छत्तीसगढ़ / मोहला मानपुर चौकी
मानपुर में नए मतदाताओं को जोड़ने विशेष अभियान
मोहला : मानपुर में नए मतदाताओं को जोड़ने विशेष अभियान
श्रेणी-सी मतदाताओं के लिए एसआईआर कार्य जोरों पर, मानपुर क्षेत्र में सत्यापन प्रक्रिया तेज
मोहला : श्रेणी-सी मतदाताओं के लिए एसआईआर कार्य जोरों पर, मानपुर क्षेत्र में सत्यापन प्रक्रिया तेज
टोकन जांच व भौतिक सत्यापन के बाद ही होगी खरीदी
मोहला : टोकन जांच व भौतिक सत्यापन के बाद ही होगी खरीदी
अवैध धान के विरुद्ध प्रशासन सख्त, लगातार कार्रवाई जारी
मोहला : अवैध धान के विरुद्ध प्रशासन सख्त, लगातार कार्रवाई जारी
परवीडीह जंगल में नक्सलियों का विस्फोटक डंप बरामद
डीआरजी–आईटीबीपी को बड़ी सफलता
मोहला - मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। परवीडीह जंगल क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छुपाकर रखा गया बीजीएल पाइप, क्लेमोर माइंस और डेटोनेटर का डंप बरामद किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मोहला विकासखंड के परवीडीह जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से क्लेमोर माइंस, बारूद और डेटोनेटर जमीन में गाड़कर रखे थे। आत्मसमर्पित नक्सली और मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाकर इस डंप को खोज निकाला।
जमीन में गड़ा हुआ था विस्फोटक डंप
पुलिस अधीक्षक वाई.पी. सिंह ने बरामदगी की पुष्टि करते हुए बताया कि संयुक्त कार्रवाई के दौरान 11 नग क्लेमोर माइंस के पाइप, करीब 100 डेटोनेटर और भारी मात्रा में बारूद बरामद किया गया है। यह पूरा विस्फोटक डंप जमीन में गाड़कर छुपाया गया था। कार्रवाई सुबह डीआरजी टीम प्रभारी भगत जांडे के नेतृत्व में आईटीबीपी के साथ संयुक्त रूप से की गई।
जिले में नक्सल गतिविधियां अंतिम चरण में
सुरक्षा बलों के अनुसार, नक्सली संगठन फोर्स को बड़ा नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहे थे, लेकिन समय रहते विस्फोटक बरामद कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि जिले में नक्सलवाद लगभग समाप्ति की ओर है। वर्तमान में 7 से 8 नक्सली, नेतृत्व विहीन स्थिति में जिले के अंदरूनी जंगलों में भटक रहे हैं, जिन्हें लगातार आत्मसमर्पण के लिए अपील की जा रही है।
डीआरजी और आईटीबीपी की इस संयुक्त कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान में एक अहम सफलता माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के कार्यों का कलेक्टर ने किया निरीक्षण
जिले में मत्स्य उत्पादन हो रही वृद्धि, आय में वृद्धि के साथ लोगों को मिल रहा रोजगार
मोहला - कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति द्वारा जिले में मछली पालन विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का स्थल भ्रमण कर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न ग्रामों में चल रहे तालाब निर्माण, बायोफ्लॉक पॉण्ड एवं हेचरी निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
कलेक्टर ने सर्वप्रथम ग्राम वासड़ी (घोटिया), विकासखंड मानपुर में हितग्राही रोहित सलामे के बायोफ्लॉक पॉण्ड का अवलोकन किया। हितग्राही को प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना अंतर्गत निजी भूमि पर मछली पालन हेतु पॉण्ड लाइनर निर्माण के लिए 16.80 लाख रुपये की अनुदान स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में 0.20 हेक्टेयर क्षेत्र में मछली पालन किया जा रहा है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 3.00 लाख रुपये की आमदनी प्राप्त हो रही है।
इसके पश्चात् कलेक्टर ने मछली पालन विभाग द्वारा 4.00 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर निर्मित की जा रही जिले की प्रथम मछली बीज उत्पादन हेचरी का निरीक्षण किया। इस हेचरी से प्रतिवर्ष लगभग 1.00 करोड़ स्टैंडर्ड फ्राई का उत्पादन किया जाएगा। हेचरी निर्माण हेतु शासन द्वारा 25.00 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में 13 तालाबों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा हेचरी इकाई का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने अधिकारियों को निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। हेचरी के पूर्ण होने से जिले के मछली पालकों को शासकीय दर पर गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उपलब्ध होगा तथा जिला मछली बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा।
