छत्तीसगढ़ / बस्तर
मंडी बोर्ड उप निरीक्षक परीक्षा हेतु 46 केंद्रों में 12 हजार से अधिक परीक्षार्थी होंगे शामिल
कलेक्टर ने दिए सुचारू व्यवस्था के निर्देश
जगदलपुर, 21 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा आगामी 26 अप्रैल को आयोजित होने वाली छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारियां जिले में अंतिम चरण पर हैं। इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जगदलपुर में कुल 46 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां 12,136 अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। हालांकि यह परीक्षा प्रदेश के चुनिंदा 16 जिलों में आयोजित की जा रही है, लेकिन इसमें सभी 33 जिलों के अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा की समय-सारणी के अनुसार यह लिखित परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक संचालित होगी। सुरक्षा और सत्यापन की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 2 घंटे पहले केंद्र पर रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा, ताकि उनकी सघन तलाशी (फ्रिस्किंग) और फोटो युक्त मूल पहचान पत्र से मिलान किया जा सके। समय की पाबंदी को लेकर निर्देश अत्यंत सख्त हैंय परीक्षा केंद्रों का मुख्य द्वार ठीक सुबह 9.30 बजे बंद कर दिया जाएगा और इसके बाद पहुंचने वाले किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए परीक्षा से एक दिन पहले अपने आबंटित केंद्र का अवलोकन अवश्य कर लें।
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए विशेष ड्रेस कोड भी लागू किया गया है, जिसके तहत परीक्षार्थियों को केवल हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े और फुटवियर में चप्पल पहनकर आने की हिदायत दी गई है। काले, गहरे नीले, जामुनी, मैरून या गहरे चॉकलेटी जैसे रंगों के कपड़े पहनकर आने पर पाबंदी रहेगी। साथ ही परीक्षा कक्ष के भीतर मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, ब्लूटूथ डिवाइस, पर्स, बेल्ट, टोपी और यहां तक कि कान के आभूषण ले जाना भी पूर्णतः वर्जित है। जो अभ्यर्थी किसी धार्मिक या सांस्कृतिक पोशाक में आएंगे, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच के उपरांत ही अनुमति दी जाएगी, जिसके लिए उन्हें सामान्य समय से पहले केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा। अनुचित साधनों का उपयोग करने पर अभ्यर्थी की पात्रता तत्काल समाप्त कर कठोर कार्रवाई की जाएगी, अतः परीक्षार्थी केवल अपने साथ नीले या काले बॉल पॉइंट पेन ही लेकर आएं।
आम जनता से प्राप्त आवेदनों के निराकरण सहित सुशासन तिहार की करें तैयारी-कलेक्टर श्री आकाश छिकारा
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश
जगदलपुर, 21 अप्रैल 2026
कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने कहा कि सुशासन तिहार का आयोजन मई माह से किया जाएगा इसकी आवश्यक तैयारियाँ के साथ ही आम जनता के विभिन्न माध्यमों से प्राप्त आवेदनों के निराकरण एवं लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करना सुनिश्चित करें। मंगलवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की कार्यों और योजनाओं प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए ।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि 1 मई से प्रारंभ होने वाले सुशासन तिहार से पूर्व शासन के विभिन्न पोर्टलों-सीएम हेल्पलाइन, पीजी पोर्टल, जनदर्शन एवं राजस्व प्रकरणों में प्राप्त सभी शिकायतों का निराकरण कर लिया जाए। साथ ही हितग्राहीमूलक योजनाओं के लंबित भुगतान की राशि वितरण तथा मूलभूत संरचना से संबंधित आवेदनों का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नियद नेल्लानार योजना 2.0 और बस्तर मुन्ने के शिविरों में लक्षित योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। 24 अप्रैल को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में ग्राम विकास से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा करने तथा जिले में प्रस्तावित सुशासन तिहार के शिविरों की तैयारियों की समीक्षा भी की गई।
