छत्तीसगढ़ / बेमेतरा
अपर कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएं, 60 आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश
बेमेतरा । कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशानुसार आज सोमवार को कलेक्टरेट कार्यालय स्थित जनदर्शन कक्ष में अपर कलेक्टर गुड्डूलाल जगत द्वारा जनदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ग्रामों एवं शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें लेकर पहुंचे।
अपर कलेक्टर जगत ने प्रत्येक आवेदक की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। जनदर्शन के दौरान प्राप्त आवेदनों के संबंध में अपर कलेक्टर जगत ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को दूरभाष के माध्यम से तत्काल निर्देशित किया तथा आवश्यक मामलों में अधिकारियों को मौके पर उपस्थित होकर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने कहा। कई प्रकरणों में आवेदकों की समस्याओं का समाधान जनदर्शन स्थल पर ही कर दिया गया, जिससे आमजन ने प्रशासन की तत्परता पर संतोष व्यक्त किया।
आज आयोजित जनदर्शन में कुल 60 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, राजस्व प्रकरणों, आधारभूत सुविधाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामले प्रमुख रूप से शामिल रहे। तात्कालिक महत्व के आवेदनों का शीघ्र निराकरण किया गया, जबकि गंभीर एवं जांच योग्य प्रकरणों को टीएल पंजी में दर्ज कर संबंधित विभागों को समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनदर्शन में निराश्रित पेंशन, वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, बैटरी चालित ट्रायसायकल प्रदाय, कटा हुआ रकबा जोड़ने, खाद गड्ढा हटाने, आम रास्ता खुलवाने, राशन कार्ड सुधार, पेयजल समस्या, विद्युत आपूर्ति, राजस्व सीमांकन एवं भूमि संबंधी विवादों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। नागरिकों ने शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभ दिलाने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी।
अपर कलेक्टर जगत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी पात्र हितग्राही को योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आमजन को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सके।
जनपद पंचायत साजा में विशेष सुनवाई, अधूरे आवासों को जल्द पूरा करने हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी
बेमेतरा । प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्य में तेजी लाने और लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के उद्देश्य से जनपद पंचायत साजा में विशेष सुनवाई (पेशी) हुई। यह सुनवाई जिला प्रशासन बेमेतरा के निर्देशानुसार तथा जनपद पंचायत साजा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोमनाथ साहू के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत सभाकक्ष में संपन्न हुई। सुनवाई विशेष रूप से उन हितग्राहियों के लिए आयोजित की गई थी, जिन्हें योजना के तहत दूसरी किश्त की राशि प्राप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उनके आवास निर्माण कार्य अब तक पूर्ण नहीं हो पाए हैं। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए हितग्राहियों को तलब कर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति की समीक्षा की।
जानकारी के अनुसार, इस विशेष सुनवाई के लिए कुल 312 हितग्राहियों को नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय पर 120 हितग्राही उपस्थित होकर अपनी स्थिति से अवगत कराया। वहीं अनुपस्थित हितग्राहियों को आगामी दिनों में पुनः बुलाया जाएगा तथा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सुनवाई के दौरान जनपद पंचायत साजा के विकासखंड समन्वयक, तकनीकी सहायक (आवास), संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिव एवं रोजगार सहायकों की उपस्थिति रही। अधिकारियों द्वारा प्रत्येक हितग्राही के आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई तथा निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा की गई।
निर्धारित की गई सख्त समय-सीमा :
जनपद पंचायत सीईओ सोमनाथ साहू ने उपस्थित हितग्राहियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है और इसमें लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण की वर्तमान स्थिति के आधार पर अलग-अलग चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित की- चौखट स्तर (Door Level) तक पहुंचे आवासों को 30 दिनों के भीतर पूर्ण करना होगा।