कलेक्टर द्वारा ग्राम खड़गांव, विकासखंड मानपुर में कचरू राम सलामे के निजी भूमि पर 2.00 हेक्टेयर क्षेत्र में किए जा रहे नवीन तालाब निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। इस परियोजना हेतु 14.00 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें तालाब निर्माण पूर्ण होने के पश्चात 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। तालाब निर्माण से हितग्राही को प्रतिवर्ष लगभग 10.00 लाख रुपये की आमदनी होने के साथ 5 से 6 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
इसी क्रम में ग्राम गिधाली, विकासखंड मोहला में श्रीमती संतोषी बाई मण्डावी एवं हमेन्द्र मण्डावी द्वारा किए जा रहे तालाब एवं बायोफ्लॉक पॉण्ड निर्माण कार्य का अवलोकन किया गया। श्रीमती संतोषी बाई को 1.00 हेक्टेयर में नवीन तालाब एवं 0.10 हेक्टेयर में बायोफ्लॉक पॉण्ड निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं हमेन्द्र मण्डावी को 0.10 हेक्टेयर में बायोफ्लॉक पॉण्ड निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इन इकाइयों से प्रतिवर्ष लगभग 10 टन मछली उत्पादन एवं 4 से 5 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के साथ आधुनिक तकनीकों जैसे केज कल्चर, बायोफ्लॉक एवं तालाब निर्माण को बढ़ावा देकर किसानों एवं मछुआरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। इससे जिले की मत्स्योत्पादन क्षमता में निरंतर वृद्धि हो रही है। निरीक्षण के दौरान मछली पालन विभाग के सहायक संचालक एस.के. साहू, सहायक मत्स्य अधिकारी डी.के. उर्वशा, मत्स्य निरीक्षक गौरांक वर्मा सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मोहला वनमण्डल में संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ बनीं हरित विकास की मजबूत कड़ी
- 147 संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ कर रहीं मोहला वनमण्डल में वनों का संरक्षण
मोहला - मोहला वनमण्डल में संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास एवं वनों की सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वन संरक्षण, वन्य प्राणियों की सुरक्षा, वृक्षारोपण तथा बिगड़े वनों के सुधार जैसे कार्यों में स्थानीय समुदायों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिल रही है।
मोहला वनमण्डल अंतर्गत वर्तमान में कुल 147 संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। इनमें अंबागढ़ चौकी परिक्षेत्र में 83, दक्षिण मानपुर में 27 तथा उत्तर मानपुर परिक्षेत्र में 37 समितियाँ शामिल हैं। ये समितियाँ स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सतत प्रयास कर रही हैं।
नव वर्ष के अवसर पर दिनांक 03 जनवरी 2025 को इन समितियों द्वारा वनों एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा, वन अधिकार पत्रों के नामांतरण एवं बंटवारे, तेंदूपत्ता, कोदो, कुटकी एवं रागी जैसे लघु वनोपज के सतत एवं वैज्ञानिक संग्रहण को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के प्रयासों से क्षेत्र में वनों का संरक्षण एवं विकास हो रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों की आजीविका में सुधार देखने को मिल रहा है। वन्य प्राणियों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। लघु वनोपज के संग्रहण से ग्रामीणों को आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है, वहीं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो रहा है।मोहला वनमण्डल की संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ वनों के संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं और भविष्य में भी इनके प्रयासों से हरित विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
478 आजीविका डबरी निर्माण से मिलेगा रोजगार, बढ़ेगी ग्रामीण आय
जल संरक्षण एवं रोजगार सृजन की दिशा में जिला प्रशासन की बड़ी पहल
मोहला - जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ - चौकी ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों की आय बढ़ाने तथा स्थायी आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VBRLM-G) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए जिले में कुल 1050 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 478 डबरी का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। यह योजना विभिन्न विभागों के कन्वर्जेन्स से संचालित की जा रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे।
