छत्तीसगढ़ / बस्तर
बस्तर के ज्ञानगुड़ी से निकले चार हीरे, पहले ही राउंड में एमबीबीएस सीट पक्की
जगदलपुर । बस्तर के दूरदराज अंचलों में छिपी प्रतिभाएं जब सही मार्गदर्शन पाती हैं, तो वे बड़े से बड़े मुकाम को हासिल कर इतिहास रच देती हैं। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा संचालित निशुल्क ‘ज्ञानगुड़ी’ कोचिंग संस्थान ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता और उत्कृष्टता साबित की है।
संस्थान के चार होनहार विद्यार्थियों ने नीट के पहले ही चरण की काउंसलिंग में सफलता का परचम लहराते हुए प्रतिष्ठित शासकीय कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें सुरक्षित कर ली हैं। इस उपलब्धि के तहत समीर मरकाम और गीतेश्वरी सलाम को शासकीय मेडिकल कॉलेज डिमरापाल जगदलपुर और कुमारी कृष्णा सेन को कांकेर मेडिकल कॉलेज तथा खुशबू बिस्वास को पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में प्रवेश मिला है।
सफलता की इस ऐतिहासिक घड़ी में चयनित विद्यार्थियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर बस्तर कलेक्टर छिकारा से सौजन्य मुलाकात की और अपनी सफलता का श्रेय उनके निरंतर मार्गदर्शन को दिया। कलेक्टर ने विद्यार्थियों के इस असाधारण प्रदर्शन पर उन्हें बधाई दी और भविष्य की उच्च शिक्षा में डिजिटल सहायता के उद्देश्य से सभी को टैबलेट उपहार स्वरूप भेंट किए। इस दौरान उन्होंने सफल छात्रों, उनके शिक्षकों और अभिभावकों की मेहनत की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से भावुक अपील की कि वे अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के उपरांत वापस बस्तर आकर यहीं के जरूरतमंद लोगों और समाज की सेवा में अपना योगदान दें।
छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कलेक्टर छिकारा द्वारा पूरे वर्ष दिए गए अध्ययन और तैयारी के पिन-पॉइंट सुझावों ने उनकी रणनीति को मजबूत बनाया, जिसके दम पर वे पहले ही प्रयास में इस प्रतिष्ठित मुकाम तक पहुंच सके। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर छिकारा लगातार ज्ञानगुड़ी केंद्र का दौरा कर स्वयं छात्रों की काउंसलिंग करते रहे हैं और अपनी पढ़ाई व यूपीएससी की तैयारी के व्यावहारिक अनुभवों से उन्हें प्रेरित करते रहे हैं। इसी समर्पित प्रयास का परिणाम है कि संस्थान के 90 में से 50 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की और उनमें से चार बच्चों ने पहले ही राउंड में सीधे एमबीबीएस सीट हासिल कर ली। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर हीरा गवर्ना, ज्ञानगुड़ी प्रभारीअलेक्जेंडर एम चेरियन, जी श्रीनिवास राव, मनीष श्रीवास्तव तथा संजीव बिस्वास भी उपस्थित थे।
बैठक 2 सितम्बर को
जगदलपुर । कलेक्टर आकाश छिकारा की अध्यक्षता में 02 सितम्बर 2026 को सांयकाल 05 बजे कलेक्टोरेट के प्रेरणा सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री एवं पुनरीक्षण समिति की बैठक हुई। जिसमें बैंकों की जमा अग्रिम, ऋण जमा अनुपात सहित किसान क्रेडिट कार्ड प्रदाय स्थिति, प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना इत्यादि की समीक्षा की जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना के अलावा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, खादी एवं ग्रामोद्योग, अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, पशुपालन एवं मत्स्यपालन विभाग के स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। बैठक में सर्व संबंधित अधिकारियों एवं बैंकर्स को अद्यतन जानकारी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
बस्तर के ज्ञानगुड़ी से निकले चार हीरे : पहले ही राउंड में एमबीबीएस सीट पक्की
कलेक्टर श्री छिकारा ने टैबलेट देकर बढ़ाया हौसला
जगदलपुर, 31 अगस्त 2026
बस्तर के दूरदराज अंचलों में छिपी प्रतिभाएं जब सही मार्गदर्शन पाती हैं, तो वे बड़े से बड़े मुकाम को हासिल कर इतिहास रच देती हैं। बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा संचालित निशुल्क ‘ज्ञानगुड़ी’ कोचिंग संस्थान ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता और उत्कृष्टता साबित की है। संस्थान के चार होनहार विद्यार्थियों ने नीट के पहले ही चरण की काउंसलिंग में सफलता का परचम लहराते हुए प्रतिष्ठित शासकीय कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें सुरक्षित कर ली हैं। इस उपलब्धि के तहत समीर मरकाम और गीतेश्वरी सलाम को शासकीय मेडिकल कॉलेज डिमरापाल जगदलपुर और कुमारी कृष्णा सेन को कांकेर मेडिकल कॉलेज तथा खुशबू बिस्वास को पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में प्रवेश मिला है।