छत स्तर (Lintel Level) तक पहुंचे आवासों को 20 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। जिन आवासों की छत ढलाई (Roof Casting) हो चुकी है, उन्हें 07 दिनों के भीतर पूर्ण करना होगा। प्रशासन ने हितग्राहियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवास निर्माण पूर्ण नहीं करने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुनवाई के दौरान उपस्थित सभी हितग्राहियों से सहमति पत्र भी भरवाया गया, जिसमें उन्होंने तय समय में निर्माण कार्य पूरा करने का संकल्प लिया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। ऐसे में निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब करने वाले हितग्राहियों के विरुद्ध अब सख्त रुख अपनाया जाएगा, ताकि योजना का लाभ समय पर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके।
मनरेगा में बेमेतरा की बड़ी उपलब्धि : 70 हजार परिवारों को मिला रोजगार
7.44 लाख मानव दिवस सृजन के साथ राज्य के शीर्ष 5 जिलों में शामिल
बेमेतरा । महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत बेमेतरा जिले में ग्रामीण परिवारों को मांग अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। जल संरक्षण एवं स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जिले में व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक जिले के लगभग 70 हजार परिवारों द्वारा रोजगार की मांग की गई, जिसके अनुरूप सभी पात्र परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इसके परिणामस्वरूप जिले में लगभग 7.44 लाख मानव दिवस (Persondays) का सृजन हुआ है। मानव दिवस सृजन के मामले में बेमेतरा जिला पूरे प्रदेश के शीर्ष 5 जिलों में शामिल होकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि जिले में रोजगार मांग और रोजगार उपलब्धता के बीच संतुलित एवं प्रभावी कार्यप्रणाली विकसित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा श्रमिकों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सतत मॉनिटरिंग एवं योजनाबद्ध तरीके से कार्य कराया जा रहा है।
प्रतिदिन 55 हजार श्रमिकों को मिल रहा रोजगार :
दैनिक श्रमिक संलग्नता के स्तर पर भी बेमेतरा जिला बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। वर्तमान में जिले में लगभग 55 हजार श्रमिकों को कार्य देने की क्षमता के अनुरूप ई-मस्टर जारी कर नियमित रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर श्रम आधारित कार्यों का संचालन निरंतर जारी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
जल संरक्षण एवं स्थायी परिसंपत्तियों पर विशेष जोर :
मनरेगा अंतर्गत जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत हाफ नदी पुनर्जीवन, रिचार्ज पिट निर्माण, खेत तालाब निर्माण, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण सहित विभिन्न स्थायी प्रकृति के कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ-साथ जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकालीन लाभ प्राप्त होगा। जिला प्रशासन का मानना है कि ऐसे स्थायी कार्य भविष्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने, जल संकट कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
तकनीकी समस्याओं के बावजूद बेहतर प्रदर्शन :
वित्तीय वर्ष की शुरुआत में नरेगा एमआईएस पोर्टल में तकनीकी समस्याओं के कारण अप्रैल माह में कार्य निष्पादन प्रभावित हुआ था। हालांकि तकनीकी सुधार के बाद स्थिति सामान्य हुई और वर्तमान में मांग अनुसार सभी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। अप्रैल माह में लक्ष्य के विरुद्ध मानव दिवस सृजन में जिले की उपलब्धि 56 प्रतिशत रही, जो राज्य की औसत उपलब्धि 42 प्रतिशत से काफी अधिक है। यह दर्शाता है कि चुनौतियों के बावजूद बेमेतरा जिला मनरेगा कार्यों के संचालन में प्रभावी प्रदर्शन कर रहा है।
अधिक से अधिक मांग पंजीयन कराने की अपील :
जिला प्रशासन ने जिले के सभी ग्रामीण परिवारों से अपील की है कि मनरेगा अंतर्गत रोजगार प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक संख्या में अपने ग्राम पंचायतों में मांग पंजीयन कराएं और उपलब्ध कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएं। प्रशासन ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पर्याप्त मात्रा में श्रममूलक कार्य स्वीकृत एवं संचालित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो सके और ग्रामीण विकास को नई गति मिल सके।
जमीन बंटवारे के नाम पर रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार
बेमेतरा । छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। सोमवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बेमेतरा जिले में एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पटवारी ओमकार सोनवानी पर किसान से जमीन बंटवारे और ऋण पुस्तिका बनाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। कार्रवाई साजा तहसील क्षेत्र में की गई।
