोधार्थियों एवं छात्रों के साथ सरगुजा सांसद चिंतामणि महराज बस का सफर कर महेशपुर पहुंचे। जहां उन्होंने राज्य संरक्षित स्मारक प्राचीन शिव मंदिर की शिल्पकलाओं का अवलोकन किया।
सांसद चिंतामणि ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से महेशपुर के स्मारकों की संरक्षण स्थिति पर चर्चा की। उप संचालक डॉ. पी. सी. पारख ने अवगत कराया कि महेशपुर के सभी उत्खनित प्राचीन स्मारकों को राज्य शासन द्वारा संरक्षित स्मारक घोषित कर दिया गया है। महेशपुर के उत्खननकर्ता जी. एल. रायकवार और पुरातत्ववेत्ता प्रभात सिंह ने प्रतिभागियों को महेशपुर के सोमवंशी (7वीं-8वीं सदी) और कल्चुरी मंदिरों और मूर्तियों की विशेषताओं के बारे में बतलाया। गौरतलब है कि उत्तरी छत्तीसगढ़ का सरगुजा अंचल अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, जिसमें प्राचीन वास्तुकला, मूर्तिकला और जनजातीय संस्कृति शामिल हैं। इस क्षेत्र में प्रागैतिहासिक स्थल, आदिमानवों के आश्रय गुफाएं और प्राचीन स्मारक हैं।
पुरातत्व विभाग द्वारा सरगुजा संभाग में पहली बार 5 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कर विद्यार्थी, शोधार्थी और रूचिसम्पन्न लोगों को सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया है। इस कार्यशाला में विषयानुकूल व्याख्यान सत्र और परिचर्चाएं शामिल थे, जिसमें सरगुजा संभाग के प्राचीन वास्तु और शिल्पकला का महत्व, सांस्कृतिक धरोहरों के प्रबंधन और संरक्षण पर चर्चा की गई। साथ ही इस कार्यशाला में भाग लिए विद्यार्थी/शोधार्थी को सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण संबंधित जानकारी दी गई।
इस आयोजन में लगभग 80 विद्यार्थी और 10 सदस्य एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस पांच दिवसीय कार्यशाला में 17 सत्रों में सरगुजा संभाग के चित्रित शैलाश्रय, महापाषाणीय स्मारकों, सरगुजा अंचल के इतिहास और पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा की गई। वहीं इस कार्यशाला के अंतिम दिन भाग लिए विद्यार्थियों और शोधार्थियों को महेशपुर और रामगढ़ के प्राचीन स्मारकों का अवलोकन कराया गया। इस अवसर पर प्रो. अश्वनी केशरवानी, डॉ. शंभूनाथ यादव, सतीश सिंह, अजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे।
ट्रैप कैमरे में कैद हुआ बाघ, भैंस और गाय का किया शिकार,चार दिनों से कर रहा विचरण
अंबिकापुर। टेमरी जंगल भी गुरुघासीदास टाइगर रिजर्व की सीमा से लगा हुआ है। बाघ नजर आने से टाइगर रिजर्व प्रबंधन भी उत्साहित है। चार दिनों से बाघ उसी क्षेत्र में विचरण कर रहा है। सूरजपुर जिले से लगे पटना क्षेत्र के टेमरी से लगे जंगल में बाघ द्वारा मवेशियों का शिकार करने की सूचना वन विभाग को दी गई थी। इस क्षेत्र में इसके पहले कभी भी बाघ की चहलकदमी नहीं थी,इसलिए ग्रामीणों के दावे पर विभाग को भरोसा भी नहीं था लेकिन जंगल के नजदीक जलाशय और जंगल के गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व क्षेत्र से लगे होने के कारण संभावनाओं के आधार पर टेमरी के जंगल में ट्रैप कैमरे लगाए गए थे।
सूरजपुर जिले के ओड़गी तथा कुदरगढ़ वन परिक्षेत्र में पिछले एक महीने से ग्रामीण यह दावा कर रहे थे कि क्षेत्र में बाघ की चहल कदमी है लेकिन विभाग को इस पर विश्वास नहीं हो रहा था।ओड़गी के धरसेड़ी, सांवारांवा के आसपास वन्य प्राणी के पद चिन्ह भी मिले थे लेकिन इसकी बारीकी से जांच नहीं हुई थी। भैयाथान विकासखंड के बड़सरा निवासी मनोज यादव सहित कई अन्य ग्रामीणों द्वारा जंगल में मवेशियों को रखा गया था ताकि चारा की व्यवस्था हो सके। उस दौरान मनोज यादव के दो मवेशियों का भी शिकार किया गया था इसके बाद भी बाघ के होने की पुष्टि नहीं हो रही थी। आखिरकार टेमरी के समीप वन विभाग की ओर से ट्रैप कैमरे लगाए गए तो बाघ की स्पष्ट तस्वीर कैमरे में कैद हुई है।
जिस दिन ट्रैप कैमरे लगाए गए उस दिन तथा रात में कोई भी वन्य प्राणी कैमरे में कैद नहीं हुआ। अगले दिन सुबह लगभग आठ बजे बाघ उस स्थल पर पहुंचा जहां उसने भैंस का शिकार किया था। भैंस के शेष बचे मांस का उसने आराम से सेवन किया। इसी क्षेत्र में उसने एक गाय का भी शिकार किया था। उसके मांस का भी सेवन किया था। आसपास के गांवों के लोग इसी जंगल में मवेशियों को रखकर चारा की भी व्यवस्था करते थे।उन्हीं में से दो मवेशियों का उसने शिकार किया था। बाघ के आ जाने के बाद सभी मवेशियों को पशुपालकों ने वापस गांव ले आया है। प्रभावित क्षेत्र में लोग भयभीत है। ग्रामीणों को जंगल नहीं जाने की भी सलाह दी जा रही है।
शहरों के बेहतर विकास और जनहित में करें कार्य, लापरवाही की तो होगी कार्रवाई - श्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की
कहा ठोस कार्ययोजना के साथ संवारे शहरों को, कार्यालय में स्वच्छता रखें, कार्य पद्धति में सकारात्मक बदलाव लाएं
रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में संभाग के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अंबिकापुर कलेक्टोरेट में आयोजित बैठक में अधिकारियों को शहरों के सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास के लिए कार्ययोजना बनाकर उसके अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इंजीनियर्स के साथ बेहतर तालमेल से काम करते हुए गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में सभी कार्यों को पूर्ण करने को कहा। उन्होंने विकास और जन सुविधाएं विकसित करने के कामों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और सरगुजा के कलेक्टर श्री भोसकर विलास संदिपान भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में बताया कि सरगुजा संभाग के विभिन्न नगरीय निकायों को विकास कार्यों के लिए पिछले दस महीनों में अधोसंरचना मद में कुल 141 करोड़ 99 लाख रुपए जारी किए गए हैं। वहीं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 44 करोड़ 34 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विगत दस महीनों में राज्य के नगरीय निकायों को विकास कार्यों के लिए करीब 600 करोड़ रुपए तथा 15वें वित्त आयोग मद में 1450 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। उन्होंने बैठक में पिछले माह रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों के संचालन, कार्य पद्धति में बदलाव और कार्यालय के रखरखाव पर दिए निर्देशों पर अमल की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आयुक्त और सीएमओ अपनी जिम्मेदारी समझें और शहरों के हित में गंभीरता से कार्य करें। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाएं। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाएं। उन्होंने बैठक में स्थानांतरण आदेशों के पालन और जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान प्राप्त अनिराकृत आवेदनों के निराकरण की भी जानकारी ली।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों को सख्ती से निर्देशित किया कि वे अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझें, काम में अरुचि और लापरवाही बिल्कुल अक्षम्य होगी। काम नहीं करने वालों पर कार्यवाही अवश्य ही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा निकायों के विकास के लिए पूरा सहयोग किया जा रहा है। अधिकारी उदासीन न रहें, उत्साह के साथ काम करें। काम में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इंजीनियरों से दो टूक शब्दों में कहा कि कार्य में लेट-लतीफी न करें। फील्ड पर भी समय बिताएं और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करें। शासन द्वारा मांगी गई जानकारियों और प्रस्तावों को व्यवस्थित रूप से भेजें।
श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से सरगुजा संभाग के सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर के निर्माण के लिए स्थल चिन्हांकन की जानकारी ली। उन्होंने इसके लिए सभी सीएमओ को अपना प्रस्ताव शीघ्र संबंधित कलेक्टर को भेजने को कहा। उन्होंने दीपावली के तुरंत बाद इस पर काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सीएमओ को स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी भी जोर-शोर से करने को कहा। श्री साव ने बैठक में सभी नगरीय निकायों में हर विभाग के बेहतर समन्वय से सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास तथा स्वच्छता एवं सुंदरता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और अंबिकापुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त संचालक श्री एस.के. सुंदरानी सहित सरगुजा संभाग के सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा अभियंता भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
मिशन मोड पर हो जल जीवन मिशन के काम, नल जल की हर योजना पर बारिकी से काम करें - श्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री ने पीएचई के कार्यों की समीक्षा की
अधिकारियों को एफएचटीसी कवरेज की समीक्षा और जांच कर लोगों से फीडबैक लेने कहा
प्रगतिरत कार्यों को तेजी से पूर्ण करने और अप्रारंभ कार्यों को जल्दी शुरू करने क्रेडा के अधिकारियों को दिए निर्देश
रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने आज सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सरगुजा संभाग में कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अंबिकापुर विश्रामगृह में आयोजित बैठक में सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे और सरगुजा के कलेक्टर श्री भोसकर विलास संदिपान भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि हर घर में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आपको जो जिम्मेदारी मिली है, उसके अनुरूप सक्रियता से काम करें। जल जीवन मिशन न तो परियोजना है न ही अभियान है। यह मिशन है और हमें मिशन मोड में काम करने की जरूरत है। उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर नल जल योजना पर बारिकी से काम करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सरगुजा संभाग में जल जीवन मिशन के कार्यों में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को गम्भीरता और सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम में लापरवाही और खानापूर्ति नहीं चलेगी। आम लोगों के लिए इस मिशन का जितना महत्व है, उतना ही सरकार के लिए भी है। सभी घरों में रोजाना 55 लीटर प्रति व्यक्ति पानी मुहैया कराना सुनिश्चित करें। ग्रामीणों को पेयजल की समस्या न हो, यह हमारी जिम्मेदारी है।
श्री साव ने बैठक में सभी कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ठेकेदार के भरोसे ही पूरा काम न छोड़ें। सभी विभागीय अभियंता नियमित फील्ड पर जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बैठक में मौजूद क्रेडा के अधिकारियों से कहा कि क्रेडा की टीम पूरी तैयारी एवं गम्भीरता से काम करें। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों को समय पर काम पूर्ण करने के साथ ही अप्रारंभ कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने को कहा।