स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत स्क्रीनिंग की दर बढ़ाने, लक्ष्य आधारित स्वास्थ्य जांच करने तथा आवश्यकतानुसार मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जांच की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य अमले को प्रशिक्षण देने पर भी बल दिया गया। बैठक में धान उपार्जन केंद्रों से 30 अप्रैल तक धान का उठाव सुनिश्चित करने, चावल भंडारण की स्थिति, एपीसी बैठक की तैयारियों, नक्शा बंटांकन, असर्वेक्षित गांवों के प्रकरण, स्वामित्व योजना तथा पीएम आवास योजना (शहरी) के लंबित कार्यों की ऑनलाइन प्रविष्टि कराने की समीक्षा की गई।
इसके अलावा जनगणना के लिए स्व-गणना भरने, निष्क्रिय खातों की राशि शासन के खातों में जमा कराने, संपूर्णता अभियान 2.0, हाउसिंग बोर्ड के निर्माण कार्यों की प्रगति तथा आयुष्मान कार्ड की स्थिति की भी समीक्षा की गई। 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों के पेंशन प्रकरणों की तैयारी, एनक्यूएएस प्रमाणन हेतु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, रेड कॉल सेंटर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए बढ़ावा देने पर चर्चा किए।
बैठक में पीएम श्री योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों की प्रगति, एनआरसी में बच्चों की उपस्थिति तथा स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत एनसीडी स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अंत में कलेक्टर ने जनदर्शन में नागरिकों से आवेदन लेकर अधिकारियों को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस दौरान वन मंडलाधिकारी श्री उत्तम गुप्ता, अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल, ऋषिकेश तिवारी, सहायक कलेक्टर श्री विपिन दुबे सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे ।
अग्निवीर भर्ती-युवाओं को सेना में भर्ती हेतु मिलेगी निःशुल्क कोचिंग
4 मई से शुरू होगा विशेष प्रशिक्षण
जगदलपुर, 21 अप्रैल 2026
भारतीय थल सेना में अपनी सेवाएं देने का सपना देख रहे जिले के युवाओं के लिए जिला प्रशासन ने सहायता का हाथ बढ़ाया है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार जून 2026 में प्रस्तावित अग्निवीर सेना भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क कोचिंग क्लास आयोजित की जा रही है। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी 4 मई से शुरू होकर 4 जून तक संचालित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को लिखित परीक्षा के लिए तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।
इस वर्ष बस्तर जिले से कुल 620 अभ्यर्थियों ने थल सेना की वेबसाइट पर अपना सफल पंजीकरण कराया है। इन युवाओं को परीक्षा की बारीकियां समझाने और उनकी तैयारी को पुख्ता करने की दिशा में निःशुल्क कोचिंग प्रदान करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा 30 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।इच्छुक उम्मीदवार रोजगार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://erojgar.cg.gov.in/पर जाकर या विभाग द्वारा जारी क्यूआर कोड को स्कैन करके अपना आवेदन ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकते हैं। इस निःशुल्क प्रशिक्षण का लाभ केवल वही युवा उठा पाएंगे जिनके पास रोजगार कार्यालय का वैध पंजीयन और अग्निवीर थल सेना भर्ती 2026 का आधिकारिक पंजीकरण क्रमांक उपलब्ध होगा।
सखी निवास एवं शक्ति सदन में संविदा भर्ती हेतु पात्रता सूची जारी
29 अप्रैल 2026 तक दावा-आपत्ति आमंत्रित
जगदलपुर, 17 अप्रैल 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन शक्ति अंतर्गत सखी निवास एवं शक्ति सदन में रिक्त संविदा भर्ती हेतु पदों पर जिले की वेबसाइट में गूगल शीट के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये गये थे। प्राप्त आवेदन पत्रों को जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा स्क्रीनिंग कर पात्र एवं अपात्र की प्रारंभिक सूची तैयार की गई है। इस सूची का अवलोकन जिले की वेबसाइट एवं कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जगदलपुर जिला-बस्तर के सूचना पटल पर किया जा सकता है। संबंधित आवेदकों के द्वारा उपरोक्त सूची अनुसार आगामी 29 अप्रैल 2026 तक कार्यालयीन समय सायंकाल 5ः30 बजे तक दावा-आपत्ति स्वीकार की जावेगी। इस संबंध में कार्यालय में प्रदर्शित सूची अंतिम मानी जावेगी। आवेदक अपनी दावा-आपत्ति रजिस्टर्ड डाक, स्पीड पोस्ट एवं कोरियर के माध्यम से कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, जगदलपुर जिला-बस्तर में प्रस्तुत कर सकते हैं। किसी अन्य माध्यम ई-मेल या कार्यालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत दावा-आपत्ति मान्य नहीं किया जाएगा.
