छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर
प्रधानमंत्री मोदी ने की प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना एवं दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की शुरुआत
पीएम धन्य-धान्य योजना से कृषि उत्पादकता, फसल विविधीकरण और किसानों की आय में होगी वृद्धि
एमसीबी, 11 अक्टूबर 2025
आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना एवं दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से देश के किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल की गई है। योजना के अंतर्गत पूरे देश में 100 कृषि जिलों का चयन किया गया है, जिनमें छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा जिले शामिल हैं। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में 36 केंद्रीय योजनाओं का एकीकृत क्रियान्वयन करते हुए कृषि उत्पादकता में वृद्धि, फसल विविधीकरण और सतत् कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य पंचायत एवं ब्लॉक स्तर पर कटाई उपरांत भंडारण क्षमता में वृद्धि, सिंचाई के बुनियादी ढांचे में सुधार, आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहन, तथा अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कृषि ऋण सुविधाओं को सुलभ बनाना है। इसके माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के अनुकूल, बाजार उन्मुख और टिकाऊ कृषि प्रणाली को सशक्त बनाया जाएगा।
मनेंद्रगढ़ जिले में धन-धान्य कृषि योजना का हुआ वर्चुअल शुभारंभ
वर्चुअल शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन देशभर के जिलों की तरह मनेंद्रगढ़ जिले में भी उत्साहपूर्वक किया गया। जिला स्तर पर यह कार्यक्रम वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी मनेंद्रगढ़ के सभागार में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य रामजीत लकड़ा, जनपद पंचायत कृषि स्थायी समिति सभापति रविशंकर वैश्य, जनपद सदस्य आनंद सिंह सहित अनेक कृषकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उप संचालक कृषि इन्द्रासन सिंह पैकरा, सहायक संचालक मत्स्य ओ.पी. मण्डावी, अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्री धर्मेन्द्र कुमार कुर्रे, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रवि कुमार गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से किसानों को नई दिशा मिलेगी तथा कृषि क्षेत्र में समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना से न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि किसानों को बेहतर बाजार और तकनीकी सहायता भी प्राप्त होगी।
जिले में इस योजना से आत्मनिर्भर किसान और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई यह योजना किसानों की आय दोगुनी करने, कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। एमसीबी जिला भी इस योजना से सीधे लाभान्वित होगा। जिले में वर्तमान में लगभग 1.28 लाख से अधिक कृषक परिवार पंजीकृत हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत लघु एवं सीमांत किसान हैं। इस योजना के माध्यम से जिले में अनुमानित 45 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई विस्तार, 10 हजार टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता का निर्माण तथा 250 से अधिक किसान उत्पादक समूह ( PFO) को तकनीकी और वित्तीय सहयोग प्राप्त होगा।
दलहन उत्पादन में वृद्धि के लिए विशेष “दलहन आत्मनिर्भरता मिशन” के अंतर्गत जिले के भरतपुर एवं खड़गवां ब्लॉक को मॉडल क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां उच्च गुणवत्ता के बीज, प्रशिक्षण, और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जाएगी। इससे जिले में न केवल धान पर निर्भरता कम होगी, बल्कि फसल विविधीकरण, मिट्टी की उर्वरता संरक्षण और कृषक आय में 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि का अनुमान है।
आत्मनिर्भर किसान से बनेगा समृद्ध भारत
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जैसे पर्वतीय और आदिवासी अंचलों में इस योजना का क्रियान्वयन ग्रामीण विकास की नई परिभाषा गढ़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल निश्चित ही छत्तीसगढ़ के किसानों को “धान के भंडार से समृद्ध भारत” की ओर अग्रसर करेगी।
ग्राम पंचायत मेरो की उचित मूल्य दुकान हेतु समितियों से आवेदन आमंत्रित, अंतिम तिथि 25 अक्टूबर तक
एमसीबी/ 10 अक्टूबर 2025
कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) चिरमिरी, जिला एमसीबी ब्लाक खड़गवां के आदेशानुसार ग्राम पंचायत मेरो स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान (आईडी क्रमांक 532004001) के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत मेरो के सरपंच एवं सचिव द्वारा निभाए जाने में असमर्थता व्यक्त की गई है। इस परिस्थिति को देखते हुए उक्त दुकान का संचालन किसी सक्षम समिति को सौंपे जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, ताकि क्षेत्र की जनता को खाद्यान्न वितरण की सुविधा सुचारु रूप से मिलती रहे। इस उद्देश्य से आदिम जाति सहकारी समिति, बहुउद्देशीय सहकारी समिति, महिला स्वंय सहायता समूह, वन सुरक्षा समिति एवं अन्य पात्र समितियों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक समितियां 10 अक्टूबर 2025 से 25 अक्टूबर 2025 तक कार्यालयीन समय में आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं। आवेदन के साथ पंजीयन प्रमाण पत्र, पासबुक की छायाप्रति एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा। अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। अनुविभागीय अधिकारी (रा.) चिरमिरी ने स्पष्ट किया है कि उचित मूल्य दुकान का आबंटन नियमानुसार एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अंचल के पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
बंजी हाई स्कूल में बालिकाओं की मानसिक स्वास्थ्य हेतु चलाया गया विशेष जागरूकता कार्यक्रम
एमसीबी/10 अक्टूबर 2025