ACB अधिकारियों के मुताबिक, प्रार्थी नरोत्तम साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी जमीन के बटांकन और खाता विभाजन के कार्य के बदले पटवारी द्वारा 25 हजार रुपये रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था और उसने आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने के लिए ACB से संपर्क किया।
शिकायत का सत्यापन करने पर मामला सही पाया गया। जांच के दौरान आरोपी पटवारी ने मोलभाव के बाद पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये लेने पर सहमति जताई। इसके बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
सोमवार को जैसे ही प्रार्थी ने आरोपी पटवारी को 15 हजार रुपये दिए, ACB की टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की।
ACB ने आरोपी पटवारी ओमकार सोनवानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
सुशासन तिहार : 12 करोड़ 87 लाख 80 हजार रुपये की 09 नलजल योजनाओं का लोकार्पण
बेमेतरा । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत समाधान शिविर स्थल ग्राम आनंदगांव, विकासखंड बेरला, जिला बेमेतरा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा विभिन्न नलजल योजनाओं के लोकार्पण का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ बेमेतरा विधायक दीपेश साहू, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता जे.पी. गोंड, सहायक अभियंता एस.के. प्रधान सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जिले में लगभग 1287.80 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुई कुल 09 नलजल योजनाओं का लोकार्पण किया गया। इनमें विकासखंड बेमेतरा के ग्राम बहेरा (के) में रेट्रोफिटिंग नलजल योजना का 01 कार्य तथा विकासखंड बेरला के ग्राम लावातरा (एल), बेलोदी कला, उफरा, बुड़ेरा, चंडी, भटगांव, टेमरी एवं नेवनारा में एकल ग्राम नलजल योजना के 08 कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्रामीण विकास और जनसुविधाओं को मिल रही नई गति :
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन एवं नलजल योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। इन योजनाओं से महिलाओं एवं बच्चों को विशेष राहत मिलेगी तथा ग्रामीणों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल समस्याओं के समाधान का अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास एवं सहभागिता को मजबूत करने का माध्यम है। राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रही है।
उत्कृष्ट संचालन के लिए सरपंच सम्मानित :
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत पहँदा के सरपंच को नलजल योजना के उत्कृष्ट संचालन एवं प्रभावी प्रबंधन के लिए माननीय उपमुख्यमंत्री द्वारा अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल की उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने सराहना की।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह :
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि नलजल योजनाओं के शुरू होने से पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान होगा तथा गर्मी के मौसम में भी स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों ने शासन की जनहितकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
“समाधान समारोह” विशेष लोक अदालत का आयोजन 21, 22 व 23 अगस्त को
बेमेतरा । उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित किए जा रहे “समाधान समारोह” (विशेष लोक अदालत) के सफल आयोजन एवं व्यापक जनजागरूकता के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान माननीय सरोज नंद दास, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा के मार्गदर्शन तथा स्वर्णलता ओम यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर से प्राप्त दिशा-निर्देश एवं एस.ओ.पी. के अनुरूप अधिकार मित्रों द्वारा आमजनों को विशेष लोक अदालत संबंधी जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में ग्राम कंतेली में अधिकार मित्र तरुण आनंद एवं स्वाति कुंजाम द्वारा विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों एवं आमजनों को जानकारी देते हुए बताया गया कि न्याय को सरल, सुलभ एवं जनसामान्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा “समाधान समारोह 2026” की शुरुआत 21 अप्रैल 2026 से की जा चुकी है।
सर्वोच्च न्यायालय परिसर में होगा विशेष लोक अदालत का आयोजन :
जानकारी दी गई कि सर्वोच्च न्यायालय परिसर, नई दिल्ली में 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का सुलह एवं आपसी सहमति के आधार पर निराकरण किया जाएगा। विशेष लोक अदालत से पूर्व पक्षकारों के मध्य सुलह-समझौता बैठकों का आयोजन राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समितियों के मध्यस्थता केंद्रों में किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान हो सके।
वर्चुअल माध्यम से भी जुड़ सकेंगे पक्षकार :