श्री साव ने जिलेवार शत-प्रतिशत एफएचटीसी (Functional Household Tab Connection) कवरेज की समीक्षा करते हुए कहा कि जहां कार्य पूर्ण हो गए हैं वहां खुद जाकर जांच करें और लोगों से फीडबैक लें। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्य जहां पूर्ण हो चुके हैं, वहां योजना के प्रचार-प्रसार के साथ जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर जल उत्सव के आयोजन के निर्देश अधिकारियों को दिए, ताकि लोगों में योजना के प्रति सकारात्मकता आए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने बैठक में विभागीय कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने जिलेवार विभागीय कार्यों की प्रगति पर चर्चा कर जरूरतों और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कार्य की धीमी प्रगति वाले जिलों को नवम्बर तक लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता डॉ. एम.एल. अग्रवाल, जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक श्री एस.एन. पाण्डेय तथा रायपुर और बिलासपुर जोन के विभागीय मुख्य अभियंता भी बैठक में मौजूद थे।
आपसी समन्वय के साथ जनहित में करें कार्य : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री ने ली नगरीय प्रशासन विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक
अम्बिकापुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नगरीय प्रशासन विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उप मुख्यमंत्री ने सरगुजा संभाग के समस्त नगरीय निकायों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन की मंशा अनुरूप आपसी समन्वय के साथ शहर के बेहतर विकास और जनहित में कार्य करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में सचिव, नगरीय प्रशासन डॉ. बसवराजु एस. और कलेक्टर विलास भोसकर भी उपस्थित रहे।
बैठक में उप मुख्यमंत्री साव ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों एवं नगरीय निकायों के सीएमओ से राज्य स्तरीय बैठक में निकायों के संचालन, कार्य पद्धति और कार्यालय के रखरखाव पर दिए निर्देशों पर अमल की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आयुक्त और सीएमओ अपने शहर के मुखिया हैं और शहरवासी आपका परिवार है। मुखिया के तौर पर अपनी जिम्मेदारी समझें और परिवार पर नजर रखते हुए उनके हित में कार्य करें। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचे। मुखिया के तौर पर अपने शहरी परिवार का पूरा लेखा-जोखा रखें। अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन निष्ठा से करें।
साव ने समीक्षा बैठक में सख्ती से निर्देशित किया कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझें, काम में अरुचि और लापरवाही बिल्कुल अक्षम्य होगी। काम न करने वालों पर कार्यवाही अवश्य ही सुनिश्चित की जाएगी। सरकार की मंशा अनुरूप कार्य करें। शासन द्वारा निकायों के विकास हेतु पूरा सहयोग किया जा रहा है। अधिकारी उदासीन न रहें, उत्साह के साथ कार्य करें। कार्यप्रणाली में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इंजीनियरों को दो टूक निर्देशित किया कि कार्य में लेट-लतीफी न करें। शासन से मंगाई गई जानकारी और प्रस्ताव को व्यवस्थित रूप से भेजें। उप मुख्यमंत्री साव ने स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी जोर-शोर से करने सभी सीएमओ को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सभी निकायों की रैंकिंग बढ़े। उन्होंने सख्ती से कहा कि यदि रैंकिंग में गिरावट हुई, तो सीएमओ स्वयं जिम्मेदार होंगे, और उन पर कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्यों पर फोकस करें। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समय पर सारी प्रक्रियाएं पूर्ण कर निर्धारित समय पर निर्माण कार्य पूर्ण किए जाएं। हम सभी को मिलकर छत्तीसगढ़ के मान-सम्मान और गौरव को बढ़ाना है, जो शहरों की बेहतर छवि से होगा। शहरों का सुव्यवस्थित विकास, स्वच्छता और सुंदरता सुनिश्चित करें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कार्य करें, जो सरगुजा के विकास का उदाहरण बने, अपने कार्यालय, कार्यप्रणाली, कार्यालय परिसर में स्वच्छता, बेहतर आचरण और व्यवहार, इन बिंदुओं पर स्वयं को तैयार करें और शहरी परिवारों की सुविधाओं का ध्यान रखें। इससे शहर की अच्छी छवि बनेगी, जिससे प्रदेश की छवि बेहतर बनेगी।
शहरों की छवि से बनती है प्रदेश की छवि
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि आगामी समय की मांग के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर काम करें जिससे लंबे समय तक लोगों को उन विकास कार्यों का लाभ मिले। नगरीय निकायों की छवि सुधारें। शहरों की छवि से प्रदेश की छवि बनती है। शहर को सुंदर और स्वच्छ रखें। सीएमओ एवं इंजीनियर आपसी समन्वय के साथ काम करें और प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखें जिससे लोगों के हित में सहजता से कार्य हो सकें।
स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग हो बेहतर, रैंकिंग गिरी तो होगी कार्यवाही
उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में अटल परिसर निर्माण हेतु स्थल चिन्हांकन की सभी सीएमओ से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी सीएमओ अपने प्रस्ताव शीघ्र संबंधित कलेक्टर को भेजें। दीपावली के तुरंत बाद इस पर काम शुरू करें। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण आदेशों का 100 प्रतिशत पालन हो। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को इसका पालन सुनिश्चित करने निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में पूर्व में आयोजित किए गए जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के प्रत्येक निकाय की समीक्षा की गई है, प्रत्येक आवेदन के निराकरण को अपना दायित्व समझें। खानापूर्ति न करें। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य एवं क्षेत्रीय संयुक्त संयुक्त संचालक एस.के. सुंदरानी सहित नगरीय निकायों के आयुक्त एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं इंजीनियर उपस्थित थे।
आज देश के हवाई नक्शे से जुड़ेगा अंबिकापुर
आज देश के हवाई नक्शे से जुड़ेगा अंबिकापुर, प्रधानमंत्री करेंगे मां महामाया एयरपोर्ट का उद्घाटन
अंबिकापुर। सरगुजा जिले का दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट आज देश के हवाई नक्शे से जुड़ जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को वाराणसी से एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित राज्य सरकार के अन्य मंत्रीगण भी शामिल होंगे।
रायपुर, बिलासपुर,जगदलपुर के बाद यह प्रदेश का चौथा एयरपोर्ट होगा जहां से व्यवसायिक विमानें उड़ान भरेंगी।हवाई सेवा से जुड़ने से सरगुजा संभाग के सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।विमान सेवा से जुड़ने पर सरगुजा संभाग में पर्यटन, वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा व आवागमन की सुविधा के विस्तार के साथ क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा अंबिकापुर में लगभग 80 करोड़ के विकास व निर्माण कार्य पूर्ण कर सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इसका संपूर्ण क्षेत्रफल 365 एकड़ है। यह एयरपोर्ट समुद्र तल से 1924 फीट ऊंचाई में स्थित है।
मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा अंबिकापुर
थ्री सीव्हीएफआर के मानक का एयरपोर्ट
रनवे की लंबाई 1800 मीटर
एक साथ दो एटीआर 72 सीटर विमान खड़े हो सकेंगे
72 यात्रियों के अनुरूप टर्मिनल भवन
आइसोलेशन वे, दो टैक्सी-वे पैरीमीटर रोड
आठ किलोमीटर लंबाई में 3.2 मीटर ऊंची बाउण्ड्रीवाल
एटीसी आफिस, एमईटी आफिस
एसीसीआर रूम, फायर स्टोर
इलेक्ट्रीकल पैनल रूम अन्य अधोसंरचना कार्य।
72 सीटर विमान उड़ाने 74 वर्ष में 80 करोड़ हुआ खर्च
अंबिकापुर से 12 किलोमीटर दूर दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट से 72 सीटर विमान उड़ाने के लिए 74 वर्ष में 80 करोड रुपये खर्च हुए हैं। सर्वसुविधायुक्त दरिमा एयरपोर्ट के उद्घाटन की प्रतीक्षा लंबे समय से सरगुजावासी कर रहे थे।हवाई सेवा से जुड़ने की आदिवासी बहुल सरगुजा की बहुप्रतीक्षित मांग आज पूरी हो जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। रनवे की लंबाई के हिसाब से यह प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।
सरगुजा जुड़ेगा हवाई सेवा से
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 20 अक्टूबर को मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा का करेंगे वर्चुअल लोकार्पण
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र सरगुजा की बहुप्रतीक्षित मांग होगी पूरी
सरगुजा सम्भाग में पर्यटन, वाणिज्यिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
आवागमन की सुविधा के साथ रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
रायपुर : सरगुजा क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग अब पूरी होने जा रही है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र सरगुजा हवाई सेवा से जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 20 अक्टूबर, रविवार को मां महामाया एयरपोर्ट अम्बिकापुर का वर्चुअल रुप से लोकार्पण कर सरगुजावासियों को यह सौगात देंगे। हवाई सेवा से जुड़ने से सरगुजा सम्भाग के समस्त जिलों सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। विमान सेवा से जुड़ने पर सरगुजा सम्भाग में पर्यटन, वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा व आवागमन की सुविधा के विस्तार के साथ क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 20 अक्टूबर को वाराणसी से अपरान्ह 4 बजे बजे मां महामाया एयरपोर्ट अम्बिकापुर का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। इस समारोह में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राममोहन नायडू जी किंजरापु, केन्द्रीय नागरिक एवं सहकारिता राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल, उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव, श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त एवं प्रभारी मंत्री श्री ओपी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, अंबिकापुर विधायक श्री राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, अध्यक्ष राज्य युवा आयोग श्री विश्व विजय सिंह तोमर उपस्थित रहेंगे। अति विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में महामाया एयरपोर्ट अंबिकापुर के लोकार्पण समारोह का कार्यक्रम अपरान्ह 3 बजे से शुरू हो जाएगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अपरान्ह 3 बजे से 3.15 बजे तक एयरपोर्ट का भ्रमण एवं अवलोकन करेंगे। तत्पश्चात स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वागत एवं भेंट, दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों का उद्बोधन होगा। सायं 4.00 बजे वाराणसी से लाइव प्रसारण की शुरुआत होगी, 4.05 बजे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से मां महामाया एयरपोर्ट का शुभारंभ होगा तथा 4.05 से 4.20 बजे तक प्रधानमंत्री का उद्बोधन होगा।
मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा ऐसे हुआ देश के हवाई नक्शे में शामिल-
प्राप्त जानकारी अनुसार मां महामाया एयरपोर्ट, अंबिकापुर में लगभग 80 करोड़ की लागत से कार्य किए गए हैं। दरिमा हवाई पट्टी का निर्माण वर्ष 1950 में हुआ था, इसे प्रारंभिक दौर में डब्ल्यू.बी.एम. सतह से निर्मित किया गया था, जिसकी लंबाई 1200 मीटर थी। यह हवाई पट्टी अम्बिकापुर शहर से 13 कि.मी. की दूरी पर दरिमा ग्राम में निर्मित है। इसका सम्पूर्ण क्षेत्रफल 365 एकड़ है एवं यह हवाई पटटी समुद्र तल से 1924 फीट ऊंचाई में स्थित है।
हवाई अड्डे के विकास हेतु रूपये 46.27 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग को जारी की गई जिसके तहत लोक निर्माण विभाग के द्वारा दिसंबर 2021 से उन्नयन कार्य 3 सीव्हीएफआर के अनुरूप प्रारंभ किया गया। लोक निर्माण विभाग के द्वारा अप्रैल 2023 को कार्य को पूर्ण कराकर लाइसेंस हेतु आवेदन किया गया, जिसके तहत डीजीसीए के द्वारा मई 2023 को निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के उपरांत पूर्ण औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए डीजीसीए के द्वारा 15 मार्च 2024 को एरोड्रम लाईसेंस जारी किया गया। रनवे को लम्बाई 1500 मी. से बढ़ाकर 1800 मी. किया गया।
इन तकनीकों से लैस होगा एयरपोर्ट-
रनवे की लम्बाई 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया। रनवे के मजबूतीकरण हेतु पीसीएन को बढ़ाकर 25 किया गया जिसे एटीआर 72 के अनुरूप किया गया। नये एपरोन को 110 मी.×127 मी. का बनाया गया जो कि एक साथ 2 एटीआर 72 हवाई जहाज को खड़ा करने हेतु उपयुक्त है। इसके साथ आईसोलेशन वे, दोनों तरफ आरईएसए एवं 25×150 मीटर के दो टैक्सी-वे का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही पैरीमीटर रोड एवं अन्य एप्रोच रोड का डामरीकरण कार्य कराया गया। पूर्ण क्षेत्रफल लगभग 8 कि.मी. की लम्बाई में बाउण्ड्रीवाल की ऊंचाई 1.5 मीटर से बढ़ाकर 3.2 मीटर की गई। सारे आंतरिक मार्गों का डामरीकरण एवं रोड फर्नीचरिंग एवं मार्किंग का कार्य कराया गया। टर्मिनल भवन का उन्नयनीकरण 20 यात्रियों से बढ़कर 72 यात्रियों के अनुरूप किया गया। एटीसी ऑफिस, एमईटी ऑफिस, एसीसीआर रूम, फायर स्टोर, इलेक्ट्रीकल पैनल रूम अन्य अधोसंरचना के कार्य कराये गये हैं।
सरगुजा अंचल के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थल-
सरगुजा अंचल में पर्यटन की असीम संभवानाएं विद्यमान है। हवाई सेवा शुरू होने से निःसंदेह इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सरगुजा क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलोें में राजारानी मंदिर, बाबा बम्लेश्वर मंदिर, सरगुजा पैलेस, कैलाश गुफाएं, प्राकृतिक सौदर्य से भरपूर चिरमिरी, ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध मंदिर रतनपुर, रामगढ़ स्थित जोगीमारा, सीताबेंगरा एवं लक्ष्मण गुफा तथा छत्तीसगढ़ का शिमला मैनपाट शामिल है। सरगुजा क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में कई जैन मंदिर, बाबा भीम मंदिर, राम मंदिर, महामाया मंदिर तथा मैनपाट स्थित बौद्ध मंदिर शामिल है।
पीएम आवास योजना: आवास मित्र के लिए सूची जारी
दावा आपत्ति की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर
अम्बिकापुर। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास मित्र, समर्पित मानव संसाधन की सेवाएं लिये जाने हेतु जनपद पंचायत निर्धारित क्लस्टर हेतु कुल 171 आवास मित्र, समर्पित मानव संसाधन की आवश्यकता अनुसार निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुरूप अभ्यावेदन 20 सितम्बर तक रजिस्टर्ड डाक स्पीड पोस्ट से आमंत्रित किये गये थे।
उपरोक्तानुसार प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर पात्र एवं अपात्र का निर्धारण किया गया है। पात्रता अनुसार जनपद पंचायत वार नियमानुसार अंकों का निर्धारण करते हुए कुल प्राप्तांक के आधार पर अंतरिम वरियता सूची तैयार की गई है, साथ ही साथ अपात्र अभ्यर्थियों की सूची तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि सूची पर दावा आपत्ति की स्थिति में अभ्यर्थी 25 अक्टूबर तक सुसंगत अभिलेखों के साथ आवेदन पत्र प्रस्तुत करते हुए दावा-आपत्ति कार्यालय के कार्यालयीन समय में प्रस्तुत कर सकते हैं। प्राप्त दावा आपत्ति के प्रस्तुत किए गए आवेदन पत्र के आधार पर ही मान्य किए जाएंगे।
"अम्बिकापुर: लम्पी स्कीन रोग से पशुओं के बचाव के लिए पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर, पशुपालकों से सतर्कता बढ़ाई जा रही है"
अम्बिकापुर: जिले में लम्पी स्कीन रोग से पशुओं के बचाव और उनके उचित उपचार के लिए पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के विशेष संज्ञान पर इस रोग से मवेशियों के बचाव और उपचार के लिए विभाग द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है।