भारत सरकार की लोकप्रिय योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के अवसर पर ग्राम पंचायत बंजी की हाई स्कूल में बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मिशन सशक्तिकरण मिशन शक्ति हब के द्वारा आयोजित किया गया और इसका संचालन जिला समन्वयक श्रीमती तारा कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजगता बढ़ाना, उनके आत्मविश्वास और मानसिक सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति शिक्षित करना था।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच, आत्म-सम्मान और आत्म-समर्पण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार और जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकुमार खाती के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न इंटरैक्टिव सत्रों, खेल गतिविधियों और संवाद सत्रों में भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों और शिक्षकों ने बालिकाओं को यह समझाया कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही महत्वपूर्ण है और इसे समय पर समझकर और उचित देखभाल के माध्यम से जीवन में स्थिरता, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखी जा सकती है।
कार्यक्रम ने बालिकाओं में आत्मविश्वास और सशक्तिकरण को बढ़ाने के लिए माइंडफुलनेस और ध्यान सत्रों का आयोजन भी किया। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में भाग लेकर न केवल मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को अनुभव किया, बल्कि अपने भीतर सकारात्मक सोच और आत्म-विश्वास का विकास भी किया। इस पहल ने यह संदेश भी स्पष्ट किया कि स्वस्थ मानसिकता वाली बालिका न केवल स्वयं सशक्त होती है, बल्कि अपने परिवार और समाज के विकास में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकती है। सरकार और प्रशासन की यह पहल बालिकाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर बालिका शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दृष्टि से पूर्ण रूप से सशक्त बनें और अपने जीवन में सफलता और खुशहाली प्राप्त कर सके। यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता फैलाने का माध्यम बना, बल्कि बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश भी पहुंचाया।
'आदि कर्मयोगी अभियान' से जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने की ऐतिहासिक पहल
‘आदि कर्मयोगी अभियान‘‘ से जिले में हो रही आदिवासी सशक्तिकरण की नई गाथा
Village Action Plan से विकसित हो रही आत्मनिर्भरता और आदिवासी समाज का नया भविष्य
एमसीबी/10 अक्टूबर 2025

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला की माटी अपने भीतर परिश्रम, परंपरा और प्रकृति के प्रति गहरी आस्था को संजोए हुए है। यहाँ की धरती ने हमेशा समाज को यह सिखाया है कि विकास केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि समाज की चेतना और सहभागिता से संभव होता है। यहाँ के जनजातीय समाज ने सदियों से इस धरती को अपनी मेहनत, संस्कृति और आत्मगौरव से जीवंत बनाए रखा है।
इन्हीं जनजातीय समाज को शासन की योजनाओं से जोड़ने, आत्मनिर्भरता की राह पर ले जाने और विकास की मुख्यधारा में सहभागी बनाने के लिए भारत सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल की गई। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा “आदि कर्मयोगी अभियान” की शुरुआत किया गया । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और “जनजातीय गौरव वर्ष” की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ यह अभियान शासन की उस अवधारणा को साकार करता है जिसमें “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” को धरातल पर दिखाने के लिए अभियान को बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य है जनजातीय समाज में उत्तरदायी नागरिक का निर्माण करना, शासन और सेवा के बीच सीधे संवाद को सशक्त बनाना, और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता व आत्मनिर्भरता विकसित करना मुल मकशद है ।
भारत सरकार ने इस अभियान के अंतर्गत देशभर में हजारों आदिवासी बसाहटों में “आदि सेवा केन्द्र” स्थापित करने की योजना बनाई है, जहाँ स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित “आदि साथी” और “आदि सहयोगी” समुदायों को शासन की योजनाओं से जोड़ रहे हैं। ये केन्द्र ग्राम स्तर पर सूचना, सेवाओं और सशक्तिकरण का संगम बनकर उभर रहा हैं। छत्तीसगढ़ का मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला “आदि कर्मयोगी अभियान” के क्रियान्वयन से एक मॉडल जिला बन गया है। यहाँ जिला प्रशासन ने न केवल इस अभियान को गंभीरता से लागू किया, बल्कि इसे स्थानीय समाज की संस्कृति और जरूरतों से जोड़कर एक जीवंत जनभागीदारी का स्वरूप दे दिया।
जिला प्रशासन, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत और जनजातीय समुदाय ने मिलकर “सेवा से स्वावलंबन” की दिशा में ठोस कार्य किया है। इस जिले की संरचना और आंकड़े बताते हैं कि किस व्यापक दृष्टिकोण से यह अभियान यहाँ लागू हुआ है। विकासखंड मनेन्द्रगढ़ में कुल 54 ग्राम हैं जिनमें 8,421 परिवार निवास करते हैं और यहॉ की कुल जनसंख्या 37,093 है। वहीं विकासखंड खड़गवां में 42 ग्राम है, जिसमें 9,153 परिवार निवास करते हैं और यहां की कुल जनसंख्या 42,332 है। वहीं भरतपुर विकासखंड में 55 ग्रामों में 8,981 परिवार निवास करते है, और कुल जनसंख्या 34,453 निवासरत है। इन तीनों विकासखंडों का कुल योग 151 ग्राम में 26,555 परिवार निवास करते है, वहीं 1,13,878 की जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है। जिसे “आदि कर्मयोगी अभियान” ने विकास के केंद्र में रखा है।
आदि सेवा केन्द्र से शासन की सभी योजनाएं सीधे गाँव तक पहुँच रही
एमसीबी जिले में इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि हर चिन्हांकित बसाहट में “आदि सेवा केन्द्र” की स्थापना की गई है जिले की 151 ग्राम बसाहटों में 151 केन्द्र स्थापित और संचालित किए जा चुके हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से शासन की सभी योजनाएँ सीधे गाँव तक पहुँच रही हैं। प्रत्येक केन्द्र में स्थानीय समुदाय के ही “आदि साथियों” द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो सरकार और समाज के बीच जनभागीदारी निभा रहे हैं। इन केन्द्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल साक्षरता और सामाजिक कल्याण से जुड़ी सेवाएँ उपलब्ध हैं।
नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय के लोग न केवल योजनाओं की जानकारी पा रहे हैं, बल्कि उनमें सहभागिता भी निभा रहे हैं। जिले में कुल 2686 “आदि साथी” और 473 “आदि सहयोगी” नियुक्त किए गए हैं, जो अपने ग्रामों में विकास की धारा प्रवाहित कर रहे हैं। इनकी भूमिका सिर्फ योजनाओं को पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ये ग्राम स्तर पर नेतृत्व, प्रबंधन और संवाद की नयी संस्कृति विकसित कर रहे हैं। यह पहला अवसर है जब जनजातीय समाज के युवाओं को शासन व्यवस्था के साथ नेतृत्व करने की भूमिका में जोड़ा गया है।
Village Action Plan से तैयार होगा विकास का जमीनी खाका