सफलता की इस ऐतिहासिक घड़ी में चयनित विद्यार्थियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर बस्तर कलेक्टर श्री छिकारा से सौजन्य मुलाकात की और अपनी सफलता का श्रेय उनके निरंतर मार्गदर्शन को दिया। कलेक्टर ने विद्यार्थियों के इस असाधारण प्रदर्शन पर उन्हें बधाई दी और भविष्य की उच्च शिक्षा में डिजिटल सहायता के उद्देश्य से सभी को टैबलेट उपहार स्वरूप भेंट किए। इस दौरान उन्होंने सफल छात्रों, उनके शिक्षकों और अभिभावकों की मेहनत की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से भावुक अपील की कि वे अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के उपरांत वापस बस्तर आकर यहीं के जरूरतमंद लोगों और समाज की सेवा में अपना योगदान दें।
छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कलेक्टर श्री छिकारा द्वारा पूरे वर्ष दिए गए अध्ययन और तैयारी के पिन-पॉइंट सुझावों ने उनकी रणनीति को मजबूत बनाया, जिसके दम पर वे पहले ही प्रयास में इस प्रतिष्ठित मुकाम तक पहुंच सके। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री छिकारा लगातार ज्ञानगुड़ी केंद्र का दौरा कर स्वयं छात्रों की काउंसलिंग करते रहे हैं और अपनी पढ़ाई व यूपीएससी की तैयारी के व्यावहारिक अनुभवों से उन्हें प्रेरित करते रहे हैं। इसी समर्पित प्रयास का परिणाम है कि संस्थान के 90 में से 50 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की और उनमें से चार बच्चों ने पहले ही राउंड में सीधे एमबीबीएस सीट हासिल कर ली। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर हीरा गवर्ना, ज्ञानगुड़ी प्रभारी श्री अलेक्जेंडर एम चेरियन, श्री जी श्रीनिवास राव, श्री मनीष श्रीवास्तव तथा श्री संजीव बिस्वास भी उपस्थित थे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका पदों पर भर्ती हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
जगदलपुर, 31 अगस्त 2026
एकीकृत बाल विकास परियोजना तोकापाल विकासखण्ड के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र चैतुपारा टेकामेटा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा बड़ेमारेंगा मुण्डापारा में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 02 सितम्बर 2026 से 9 सितम्बर 2026 तक ई-भर्ती पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित ऑनलाइन लिंक https://aww.e-bharti.in/ पर किए जाएंगे। भर्ती संबंधी पात्रता, आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य शर्तों की विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना, दरभा से कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।
जिला स्तरीय परामर्शदात्री एवं पुनरीक्षण समिति की बैठक 02 सितम्बर को
जगदलपुर, 31 अगस्त 2026
कलेक्टर श्री आकाश छिकारा की अध्यक्षता में 02 सितम्बर 2026 को सांयकाल 05 बजे कलेक्टोरेट के प्रेरणा सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री एवं पुनरीक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई है। जिसमें बैंकों की जमा अग्रिम, ऋण जमा अनुपात सहित किसान क्रेडिट कार्ड प्रदाय स्थिति, प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना इत्यादि की समीक्षा की जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अलावा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, खादी एवं ग्रामोद्योग, अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, पशुपालन एवं मत्स्यपालन विभाग के स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। बैठक में सर्व संबंधित अधिकारियों एवं बैंकर्स को अद्यतन जानकारी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं
जिनसे कभी संघर्ष था, उन्हीं की कलाई पर बांधी राखी
चौगेल पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित माओवादियों ने डी आर जी जवानों को बांधी राखी, कहा—अब बंदूक नहीं, हुनर से संवारेंगे भविष्य
उत्तर बस्तर कांकेर,अगस्त 2026
कभी जंगलों में बंदूक के साथ आमने-सामने रहने वाले हाथ आज भाईचारे और विश्वास के धागे से जुड़ गए। भानुप्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम चौगेल (मुल्ला) स्थित पुनर्वास केंद्र में आज आत्मसमर्पित माओवादियों ने जिला रिजर्व गार्ड डी आर जी के जवानों को राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। यह दृश्य संघर्ष से शांति, हिंसा से मुख्यधारा और हथियार से हुनर की ओर बढ़ते बदलाव की भावुक तस्वीर बन गया। आत्मसमर्पित माओवादी शांति कवाची ने बताया कि वह पहली बार रक्षाबंधन का त्योहार मना रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से उन्होंने राखी बनाना सीखा और आज उन्हीं हाथों से तैयार की गई राखी पुलिस जवानों की कलाई पर बांधना उनके लिए बेहद खास और भावुक अनुभव है।
उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण के बाद अब ऐसा महसूस हो रहा है कि वे वास्तव में समाज की मुख्यधारा में लौट आई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नक्सल पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उन्होंने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। पुनर्वास केंद्र में उन्हें सिलाई, काष्ठ शिल्प कला और राखी निर्माण सहित विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में इन हुनरों के माध्यम से सम्मानपूर्वक आजीविका चला सकें और अपने परिवार के साथ समाज में सामान्य जीवन जी सकें। वहीं डी आर जी जवान टेकेश्वर हिचामी ने कहा कि पहले परिस्थितियां ऐसी थीं कि दोनों पक्ष बंदूक लेकर आमने-सामने रहते थे। आज वही हाथ राखी के पवित्र धागे से जुड़े हैं। उन्होंने कहा, आज उनकी बांधी राखी हमारी कलाई पर है, जो भाई की लंबी उम्र और सुख-शांति की कामना का प्रतीक है। यह अपने आप में एक अलग और भावुक अनुभव है। यह रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व का उत्सव नहीं, बल्कि बदलाव की उस कहानी का प्रतीक है, जिसमें कभी संघर्ष का हिस्सा रहे लोग आज विश्वास और भाईचारे के रिश्ते को स्वीकार कर रहे हैं। पुनर्वास और कौशल विकास के माध्यम से आत्मसमर्पित माओवादी अब अपने हाथों में हथियार की जगह हुनर लेकर नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं।कल तक आमने-सामने थे, आज एक-दूसरे की कलाई पर विश्वास का धागा है।
बंदूक से राखी तक का यह सफर, शांति और पुनर्वास की नई कहानी लिख रहा है।
सड़क सुरक्षा को लेकर सांसद सड़क सुरक्षा समिति सख्त
शहर की यातायात व्यवस्था सुधार, ग्रामीण व शहरी स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता
और ब्लैक स्पॉट्स प्रबंधन पर विस्तृत रणनीति तैयार
जगदलपुर, 25 अगस्त 2026
जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम सहित जगदलपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कलेक्टोरेट स्थित आस्था हॉल में ‘सांसद सड़क सुरक्षा समिति’ की बैठक आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष एवं स्थानीय सांसद श्री महेश कश्यप की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विशेषकर ग्रामीण अंचलों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर विस्तृत चर्चा हुई। सांसद श्री महेश कश्यप ने जोर देकर कहा कि गांव-गांव तक लोगों की सोच और आदतों में बदलाव लाना होगा। इसके तहत ग्राम स्तर पर कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों को हेलमेट पहनने, वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और वाहन बीमा अपडेट रखने के प्रति सचेत किया जा सके। सड़क सुरक्षा सप्ताह और जागरूकता अभियानों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर बिना लाइसेंस व बिना बीमा चल रहे वाहनों के दस्तावेज तैयार कराने के लिए प्रेरित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही ग्राम पंचायतों व हाट-बाजारों के समीप हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर समझाइश देने और नेशनल हाईवे से लगे गांवों में आवारा मवेशियों के सींगों पर रेडियम पट्टी लगाने का सुझाव भी रखा गया ताकि रात के समय ग्रामीण मार्गों पर मवेशियों से टकराकर होने वाले हादसों को रोका जा सके।
इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों और शैक्षणिक संस्थानों में भी जागरूकता अभियान को गति दी जाएगी। शिक्षा विभाग और यातायात पुलिस को समन्वय बनाकर स्कूल-कॉलेजों में नियमित जागरूकता सत्र आयोजित करने को कहा गया। पालक-शिक्षक बैठकों के माध्यम से अभिभावकों को समझाइश दी जाएगी कि वे नाबालिग बच्चों को तेज रफ्तार दोपहिया व चारपहिया वाहन कतई न सौंपें।
शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार को लेकर भी बैठक में कई अहम दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य मार्गों पर ऑटो व टैक्सियों के बेतरतीब खड़े होने से लगने वाले जाम को दूर करने के लिए व्यवस्थित स्टैंड तय करने, दुकानों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने तथा सड़कों के किनारे लावारिस व मरम्मत के लिए खड़ी पुरानी गाड़ियों को जब्त करने के सख्त निर्देश दिए गए। आगामी बस्तर दशहरा और त्योहारी सीजन के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए पुराने बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट, चांदनी चैक और संजय मार्केट के समीप रिक्त स्थानों को पार्किंग के रूप में विकसित करने और रूट डायवर्जन योजना लागू करने पर सहमति बनी। शहर की सड़कों पर स्पष्ट लेन मार्किंग, प्रमुख चैराहों पर ट्रैफिक सिग्नल व इलेक्ट्रॉनिक एलईडी संदेश बोर्ड लगाने तथा मारेंगा बाईपास व आड़ावाल मोड़ पर भारी वाहनों के लिए स्पष्ट दिशा-सूचक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि रायपुर व विशाखापट्टनम जाने वाले भारी वाहन शहर के भीतर प्रवेश न करें।