अग्नि सुरक्षा जागरूकता सप्ताह बच्चों की कला और कलम ने दिया सुरक्षा का संदेश
जगदलपुर, 17 अप्रैल 2026
अग्नि सुरक्षा के प्रति समाज को सजग बनाने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे अग्नि सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के दौरान उत्साह और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला। इस अभियान के के तहत 15 एवं 16 अप्रैल को निबंध और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी लेखनी के माध्यम से अग्नि दुर्घटनाओं के कारणों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बच्चों के निबंधों में न केवल आग से बचने के तकनीकी तरीके शामिल थे, बल्कि समाज को सतर्क रहने का एक सशक्त संदेश भी छिपा था। उनकी वैचारिक गहराई ने वहां मौजूद सभी लोगों को प्रभावित किया।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए गुरुवार 16 अप्रैल को रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने पूरे परिसर को रंगों और संदेशों से सरोबार कर दिया। इस प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जमीन पर रंगों के माध्यम से अग्नि सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को जीवंत किया। किसी ने अग्निशमन यंत्रों की आकृति बनाई तो किसी ने सुरक्षा ही बचाव है के संकल्प को रंगों के जरिए उकेरा। दोनों ही दिनों के कार्यक्रमों में बच्चों ने जिस ऊर्जा के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, वह सराहनीय रहा। बच्चों के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि जागरूकता की यह मशाल आने वाली पीढ़ी के हाथों में पूरी तरह सुरक्षित है। विद्यालय प्रशासन और अतिथियों ने बच्चों के इस हुनर की जमकर सराहना की और उन्हें भविष्य के प्रति सजग रहने हेतु प्रोत्साहित किया।
बस्तर की 86 सड़कों के लिए मुख्यमंत्री ने किया भूमिपूजन
235 किलोमीटर सड़कों का बिछेगा जाल
जगदलपुर, 17 अप्रैल 2026
बस्तर के विकास पथ पर आज एक नया अध्याय जुड़ गया है, जहाँ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-4 के अंतर्गत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यों का शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर से वर्चुअल माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और शुभारंभ किया, जिसका सीधा प्रसारण जगदलपुर के कुम्हरावंड स्थित शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय के सभागार में किया गया। कार्यक्रम के दौरान बस्तर जिले की कुल 86 महत्वपूर्ण सड़क कार्यों की आधारशिला रखी गई, जिनकी कुल लंबाई 235.45 किलोमीटर और अनुमानित लागत लगभग 250 करोड़ रुपये है। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने गरिमामयी वातावरण के बीच इन सड़कों के निर्माण का औपचारिक शिलान्यास किया, जो क्षेत्र की ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्प है।
जगदलपुर में आयाजित समारोह के दौरान विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ये सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि ग्रामीणों के जीवन में समृद्धि लाने का मार्ग बनेंगी। उन्होंने इन कार्यों के लिए शासन का आभार प्रकट करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे में यह सुधार स्थानीय सामुदायिक जुड़ाव को और सशक्त करेगा। इसी कड़ी में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विजन को याद करते हुए बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की दूरगामी सोच से आज बस्तर की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सड़कों के माध्यम से हर ग्रामीण तक शुद्ध पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना है। इस अवसर पर जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री बलदेव मंडावी, जगदलपुर नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