युक्तधारा के माध्यम से GIS आधारित प्लान एवं सैटेलाइट सर्वे के आधार पर आजीविका डबरी निर्माण के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। डबरी निर्माण से वर्षा जल संचयन, भू-जल रिचार्ज तथा खेतों में आवश्यक सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे खरीफ एवं रबी दोनों फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। साथ ही, पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। खेती, पशुपालन एवं मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर पात्र हितग्राहियों का चयन कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। आजीविका डबरी ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन, रोजगार सृजन एवं आय संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। स्व-सहायता समूह की दीदियों के लिए यह योजना खेती-किसानी से जुड़े कार्यों एवं आजीविका सुरक्षा को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। सीईओ जिला पंचायत जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ चौकी ने किया निरीक्षण, ग्रामीणों से की अपीलमुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर द्वारा विकासखंड मोहला के ग्राम पंचायत मंचादूर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आजीविका डबरी निर्माण को शासन की महत्वपूर्ण योजना बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों को रोजगार के साथ-साथ आजीविका से जोड़ने का सशक्त माध्यम मिलेगा।
उन्होंने बताया कि जिले में 1050 आजीविका डबरी के निर्माण से बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे, ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी तथा जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने ग्रामीणों से जी-राम-जी योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक आजीविका डबरी निर्माण हेतु आगे आने का आग्रह किया।वर्षा पूर्व निर्माण पूर्ण करने के निर्देश ब्लाक मोहला के ग्राम पंचायत मंचादूर में निरीक्षण के दौरान डबरी निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को प्रोत्साहित किया गया तथा ग्राम पंचायत मंचादूर की सरंपच को विशेष चर्चा कर अतिशीघ्र पूर्ण करने हेतु कहा गया आजीविका से जौडने जैसे मछली पालन, बाड़ी विकास, कमल व ढेस उत्पादन, बकरी-गाय पालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया गया। साथ ही, वर्षा पूर्व डबरी निर्माण पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ चौकी में विशेष ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित
विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें सरपंच, पंच, जनपद सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने आजीविका डबरी को भविष्य में सिंचाई, मत्स्य पालन एवं कृषि आधारित आजीविका का प्रमुख साधन बताया।
मनरेगा के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरी न केवल रोजगार सृजन में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं स्थायी आजीविका के अवसर भी उपलब्ध कराएगी। ग्रामीणों एवं विशेषकर महिलाओं द्वारा इस पहल का व्यापक स्वागत किया गया।
श्रमिक शिविर आयोजित
असंगठित श्रमिकों को मिलेगा योजनाओं का लाभ, शिविरों में भाग लेने की अपील
मोहला 2 जनवरी 2026। जिले के श्रमिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विकासखंड स्तर पर श्रमिक शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से निर्माण श्रमिकों एवं असंगठित कर्मकारों का पंजीयन एवं नवीनीकरण ग्राम पंचायत स्तर पर सतत रूप से किया जा रहा है।
श्रम विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, विकासखंड मोहला में दिनांक 05 जनवरी 2026 को ग्राम कुम्हली तथा 07 जनवरी 2026 को ग्राम कनेरी में श्रमिक शिविर आयोजित किया जाएगा। इसी प्रकार चौकी विकासखंड में दिनांक 12 जनवरी 2026 को ग्राम बिहरीकला एवं 15 जनवरी 2026 को ग्राम हांडीटोला में शिविर संपन्न होगा। वहीं मानपुर विकासखंड में दिनांक 16 जनवरी 2026 को ग्राम कंदाडी तथा 19 जनवरी 2026 को ग्राम कुम्हारी में श्रमिक शिविर का आयोजन किया जाएगा।
श्रम विभाग द्वारा जिले के समस्त श्रमिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में उपस्थित होकर विभागीय योजनाओं का लाभ लें। पंजीयन एवं नवीनीकरण हेतु श्रमिकों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड, स्व-घोषणा प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र (सरपंच/पटवारी द्वारा जारी), मोबाइल नंबर (ओटीपी हेतु) तथा सभी दस्तावेजों की मूल प्रति साथ लाना अनिवार्य है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत सड़कों की मरम्मत कार्य जारी
मोहला-मानपुर जिले में 1718 क्विंटल धान जब्त
रायपुर, 11 दिसम्बर 2025