“आदि कर्मयोगी अभियान” की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है कि प्रत्येक चिन्हित ग्राम के लिए Village Action Plan तैयार करना है। यह VAP प्रत्येक ग्राम की आवश्यकताओं, समस्याओं और संभावनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। एमसीबी जिले के सभी 151 चिन्हित ग्रामों के VAP तैयार किए जा चुके हैं, और उन्हें पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। यह प्रक्रिया प्रशासनिक पारदर्शिता और जन सहभागिता का अद्भुत उदाहरण है।
इन VAP में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, कृषि, महिला सशक्तिकरण, आजीविका, पोषण, वन उत्पाद मूल्यवर्धन, पषुपालन, पर्यटन और डिजिटल साक्षरता जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इन योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक ग्राम को आत्मनिर्भर, सशक्त और स्वावलंबी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामसभा और पंचायतों की सहभागिता के साथ यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी ग्राम का विकास बाहरी दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि स्थानीय जरूरतों और संस्कृति को ध्यान में रखकर किया जाए। यही कारण है कि यह अभियान “नीति से नीति तक नहीं, नीति से नीति निर्माण तक” की दिशा में बढ़ता हुआ दिखता है।
प्रशासनिक प्रतिबद्धता और विभागीय समन्वय से गढ़ी जायेगी विकास की नई परिभाषा
एमसीबी जिले में इस अभियान का प्रशासनिक संचालन अत्यंत संगठित ढंग से किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी विभाग अपने क्षेत्र की योजनाओं के अनुरूप संचालित किया जायेगा। सभी ग्रामों से प्राप्त VAP का अध्ययन कर विभागवार एक जिला स्तरीय कार्य योजना तैयार की जा रही है, इसमें प्रत्येक विभाग का दायित्व स्पष्ट किया गया है जिसमें शिक्षा विभाग को विद्यालयों की गुणवत्ता सुधारनी है, स्वास्थ्य विभाग को दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवाएँ पहुँचानी हैं, महिला एवं बाल विकास विभाग को पोषण मिशन को मजबूत बनाना है, कृषि विभाग को आत्मनिर्भर खेती मॉडल विकसित करना है, जबकि पंचायत विभाग को सामुदायिक संस्थाओं के प्रशिक्षण और सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करना है।
‘‘आदि कर्मयोगी अभियान‘‘ जनजातीय गौरव और नवाचार का संगम
“आदि कर्मयोगी अभियान” ने यह सिद्ध किया है कि जनजातीय समाज को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाकर नहीं, बल्कि योजनाओं का निर्माता बनाकर सशक्त किया जा सकता है। यह अभियान सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आधारशिला रख रहा है। इस अभियान ने शासन के पारंपरिक ढांचे को भी चुनौती दी है।
पहले जहाँ योजनाएं ऊपर से नीचे आती थीं, अब योजनाएँ नीचे से ऊपर बन रही हैं। हर “आदि साथी” एक प्रेरक है, हर “आदि सेवा केन्द्र” एक परिवर्तन का स्थल है, और हर ग्राम अब एक जीवंत इकाई बन चुका है जो स्वयं निर्णय ले रहा है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों में यह अभियान जनजातीय गौरव को पुनर्स्थापित कर रहा है। गाँवों में अब युवा डिजिटल साक्षर हो रहे हैं, महिलाएँ स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका के नए अवसर खोज रही हैं, बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा में लौट रहे हैं और समुदाय अपने पर्यावरण के साथ संतुलन बनाए रखते हुए आधुनिकता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
भविष्य में ग्राम से राष्ट्र तक होगा आदि कर्मयोगी का विस्तार
“आदि कर्मयोगी अभियान” एक दीर्घकालीन दृष्टि का प्रतीक है। यह केवल वर्तमान की योजनाओं को लागू करने तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का माध्यम भी है। जब देश “विकसित भारत 2047” की ओर बढ़ रहा है, यह अभियान उस भारत की नींव तैयार कर रहा है जो आत्मनिर्भर, उत्तरदायी और समावेशी होगा। एमसीबी जिला “आदि कर्मयोगी अभियान” का प्रतीक बन चुका है। यहाँ की बसाहटों में स्थापित “आदि सेवा केन्द्र” और तैयार Village Action Plan ने देश के अन्य जनजातीय जिलों के लिए आदर्श बन चुके हैं। आने वाले समय में यह मॉडल पूरे भारत में जनजातीय विकास का मानक बनेगा।
राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के तहत जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता से विद्यार्थियों में जागी वैज्ञानिक चेतना
एमसीबी /10 अक्टूबर 2025
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता का आयोजन सेजेस मनेंद्रगढ़ परिसर में किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी आर. पी. मिरे के निर्देशन में किया गया जिसमें जिले के समस्त शैक्षणिक अधिकारियों और शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। कार्यक्रम की रूपरेखा को व्यवस्थित करने में जिला नोडल अधिकारी श्री इरफान खान, वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती सुनीता मिश्रा, सहायक नोडल जसवंत डहरिया, ब्लॉक नोडल संदीप कुमार, व्याख्याता विक्रांत दुबे और शिक्षक श्री कौशल ने मिलकर प्रश्नों का चयन और प्रतियोगिता संचालन किया। कार्यक्रम में सेजेस मनेंद्रगढ़ के प्राचार्य रामाश्रय शर्मा तथा जिले के समग्र शिक्षा एफएलएन के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
इस जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता को दो मुख्य वर्गों में आयोजित किया गया, जिसमें माध्यमिक स्तर कक्षा छठवीं से आठवीं तक और हाई/हायर सेकेंडरी स्तर कक्षा नवमी से बारहवीं तक शामिल था। प्रतियोगिता में जिले के तीनों ब्लॉक मनेंद्रगढ़, खड़गवां और भरतपुर से चयनित छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में छात्रों ने विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जुड़े विविध प्रश्नों का सामना करते हुए न केवल अपनी बुद्धिमत्ता दिखाई बल्कि वैज्ञानिक चेतना और नवाचार की दिशा में गहरी रुचि भी प्रदर्शित की।
माध्यमिक स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया रवि कुमार यादव ने माध्यमिक शाला बरकेला से, द्वितीय स्थान अफसिबा टोप्पो ने सेजेस भरतपुर से और तृतीय स्थान निहाल यादव ने माध्यमिक शाला बरकेला से प्राप्त किया। हाई/हायर सेकेंडरी स्तर पर प्रथम स्थान कृष्णा साहू ने सेजेस मनेंद्रगढ़, द्वितीय स्थान स्नेहा केवट ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनेंद्रगढ़ और तृतीय स्थान विजय प्रकाश ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरतपुर ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्रीमती सुनीता मिश्रा, जसवंत डहरिया और संदीप कुमार ने कहा कि इस प्रतियोगिता ने छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की सोच को बढ़ावा दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को लगातार सीखने, प्रश्न पूछने और प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के जिला नोडल अधिकारी इरफान खान ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और पालकों का उनके सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएँ न केवल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करती हैं बल्कि उन्हें नवाचार, टीम वर्क और तार्किक सोच में भी कुशल बनाती हैं।
राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के अंतर्गत आयोजित यह जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता छात्रों को वैज्ञानिक ज्ञान और नवाचार की दिशा में प्रेरित करने का एक प्रभावी माध्यम है। यह कार्यक्रम छात्रों में स्वतंत्र सोच, समस्या समाधान की क्षमता और नवाचार के प्रति उत्साह को बढ़ावा देता है। मनेंद्रगढ़ जिले में यह पहल शिक्षा और विज्ञान के प्रति बच्चों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाने का प्रयास है, जिससे आने वाले समय में वे नवीन विचारों और शोध कार्यों में भागीदारी कर सकें। प्रतियोगिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि जिला स्तर पर नवाचार और विज्ञान की समझ को प्रोत्साहित करना न केवल छात्रों के शैक्षणिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि समाज में वैज्ञानिक चेतना और क्रियात्मक सोच के विकास का भी मार्ग प्रशस्त करता है। इस प्रकार सेजेस मनेंद्रगढ़ परिसर में आयोजित यह जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता न केवल विद्यार्थियों में नवाचार की भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रज्वलित करने में सफल रही बल्कि जिले में शिक्षा और विज्ञान के प्रति उत्साह और जागरूकता को भी नया आयाम दिया।
ग्राम पंचायत मेरो की उचित मूल्य दुकान हेतु समितियों से आवेदन आमंत्रित, अंतिम तिथि 25 अक्टूबर तक
एमसीबी/ 10 अक्टूबर 2025
कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) चिरमिरी, जिला एमसीबी ब्लाक खड़गवां के आदेशानुसार ग्राम पंचायत मेरो स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान (आईडी क्रमांक 532004001) के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत मेरो के सरपंच एवं सचिव द्वारा निभाए जाने में असमर्थता व्यक्त की गई है। इस परिस्थिति को देखते हुए उक्त दुकान का संचालन किसी सक्षम समिति को सौंपे जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, ताकि क्षेत्र की जनता को खाद्यान्न वितरण की सुविधा सुचारु रूप से मिलती रहे।
इस उद्देश्य से आदिम जाति सहकारी समिति, बहुउद्देशीय सहकारी समिति, महिला स्वंय सहायता समूह, वन सुरक्षा समिति एवं अन्य पात्र समितियों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक समितियां 10 अक्टूबर 2025 से 25 अक्टूबर 2025 तक कार्यालयीन समय में आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं। आवेदन के साथ पंजीयन प्रमाण पत्र, पासबुक की छायाप्रति एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा।
अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। अनुविभागीय अधिकारी (रा.) चिरमिरी ने स्पष्ट किया है कि उचित मूल्य दुकान का आबंटन नियमानुसार एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अंचल के पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
आंगनबाड़ी सेवाओं से कुपोषित शिवांश हुआ स्वस्थ
समन्वित प्रयासों और संतुलित आहार से मिला कुपोषण पर विजय
मनेंद्रगढ़ , 09 अक्टूबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में चल रहे प्रयासों का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिख रहा है। मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के ग्राम चौनपुर के आंगनबाड़ी केन्द्र नवापारा से जुड़े बालक शिवांश ने आंगनबाड़ी सेवाओं और परिवार के समन्वित प्रयासों से कुपोषण पर विजय पाई।
शिवांश का जन्म 12 जुलाई 2024 को हुआ था। जन्म के समय उसका वजन 2.700 किलोग्राम था। जन्म के बाद पोषण की उचित देखभाल न होने से उसका वजन घटकर कुपोषण की श्रेणी में पहुँच गया था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन ने नियमित वजन मापन के दौरान स्थिति की पहचान की और तत्काल गृहभेंट कर परिवार को उचित परामर्श दिया। श्रीमती लालसा कुमारी को समझाया गया कि वे अपने भोजन में अंकुरित अनाज, मौसमी फल, मुनगा भाजी, दूध, हरी सब्जियाँ और प्रोटीनयुक्त भोजन शामिल करें। बच्चे को स्तनपान के साथ-साथ ऊपरी आहार जैसे दलिया, खिचड़ी, गाढ़ी दाल, पंजीरी, लपशी और हलुआ प्रतिदिन 4-5 बार हल्के रूप में देने की सलाह दी गई। आंगनबाड़ी केन्द्र से मिलने वाले रेडी टू ईट आहार का नियमित सेवन कराया गया। साथ ही परिवार को स्वच्छता, टीकाकरण और समय पर वजन मापन के लिए प्रेरित किया गया।
शिशु अवस्था के दौरान तेज़ी से विकास और वृद्धि के लिए उचित पोषण अत्यंत महत्वपूर्ण है। शुरुआती छह महीनों तक केवल स्तनपान कराने के बाद, स्तनपान बंद करने वाले या पूरक आहार देना ज़रूरी है। ये आहार पोषक तत्वों से भरपूर होने चाहिए, जिनमें मसले हुए फल, सब्ज़ियाँ और अनाज शामिल हों, ताकि शिशु को पर्याप्त विटामिन और खनिज मिल सकें। लगातार देखरेख और पौष्टिक आहार के सेवन से शिवांश का वजन धीरे-धीरे बढ़ने लगा। कुछ ही महीनों में उसका वजन सामान्य श्रेणी में पहुँच गया। अब वह स्वस्थ और सक्रिय है।
यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि आंगनबाड़ी की सेवाओं, मितानिन और परिवार को संयुक्त प्रयास करने से कुपोषण जैसी चुनौती पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि शिवांश जैसी प्रेरक कहानियाँ बताती हैं कि जागरूकता, सामुदायिक सहयोग और पोषण आहार के नियमित उपयोग से “सुपोषित छत्तीसगढ़” का सपना साकार हो रहा है।
सेमवती सिंह : आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की नई मिसाल
सेवा पखवाड़ा दिवस पर दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को मिला संबल
सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम में उमड़ा उत्साह, समाज कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से हुआ सफल आयोजन
एमसीबी/ 07 अक्टूबर 2025