विकास की यह लहर जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों और ब्लॉकों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। लोहंडीगुड़ा, दरभा, बास्तानार और तोकापाल जैसे क्षेत्रों में स्वीकृत सड़कों से कनेक्टिविटी की दशकों पुरानी आवागमन की दिक्कतें दूर होगी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम के समापन पर इन जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित अधिकारियों और इंजीनियरों को इन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि बस्तर का हर निवासी एक विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में अपना योगदान दे सके।
सखी निवास एवं शक्ति सदन में संविदा भर्ती हेतु पात्रता सूची जारी
29 अप्रैल 2026 तक दावा-आपत्ति आमंत्रित
जगदलपुर, 17 अप्रैल 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन शक्ति अंतर्गत सखी निवास एवं शक्ति सदन में रिक्त संविदा भर्ती हेतु पदों पर जिले की वेबसाइट में गूगल शीट के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये गये थे। प्राप्त आवेदन पत्रों को जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा स्क्रीनिंग कर पात्र एवं अपात्र की प्रारंभिक सूची तैयार की गई है। इस सूची का अवलोकन जिले की वेबसाइट एवं कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जगदलपुर जिला-बस्तर के सूचना पटल पर किया जा सकता है। संबंधित आवेदकों के द्वारा उपरोक्त सूची अनुसार आगामी 29 अप्रैल 2026 तक कार्यालयीन समय सायंकाल 5ः30 बजे तक दावा-आपत्ति स्वीकार की जावेगी। इस संबंध में कार्यालय में प्रदर्शित सूची अंतिम मानी जावेगी। आवेदक अपनी दावा-आपत्ति रजिस्टर्ड डाक, स्पीड पोस्ट एवं कोरियर के माध्यम से कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, जगदलपुर जिला-बस्तर में प्रस्तुत कर सकते हैं। किसी अन्य माध्यम ई-मेल या कार्यालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत दावा-आपत्ति मान्य नहीं किया जाएगा.
बस्तर में अवैध रेत कारोबार पर सतत निगरानी जारी
साल भर में वसूला 26 लाख से अधिक का जुर्माना
जगदलपुर 15 अप्रैल 2026
बस्तर जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरूद्ध जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान की गई कार्यवाही के तहत कुल 32 प्रकरण दर्ज कर शासन के मद में 26,80,180 रुपये की भारी जुर्माना राशि जमा कराई गई है।
सहायक खनिज अधिकारी ने शिकायतों के आधार पर बकावंड तहसील के अंतर्गत बनियागांव क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। हालांकि निरीक्षण के समय मौके पर कोई मशीन या वाहन कार्यरत नहीं पाया गया, लेकिन प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी चैकसी बढ़ा दी है। पूर्व में भी इसी क्षेत्र में ओडिशा सीमा के पास अवैध उत्खनन करते हुए एक चैन माउंटेन पोकलेन मशीन को जब्त किया गया था, जिसमें संलिप्त व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 1,36,400 रुपये का अर्थदंड वसूला गया था।
खनिज अधिकारी से मिली जानकारी अनुसार पिछले एक साल में अवैध परिवहन के 22 मामलों में आठ लाख से अधिक, अवैध भंडारण के 4 मामलों में लगभग बारह लाख और अवैध उत्खनन के 6 मामलों में साढ़े छह लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया था। हाल ही में 29 मार्च 2026 को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान बनियागांव और अन्य क्षेत्रों से अवैध परिवहन में संलिप्त चार और वाहनों को पकड़कर उनके विरुद्ध नए प्रकरण दर्ज किए गए हैं। खनिज अधिकारी ने इस संबंध में पुष्टि की है कि खनिज जांच दल द्वारा जिले के भीतर और सीमावर्ती इलाकों में खनिजों के अवैध दोहन को रोकने के लिए सतत निगरानी की जा रही है। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तत्काल खनिज, राजस्व विभाग या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।
जगदलपुर ग्रामीण क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में भर्ती हेतु 27 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित
जगदलपुर 15 अप्रैल 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना जगदलपुर (ग्रामीण) द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत ग्राम पंचायत नेतानार के रंधारीरास केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का एक पद और ग्राम पंचायत माड़पाल के दीवानपारा केंद्र में आंगनबाड़ी सहायिका का एक पद भरा जाना है। इच्छुक महिला उम्मीदवार इन पदों के लिए 27 अप्रैल शाम 5 बजे तक अपना आवेदन और अनिवार्य दस्तावेजों की फाइल सीधे कार्यालय में जमा कर सकती हैं। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट https://aww.e-bharti.in/पर जाकर रिक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
पात्रता मानदंडों के अनुसार, इन पदों के लिए केवल वे महिला उम्मीदवार ही पात्र होंगी जिनकी आयु 18 से 44 वर्ष के बीच है और जो उसी ग्राम की स्थायी निवासी हैं जहाँ आंगनबाड़ी केंद्र स्थित है। शैक्षणिक योग्यता के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए 12वीं बोर्ड उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, जबकि सहायिका पद के लिए न्यूनतम योग्यता 8वीं बोर्ड उत्तीर्ण रखी गई है। चयन प्रक्रिया में विधवा, परित्यक्ता और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की महिलाओं को विशेष प्राथमिकता और अतिरिक्त अंक दिए जाने का प्रावधान है। आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन पत्र के साथ जन्म तिथि की पुष्टि हेतु अंकसूची, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र और यदि लागू हो तो जाति व अनुभव प्रमाण पत्र जैसे सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज स्व-प्रमाणित कर अवश्य संलग्न करें। यह भर्ती पूरी तरह से मानसेवी आधार पर होगी, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।
अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई, जप्त पोकलेन मशीन को रखा गया पुलिस अभिरक्षा में
जगदलपुर 09 अप्रैल 2026
कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज उत्खनन के विरुद्ध लगातार खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में तहसील बकावंड के ग्राम बेलगाँव-बनियागाँव में रेत के अवैध उत्खनन की शिकायत मिलने पर खनिज विभाग द्वारा 26 मार्च 2026 को औचक निरीक्षण किया गया था, जिसमें अवैध उत्खनन करते पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कर मौके पर एक पोकलेन मशीन को सील किया गया था।
इसके पश्चात सूचना प्राप्त हुई कि उक्त मशीन के माध्यम से पुनः अवैध उत्खनन का प्रयास किया जा रहा है। इस पर 01 अप्रैल 2026 को खनिज एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा मशीन को शिफ्टर के माध्यम से थाना लाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध एवं अन्य कारणों से उस दिन मशीन को थाना नहीं लाया जा सका।
बाद में 9 अप्रैल 2026 को बकावंड एसडीएम श्री विपिन दुबे (आईएएस) के नेतृत्व में खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पुनः कार्रवाई की गई। इस दौरान जप्त पोकलेन मशीन को शिफ्टर के माध्यम से पुलिस थाना सिटी कोतवाली जगदलपुर लाकर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है, जहां प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।खनि अधिकारी ने बताया कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर सतत निगरानी रखी जा रही है और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई, जप्त पोकलेन मशीन को रखा गया पुलिस अभिरक्षा में
जगदलपुर 09 अप्रैल 2026
कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज उत्खनन के विरुद्ध लगातार खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में तहसील बकावंड के ग्राम बेलगाँव-बनियागाँव में रेत के अवैध उत्खनन की शिकायत मिलने पर खनिज विभाग द्वारा 26 मार्च 2026 को औचक निरीक्षण किया गया था, जिसमें अवैध उत्खनन करते पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कर मौके पर एक पोकलेन मशीन को सील किया गया था।
