छत्तीसगढ़ / बीजापुर
बीजापुर जनपद को बाल विवाह मुक्त बनाने हेतु लिया गया संकल्प
बीजापुर, 10 अक्टूबर 2025
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा रजत महोत्सव अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, इस दौरान बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ अभियान अंतर्गत बीजापुर जनपद पंचायत में जनपद पंचायत निर्वाचित जन प्रतिनिधियों व ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के अध्यक्षता में क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया, इस दौरान जिला बाल संरक्षण अधिकारी, श्री राहुल कौशिक द्वारा बाल विवाह मुक्त कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई ग्राम पंचायत क्षेत्रों के सभी वार्डों में समय-समय पर बाल विवाह नहीं करने, बाल विवाह के कानून अपराध होने संबंध में मुनादी कराये जावे जिस से की सभी ग्राम वासियों को पता चले की बाल विवाह करना अपराध है, ग्राम पंचायत वार्ड में आने वाले सामुदायिक भवन या अन्य सामुदायिक भवन के लिए यह बंधन कार्य हो की वैवाहिक कार्यक्रम हेतु भवन आरक्षित करने के पूर्व वर एवं वधू दोनों को जन्म प्रमाण-पत्र संबंधी प्रमाण-पत्र जमा करावें।
विशेष अवसर जैसे-राम नवमी तथा अक्षय तृतीया पर बढ़ी संख्या में विवाह सम्पन्न होते है, इस अवसर पर ग्राम पंचायत क्षेत्र के सभी वार्डों को सूचना प्रसारित कर अपील की जाये। ग्राम पंचायत में सभी प्रकार के प्रचार-प्रसार, बैठक, स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को बाल विवाह के संबंध में जानकारी प्रदान की जावे, ग्राम अंतर्गत आने वाले समस्त प्रिटिंग प्रेस, टेन्ट, खाना बनाने वाले हलवाई, मिठाई दुकान, बाजा-गाजा वाले, धार्मिक अनुष्ठान करने वाले, वीडियो ग्रॉफ्र, सामाजिक नेता को बाल विवाह नहीं कराने के संबंध में अपील जारी किया जाना है पत्र प्रेषित किया जाना है। ग्राम पंचायत में होने वाली ग्राम सभा की बैठक में स्थाई एजेंडा के रूप में शामिल करते हुए नियमित रूप से चर्चा कर निगरानी किया जाना है, चॉईल्ड हेल्पलॉईन 1098, महिला हेल्पलॉईन 181, आपातकालीन नं. 112 की जानकारी से भी अवगत कराया गया।
परियोजना अधिकारी श्रीमती कल्पना रथ द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, सुकन्या योजना, सक्षम एवं महिला कोष अंतर्गत विधवा परित्यक एवं समूह की महिलाओं को दी जाने वाली ऋण एवं गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराने एवं जनप्रतिनिधियों को वर्तमान में संचालित पोषण माह की जानकारी दी गई एवं अपील की गई की अपने क्षेत्र में आंगनबाड़ी का भ्रमण कर हितग्राहियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी लें एवं कुपोषित बच्चों को पोषण पुर्नवास में भर्ती कराने एवं व्यवहार परिवर्तन हेतु विशेष प्रयास करने हेतु गृह भ्रमण में आवश्यक सहयोग की अपील के साथ ही बाल संरक्षण तंत्र, स्पॉन्सरशीप योजना, दत्तक ग्रहण (गोद लेने की प्रक्रिया), सड़क जैसी परिस्थिति पर रहने वाले बच्चे, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति, एक युद्ध नशे के विरूद्ध अभियान, बालिका सुरक्षा माह, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं अभियान, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना, महतारी वंदन योजना की जानकारी से भी अवगत कराया गया। इसके साथ ही समस्त जन प्रतिनिधियों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत बनाये जाने हेतु शपथ दिलाते हुए हस्ताक्षर अभियान किया गया। इस दौरान श्रीमती शीला भारद्वाज, श्रीमती सुनीता तामड़ी, सुश्री आनंदमई मलिक, श्री नवीन मिश्रा, सुश्री नगीना लेखम, श्री संदीप चिड़ेम, श्री राजकुमार निषाद, श्री अविनाश नायक, श्री राजेश मण्डे, श्री महेन्द्र कश्यप, श्री महेन्द्र यादव, सुश्री कुसुमलता, सुश्री रंजिता कश्यप, सुश्री पुष्पा कोरम, श्री सतीष कुरसम द्वारा प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
सड़क दुर्घटना में मृतक के परिजन को आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
बीजापुर, 10 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर आदेश में निहित प्रावधानों के अंतर्गत वाहन दुर्घटना में मनीष चैहान का मृत्यु होने के फलस्वरूप मृतक के पिता आवेदक श्री सम्पतलाल चैहान को छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार 25 हजार रूपए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत किया गया है।
IED विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुआ आदिवासी बालक...