शिविर में यह भी बताया गया कि पक्षकार इन सुलह बैठकों एवं वार्ताओं में स्वयं उपस्थित होकर अथवा वर्चुअल माध्यम से भी शामिल हो सकते हैं। जिन व्यक्तियों के मामले माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं, वे अपने प्रकरणों को “समाधान समारोह” (विशेष लोक अदालत) में शामिल कर आपसी सहमति से निराकरण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह की जानकारी दी गई :
विधिक जागरूकता शिविर के दौरान उपस्थित नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक अधिकारों, न्याय तक सरल पहुंच तथा वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई। आमजनों से अपील की गई कि वे न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल एवं त्वरित बनाने के लिए इस विशेष पहल का लाभ उठाएं। किसी भी प्रकार की सहायता अथवा जानकारी हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा, तालुका विधिक सेवा समिति साजा अथवा कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 07824-299152 पर संपर्क किया जा सकता है।
घोटमर्रा उपकेंद्र में 5 MVA ट्रांसफार्मर स्थापित, 11 गांवों को मिली बेहतर बिजली सुविधा
बेमेतरा : घोटमर्रा उपकेंद्र में 5 MVA ट्रांसफार्मर स्थापित, 11 गांवों को मिली बेहतर बिजली सुविधा
प्रयास आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा 10 मई को
बेमेतरा । राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है। इसके साथ ही प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की तिथियां एवं परीक्षा समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है। जारी सूचना के अनुसार, प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं—जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, सीएमए, क्लैट एवं एनडीए—की सुदृढ़ तैयारी कराने के उद्देश्य से प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
प्रवेश पत्र डाउनलोड की तिथि: 01 मई 2026 से 10 मई 2026 तक (10 मई को प्रातः 9:30 बजे तक)
प्राक्चयन परीक्षा की तिथि: 10 मई 2026
OMR शीट भरने का समय: प्रातः 9:30 बजे से 10:00 बजे तक
परीक्षा का समय: प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
प्रवेश पत्र डाउनलोड लिंक: https://eklavya.cg.nic.in
विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लें और परीक्षा के दिन समय से केंद्र पर उपस्थित हों। प्रवेश पत्र डाउनलोड करने या अन्य किसी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग से संपर्क कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
सर्वोच्च न्यायालय का “समाधान समारोह 2026”: 21–23 अगस्त को विशेष लोक अदालत का आयोजन
बेमेतरा । सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा “समाधान समारोह 2026” के अंतर्गत विशेष लोक अदालत का आयोजन 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय परिसर में किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी सहमति और सुलह के माध्यम से त्वरित एवं सरल समाधान सुनिश्चित करना है।
न्याय को सरल और सुलभ बनाने की पहल
समाधान समारोह की शुरुआत 21 अप्रैल 2026 से की जा चुकी है। इसका मुख्य लक्ष्य न्याय को आम लोगों तक आसान और सुलभ तरीके से पहुंचाना तथा आपसी संवाद और सहमति के जरिए विवादों का निपटारा करना है।
पूर्व सुलह बैठकों का आयोजन
विशेष लोक अदालत से पहले राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समितियों के मध्यस्थता केंद्रों में सुलह बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में पक्षकारों को आपसी सहमति से समाधान के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
जिला स्तर पर मिलेगी सहायता
बेमेतरा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव द्वारा पक्षकारों को सुलह प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया जाएगा। संबंधित पक्ष स्वयं उपस्थित होकर या वर्चुअल माध्यम से इन बैठकों में शामिल हो सकते हैं।
गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन की सुविधा
सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों को इस विशेष लोक अदालत में शामिल करने के लिए एक ऑनलाइन गूगल फॉर्म उपलब्ध कराया गया है। इसे भरकर पक्षकार अपने मामलों को समाधान समारोह 2026 में शामिल कर सकते हैं। यह फॉर्म सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
सक्रिय भागीदारी का आह्वान
अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं सभी संबंधित पक्षों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की गई है, ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निपटारा हो सके और न्याय प्रणाली को और प्रभावी बनाया जा सके। अधिक जानकारी एवं सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा तथा तालुका विधिक सेवा समिति साजा से संपर्क किया जा सकता है।