इसके पश्चात सूचना प्राप्त हुई कि उक्त मशीन के माध्यम से पुनः अवैध उत्खनन का प्रयास किया जा रहा है। इस पर 01 अप्रैल 2026 को खनिज एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा मशीन को शिफ्टर के माध्यम से थाना लाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध एवं अन्य कारणों से उस दिन मशीन को थाना नहीं लाया जा सका।
बाद में 9 अप्रैल 2026 को बकावंड एसडीएम श्री विपिन दुबे (आईएएस) के नेतृत्व में खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पुनः कार्रवाई की गई। इस दौरान जप्त पोकलेन मशीन को शिफ्टर के माध्यम से पुलिस थाना सिटी कोतवाली जगदलपुर लाकर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है, जहां प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।खनि अधिकारी ने बताया कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर सतत निगरानी रखी जा रही है और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
लाल आतंक के सूर्यास्त के साथ सुकमा में उदय हुआ स्वास्थ्य सेवाओं का सूरज
मेगा स्वास्थ्य शिविर में उमड़ा जनसैलाब
जगदलपुर, 07 अप्रैल 2026
बस्तर के सुदूर अंचलों में कभी लाल आतंक की धमक से सहमे रहने वाले सुकमा जिले की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। दशकों पुराने संघर्ष और भय के बादलों को चीरकर अब यहाँ विकास और खुशहाली की नई किरणें बिखर रही हैं। जिला प्रशासन सुकमा और बेंगलुरु के एनटीआर फाउंडेशन के साझा प्रयासों से आयोजित दो दिवसीय सुपर स्पेशलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अब सुकमा नक्सलवाद की बेड़ियों को तोड़कर स्वस्थ और सशक्त होने की राह पर निकल पड़ा है। मिनी स्टेडियम में विगत 28 और 29 मार्च को आयोजित इस शिविर ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जहाँ कभी गोलियों की गूँज थी, आज वहाँ सेवा और संकल्प के गीत गाए जा रहे हैं।
लाल आतंक की समाप्ति के इस दौर में जब क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बना है, तब प्रशासन की पहुँच अंतिम छोर के व्यक्ति तक आसान हुई है। प्रदेश के वन मंत्री एवं सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के द्वारा शुभारंभ पश्चात इस मेगा स्वास्थ्य शिविर में उन संवेदनशील और अंदरूनी क्षेत्रों के 3,700 से अधिक ग्रामीण बेखौफ होकर पहुँचे, जो कभी मुख्यधारा से कटे हुए थे। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित उक्त मेगा स्वास्थ्य शिविर में कुल 6,500 से अधिक लाभार्थियों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि अब ग्रामीण बंदूकों के साये से निकलकर आधुनिक चिकित्सा और विशेषज्ञ परामर्श पर भरोसा जता रहे हैं। शिविर के दौरान 21 विशेषज्ञ डॉक्टरों और 40 स्वास्थ्य योद्धाओं की टीम ने इन वनवासियों के लिए देवदूत बनकर काम किया।
शिविर में केवल सामान्य बीमारियों का ही नहीं, बल्कि कैंसर, हृदय रोग और न्यूरोलॉजी जैसी गंभीर समस्याओं का भी विशेषज्ञ उपचार किया गया। नक्सलवाद के दौर में स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहे बुजुर्गों के लिए 989 चश्मों का वितरण किया गया, जिससे उनकी धुंधली दुनिया एक बार फिर रोशनी से भर उठी। वहीं 1,500 बच्चों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण कर आने वाली पीढ़ी को कुपोषण और बीमारियों से मुक्त करने का संकल्प लिया गया। विशेष रूप से 85 महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग और 2,300 आभा आईडी का निर्माण इस बात का प्रतीक है कि सुकमा अब डिजिटल स्वास्थ्य और सुरक्षा कवच से लैस हो रहा है।