बैठक में दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि दोपहिया वाहनों की तेज रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाना हादसों का मुख्य कारण है। इसे मद्देनजर रखते हुए लापरवाह और नशे में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नियमित चालानी व लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा आमागुड़ा चैक, पुराना पुल-आसना मार्ग, गीदम रोड और पण्डरीपानी सहित सभी चिह्नित ब्लैक स्पॉट्स पर रंबल स्ट्रिप्स, कैट्स आई, रेडियम संकेतक लगाने, झाड़ियों की छंटाई करने तथा शहर की सीमा से डिमरापाल मेडिकल कॉलेज तक व दुर्घटना संभावित डार्क पैचेस पर स्ट्रीट व सोलर लाइट्स लगाने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में सांसद श्री महेश कश्यप और कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने राष्ट्रीय राजमार्ग और संबंधित तकनीकी निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि बैठक में तय की गई सभी सुधारात्मक कार्ययोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर धरातल पर उतारा जाए, ताकि पूरे जिले में सुरक्षित, अनुशासित और सुगम यातायात सुनिश्चित हो सके।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल, नगर निगम आयुक्त श्री प्रवीण वर्मा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री डीसी बंजारे सहित राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, परिवहन, शिक्षा और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।
बस्तर में 48 घंटे का मिशन रीयूनाइट सफल, वन विभाग और ग्रामीणों के तालमेल से दो तेंदुआ शावकों को मिला मां का आंचल
जगदलपुर । बस्तर वनमंडल के दुर्गम जंगलों में वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों की सजगता से तेंदुए के दो बिछड़े नवजात शावकों को सुरक्षित उनकी मां से मिलाने का संवेदनशील अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह 48 घंटे का अनवरत रेस्क्यू ऑपरेशन प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप के वन्यजीव संरक्षण संकल्प को धरातल पर साकार करने की एक जीवंत मिसाल बनकर उभरा है।
ज्ञात हो कि 22 अगस्त को जब चित्रकोट रेंज के पहाड़ी वन क्षेत्र में ग्रामीणों के बच्चों द्वारा तेंदुए का एक छोटा शावक उठाए जाने की खबर वन विभाग को मिली। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए वन मंडलाधिकारी दीपेश कपिल के मार्गदर्शन में वन अमले ने तत्काल उसी रात करीब 11.20 बजे शावक को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। योजना के तहत तड़के 4 बजे शावक को घने जंगल के चिन्हित स्थान पर इस उम्मीद के साथ छोड़ा गया कि मादा तेंदुआ उसे ले जाएगी, लेकिन अगली सुबह निगरानी के दौरान पाया गया कि मां अपने बच्चे तक नहीं पहुंची थी।
पहले प्रयास की विफलता के बाद वन अमले ने ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से इलाके में दूसरे शावक की भी तलाश शुरू की। जल्द ही दोनों शावकों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर रखा गया और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए चारों तरफ हाई-रेजोल्यूशन ट्रैप कैमरे लगाए गए। लगातार 48 घंटे की कड़ी निगरानी के बाद आखिरकार सोमवार की रात कैमरे में वह भावुक दृश्य कैद हुआ जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार था। मादा तेंदुआ अपने चिन्हित स्थान पर वापस लौटी और अपने दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने साथ घने जंगलों की ओर ले गई। यह सफल अभियान न केवल वन विभाग की तत्परता और कार्यकुशलता को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीणों की संवेदनशीलता और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व का एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश करता है।
आईएफसी परियोजना बड़ाजी में 600 देसी चूजों की बु्रडिंग शुरू, 25 महिला किसानों को मिलेगा स्वरोजगार का संबल
जगदलपुर । जिले के लोहण्डीगुड़ा ब्लाक अंतर्गत बड़ांजी क्षेत्र के महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। आजीविका सेवा केंद्र लोहाण्डीगुड़ा के तहत नोडल आईएफसी लक्ष्यदीप महिला क्लस्टर संगठन बड़ांजी में मुर्गीपालन योजना के प्रथम चरण की शुरुआत हुई। इसके अंतर्गत ग्राम बड़ांजी की ब्रुडिंग इकाई में 600 देसी मुर्गी के चूजों की बु्रडिंग का विधिवत शुभारंभ स्थानीय उद्यमी बसंती मांझी द्वारा किया गया।
इस योजना से क्षेत्र की 25 चयनित महिला किसानों को सीधे तौर पर जोड़ा गया है। वर्तमान में इन सभी चूजों को 15 दिनों के लिए वैज्ञानिक ब्रुडिंग प्रक्रिया में रखा गया है, जहां उचित तापमान, संतुलित दाना-पानी और आवश्यक टीकाकरण की पुख्ता व्यवस्था की गई है। संपूर्ण प्रक्रिया का तकनीकी मार्गदर्शन आईएफसी एंकर, सीनियर सीआरपी और पशु सखी द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे चूजों की मृत्यु दर न्यूनतम रहे और उनका विकास बेहतर हो सके। 15 दिनों की देखरेख के पश्चात प्रत्येक लाभार्थी परिवार को 50-50 स्वस्थ देसी चूजे वितरित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को घर पर ही स्थायी स्वरोजगार मिलेगा और उनकी पारिवारिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कलेक्टर छिकारा ने समीक्षा बैठक में दिए योजनाओं को तेजी से लागू करने के सख्त निर्देश