मोहला-मानपुर-चौकी जिले में धान के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सघन अभियान संचालित किया जा रहा है। उड़नदस्ता दल एवं निगरानी दल का लगातार कार्रवाई कर रहे है। जिले में अब तक 28 प्रकरणों में 1718 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है। बिचौलियों द्वारा अनियमित बिक्री पर रोक सुनिश्चित करने हेतु किसानों द्वारा धान विक्रय के बाद बचे हुए रकबे को शून्य करने की प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत अब तक 2353 किसानों से 754.94 हेक्टेयर रकबा समर्पित कराया गया है।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए मोहला-मानपुर-चौकी जिले में धान खरीदी कार्य सुचारू रूप से संचालित है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी 27 उपार्जन केन्द्रों में व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में कैम्प लगाकर कृषकों के एग्रीस्टेक में छूटे हुए खसरे जोड़े जा रहे हैं, जिससे वे अपने वास्तविक रकबे के अनुरूप धान विक्रय कर सकें। किसी किसान के रकबे या फसल प्रविष्टि में त्रुटियों को भौतिक सत्यापन उपरांत आवश्यक संशोधन किया जा रहा है।
जिले के सभी उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी लगातार जारी है। अब तक 8 हजार 469 किसानों द्वारा कुल 4 लाख 06 हजार 697 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को लंबी कतारों से राहत देने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा तुहर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन टोकन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं जिन किसानों को ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने में समस्या हो रही है, उन्हें उपार्जन केन्द्रों से ही सीधे टोकन उपलब्ध कराया जा रहा है।
मोहला में खाद्य एवं मंडी विभाग द्वारा 40 कट्टा धान जब्त
मोहला में खाद्य एवं मंडी विभाग द्वारा 40 कट्टा धान जब्त
मोहला - मोहला – मानपुर – अम्बागढ़ चौकी जिले में खाद्य एवं मंडी विभाग द्वारा अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर खाद्य एवं मंडी विभाग के सहायक खाद्य अधिकारी धरमूराम किरंगे, खाद्य निरीक्षक हेमंत कुमार नायक तथा मंडी उपनिरीक्षक रविशंकर पिस्दा के संयुक्त दल ने सितागांव निवासी मंतुराम पोटाई के कोठार में व्यापारी द्वारा धान के अवैध भंडारण की सूचना पर छापामार कार्रवाई की.
कार्रवाई के दौरान कोठार में संबलपुर स्थित व्यापारी का 40 कट्टा (लगभग 16 क्विंटल) धान अवैध रूप से संग्रहित पाया गया. कोठार मालिक मंतुराम पोटाई द्वारा धान के संबंध में कोई दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर उक्त धान को मंडी अधिनियम के तहत जप्त कर कोठार मालिक की सुपुर्दगी में दिया गया. मामले का प्रकरण तैयार कर अगली कार्रवाई के लिए कलेक्टर (खाद्य शाखा) को प्रतिवेदन भेजा गया है. जिले में अवैध धान भंडारण एवं परिवहन को रोकने के लिए राजस्व, खाद्य, पुलिस एवं मंडी विभाग संयुक्त रूप से लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है.
आदिवासियों के हितों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार कृतसंकल्पित: मुख्यमंत्री श्री साय
अंबागढ़ चौकी को राजस्व अनुविभाग बनाने तथा ऑडिटोरियम निर्माण करने की घोषणा
महतारी वंदन योजना की 22वीं किस्त की राशि का हितग्राहियों के खाते में किया अंतरण
475 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण
मुख्यमंत्री अंबागढ़ चौकी में आयोजित जनजाति गौरव समारोह में हुए शामिल
रायपुर, 03 दिसंबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों के हितों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के अंबागढ़ चौकी में आयोजित जनजाति गौरव दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर 475 करोड़ रुपए से अधिक विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने अंबागढ़ चौकी को राजस्व अनुभाग बनाने तथा अंबागढ़ चौकी में सर्व सुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं के खाते में 22वीं किस्त की राशि का अंतरण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण और जनजाति समाज के कल्याण में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा जनजातीय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री जनमन एवं ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 13 दिसंबर को छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्षों का कार्यकाल पूर्ण होने जा रहा है। हमारी सरकार ने दो वर्षों के कार्यकाल में मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह माता-बहनों के खातों में हर माह 1000 रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। किसानों से 3100 रुपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका का वितरण फिर से शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के द्वारा देश एवं राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा माओवाद को मार्च 2026 तक समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर माओवाद आतंक से मुक्त करने की दिशा में अत्यंत ठोस एवं सार्थक कार्य किया जा रहा हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ राज्य माओवाद के आतंक से मुक्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष का गौरव बताते हुए, स्वाधीनता आंदोलन एवं राष्ट्र के नव निर्माण में जनजाति समाज के महापुरुषों एवं राष्ट्र भक्तों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा में आयोजित भगवान बिरसा मुंडा के जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आगमन हम सभी के लिए सौभाग्य एवं गर्व का विषय है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ राज्य में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में जनजाति समाज के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ में विकास नई इबारत लिखी जा रही है। जिसके फलस्वरूप आज बस्तर से लेकर सरगुजा तक राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इस मौके पर उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी कार्यों और नीतियों की विस्तार से जानकारी दी।
समारोह को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री संतोष पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह और जनजाति समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री एमडी ठाकुर ने भी सम्बोधित किया। समारोह में विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनजातीय समाज के प्रतिभाओं को सम्मानित करने के अलावा प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र एवं विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता अर्जित करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विधायक श्री भोलाराम साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा सहित कई पूर्व विधायक, पंचायत एवं नगरीय संस्थाओं के जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
टपकती छत से मिला छुटकारा, पीएम आवास से मिला सकूंन और सुरक्षा
सेवा राम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शासन का किया धन्यवाद
मोहला । कभी टपकते छत से परेशान थे, लेकिन अब पीएम आवास का सकूंन और सुरक्षा है, यह कहना मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम सेम्हरबांधा निवासी सेवाराम का हैं। कभी मिट्टी के जर्जर मकान में बारिश और विषैले जीवों के डर में उनका परिवार रातें बिताया करता था।
सेवाराम ने बताया कि छोटे किसान होने के कारण रोजी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। लिहाजा मकान बनाना एक सपना जैसा था, लेकिन जब प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत उन्हें स्थायी प्रतीक्षा सूची में स्थान मिला और पहली किस्त प्राप्त हुई, तो मानो उनकी जिन्दगीे ने एक नई करवट ली। पूरे परिवार ने श्रमदान कर घर बनाने में साथ दिया। आज उनका पूरा परिवार ना सिर्फ सुरक्षित है बल्कि सामाजिक रूप से सशक्त होने का अहसास भी करा रहा है।
राज्य शासन की दूरगामी सोच और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से सेवाराम जैसे अन्य जरूरतमंद एवं निम्न आय वर्ग के लोगों के पक्के घर के सपने पूरे हो रहे हैं। यहीं कारण है सेवा राम के चेहरे पर जो आत्मविश्वास की जो चमक है, वह प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सफलता का प्रतीक है। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं जरूरतमंदों को पक्का आवास देने वाली योजना के लिए सेवा राम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य मंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने दिव्यांग जीवन को दिया ट्राइसाइकिल, खिला चेहरा
मोहला । जिला कार्यालय परिसर में आज एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब विकासखंड मोहला के ग्राम मार्री श्री जीवन लाल परतेती अपनी रोजमर्रा की पीड़ा और संघर्ष को शब्दों में समेटे हुए समाज कल्याण विभाग पहुँचे। वर्षों से चलने-फिरने में गंभीर कठिनाई झेल रहे श्री जीवन लाल परतेती केवल एक लकड़ी के डंडे के सहारे चलने को मजबूर थे। यह डंडा उनका सहारा जरूर था, परंतु इसके साथ हर कदम दर्द, असुविधा और असहायता की याद भी लेकर आता था।