लाल आतंक के खात्मे के बाद सुकमा का यह बदलाव पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल है। यह शिविर केवल एक चिकित्सकीय आयोजन नहीं था, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता के अटूट विश्वास का उत्सव था। 153 आयुष्मान कार्डों का मौके पर निर्माण यह सुनिश्चित करता है कि अब सुदूर अंचल का गरीब से गरीब व्यक्ति भी पैसे के अभाव में इलाज से वंचित नहीं रहेगा। सुकमा आज नक्सलवाद की पहचान को पीछे छोड़कर सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में एक रोल मॉडल बनकर उभर रहा है, जहाँ हर चेहरा मुस्कुरा रहा है और हर कदम एक खुशहाल भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
दरभा के तीन आंगनबाड़ी केंद्रों में निकली भर्ती : 20 अप्रैल तक करें आवेदन
जगदलपुर : दरभा के तीन आंगनबाड़ी केंद्रों में निकली भर्ती : 20 अप्रैल तक करें आवेदन
जिले में साधना सप्ताह की शुरूआत, आधुनिक कौशल से लैस होंगे जिले के कर्मयोगी
जगदलपुर : जिले में साधना सप्ताह की शुरूआत, आधुनिक कौशल से लैस होंगे जिले के कर्मयोगी
कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने किया सेवानिवृत्त कर्मियों का सम्मान
कलेक्टर ने दी नई पारी की शुभकामनाएँ
जगदलपुर, 02 अप्रैल 2026
शासकीय सेवा की एक लंबी और कर्तव्यनिष्ठ यात्रा पूरी कर सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए कलेक्टोरेट के आस्था कक्ष में एक गरिमामयी विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने सेवानिवृत्ति प्राप्त कर रहे 09 अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं देते हुए उन्हें शॉल और श्रीफल से सम्मानित किया। प्रशासन की संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कलेक्टर ने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को उसी समय पेंशन भुगतान आदेश भी प्रदान किए, ताकि सेवा के बाद उनकी आगामी राह सुगम हो सके।
समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने भावुक शब्दों में कहा कि आप सभी ने विभिन्न विभागों में रहते हुए अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय लोक सेवा और जनहित के कार्यों में व्यतीत किया है, जिसके लिए प्रशासन और जनता सदैव आपके आभारी रहेंगे। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शासकीय सेवा से निवृत्ति केवल एक औपचारिक पड़ाव है, आपके पास जो अनुभव, कौशल और ज्ञान का भंडार है, उसकी आवश्यकता अब भी समाज को है। उन्होंने आग्रह किया कि सेवानिवृत्ति के बाद की इस नई पारी में आप अपने अनुभवों का लाभ समाज के उत्थान और लोगों के कल्याण के लिए अवश्य प्रदान करें।
इस सम्मान समारोह के दौरान वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री अनिल कुमार पाठक सहित कोषालय विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के परिजनों ने भी शिरकत की, जिनकी उपस्थिति ने इस विदाई समारोह को और भी अधिक यादगार और आत्मीय बना दिया। उपस्थित सभी लोगों ने सेवानिवृत्त साथियों के कार्यकाल की सराहना की और उनके सुखद व स्वस्थ भविष्य की कामना करते हुए उन्हें ससम्मान विदाई दी।
खरीफ और रबी सीजन के लिए जिला स्तरीय कृषि नियंत्रण कक्ष स्थापित
जगदलपुर, 02 अप्रैल 2026
जिले के किसानों के लिए कृषि विभाग के द्वारा आगामी खरीफ और रबी सीजन 2026-27 के लिए जिला स्तरीय कृषि नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत बीज, गुणवत्तापूर्ण उर्वरक और कीटनाशक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, साथ ही बाजार में खाद-बीज की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और ऊंचे दामों पर बिक्री की रोकथाम करना है। इसके अतिरिक्त फसलों में लगने वाले कीट और व्याधियों के उचित प्रबंधन के लिए विशेषज्ञ इस केंद्र के माध्यम से किसानों को समय-समय पर तकनीकी सलाह भी प्रदान करेंगे।
इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिकारियों की एक समर्पित टीम तैनात की गई है, जिसमें सहायक संचालक कृषि श्री लखनधर दीवान (+91-70002-58043) को नोडल अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री बलराम प्रसाद (+91-94252-62714) को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी सहायता के लिए श्री केके झा (+91-94242-83895), श्री विक्रम भदौरिया (+91-70004-29238), श्री रोहित द्विवेदी (+91-94076-42792) और श्रीमती सरिता विष्णु (+91-99261-66858) को नियंत्रण कक्ष सहायक के तौर पर नियुक्त किया गया है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और उप संचालक कृषि ने सभी विकासखंडों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने स्तर पर इसी तरह के नियंत्रण कक्ष स्थापित करें ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को स्थानीय स्तर पर ही सहायता मिल सके।
बस्तर के कृषि उत्पादों को मिलेगी वैश्विक पहचान
निर्यात जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की पहल
जगदलपुर, 01 अप्रैल 2026
बस्तर संभाग की समृद्ध कृषि परंपरा और अद्वितीय वनोपजों को अंतरराष्ट्रीय पटल पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल किया जा रहा है। इसी क्रम में बस्तर जिला मुख्यालय स्थित जिला पंचायत सभागार में बीते सोमवार 30 मार्च को कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा एक वृहद निर्यात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यशाला का क्रियान्वयन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और लक्षद्वीप प्रोड्यूसर कंपनी बकावंड के साझा सहयोग से किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में उपलब्ध अनाज, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों, ताजे फलों और सब्जियों के लिए निर्यात के नए द्वार खोलना था।
इस कार्यक्रम की सार्थकता इस तथ्य से और महत्वपूर्ण हो गई है कि वर्तमान वर्ष 2026 को वैश्विक स्तर पर अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी के अनुरूप, कार्यशाला में बस्तर की महिला शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ जिले के विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों और स्वयं सहायता समूहों के कुल 73 सदस्यों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान कृषि निर्यात की असीम संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए विशेषज्ञों ने गुणवत्ता मानकों, आधुनिक पैकेजिंग तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अनिवार्य प्रमाणन व दस्तावेजीकरण की प्रक्रियाओं पर गहन चर्चा की। इस दौरान एफपीओ के माध्यम से उत्पादन की मात्रा को प्रबंधित करने और स्वयं सहायता समूहों द्वारा मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) कर उत्पादों को वैश्विक स्तर के अनुरूप बनाने पर विशेष बल दिया गया, साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एनपीओपी प्रमाणन की बारीकियों को भी साझा किया गया।
तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हुए एपीडा के सलाहकार श्री आनंद कुमार ने प्रतिभागियों को सुझाव दिया कि वे अपने उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए नियमित नमूने लें और उनका वैज्ञानिक परीक्षण कराएं। उन्होंने उत्पादों की पैकेजिंग पर लेबलिंग के माध्यम से विस्तृत पोषण संबंधी जानकारी प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों का भरोसा जीता जा सके। कार्यक्रम के दौरान एनआरएलएम के श्री राजकुमार देवांगन ने मंच संचालन करते हुए स्थानीय क्षमताओं को रेखांकित किया। इसी क्रम में स्थानीय संगठनों की उपलब्धियां भी सामने आईं, जहाँ एक एफपीओ प्रतिनिधि ने बस्तर की विशिष्ट इमली के लिए जीआई टैग के आवेदन की जानकारी दी, वहीं एक अन्य समूह ने मक्का प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की अपनी भावी योजना साझा की। अंततः, इस सफल आयोजन से यह संभावना प्रबल हुई है कि जिला स्तर पर निर्यात नियोजन सुदृढ़ होगा, जिससे न केवल स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार आएगा, बल्कि किसानों को सीधे विदेशी बाजारों से जोड़कर उनकी आर्थिक समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त होगा।