जगदलपुर । कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर आकाश छिकारा ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण और सुगम सेवा प्रदायगी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की प्रत्यक्ष उपस्थिति रही, जबकि जिले के सभी तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और खंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
कलेक्टर ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पारदर्शी और बेहद सरल तरीके से पहुँचाया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सेवा डेरा के तौर पर चयनित ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही विभागीय गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित किया जाए, ताकि इन गांवों में ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ सहजता से मिल सके।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने नागरिक सेवाओं और प्रमाण पत्र निर्माण की प्रक्रिया को छोटा व सहज बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि जाति प्रमाण पत्र, नामांतरण, पेंशन और राजस्व विवादों से जुड़े मामलों का बिना किसी तकनीकी या प्रक्रियात्मक बाधा के तत्काल निराकरण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को सहूलियत हो सके। कलेक्टर ने नागरिक सेवाओं को अधिक व्यावहारिक बनाने की दिशा में निर्देश दिए कि आगामी 5 सितंबर को रायकोट में आयोजित होने वाले आयुष स्वास्थ्य शिविर के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं के शिविरों का भी प्रभावी आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि इस संयुक्त शिविर में आयुष्मान कार्ड निर्माण, आधार ऑपरेटर, श्रम विभाग के श्रमिक पंजीयन कार्ड, राशन कार्ड अपडेशन और एग्रीस्टैक से जुड़े काउंटर्स अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं। इस समन्वय का मुख्य उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यों के लिए एक ही स्थान पर सुविधा उपलब्ध हो और उन्हें स्वास्थ्य उपचार के साथ-साथ पहचान, राशन और अन्य जरूरी प्रमाण पत्र व सेवाएं एक ही छत के नीचे आसानी से उपलब्ध हो सकें।
बैठक में शासन की विभिन्न प्राथमिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत हितग्राहियों और मैदानी अमले का शत-प्रतिशत ऑनलाइन पंजीयन कराने, जल जीवन मिशन के कार्यों का त्वरित भौतिक सत्यापन करने तथा जल स्रोतों के संवर्धन हेतु वीबी-जी राम जी योजनांतर्गत ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित पोषण आहार वितरण, गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर बल दिया। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के स्टाफ क्वार्टर्स, हॉस्टल और फिजियोथेरेपी कॉलेज से जुड़े भूमि आबंटन प्रकरणों को वन व राजस्व विभाग के आपसी समन्वय से शीघ्र निराकरण करने को कहा गया। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी दीपेश कपिल, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा और सहायक कलेक्टर यशवंत नायक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जगदलपुर : कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने ली समय-सीमा बैठक
योजनाओं के कारगर क्रियान्वयन के दिए निर्देश
कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण और सुगम सेवा प्रदायगी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की प्रत्यक्ष उपस्थिति रही, जबकि जिले के सभी तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और खंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। कलेक्टर ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पारदर्शी और बेहद सरल तरीके से पहुँचाया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सेवा डेरा के तौर पर चयनित ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही विभागीय गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित किया जाए, ताकि इन गांवों में ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ सहजता से मिल सके।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने नागरिक सेवाओं और प्रमाण पत्र निर्माण की प्रक्रिया को छोटा व सहज बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि जाति प्रमाण पत्र, नामांतरण, पेंशन और राजस्व विवादों से जुड़े मामलों का बिना किसी तकनीकी या प्रक्रियात्मक बाधा के तत्काल निराकरण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को सहूलियत हो सके। कलेक्टर ने नागरिक सेवाओं को अधिक व्यावहारिक बनाने की दिशा में निर्देश दिए कि आगामी 5 सितंबर को रायकोट में आयोजित होने वाले आयुष स्वास्थ्य शिविर के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं के शिविरों का भी प्रभावी आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि इस संयुक्त शिविर में आयुष्मान कार्ड निर्माण, आधार ऑपरेटर, श्रम विभाग के श्रमिक पंजीयन कार्ड, राशन कार्ड अपडेशन और एग्रीस्टैक से जुड़े काउंटर्स अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं। इस समन्वय का मुख्य उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यों के लिए एक ही स्थान पर सुविधा उपलब्ध हो और उन्हें स्वास्थ्य उपचार के साथ-साथ पहचान, राशन और अन्य जरूरी प्रमाण पत्र व सेवाएं एक ही छत के नीचे आसानी से उपलब्ध हो सकें।