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती (02 अक्टूबर) को जिले में सेवा पखवाड़ा दिवस के अंतर्गत आयोजित विशेष कार्यक्रम ने दिव्यांगजनों और वृद्धजनों के जीवन में नई रोशनी भर दी। समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में आत्मानंद विद्यालय, मनेन्द्रगढ़ में सहायक उपकरण वितरण समारोह का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सहारा प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना था।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर जिले के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती चम्पा देवी पावले थीं। उनके साथ जनपद अध्यक्ष श्रीमती जानकी बाई खुसरो, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सरोज यादव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री धरमेन्द्र पटवा, जन प्रतिनिधि राहुल सिंह, सरजू यादव, अभिषेक वर्मा और आशीष मजूमदार भी मौजूद रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों में डिप्टी कलेक्टर प्रभारी सहायक संचालक समाज कल्याण विभाग श्रीमती इंदिरा मिश्रा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ सुश्री वैशाली सिंह विशेष रूप से शामिल हुईं। सभी अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा और महत्व को और बढ़ा दिया।
सहायक उपकरण वितरण से खिले चेहरे
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को सहायक उपकरण प्रदान करना रहा। इसमें वृद्धजनों को छड़ी दी गई, जबकि दिव्यांगजनों के लिए मोटराइज सायकल, ट्राई सायकल, व्हीलचेयर और एयरफोन का वितरण किया गया। जैसे ही लाभार्थियों को उपकरण मिले, उनके चेहरों पर प्रसन्नता और आत्मविश्वास झलकने लगा। इन उपकरणों से न केवल उनकी दैनिक जीवन की कठिनाइयां कम होंगी, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानपूर्वक जीने की नई प्रेरणा भी मिलेगी।
अतिथियों ने बढ़ाया हौसला और आत्मविश्वास
समारोह के दौरान सभी गणमान्य अतिथियों ने लाभार्थियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्य अतिथि श्रीमती चम्पा देवी पावले ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने दिव्यांगजनों और वृद्धजनों की सेवा को मानवीय संवेदनशीलता का प्रतीक बताया और सभी नागरिकों से उनके प्रति सहयोग और सम्मान का भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए इस पहल को सराहनीय बताया और कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।
समाज कल्याण और शिक्षा विभाग का सराहनीय योगदान
यह आयोजन समाज कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से संभव हुआ। दोनों विभागों के सहयोग ने न केवल सहायक उपकरणों का वितरण सुनिश्चित किया, बल्कि आयोजन की व्यवस्थाओं को भी उत्कृष्ट बनाया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लाभार्थियों और नागरिकों के लिए सल्पाहार की व्यवस्था की गई, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का सफल समापन
आयोजन के अंत में मुख्य अतिथि श्रीमती चम्पा देवी पावले ने कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की। इस अवसर ने दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को केवल सहायक उपकरण ही नहीं दिए, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास जगाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का भी कार्य किया।
सेवा पखवाड़ा दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल समाज कल्याण की दिशा में एक मजबूत कदम सिद्ध हुआ, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि यदि सामूहिक प्रयास किए जाएं तो समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है।
गौधाम संचालन हेतु आवेदन आमंत्रित
आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2025
एमसीबी/07 अक्टूबर 2025
जिले में निराश्रित गोवंशीय पशुओं के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से गौधाम योजना के संचालन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं, एनजीओ एवं पंजीकृत गौशालाओं से रूचि की अभिव्यक्ति (EOI) आमंत्रित की गई है। यह प्रक्रिया छत्तीसगढ़ विकास विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रारंभ की गई है। इच्छुक संस्थाएं निर्धारित प्रपत्र में अपना आवेदन 15 अक्टूबर 2025 सायं 4 बजे तक कार्यालय उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, मनेन्द्रगढ़ जिला-एमसीबी में जमा कर सकती हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गौधामों में केवल निराश्रित व भटके हुए गोवंशीय पशु तथा कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 (संशोधित 2011) एवं छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2014 के तहत जब्त किए गए पशु ही रखे जाएंगे।
चयनित संस्था को गौधाम संचालन, पशु देखभाल, प्रबंधन, संसाधन व्यवस्था एवं वित्तीय अनुशासन की संपूर्ण जिम्मेदारी वहन करनी होगी।
गौधाम योजना से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी - योजना का स्वरूप, भूमि की आवश्यकता, पशु रखने की क्षमता, क्रियान्वयन प्रणाली, संस्था चयन की पात्रता, कार्यकाल, दायित्व, मानव संसाधन व्यवस्था, प्रबंधन, वित्त पोषण एवं गौसेवा आयोग में पंजीयन प्रक्रिया कृ कार्यालय उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, मनेन्द्रगढ़ से कार्यालयीन समय (प्रातः 10 बजे से सायं 5:30 बजे तक) प्राप्त की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त, आवेदन प्रपत्र एवं दिशा-निर्देश जिले की वेबसाइटhttp://meb.gov.inसे भी डाउनलोड किए जा सकते हैं।
अपर कलेक्टर ने आमजनों की सुनी समस्याएं, गंभीरतापूर्वक निराकरण के दिए निर्देश
कलेक्टर जनदर्शन में 20 आवेदन हुए प्राप्त
एमसीबी/07 अक्टूबर 2025
कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन में अपर कलेक्टर विनायक शर्मा ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीण जन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे अपर कलेक्टर के समक्ष रखा। अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। आज की जनदर्शन में कुल 20 आवेदन प्राप्त हुए। इस जनदर्शन में आवेदक राजकुमारी निवासी कछौड़ पुस्तैनी जमीन के बटांकन की कार्यवाही किए जाने के संबंध में, भभूति निवासी झगराखाण्ड ऑटो वाहन चालक योजना देने के संबंध में, सुनिल तिर्की निवासी कछौड़ भूमि के संबंध में, जुकनी बाई निवासी बुलाकीटोला पति से अपना हिस्सा लेने के संबंध में, मानमती निवासी डोमनापारा हेंड पंप के संबंध में एवं अपूर्ण बाउड्रीवॉल को पूर्ण कराने के संबंध में और उचित मूल्य की दुकान से मध्यान्ह भोजन योजना का चावल वितरण के संबंध में, नारायण कुमार (भृत्य) को कार्यमुक्त कर पदस्थ संस्था में कार्यभार ग्रहण करने के संबंध में, टंकी पाइप मरम्मत के संबंध में, स्टाप डेम निर्माण के संबंध में, समस्त ग्रामवासी लालपुर भूमि के संबंध में, बसंतलाल निवासी दर्रीटोला भूमि के संबंध में, राहुल राय पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि दिलाने के संबंध में, संजय कुमार गुप्ता निवासी मनेन्द्रगढ़ ऋण प्रदान न करने के संबंध में, हरिचरण भूमि के संबंध में, अजय निवासी चनवारीडांड परिवार को सहायता राशि दिलवाने के संबंध में, रूप नारायण निवासी खैरबना भूमि के संबंध में, रामसुन्दर निवासी मुसरा अनुदान राशि प्रदान किए जाने के संबंध में, रिकेश साहू निवासी नागपुर भूमि के संबंध में, मायावती निवासी तेंदुडांड स्कूल में पानी की व्यवस्था के संबंध में, अपनी शिकायत लेकर उपस्थित हुए थे। अपर कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।