बेमेतरा एग्रीस्टैक पंजीयन में प्रदेश में अव्वल, 1.70 लाख किसानों की बनी आईडी
बेमेतरा । जिले में एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत कृषकों के पंजीयन का कार्य तेज़ी से जारी है और जिला इस अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक कुल 1.70 लाख कृषकों का सफलतापूर्वक पंजीयन कर उनकी एग्रीस्टैक किसान आईडी तैयार की जा चुकी है।
उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा पूर्व में धान उपार्जन हेतु एग्रीस्टैक पंजीयन को अनिवार्य किया गया था। वर्तमान में इसे और व्यापक बनाते हुए नवीन खाद वितरण पोर्टल के माध्यम से खाद प्राप्त करने के लिए भी एग्रीस्टैक आईडी अनिवार्य कर दी गई है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पंजीयन एवं किस्तों के भुगतान के लिए भी एग्रीस्टैक किसान आईडी आवश्यक कर दी गई है। ऐसे में जिन कृषकों के पास एग्रीस्टैक आईडी नहीं होगी, उन्हें आगामी किस्त का लाभ नहीं मिल सकेगा।
जिले में पीएम किसान योजना के अंतर्गत अब तक 92.21 प्रतिशत लाभार्थियों का एग्रीस्टैक पंजीयन पूर्ण हो चुका है, जो कि प्रदेश में सर्वाधिक है और इसी उपलब्धि के साथ बेमेतरा ने पहला स्थान हासिल किया है।
हालांकि, कुछ तकनीकी एवं व्यावहारिक कारणों से अभी भी कुछ कृषकों का पंजीयन लंबित है। जानकारी के अनुसार 1301 पीएम किसान लाभार्थियों के खाते संयुक्त होने के कारण उनका पंजीयन लंबित है, जिनके भूमि अभिलेखों का अद्यतन संबंधित तहसीलदारों द्वारा किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लगभग 4195 लाभार्थियों का पंजीयन मोबाइल फोन की अनुपलब्धता, पलायन एवं अन्य कारणों से अभी तक नहीं हो सका है।
जिला प्रशासन ने शेष सभी कृषकों से अपील की है कि वे शीघ्र ही अपने नजदीकी चॉइस सेंटर या सहकारी समितियों में संपर्क कर एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कराएं, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। अधिक जानकारी के लिए कृषक अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं पटवारी से संपर्क कर सकते हैं।
100 दिवसीय टी बी मुक्त भारत अभियान
साजा ब्लॉक क्षेत्र देवकर एवं अकलवारा में टी बी उन्मूलन हेतु निक्षय निरामय फेस 0.2 अंतर्गत शिविर का हुआ सफल आयोजन
बेमेतरा । स्वास्थ्य विभाग जिला बेमेतरा में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम तहत टीबी मुक्त बेमेतरा जिला बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत अत्याधुनिक एक्स-रे मशीन से उच्चोखिम लोगों का सभी विकासखण्ड में विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित कर टी बी स्क्रीनिंग किया जा रहा है साथ में टी बी मुक्त भारत अभियान की जानकारी, टी बी के लक्षण,उपचार,बचाव की संपूर्ण जानकारी उच्चोखिम लोगों को साझा किया जा रहा है। इसी क्रम में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान तहत 25 अप्रैल को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम जिला बेमेतरा द्वारा कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ अमृत लाल रोहलेडर के मार्गदर्शन में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने में अत्याधुनिक हैंड हेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से साजा विकासखण्ड के देवकर एवं अकलवारा में शिविर आयोजित कर उच्च जोखिम समूहों का पहचान किया गया इस उच्चजोखिम समूह से 271 लोगों का अत्याधुनिक हैंड हेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से निःशुल्क एक्स-रे किया गया, तथा 33 लोगों का जो संदेहास्पद था उनका स्पूटम अत्याधुनिक ट्रू - नाट मशीन से जांच हेतु सैंपल कलेक्शन कराया गया । इस टी बी मुक्त भारत अभियान शिविर में साजा विकासखण्ड के स्वास्थ्य विभाग से सभी स्टाफ, मितानिन , द्वारा पूर्व से ही लोगों को टीबी मुक्त बेमेतरा जिला के अभियान की संपूर्ण जानकारी घर-घर सर्वे कर दी गई एवं जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया । उक्त शिविर में बीएमओ साजा ,जिला कार्यक्रम समन्वयक, बी पी एम,एस टी एस,,द्वारा पूरी जिम्मेदारी से शिविर में सहभागिता निभाई गई ,साथ में जिला चिकित्सालय बेमेतरा से रेडियोग्राफर शेष नारायण टंडन द्वारा अत्याधुनिक हैंड हेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन ऑपरेट किया गया, ग्रामीण स्वास्थ संयोजक देवकर एवं अकलवारा उच्च जोखिम ग्राम मितानिन एवं ग्रामीण जन अधिक संख्या में उत्साहित होकर उपस्थित रहें,शिविर में स्वास्थ्य विभाग टीम द्वारा कार्यो का सफल क्रियान्वयन किया गया ।
स्व-गणना के लिए जिला प्रशासन की अपील: नागरिक बढ़-चढ़कर करें सहभागिता