बैठक में शासन की विभिन्न प्राथमिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत हितग्राहियों और मैदानी अमले का शत-प्रतिशत ऑनलाइन पंजीयन कराने, जल जीवन मिशन के कार्यों का त्वरित भौतिक सत्यापन करने तथा जल स्रोतों के संवर्धन हेतु वीबी-जी राम जी योजनांतर्गत ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित पोषण आहार वितरण, गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर बल दिया। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के स्टाफ क्वार्टर्स, हॉस्टल और फिजियोथेरेपी कॉलेज से जुड़े भूमि आबंटन प्रकरणों को वन व राजस्व विभाग के आपसी समन्वय से शीघ्र निराकरण करने को कहा गया। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल, नगर निगम आयुक्त श्री प्रवीण वर्मा और सहायक कलेक्टर श्री यशवंत नायक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जगदलपुर : बस्तर में 48 घंटे का मिशन रीयूनाइट सफल
वन विभाग और ग्रामीणों के तालमेल से दो तेंदुआ शावकों को मिला मां का आंचल
बस्तर वनमंडल के दुर्गम जंगलों में वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों की सजगता से तेंदुए के दो बिछड़े नवजात शावकों को सुरक्षित उनकी मां से मिलाने का संवेदनशील अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह 48 घंटे का अनवरत रेस्क्यू ऑपरेशन प्रदेश के वन मंत्री श्री केदार कश्यप के वन्यजीव संरक्षण संकल्प को धरातल पर साकार करने की एक जीवंत मिसाल बनकर उभरा है। ज्ञात हो कि 22 अगस्त को जब चित्रकोट रेंज के पहाड़ी वन क्षेत्र में ग्रामीणों के बच्चों द्वारा तेंदुए का एक छोटा शावक उठाए जाने की खबर वन विभाग को मिली। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए वन मंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल के मार्गदर्शन में वन अमले ने तत्काल उसी रात करीब 11.20 बजे शावक को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। योजना के तहत तड़के 4 बजे शावक को घने जंगल के चिन्हित स्थान पर इस उम्मीद के साथ छोड़ा गया कि मादा तेंदुआ उसे ले जाएगी, लेकिन अगली सुबह निगरानी के दौरान पाया गया कि मां अपने बच्चे तक नहीं पहुंची थी।
पहले प्रयास की विफलता के बाद वन अमले ने ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से इलाके में दूसरे शावक की भी तलाश शुरू की। जल्द ही दोनों शावकों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर रखा गया और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए चारों तरफ हाई-रेजोल्यूशन ट्रैप कैमरे लगाए गए। लगातार 48 घंटे की कड़ी निगरानी के बाद आखिरकार सोमवार की रात कैमरे में वह भावुक दृश्य कैद हुआ जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार था। मादा तेंदुआ अपने चिन्हित स्थान पर वापस लौटी और अपने दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने साथ घने जंगलों की ओर ले गई। यह सफल अभियान न केवल वन विभाग की तत्परता और कार्यकुशलता को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीणों की संवेदनशीलता और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व का एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश करता है।
आईएफसी परियोजना बड़ाजी में 600 देसी चूजों की ब्रुडिंग शुरू
25 महिला किसानों को मिलेगा स्वरोजगार का संबल
जगदलपुर, 25 अगस्त 2026

जिले के लोहण्डीगुड़ा ब्लाक अंतर्गत बड़ांजी क्षेत्र के महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। आजीविका सेवा केंद्र लोहाण्डीगुड़ा के तहत नोडल आईएफसी लक्ष्यदीप महिला क्लस्टर संगठन बड़ांजी में मुर्गीपालन योजना के प्रथम चरण की शुरुआत हुई। इसके अंतर्गत ग्राम बड़ांजी की ब्रुडिंग इकाई में 600 देसी मुर्गी के चूजों की बु्रडिंग का विधिवत शुभारंभ स्थानीय उद्यमी श्रीमती बसंती मांझी द्वारा किया गया।
इस योजना से क्षेत्र की 25 चयनित महिला किसानों को सीधे तौर पर जोड़ा गया है। वर्तमान में इन सभी चूजों को 15 दिनों के लिए वैज्ञानिक ब्रुडिंग प्रक्रिया में रखा गया है, जहां उचित तापमान, संतुलित दाना-पानी और आवश्यक टीकाकरण की पुख्ता व्यवस्था की गई है। संपूर्ण प्रक्रिया का तकनीकी मार्गदर्शन आईएफसी एंकर, सीनियर सीआरपी और पशु सखी द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे चूजों की मृत्यु दर न्यूनतम रहे और उनका विकास बेहतर हो सके। 15 दिनों की देखरेख के पश्चात प्रत्येक लाभार्थी परिवार को 50-50 स्वस्थ देसी चूजे वितरित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को घर पर ही स्थायी स्वरोजगार मिलेगा और उनकी पारिवारिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