पीएम आवास एवं स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा बैठक सम्पन्न
जिला पंचायत सीईओ ने दिए सख्त निर्देश, समयसीमा में पूर्ण हों आवास
मनेंद्रगढ़ /07 अक्टूबर 2025
जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ के अमृत सदन सभाकक्ष में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।
अधूरे और अप्रारंभ आवास शीघ्र पूर्ण हों
बैठक में सीईओ ने कहा कि सभी अप्रारंभ और अपूर्ण आवासों को शीघ्र प्रारंभ कर निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने तकनीकी सहायकों को नियमित फील्ड विजिट कर प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। 15 अक्टूबर तक निर्धारित लक्ष्यों और 1 नवंबर तक प्रदत्त लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति पर विशेष बल दिया गया।
मनरेगा योजनाओं की समीक्षा
बैठक में मनरेगा योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लेबर बजट तैयार करने, जल संरक्षण और संवर्धन कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही सभी जॉब कार्ड धारकों का केवाईसी शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
स्वच्छ भारत मिशन पर जोर
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों का निर्माण, डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण, पृथक्करण व्यवस्था और यूजर चार्ज संग्रह पर जोर दिया गया। स्वच्छाग्रहियों को समय पर मानदेय भुगतान और सामुदायिक शौचालयों के निर्माण एवं रखरखाव पर विशेष बल दिया गया।
अटल सेवा केंद्र और महिला सशक्तिकरण
सीईओ ने अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के नियमित संचालन और ग्रामीणों को अधिकतम लाभ दिलाने की बात कही। आदिकर्मयोगी योजना के तहत विलेज एक्शन प्लान की समीक्षा कर जर्जर पंचायत भवनों के चिन्हांकन पर निर्देश दिए। उन्होंने कृषि सखी, पशु सखी, पीआरपी एवं स्व-सहायता समूहों की सक्रिय महिलाओं को आवास निर्माण से जोड़ने पर बल दिया, ताकि ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
बैठक में एपीओ मनरेगा, जिला समन्वयक पीएमएवाई, एडीपीएम आरजीएसए सहित सचिव, सरपंच, रोजगार सहायक और तकनीकी सहायक उपस्थित रहे। सीईओ ने सभी अधिकारियों व पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की प्रगति का प्रतिदिन फील्ड स्तर पर मूल्यांकन करने और समयबद्ध लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
बेलबहरा में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के अंतर्गत बालिकाओं को दिया गया मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी
एमसीबी, 07 अक्टूबर 2025
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के अंतर्गत “वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे” की थीम पर बेलबहरा हाई स्कूल में बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, भावनात्मक सशक्तिकरण और समग्र व्यक्तित्व विकास पर केंद्रित एक भव्य एवं प्रेरणादायी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट के मार्गदर्शन और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकुमार खाती के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का मंच संचालन मिशन शक्ति हब की जिला समन्वयक श्रीमती तारा कुशवाहा द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने प्रभावशाली संचालन और प्रेरक शब्दों से पूरे कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी। आज के कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता सुश्री अमीषा कुशवाहा, चाइल्ड लाइन की परामर्शदाता श्रीमती रूमा पाठक, बाल संरक्षण इकाई के परामर्शदाता श्री राकेश कुमार साहू ने भी बालिकाओं के जीवन में आने वाली समस्याओं पर बातचीत किया और उन समस्याओं के समाधान के बारे में बालिकाओं को जानकारी प्रदान किया। विद्यालय परिसर इस अवसर पर उत्साह, ऊर्जा और जागरूकता से सराबोर रहा, जहाँ छात्राओं और शिक्षकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। विशेषज्ञ वक्ताओं ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास निर्माण, परीक्षा के दबाव से निपटने, तथा जीवन में संतुलन और दृढ़ता बनाए रखने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। मनोवैज्ञानिकों ने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहना जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है, क्योंकि एक सशक्त मन ही सशक्त समाज और सफल भविष्य की नींव रखता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को योग, ध्यान, आत्म-चिंतन और समय प्रबंधन जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें बताया गया कि आधुनिक प्रतिस्पर्धा के इस युग में मानसिक संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। बालिकाओं को प्रेरित किया गया कि वे अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में हिचकिचाएँ नहीं और जरूरत पड़ने पर परिवार, शिक्षकों या मित्रों से खुलकर संवाद करें। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने “वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे” और “महिला सशक्तिकरण - मिशन शक्ति हब” थीम पर आधारित निबंध, भाषण और पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए। उनके बनाए पोस्टर और स्लोगन समाज को यह संदेश दे रहे थे कि एक सशक्त बेटी ही स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है। छात्राओं की प्रस्तुतियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और मानसिक दृढ़ता का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति खुली चर्चा आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक बेटी को अपने भीतर के विचारों और भावनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए। मानसिक चुनौतियों से निपटने के लिए सहायता मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि एक समझदारी भरा कदम है। शिक्षकों ने छात्राओं को अनुशासन, सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी। जिला प्रशासन द्वारा इस आयोजन को “स्वस्थ मन, सशक्त बेटी - मजबूत समाज की नींव” थीम पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य बेटियों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना था।