बेमेतरा । जिला प्रशासन बेमेतरा द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्व-गणना (सेल्फ ऐनुमैरेशन ) प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जनगणना कार्य को सफल बनाएं। प्रशासन द्वारा इस संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि प्रत्येक नागरिक स्वयं अपनी जानकारी सही एवं समय पर दर्ज कर सके। जिला प्रशासन ने बताया कि स्व-गणना की सुविधा के माध्यम से नागरिक घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से अपनी एवं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे जनगणना कार्य में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं सटीकता सुनिश्चित होगी। यह प्रक्रिया नागरिकों के लिए सरल, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाई गई है।
प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों एवं विभिन्न विभागों के माध्यम से लोगों को स्व-गणना के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों एवं मैदानी अमले की मदद से घर-घर तक संदेश पहुंचाया जा रहा है।जिला प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे स्व-गणना करते समय सभी जानकारी सही एवं पूर्ण रूप से भरें, ताकि भविष्य में शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सही ढंग से पहुंच सके। साथ ही, किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित विभागों से संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनगणना केवल एक आंकड़ा संग्रह नहीं, बल्कि विकास योजनाओं की नींव है। अतः सभी नागरिकों की भागीदारी से ही जिले के समग्र विकास की दिशा सुनिश्चित होगी।
जिले में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता, अफवाहों से बचने की अपील
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश - सभी पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसियों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें
बेमेतरा, 15 अप्रैल 2026
जिला बेमेतरा में पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस (एलपीजी) की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रित बताई है। प्रशासन के अनुसार जिले में ईंधन एवं गैस की आपूर्ति निरंतर, सुचारू और पर्याप्त मात्रा में की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की कमी या संकट की स्थिति नहीं है।
जिले में संचालित सभी 75 पेट्रोल एवं डीजल पंपों पर नियमित रूप से ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। पेट्रोलियम कंपनियों के समन्वय से प्रतिदिन आवश्यकतानुसार आपूर्ति की जा रही है, जिससे आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। इसी प्रकार जिले में कार्यरत 16 एलपीजी गैस वितरकों के माध्यम से घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति लगातार जारी है।
प्रशासन द्वारा पूर्व में ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गैस बुकिंग के गैप दिवस (Gap Days) निर्धारित कर दिए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को व्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से गैस उपलब्ध हो सके। इस व्यवस्था के चलते वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और संतुलन बना हुआ है।
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में उत्पन्न भू-राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं अन्य माध्यमों पर भ्रामक एवं अपुष्ट खबरें प्रसारित की जा रही हैं। इन खबरों का जिले की स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इसके बावजूद अफवाहों के प्रभाव में आकर कुछ स्थानों पर लोग अनावश्यक रूप से पेट्रोल पंपों एवं गैस एजेंसियों पर भीड़ एकत्रित कर रहे हैं, जिससे अस्थायी दबाव की स्थिति बन रही है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है और सभी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पूरी तरह सुनिश्चित है। कलेक्टर ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों एवं गैस एजेंसी संचालकों को निर्देशित किया है कि वे आपूर्ति व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने जिले वासियों से अपील करते हुए कहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, संयम एवं धैर्य बनाए रखें तथा केवल आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन एवं गैस का उपयोग करें। अनावश्यक भंडारण या भीड़ भाड़ से बचें, जिससे सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से सुविधाएं मिल सकें।
प्रशासन द्वारा आवश्यक सेवाओं की 24×7 सतत निगरानी की जा रही है। संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखते हुए आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत बनाए रखा गया है, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। जिला प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया है कि आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।