दिव्यांगजनों का सर्वे कर जरूरत के अनुरूप कृत्रिम अंग उपलब्ध कराएं-कमिश्नर श्री डोमन सिंह
पेंशन योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश, आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्मार्ट टीवी और डिजिटल लर्निंग मटेरियल की व्यवस्था पर जोर
जगदलपुर, 21 अगस्त 2026
कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समाज कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में दिव्यांगजनों का सर्वेक्षण कर उनकी जरूरतों के अनुसार कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पात्र दिव्यांगजनों को पेंशन योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष ध्यान देने कहा।
कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए क्लस्टर अथवा ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएं। पूर्व में दिव्यांगजनों को प्रदाय किए गए कृत्रिम उपकरणों की भी जांच की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार उनमें सुधार अथवा बदलाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि उक्त उपकरण उनके लिए पूरी तरह उपयोगी साबित हों।
उन्होंने सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत पात्र बुजुर्गों एवं महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रत्येक माह हितग्राहियों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। पात्र हितग्राहियों को निर्धारित पेंशन योजनाओं से जोड़कर नियमित रूप से लाभान्वित करने पर जोर दिया।
आंगनबाड़ी केन्द्रों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में कमिश्नर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में लक्षित बच्चों एवं माताओं को समेकित बाल विकास सेवाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने कहा। इसके लिए जिला स्तर पर विभिन्न मदों के साथ-साथ ग्राम पंचायत स्तर से भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कमिश्नर ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों को स्कूल पूर्व आरंभिक शिक्षा से जोड़ने के लिए सकारात्मक एवं नवाचारपूर्ण प्रयास किए जाएं। इसके लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्मार्ट टेलीविजन की व्यवस्था करने तथा बच्चों के लिए डिजिटल लर्निंग मटेरियल तैयार कर रोचक एवं सहज तरीके से शिक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर बच्चों में सीखने की रुचि विकसित करने से उनके शैक्षणिक विकास को मजबूत आधार मिलेगा। कमिश्नर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उक्त भर्ती प्रक्रिया की माहांत तक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए ताकि आगामी माह भर्ती प्रक्रिया प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जा सके।
बैठक में डिप्टी कमिश्नर गीता रायस्त सहित समाज कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग के संभाग एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। वहीं जिलों के अधिकारी वर्चुअल तौर पर जुड़े रहे।
विभाजन की विभीषिका, वंदे मातरम् और तिरंगा यात्रा पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन
महापौर श्री संजय पांडेय, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह सहित अधिकारियों और नागरिकों ने किया अवलोकन
जगदलपुर 14 अगस्त 2026
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में केंद्र एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार ‘हर घर तिरंगा’, ‘वंदे मातरम्’ एवं ‘भारत विभाजन की विभीषिका-स्मरण दिवस’ की थीम पर जनसंपर्क विभाग द्वारा माँ दंतेश्वरी मंदिर परिसर में छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। शुक्रवार को स्वतंत्रता दौड़ के दौरान महापौर श्री संजय पांडेय, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं गणमान्य नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
प्रदर्शनी में वर्ष 1947 में हुए भारत विभाजन के दौरान विस्थापितों की पीड़ा, संघर्ष और दर्द को छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व, स्वतंत्रता संग्राम में इसके योगदान तथा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आयोजित विभिन्न गतिविधियों को भी प्रदर्शनी में दर्शाया गया है।
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए महापौर श्री संजय पांडेय ने कहा कि भारत विभाजन की विभीषिका ने देशवासियों को गहरा दंश दिया था। विभाजन के दौरान विस्थापित हुए लोगों की पीड़ा और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में इस प्रकार की छायाचित्र प्रदर्शनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से विभाजन के दौर की घटनाओं और विस्थापितों के दर्द को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