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्राओं और शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि इस प्रकार की पहले समाज में सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता का संचार करती हैं। ऐसी गतिविधियां न केवल बालिकाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करती हैं, बल्कि एक जागरूक, प्रगतिशील और मानसिक रूप से सशक्त समाज की नींव भी रखती हैं। समापन सत्र में सभी छात्राओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे अपने आसपास मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी और समाज में “स्वस्थ मन, सशक्त भारत” का संदेश घर-घर तक पहुँचाएंगी। यह प्रेरणादायक आयोजन न केवल बालिकाओं के मानसिक विकास का प्रतीक बना, बल्कि यह संदेश भी दिया कि मानसिक रूप से मजबूत बेटियाँ ही भविष्य के सशक्त भारत की वास्तविक पहचान हैं।
मादक पदार्थों पर सर्जिकल स्ट्राइक: पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में किया गया भारी मात्रा में नशे का नष्टीकरण
एमसीबी/ 03 अक्टूबर 2025
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज के कड़े निर्देशों और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिले की पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। विगत 30 सितम्बर 2025 को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विगत चार वर्षों के दौरान जब्त किए गए भारी मात्रा में मादक पदार्थों का पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह की उपस्थिति में विधिवत नष्टीकरण किया गया।
इस कार्यवाही में थाना खडगवां, चिरमिरी, झगराखाण्ड, मनेन्द्रगढ़, केल्हारी एवं जनकपुर थानों में वर्ष 2021 से 2025 तक नारकोटिक्स एक्ट के अंतर्गत दर्ज कुल 39 प्रकरणों में जब्त मादक पदार्थ शामिल थे। नष्टीकरण की प्रक्रिया के दौरान पुलिस द्वारा 169 किलो 221 ग्राम गांजा, 41 नग गांजा के पौधे, 123 नग कफ सिरप, 136 नग नशीली टेबलेट व कैप्सूल और 368 नग नशीली इंजेक्शन को नष्ट किया गया। यह कार्रवाई जिले में नशे के कारोबार और अवैध गतिविधियों पर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।
नष्टीकरण की पूरी कार्यवाही पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह के मार्गदर्शन में की गई। इस दौरान पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मनेन्द्रगढ़ एलेक्स टोप्पो, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्रीमती तरसीला टोप्पो, सुश्री शशीकला पैकरा तथा जिला आबकारी प्रभारी सहित विभिन्न थाना प्रभारियों और पुलिस बल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
एसपी चन्द्रमोहन सिंह ने इस मौके पर कहा कि जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी और खपत पर रोक लगाने के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। समाज को नशे के जाल से बचाना पुलिस की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। आईजी सरगुजा रेंज के निर्देश पर आयोजित इस कार्रवाई को स्थानीय जनता ने भी सराहा और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे ठोस कदम उठाकर जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
स्वच्छ भारत दिवस पर सम्मानित हुए स्वच्छता सेवक, स्वच्छता की मिसाल बने ग्रामीण
एमसीबी /03 अक्टूबर 2025
जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए गए स्वच्छता ही सेवा स्वच्छ स्वच्छ उत्सव अभियान का समापन 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस पर हुआ। इस दौरान डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और पृथक्करण कार्य में सक्रिय रूप से संलग्न स्वच्छाग्रही समूहों और स्वच्छता सेवकों को सम्मानित किया गया। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के दिशानिर्देशन और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में जनप्रतिनिधियों, युवाओं, कर्मचारियों, अधिकारियों और ग्रामीणों की सहभागिता से गांव-गांव स्वच्छता की अलख जगाई।
स्वच्छ भारत दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में ग्राम पंचायत साल्ही, चौघड़ा, नागपुर, सीरियाखोह, शंकरगढ़, बरबसपुर और लालपुर की महिलाओं को मुख्य अतिथि द्वारा साल-श्रीफल से सम्मानित किया गया। वहीं भूपेन्द्र सिंह, संतलाल साहू, भुनेश्वर पैकरा, जयदीप त्रिपाठी, मोहित हटकें, अनिल सिंह, बबन सिंह सहित कई सचिवों को भी विशेष सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम में पूर्व संसदीय सचिव चंपादेवी पावले, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू, जनपद अध्यक्ष जानकी खुसरो, जिला सदस्य अनीता सिंह और उजित नारायण सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा, विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव, सीईओ जनपद वैशाली सिंह, जिला समन्वयक राजेश जैन, प्रभारी ब्लॉक समन्वयक प्रभा पयासी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वच्छाग्राही उपस्थित रहे।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता सेवकों की कर्तव्य परायणता से आज गांव, चौक-चौराहे, पर्यटन स्थल और सार्वजनिक स्थान स्वच्छ दिख रहे हैं। इनके समर्पित कार्य से गंदगी जनित बीमारियों में कमी आई है और स्वच्छ वातावरण बन रहा है। स्वच्छता सेवकों के इस योगदान को वंदनीय बताते हुए सभी ने उनके निरंतर सहयोग और समर्पण की सराहना की। कार्यक्रम में यूजर चार्ज को लेकर भी जन जागरूकता का आह्वान किया गया। कहा गया कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और पृथक्करण के सतत क्रियान्वयन के लिए हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह 10 से 20 रुपये मासिक यूजर चार्ज अवश्य अदा करे, जिससे स्वच्छता सेवकों को नियमित प्रोत्साहन राशि मिल सके।
साथ ही यह भी बताया गया कि ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग के टाइड ग्रांट की 30 प्रतिशत राशि स्वच्छता पर व्यय करनी होगी और शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक पंचायत में संलग्न स्वच्छता सेवकों को मासिक प्रोत्साहन देना अनिवार्य है। स्वच्छ भारत दिवस पर हुए इस आयोजन ने स्वच्छाग्रहियों के मनोबल को ऊँचा उठाया और ग्रामीणों को यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सेवा नहीं बल्कि समाज का कर्तव्य है।