इसी कड़ी में विकासखंड उदयपुर में लंपी रोग से पीड़ित पशुओं के उपचार में लापरवाही की खबर का उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग ने खंडन किया है। उन्होंने बताया कि उदयपुर विकासखंड अंतर्गत वर्ष 2022-23 में 39 हजार 783 पशुओं का टीकाकरण किया गया है और वर्ष 2023-24 में अब तक 9 हजार 814 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। अभी वर्तमान वर्ष 2023-24 में कुल एलएसडी संक्रमित पशु 104 है जिनमें से 101 पशु स्वस्थ है और 1 पशु की मृत्यु हुई है और 02 नये केस दर्ज हुए है, जिनका उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि उदयपुर एलएसडी नियंत्रण हेतु दल गठित है जिनके नोडल डा. राहुल पेंड्रो वीएएस उदयपुर और सहायक नोडल हरकेश चौधरी एवीएफओ उदयपुर है। इनके द्वारा विकास खण्ड में निगरानी रखी जा रही है और सूचना प्राप्त होने पर त्वरित उपचार किया जा रहा है।
पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक ने बताया कि लम्पी स्कीन रोग एक विषाणु (वायरल) जनित रोग है। जो मुख्यतः मच्छर मक्खी के काटने एवं दूसरे पशु के सम्पर्क में आने से फैलता है। लम्पी स्कीन रोग से रोकथाम एवं बचाव के उपाय टीकाकरण ही एकमात्र बचाव का तरीका है। इस रोग हेतु गोट पॉक्स टीका लगाया जाता है।
पशुपालकों से अपील, संक्रमित मवेशी को अलग रखें, जिससे स्वस्थ मवेशियों में संक्रमण ना फैले -
स्वस्थ पशुओं को अलग रखें और इस रोग से संक्रमित पशु को अलग रख के उसका उपचार करना चाहिए। उचित कीटनाशक का उपयोग कर मच्छर मक्खियों तथा अन्य बाह्य परजीवियों का भी नियंत्रण करना चाहिए।
मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट के जरिए भी 2400 से ज्यादा मवेशियों को मिला उपचार-
राज्य में पशुधन के घर पहुंच इलाज की सुविधा हेतु ‘‘मुख्यमंत्री गौवंश मोबाइल चिकित्सा योजना‘‘ के तहत जिले में संचालित मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई के माध्यम से अब तक 60 गौठानों में आयोजित शिविर के माध्यम से 2460 पशुओं का उपचार कर 2092 पशुओं को दवा दिया गया। वहीं 170 पशुओं का बधिकरण, 88 पशुओं के विभिन्न रोगों के सेम्पल टेस्ट एवं 423 पशुओं का टीकाकरण किया गया।
अंबिकापुर : नुक्कड़ नाटक एवं फ्लैश मॉब के जरिए मतदान हेतु नागरिकों को किया गया जागरूक
अंबिकापुर 20 फरवरी 2024
होली क्रॉस विमेंस कॉलेज अंबिकापुर की स्वीप इकाई द्वारा मंगलवार को मतदाता जागरूकता अभियान के तहत आगामी लोकसभा चुनाव में आम जनता की शत प्रतिशत सहभागिता हेतु प्रेरित करने जागरूकता अभियान चलाया गया।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विलास भोस्कर के मार्गदर्शन में बनारस रोड में मिश्रा होटल के समीप महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक एवं फ्लैश मॉब का आयोजन किया गया। इस दौरान आम नागरिकों को मतदान का महत्व बताते हुए छात्राओं ने नारे लगाए एवं शत- प्रतिशत मतदान के लिए लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की नोडल ऑफिसर डॉक्टर तृप्ति पांडे के साथ कैंपस एंबेसडर आफरीन अंसारी बी ए फाइनल एवं श्रेया शुक्ला बी ए प्रथम वर्ष के साथ-साथ स्वीप टीम से रजनीश मिश्रा, सत्यनारायण भगत, प्रीति तिवारी, इंदु मिश्रा एवं एन एस एस ऑफिसर डॉ सरिता भगत के साथ महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक सुश्री लक्ष्मी श्रीवास्तव, सुश्री सुमन एवं सुश्री कविता एक्का की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
बस्तर से सरगुजा तक हर घर जल का लक्ष्य हो रहा पूरा
हर घर नल से जल के लिए छत्तीसगढ़ के बजट में 4 हजार 5 सौ करोड़ रूपए का प्रावधान
राज्य के 75 प्रतिशत घरों में पहुंच रहा शुद्ध पेयजल
दानेश्वरी
रायपुर : बस्तर से लेकर सरगुजा अंचल तक की महिलाओं को अब अपने घरेलू उपयोग के लिए पनघट में जाकर पानी भरने की जरूरत नहीं होगी और न ही झिरिया के पानी पीने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हर घर नल से जल पहुंचाने की गारंटी दी है। इस पर तेजी से काम हो रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार के बजट में 4 हजार 5 सौ करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।
हर घर तक स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रमोदी के नेतृत्व में देश भर में जल जीवन मिशन शुरू किया गया है। इस मिशन के अंतर्गत प्रत्येक परिवार के उनकी दैनिक जरूरत के लिए 55 लीटर जल नल से उपलब्ध कराया जाएगा। छत्तीसगढ़ में इस अभियान को तेजी से पूरा किया जा रहा है। राज्य के 49.98 लाख घरों तक नल से जल पहुंच रहा है। इस मिशन के अंतर्गत 75 प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाने का काम सफलता पूर्वक किया जा रहा है। शेष 25 प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाने के लिए तेजी से काम हो रहा है।
जल जीवन मिशन विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए एक क्रांतिकारी अभियान है। इस मिशन के जरिए बच्चो के स्वास्थ्य को सुरक्षा मिलेगी। बच्चों और बड़ो में होने वाली जलजनित बीमारियों से निजात मिलेगी। वहीं महिलाओं को भी उनके घरेलू कामकाज के लिए ज्यादा वक्त मिलेगा। इस वक्त का उपयोग महिलाएं अपने आर्थिक गतिविधियों के लिए कर सकेगी।
शुद्ध पानी मिलना हुआ आसान