‘वंदे मातरम’ थीम पर प्रदर्शित छायाचित्रों का उल्लेख करते हुए महापौर ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास ‘आनंदमठ’ से देश के स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रभावना और देशभक्ति का प्रतीक बनकर उभरा। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसने लोगों में राष्ट्रीय चेतना और एकता की भावना को मजबूत किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अपील पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत 9 से 17 अगस्त तक देशभर में विभिन्न देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बस्तर जिले में भी तिरंगा यात्रा सहित अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। तिरंगा यात्रा की झलकियों को भी इस छायाचित्र प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ श्री तन्मय खन्ना, अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल, सहायक कलेक्टर श्री यशवंत सहित अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मदिरा विक्रय हेतु शुष्क दिवस घोषित
जगदलपुर 14 अगस्त 2026
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा द्वारा 15 अगस्त 2026 को बस्तर जिले में शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इस दिन जिले में संचालित सभी प्रकार की मदिरा दुकानें एवं मद्य भंडारण भंडार पूर्णतः बंद रहेंगे।
जारी आदेश के अनुसार देशी मदिरा सी.एस.-2 (घघ-कम्पोजिट), विदेशी मदिरा एफ.एल.-1 (घघ), एफ.एल.-1 (घघ कम्पोजिट), एफ.एल.-3 (होटल बार), एफ.एल.-6 (सैनिक कैंटीन थोक विक्रय अनुज्ञप्ति), एफ.एल.-7 (सैनिक कैंटीन) तथा मद्य भंडारण भंडार, जगदलपुर को 14 अगस्त 2026 को निर्धारित समयावधि समाप्त होने के पश्चात बंद किया जाएगा। वहीं 15 अगस्त 2026 को ये सभी प्रतिष्ठान पूर्णतः बंद रहेंगे।
आदेश में संबंधित आबकारी उपनिरीक्षकों को अपने-अपने प्रभार क्षेत्र में उपस्थित रहकर शुष्क दिवस के आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 15 अगस्त को जिले में किसी भी प्रकार की मदिरा का विक्रय अथवा मदिरा का संव्यवहार नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को शुष्क दिवस के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार के अवैध मदिरा विक्रय पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
स्वतंत्रता दौड़ में शहरवासियों ने दिखाया देशभक्ति का जज्बा
महापौर, कमिश्नर सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, खिलाड़ियों और विद्यार्थियों ने लगाई दौड़
जगदलपुर 14 अगस्त 2026
आजादी के पावन पर्व स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को जगदलपुर शहर में स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया गया। देशभक्ति और खेल भावना से ओत-प्रोत इस आयोजन में शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
स्वतंत्रता दौड़ की शुरुआत सुबह 8 बजे ऐतिहासिक मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर से हुई। इससे पहले अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने सिरहासार भवन के समीप स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद महापौर श्री संजय पांडेय, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, खिलाड़ियों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने दौड़ लगाई। महापौर श्री संजय पांडेय, कमिश्नर श्री डोमन सिंह सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों ने हरी झण्डी दिखाकर दौड़ को रवाना किए ।
दौड़ माँ दंतेश्वरी मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर संजय मार्केट, हनुमान मंदिर, हाता ग्राउंड, चांदनी चौक, शहीद पार्क चौक, पुराना बस स्टैंड, एसबीआई चौक, मेन रोड, गोल बाजार चौक और मिताली चौक से होते हुए पुनः माँ दंतेश्वरी मंदिर परिसर पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ श्री तन्मय खन्ना, अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर एवं होमगार्ड के जवान, शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थी, विभिन्न खेल संघों के खिलाड़ी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
स्वतंत्रता दौड़ ने शहर में देशभक्ति और उत्साह का माहौल बना दिया। प्रतिभागियों ने दौड़ के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, खेल भावना और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। आयोजन का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के साथ खेलों के प्रति जागरूकता एवं सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। इस मौके पर उपस्थित सभी लोगों ने टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ का शपथ लिया।