महात्मा गांधी जयंती पर जिले में शुरू हुआ कुष्ठ रोग जागरूकता सप्ताह
एमसीबी /03 अक्टूबर 2025
जिले में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक कुष्ठ जागरूकता सप्ताह की शुरुआत की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. मो. वसीक अस्दक, अवनीश पांडेय और कुष्ठ सहायक नोडल संतोष सिंह ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को रवाना किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बताया गया कि कुष्ठ कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बल्कि इसका 100 प्रतिशत इलाज संभव है। जरूरत है केवल सही समय पर पहचान और उपचार की। डॉ. मो. वसीक अस्दक ने बताया कि समाज में आज भी कुष्ठ के प्रति कई तरह की गलतफहमियां फैली हुई है, जबकि यह पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में हल्के रंग का धब्बा, धब्बे वाले स्थान पर सुन्नपन, कोहनी के पास नस का मोटापन या कान के ऊपर मोटापन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच करानी चाहिए। जिला कुष्ठ अधिकारी ने यह भी बताया कि कुष्ठ रोग की सभी दवाइयां जिले के प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में निशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि लक्षण दिखने पर बिना झिझक उपचार लें और दूसरों को भी इस संबंध में जागरूक करें।
जिले में 02 अक्टूबर को सभी ग्राम पंचायतों में होगी ग्रामसभा का आयोजन
ग्रामसभाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक ग्रामसभा स्थल पर पोस्टर चस्पा करने के दिए निर्देश
ग्रामसभा में पंचायत की आय-व्यय एवं योजनाओं की प्रगति और मनरेगा कार्यों की होगी विशेष समीक्षा
छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा-6 के प्रावधान तथा शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 24 मार्च 2008 के निर्देशानुसार मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं उनके आश्रित ग्रामों में 02 अक्टूबर 2025 को ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा। निर्धारित तिथियों 23 जनवरी, 14 अप्रैल, 20 अगस्त एवं 02 अक्टूबर के अतिरिक्त प्रतिवर्ष जून और नवम्बर माह में भी ग्रामसभा आयोजित की जाती है। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने समय सीमा की बैठक के दौरान जानकारी दी कि 02 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक ग्राम सभा स्थल पर पोस्टर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामसभा कार्यवाही में पंचायत की आय-व्यय समीक्षा, योजनाओं की प्रगति, मनरेगा कार्यों की स्थिति, सामाजिक अंकेक्षण, खाद्यान्न वितरण, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, पंचायत कर निर्धारण, आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) स्कोर सहित अनेक विषयों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही एचआईवी/एड्स जागरूकता, धान उपार्जन हेतु Agristack Portal पंजीयन, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, राष्ट्रीय पोषण माह 2025 और अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष से जुड़े बिंदुओं को भी एजेंडे में शामिल किया गया है।
इस बार आयोजित होने वाली ग्रामसभा में ग्रामसभा की पूर्व बैठक में पारित संकल्पों के क्रियान्वयन संबंधी प्रतिवेदन, पंचायतों के विगत तिमाही आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, पिछली वर्ष की योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की स्थिति, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत रोजगार की मांग और उपलब्धता की समीक्षा तथा आगामी कार्यों की सूची का वाचन किया जाएगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत पेंशन योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण एवं हितग्राहियों का सत्यापन, जरूरतमंद व्यक्तियों हेतु खाद्यान्न वितरण और लाभान्वितों की सूची का वाचन, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन से संबंधित प्रकरणों की जानकारी, मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं चिकित्सकीय सुविधाओं पर चर्चा भी इस बैठक का हिस्सा होगी। ग्राम पंचायतों में कर अधिरोपण एवं संग्रहण को ऑनलाइन करने हेतु समर्थ पंचायत पोर्टल का उपयोग और वर्तमान वित्तीय वर्ष हेतु कर दर निर्धारण पर विचार, पंचायत पदाधिकारियों तथा अधिकारियों/कर्मचारियों से लेखा-हिसाब और बकाया राशि की जानकारी का वाचन, राज्य की सड़कों पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रभावी व्यवस्था, जनजागरूकता और संकल्प पारित करने पर भी चर्चा होगी। साथ ही पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) 1.0 परिणामों में सुधार के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और भागीदारी योजना को बढ़ावा देने हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय प्रदर्शन डेटा भी साझा किया जाएगा।
अन्य विभागीय एजेण्डा में एचआईवी के कारणों, बचाव उपायों और एचआईवी/एड्स एक्ट 2017 की जानकारी, गर्भवती महिलाओं को एचआईवी एवं सिफलिस जांच हेतु प्रोत्साहित करने पर चर्चा होगी। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु कृषकों के Agristack Portal एवं एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन से जुड़ी कार्यवाही, ग्रामवार धान के रकबा एवं कृषकवार डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी विवरण का पठन एवं पंचायत भवन में चस्पा कराने की कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह 2025, भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाने तथा सहकार से समृद्धि पहल की जानकारी और सहकारी समितियों की सदस्यता से अधिकतम संख्या में जुड़ने पर भी चर्चा होगी। ग्रामसभा में लिये गये निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कर "ग्राम सभा निर्णय" मोबाइल एप में अपलोड किया जाएगा। भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित "समासार" पोर्टल का उपयोग कर जिले की न्यूनतम 10 पंचायतों की कार्यवाही का एआई आधारित विवरण तैयार किया जाएगा। साथ ही ग्राम सभा की गतिविधियों को Vibrant Gram Sabha Portal (https:@@meetingonline-gov-in) एवं GPDP पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपलोड करना सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर, जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त विषय भी इस ग्राम सभा के एजेण्डा में शामिल किये जा सकेंगे।