बस्तर और सरगुजा अंचल के कई गांवों में शुद्ध पेयजल मिलने से ग्रामीण खुश हैं। ग्रामीणों को घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जशपुर निवासी श्री मनोहर टोप्पो ने बयाता कि पहले इस गांव में पानी की बहुत बड़ी समस्या थी। यहां के लोगों को पानी लाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था अपने घर से दूर लगे हैंडपंप कुएं से पानी लाना पड़ता था। कई बार हैंडपंप के खराब होने पर व कुएं में पानी नहीं होने पर तो कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर पीने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ती थी। लेकिन आज जल जीवन मिशन योजना के तहत शुध्द पेयजल लोगों के घरों तक पहुंचने लगा है। श्री टोप्पो ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया है।
महिलाएं हैं सबसे ज्यादा प्रसन्न
बस्तर जिले के ग्राम पंचायत सौतपुर के ग्रामीण खासकर महिलाएं अब खुश हैं कि उनके गांव के हर घर में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। इस बारे में ग्राम पंचायत सौतपुर के युवा सरपंच सुश्री मैना कश्यप बताती हैं कि गांव के प्रत्येक मोहल्ले में सभी को पानी मिल रहा है जिससे पूरे गांव में खुशहाली का माहौल है।
लुण्ड्रा के ग्राम असकला में जन समस्या शिविर 21 को
समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने दिए सफल आयोजन के निर्देश
अम्बिकापुर। कलेक्टर विलास भोसकर की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित समय सीमा की बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना की विभागवार प्रगति की समीक्षा की गई। पंचायत, स्वास्थ्य, पीएचई, महिला एवं बाल विकास, विद्युत, पीएमजीएसवाई आदि विभागों से प्रगति की जानकारी करते हुए जल्द लक्ष्य हासिल करने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार आगामी 23 अगस्त से 10 सितंबर तक विशेष अभियान चलाकर जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को लाभान्वित किया जाना है।
जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित करने के क्रम में जिले में 21 अगस्त को लुण्ड्रा के ग्राम असकला में शिविर का आयोजन किया जाना है। शिविर के सफल आयोजन के लिए कलेक्टर ने सभी विभागों को शिविर लगाकर ग्रामीणों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इसी तरह बैठक में उन्होंने समय सीमा के आवेदनों की भी समीक्षा कर निराकरण की जानकारी ली। बैठक में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को आगामी दिनों में निजी स्कूलों के साथ बैठक कर शिक्षा व्यवस्था एवं छात्र छात्राओं की सुविधा की जानकारी लेने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस हेतु विभागों को समन्वय के निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 29 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति मनाए जाने की जानकारी दी गई जिसमें बच्चों को कृमि से बचाने अल्बेंडाजोल की दवाई खिलाई जाती है। कलेक्टर ने इसके मद्देनजर शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ उचित कार्यवाही संपन्न कराने निर्देशित किया। बैठक में सीईओ जिला पंचायत नूतन कंवर, अपर कलेक्टर सुनील नायक सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वच्छाग्राही दीदियों की मिली निःशुल्क स्वास्थ्य जांच सुविधा
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई मित्र सुरक्षा शिविर का आयोजन
अम्बिकापुर। कलेक्टर विलास भोसकर के मार्गदर्शन ने जिले में स्वच्छता ही सेवा अभियान जारी है। अभियान के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को सफाई मित्र सुरक्षा शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम स्वच्छाग्राही दीदियों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें हाइजीन बनाए रखने के टिप्स स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दिए गए।
सफाई मित्र सुरक्षा शिविर का आयोजन जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया जहां लगभग साढ़े चार हजार स्वच्छाग्राही दीदियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया गया। उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक पूरे देश में स्वच्छता ही सेवा अभियान जारी है जिसकी थीम स्वभाव स्वच्छता संस्कार स्वच्छता रखा गया है। इस अभियान के तहत स्वच्छता का महत्व बताते हुए लोगों को अपने घरों में और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्वच्छता से जुड़ी प्रतिदिन की गतिविधियां निर्धारित की गई हैं जिसके अनुरूप कार्य किया जा रहा है।
कलेक्टर के निर्देश पर पण्डो कृषकों के बन रहे केसीसी
पीएम किसान सम्मान योजना से भी जुड़े
अम्बिकापुर। कलेक्टर विलास भोसकर के निर्देशानुसार जिले के पण्डो परिवारों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने प्रयास लगातार जारी है। इसी कड़ी में विशेष संरक्षित जनजाति पण्डो से आने वाले वनपट्टाधारी कृषकों को शत-प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड के आवरण में लाने के उद्देश्य से बुधवार को विकासखण्ड उदयपुर के ग्राम बेलढाब एवं ग्राम मृगाडांड के पण्डो परिवारों के 31 कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किया गया।
कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में पण्डो परिवारों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने अभियान स्वरूप कार्य किया जा रहा है। उप संचालक कृषि पीएस दीवान के मार्गदर्शन में उदयपुर में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी राधा कृष्णन द्वारा और क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी अमित बंसल के सहयोग से केसीसी बनाकर वितरण किया गया। इस क्रम में प्रतिदिन के लक्ष्य आबंटित कर किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण व प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीयन कराया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के 1779 पण्डो परिवारों में से 279 को केसीसी एवं 330 परिवार पीएम किसान सम्मान से लाभान्वित हुए हैं। इस अभियान को गंभीरता से क्रियान्वित करते हुए शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया है। कृषि विकास अधिकारी उदयपुर के द्वारा अधिक से अधिक पात्र किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना में जुड़कर प्रति वर्ष 6000 रुपये का लाभ व किसान क्रेडिट कार्ड से कृषि कार्य हेतु बिना ब्याज के नगद एवम खाद बीज प्राप्त करने की अपील की गई है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर रामनगर में स्वस्थ पंचायत के मापदंडों पर चर्चा
सरगुजा । आयुष्मान आरोग्य मंदिर रामनगर के अन्तर्गत दो पंचायतें आती है। दोनों पंचायतों के वस्तुस्थिति पर चर्चा कर टीबी मुक्त पंचायत के लिए चर्चा किया गया। जन आरोग्य समिति की सुदृढ़ीकरण, जनप्रतिनिधियों की सहभागिता, सामुदायिक संदिग्धता आदि के लिए रणनीति बना कर कैसे कार्य करेंगे की गतिविधियां परिणाम दायक बने । अक्सर सभी पंचायतों में मानक सूचकांकों की दृष्टि से कार्यक्रम सम्पन्न हो रहा है परन्तु जो परिणाम आना चाहिए वैसा देखने को नहीं मिलता। इसके लिए आम जनता जब तक अपने आप को जवाबदेही नहीं बनेगी तब तक परिणाम सार्थक नहीं आयेगा। कुछ ऐसा ही तथ्यों पर चर्चा पिरामल फाऊंडेशन और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारीयों के बिच हुआ।
पिरामल फाऊंडेशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी महेन्द्र तिवारी ने प्लानिंग पर बातें करते हुऐ कहा कि विभाग की परिश्रम दिखता है, सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने की जरूरत है आयुष्मान आरोग्य मंदिर के विषय में आम जनता जब बोलने लगें की हमारे यहां ये सुविधाएं हैं, आम जनता को कोई परेशानी नहीं है। तब जाकर स्वास्थ्य पंचायत और टीबी मुक्त भारत की सपना साकार होगी। जिला कार्यक्रम समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने कहा कि व्यक्ति अपने अन्दर के नाकारात्मक तथ्यों को निकाल कर सहयोगात्मक भावों से आयुष्मान आरोग्य मंदिर को अपने पंचायत का अंग मानकर सहयोग करें। टीबी मुक्त भारत का सपना हर भारतीय का होना चाहिए। देश का एक एक व्यक्ति टीबी मुक्त समाज की बातें करे ऐसा एडवोकेसी करने की आवश्यकता है।
आपातकालीन स्थिति में दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च स्तरीय जांच एवं तत्काल सैम्पल रिपोर्टिंग हेतु वरदान साबित होगी ड्रोन तकनीक
ब्लड सैम्पल परिवहन हेतु 40 किलोमीटर की दूरी वाला ड्रोन परीक्षण उडान का हुआ आयोजन
रायपुर : भारत सरकार के पायलेट प्रोजेक्ट यूज ऑफ ड्रोन टेक्नॉलॉजी इन हेल्थ सर्विस डिलीवरी के लिए छत्तीसगढ़ से अंबिकापुर स्थित राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का चयन हुआ। इसके अंतर्गत ड्रोन के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उदयपुर से ब्लड सैंपल शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में प्राप्त किया जायेगा और जांच उपरांत रिपोर्ट सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उदयपुर भेजी जायेगी। इसके क्रियान्वयन के लिए प्रथम चरण में प्रयोग के तौर पर राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में सोमवार को प्रथम ड्रोन ट्रायल किया गया। मेडिकल कॉलेज से 40 कि.मी. दूर उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से ड्रोन के माध्यम से जाँच हेतु ब्लड सैम्पल एवं ओटी कल्चर हेतु सैंपल ड्रोन से भेजे गये।
गौरतलब है कि राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए लगातार तत्पर हैं। इसी तारतम्य में हाल ही में राज्य में 250 से ज्यादा मेडिकल आफिसर तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी की गयी है।
सरगुजा एवं बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की लैब में कई जांच नहीं होती हैं और इन्हें निकटतम रेफर सेंटर्स में भेजना पड़ता है। ऐसी स्थिति में ड्रोन सुविधा मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकती है। ट्रायल परीक्षण में ड्रोन को मेडिकल कालेज अम्बिकापुर से उदयपुर पहुचने मे 30 मिनट का समय लगा जहां उदयपुर के झिरमिटी स्टेडियम ग्राउंड मे उसका सफल लैडिंग कराया गया। इनके द्वारा 15 मिनट के अंदर ब्लड सैपल जिसका वजन लगभग 600 ग्राम था, ड्रोन मे लोड किया गया व वापस ड्रोन को मेडिकल कालेज अम्बिकापुर भेज दिया गया।
इस प्रोजेक्ट हेतु दो स्व-सहायता समूह की ड्रोन दीदीयों को, ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग हेतु दिल्ली भेजा गया था। जिसमें से सैंपल लोडिंग एवं अनलोडिंग के कार्य हेतु एक ड्रोन दीदी को उदयपुर एवं एक ड्रोन दीदी अम्बिकापुर के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इस प्रोजेक्ट के सफल होने पर राज्य के समस्त जिलों में इसे लागू किया जायेगा। दूरस्थ इलाके से भर्ती मरीज को तत्काल जांच एवं सैपल रिपार्टिग की जानकारी वायु परिवहन के माध्यम से सुविधा उपलब्ध कराना सरगुजा जिले के लिए एक वरदान साबित हो सकती है।