बेमेतरा में भूमि अर्जन प्रक्रिया के चलते प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण कार्यों पर रोक
बेमेतरा, 15 अप्रैल 2026
कार्यालय कलेक्टर (भू-अर्जन शाखा), जिला बेमेतरा द्वारा दुर्ग पश्चिम अंतर्गत सड़क संपर्क योजना के तहत प्रस्तावित बायपास-टू-नवागढ़-मुंगेली - लोरमी कोटा-रतनपुर मार्ग के निर्माण हेतु भूमि अर्जन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस परियोजना के अंतर्गत मार्ग चौड़ीकरण के लिए 25 मीटर चौड़ाई में भूमि की आवश्यकता निर्धारित की गई है।
इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार, तहसील बेमेतरा के ग्राम सांवतवपुर, निनवा, डूंडा, हथमुड़ी, कंतेली, सिंघौरी, गस्ती चौक नयापारा एवं बेमेतरा सिग्नल चौक तथा बेमेतरा नगर के वार्ड क्रमांक 11, 12, 13, 14, 16 एवं 17 सहित तहसील बेरला के ग्राम देवरबीजा, हड़गांव, भेड़नी, केछवई आदि क्षेत्रों में प्रस्तावित सड़क किनारे स्थित भूमि प्रभावित होगी।
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इन क्षेत्रों में भूमि अर्जन की कार्यवाही प्रारंभिक प्रकाशन के चरण में है और समस्त राजपत्र गतिविधियों की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में, छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन में संबंधित क्षेत्रों में आगामी आदेश तक क्रय-विक्रय, नामांतरण, बंटवारा, निजी निर्माण कार्य एवं अन्य लेन-देन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार के भूमि संबंधी लेन-देन या निर्माण कार्य से पूर्व संबंधित विभाग से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
एमएसपी पर दलहन–तिलहन खरीदी जारी
किसानों से पंजीयन कराने की अपील, तय तिथि से पहले बेचें उपज
बेमेतरा । जिले में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन की खरीदी का कार्य लगातार जारी है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से खरीदी की प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है।
उप संचालक मोरध्वज डडसेना ने बताया कि इस अभियान के तहत अरहर (तुअर) एवं सरसों की खरीदी की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है, जबकि चना एवं मसूर की खरीदी 30 मई 2026 तक की जाएगी। किसानों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी उपज बेचने की सलाह दी गई है, ताकि वे शासन द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ प्राप्त कर सकें।
जिले में अब तक कुल 534 क्विंटल दलहन–तिलहन की खरीदी की जा चुकी है। वर्तमान में जिले की 9 अधिसूचित सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से खरीदी का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। इन समितियों में किसानों के लिए तौल, पंजीयन, उपज की जांच, भुगतान प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन ने बताया कि खरीदी केन्द्रों पर किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त कर्मचारी, तौल मशीन, बारदाना, पेयजल, छाया एवं बैठने की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीयन, आधार आधारित सत्यापन एवं बैंक खाते में सीधे भुगतान की व्यवस्था भी लागू की गई है।
जिला प्रशासन ने जिले के समस्त कृषकों से अपील की है कि वे अपने आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित सेवा सहकारी समिति में संपर्क कर शीघ्र पंजीयन कराएं। साथ ही किसानों से यह भी कहा गया है कि वे अपनी दलहन–तिलहन की उपज को अधिकृत खरीदी केन्द्रों पर ही विक्रय करें, ताकि उन्हें शासन द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके।
जिला प्रशासन का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार की यह महत्वपूर्ण योजना है, इसलिए सभी किसान इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं। खरीदी कार्य की नियमित मॉनिटरिंग भी जिला स्तर से की जा रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरी की जा सके।
कलेक्टर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्माण कार्यों की समीक्षा की
समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
बेमेतरा । कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई की अध्यक्षता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, आरईएस (ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा) विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी सहायक, उपसंचालक पंचायत, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं बिहान योजना से जुड़े जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, समय-सीमा और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर सुश्री ममगाई ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि 15 जून तक मानसून शुरू होने से पहले जिन भी कार्यों की स्वीकृति हो चुकी है, उन्हें हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सड़क, नाली, भवन