दैनिक कार्य करना उनके लिए चुनौती बन चुका था। जैसे थोड़ी दूरी तक भी चल पाना कठिन, लगातार शारीरिक दर्द, संतुलन बनाए रखने में परेशानी, साधारण कामों में दूसरों पर निर्भरता एवं घर से बाहर निकलना भी जोखिम भरा रहता था। इसी पीड़ा को लेकर बंया करते श्री जीवन लाल ने समाज कल्याण विभाग में आवेदन दिया। आवेदन देते समय उनकी आँखों में एक उम्मीद की चमक थी। शायद अब उन्हें वह सहायता मिल सके जिसकी वे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे।
उनकी इस गहरी पीड़ा को समझते हुए समाज कल्याण विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिव्यांगजनों हेतु सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत उनके द्वारा दिए आवेदन का तत्काल निराकरण किया। तत्पश्चात आज कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने श्री जीवन लाल परतेती को ट्राइसाइकिल तथा वॉकर प्रदान किया। उपकरण प्राप्त करते ही उनके चेहरे पर एक अलग ही खुशी और राहत की मुस्कान दिखने को मिली।
लंबे समय से सहारे की तलाश कर रहे श्री परतेती ने उपकरण पाकर शासन और जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया और बताया कि यह सहायता उनके जीवन में नई रोशनी और आत्मनिर्भरता लेकर आई है। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आपकी दृढ़ इच्छाशक्ति ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। यह ट्राइसाइकिल और वॉकर न केवल आपकी सुविधा बढ़ाएँगे, बल्कि आपको नए अवसर और आत्मविश्वास भी देंगे। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग से श्री अखिलेश तिवारी उपस्थित रहे।
मानपुर डिपो में लाख पालन कार्यशाला का सफल आयोजन
मोहला । मानपुर डिपो मोहला वनमण्डल मोहला के द्वारा आज लाख पालन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य लाख पालन के लाभों के बारे में ग्रामीणों को जागरूक करना और उन्हें इस व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रेरित करना था। कार्यशाला का संचालन मास्टर ट्रेनर श्रीमती मीतू गुप्ता, श्री सूर्य कुमार ध्रुव, और श्रीमती गरिमा कश्यप ने किया।
कार्यशाला में बिहान लाख का ट्रिटमेंट और कुसुम पेड़ में लाख लगाना जैसे महत्वपूर्ण प्रैक्टिकल कार्य दिखाए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि लाख पालन न केवल एक लाभकारी व्यवसाय हो सकता है, बल्कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि लाख पालन से पर्यावरण के लिए भी लाभकारी हो सकता है, क्योंकि यह पेड़ों की वृद्धि और जैव विविधता को बढ़ावा देता है। कार्यशाला के दौरान, ग्रामीणों ने लाख पालन से जुड़ी कई जिज्ञासाएं व्यक्त की, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा दिया गया। कार्यशाला में कुल 110 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया और लाख पालन के बारे में नई जानकारी प्राप्त की।
कार्यशाला में वनमण्डल अधिकारी मोहला, उप वनमण्डलाधिकारी मानपुर, परिक्षेत्र अधिकारी उत्तर मानपुर, परिक्षेत्र अधिकारी दक्षिण मानपुर, और परिक्षेत्र अधिकारी अंबागढ़ चौकी के अलावा, समिति खैरकट्टा, चिखलाकसा, पुगदा, उचहपुर, खुर्सीपार, कारेकट्टा, और जालवाही के सदस्य शामिल हुए।
मानपुर डिपो में लाख पालन कार्यशाला का सफल आयोजन
110 से अधिक ग्रामीणों ने लिया हिस्सा
मोहला 1 दिसंबर 2025
मानपुर डिपो मोहला वनमण्डल मोहला के द्वारा आज लाख पालन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य लाख पालन के लाभों के बारे में ग्रामीणों को जागरूक करना और उन्हें इस व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रेरित करना था। कार्यशाला का संचालन मास्टर ट्रेनर श्रीमती मीतू गुप्ता, श्री सूर्य कुमार ध्रुव, और श्रीमती गरिमा कश्यप ने किया।
कार्यशाला में बिहान लाख का ट्रिटमेंट और कुसुम पेड़ में लाख लगाना जैसे महत्वपूर्ण प्रैक्टिकल कार्य दिखाए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि लाख पालन न केवल एक लाभकारी व्यवसाय हो सकता है, बल्कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि लाख पालन से पर्यावरण के लिए भी लाभकारी हो सकता है, क्योंकि यह पेड़ों की वृद्धि और जैव विविधता को बढ़ावा देता है। कार्यशाला के दौरान, ग्रामीणों ने लाख पालन से जुड़ी कई जिज्ञासाएं व्यक्त की, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा दिया गया। कार्यशाला में कुल 110 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया और लाख पालन के बारे में नई जानकारी प्राप्त की।
कार्यशाला में वनमण्डल अधिकारी मोहला, उप वनमण्डलाधिकारी मानपुर, परिक्षेत्र अधिकारी उत्तर मानपुर, परिक्षेत्र अधिकारी दक्षिण मानपुर, और परिक्षेत्र अधिकारी अंबागढ़ चौकी के अलावा, समिति खैरकट्टा, चिखलाकसा, पुगदा, उचहपुर, खुर्सीपार, कारेकट्टा, और जालवाही के सदस्य शामिल हुए।