निर्माण, पंचायत भवन, सामुदायिक परिसंपत्तियों तथा मनरेगा के तहत चल रहे सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। जिन कार्यों में भूमि विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है, उन्हें तत्काल निरस्त कर संबंधित राशि की वापसी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि शासकीय राशि का दुरुपयोग न हो और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लक्ष्य के अनुरूप समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण कराया जाए तथा लाभार्थियों का पलायन रोकने के लिए लगातार फील्ड मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जिन आवासों को निरस्तीकरण योग्य पाया गया है, उन्हें नियमानुसार निरस्त किया जाए और पात्र हितग्राहियों को ही योजना का लाभ दिया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि आवास योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर सुश्री ममगाई ने सभी अधिकारियों को पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फील्ड स्तर पर नियमित निरीक्षण, कार्यों की फोटो अपलोडिंग, समय पर मस्टर रोल का संधारण तथा तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि योजनाओं का लाभ समय पर ग्रामीणों तक पहुंच सके।
बैठक में जिले में जल संरक्षण के कार्यों को गति देने पर भी विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव-गांव में सोखता गड्ढा, रिचार्ज पिट, जल संरक्षण संरचनाओं और वर्षा जल संचयन से संबंधित कार्यों का अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले मानसून को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर को बढ़ाया जा सके और भविष्य में जल संकट की स्थिति से बचा जा सके। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने और जिले में विकास कार्यों को तेज गति देने की अपेक्षा जताई।
कलेक्टर ने ली स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक
आधार आधारित उपस्थिति, एएनसी पंजीयन और संस्थागत प्रसव पर कलेक्टर का सख्त फोकस
बेमेतरा, 24 मार्च 2026
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला स्वास्थ्य समिति की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। यह बैठक पहले जारी निर्देशों की प्रगति की समीक्षा तथा जमीनी स्तर पर कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत आंकड़ों के साथ विश्लेषण किया गया।
आधार आधारित उपस्थिति और 100% एएनसी पंजीयन पर विशेष जोर
बैठक में कलेक्टर ने आधार आधारित उपस्थिति, गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन, समय पर जांच और संस्थागत प्रसव को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक पंजीयन समय पर होना चाहिए और उनकी सभी निर्धारित जांच पूरी कराई जाए। साथ ही हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी विभाग को समन्वित कार्य के निर्देश
कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और कुपोषित बच्चों की जानकारी का रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलान किया जाए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। साथ ही सुपोषण अभियान, पोषण पुनर्वास, टीकाकरण सत्रों की नियमितता और संयुक्त फील्ड विजिट को भी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, एनसीडी और एचआईवी जांच की भी समीक्षा
बैठक में मलेरिया, कुष्ठ, टीबी, टीकाकरण, एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज), एचआईवी जांच सहित अन्य प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए और हर विकासखंड स्तर पर सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता, पर्याप्त भंडारण और समय पर वितरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
लापरवाही पर कार्रवाई की दी चेतावनी
कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या लक्ष्य पूर्ति में शिथिलता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) को निर्देशित किया कि वे विकासखंडवार प्रगति की नियमित समीक्षा करें और जमीनी स्तर पर कार्यों की मॉनिटरिंग बढ़ाएं।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर जोर
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण पुनर्वास, सुपोषण अभियान, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की ट्रैकिंग, टीकाकरण और आंगनबाड़ी-स्वास्थ्य अमले के संयुक्त कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग का बेहतर समन्वय ही मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर, सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सभी जिला नोडल अधिकारी, सभी बीएमओ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और जिले को स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में मॉडल जिला बनाने की दिशा में कार्य किया जाए।