बीजापुर। बीजापुर जिले से नक्सली हिंसा की एक और दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। थाना गंगालूर के ग्राम पीड़िया इलाके में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर IED की चपेट में आने से एक मासूम आदिवासी बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना उस वक्त की है, जब ग्रामीण अपने रोजमर्रा के कामकाज में व्यस्त थे। अचानक हुए विस्फोट से पूरा गांव दहशत में आ गया।
सूचना मिलते ही केरिपु 199 और 85वीं वाहिनी के जवान मौके पर पहुंचे और घायल बालक को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बीजापुर रेफर किया गया। डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
स्थानीय ग्रामीणों ने नक्सलियों की इस कायराना हरकत पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि निर्दोष आदिवासियों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे गांवों में भय का माहौल है।
इस घटना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है ताकि अन्य संभावित विस्फोटकों को निष्क्रिय किया जा सके और क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।
बीते कुछ महीनों में बीजापुर और उसके आसपास के इलाकों में IED विस्फोटों की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं, जिनमें कई निर्दोष ग्रामीण हताहत हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि यह नक्सलियों की हताशा का परिणाम है, क्योंकि हाल के महीनों में कई बड़े नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।
आत्मसमर्पित माओवादियों ने थामी तरक्की की डोर : बीजापुर के 32 पूर्व माओवादियों ने सीखा कुक्कुटपालन और बकरीपालन का गुर
समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन की अभिनव
पुनर्वास नीति से मिल रहा लाभ
बीजापुर, 09 अक्टूबर 2025

माओवाद का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे बीजापुर जिले के 32 आत्मसमर्पित माओवादियों ने अब विकास और स्वरोजगार की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इन सभी ने जगदलपुर स्थित क्षेत्रीय स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में एक महीने का कुक्कुटपालन और बकरीपालन का विशेष प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पूर्व नक्सलियों ने न केवल पशुपालन के वैज्ञानिक तरीके सीखे, बल्कि एक सफल उद्यमी बनने की बारीकियों को भी जाना। एक माह की गहन ट्रेनिंग में आत्मसमर्पित माओवादियों को कुक्कुटपालन और बकरीपालन से संबंधित हर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। यहां उन्होंने उन्नत नस्लों का चयन, चारा प्रबंधन और संतुलित आहार की जानकारी, टीकाकरण, रोगों की पहचान और उपचार के तरीके के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, ऋण प्राप्त करने और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की रणनीति के संबंध में प्रशिक्षण लिया।

प्रशिक्षण लेने वाले एक आत्मसमर्पित माओवादी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जंगल में जीवन बहुत मुश्किल और खाली था। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जो पुनर्वास नीति बनाई गई है, वह एक अभिनव प्रयास है। जिससे अब हम अपने हाथों से काम करके परिवार के लिए एक स्थिर और सम्मानजनक जीवन-यापन कर सकते हैं। सरकार के इस कदम से हमें बहुत हिम्मत मिली है।
सुरक्षा बलों के कैंपों के खुलने से अब शासन की योजनाएं भी गांव-गांव पहुंचने लगी हैं। इनमें माओवाद प्रभावित गांवों के विकास के लिए विशेष रूप से चलाई जा रही नियद नेल्लानार योजना ने पूर्व माओवादियों के बीच आत्मविश्वास को बढ़ाया है। आत्मसमर्पित माओवादियों को अब यह लगने लगा है कि जब उनके गांवों में समृद्धि आएगी, तो उनके स्वरोजगार के रास्ते भी आसान होंगे। गांव में बुनियादी सुविधाओं के विकास और बाजार तक पहुंच बनने से उनके कुक्कुटपालन और बकरीपालन जैसे व्यवसायों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
पुनर्वास से आत्मनिर्भरता की ओर कदम
यह पहल छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को सम्मानजनक आजीविका के साधन प्रदान करना है। अधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण इन 32 पूर्व माओवादियों को जल्द ही स्वरोजगार स्थापित करने में मदद करेगा। उन्हें न केवल प्रशिक्षण दिए गए हैं, बल्कि वित्तीय सहायता और बैंक ऋण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है। साथ ही प्रशिक्षण उपरांत इन्हें लगातार मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए स्थानीय मैदानी अमले की सहायता भी मिलेगी। बीजापुर के इन 32 पूर्व माओवादियों का कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना, बस्तर में शांति और विकास की एक नई मिसाल पेश करता है। यह दिखाता है कि हिंसा और बंदूक छोड़ने वाले हर व्यक्ति के लिए हुनर और सम्मान भरा भविष्य इंतजार कर रहा है।
साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
बीजापुर 07 अक्टूबर 2025
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित कर विभिन्न विभागों के कार्यों के प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जल जीवन मिशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत नए कैंपों और प्रभावित गांवों में शीघ्र पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी ब्लॉकों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, पैन कार्ड जैसी नागरिक सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया।
बैठक में आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ितों से संबंधित मामलों की प्रगति पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बिजली विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने मोबाइल नेटवर्क की समस्या पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में टावर कार्यरत नहीं हैं या तकनीकी दिक्कतें हैं, उन्हें शीघ्र सुधार सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने पोटा केबिन आश्रमों और छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता एवं बच्चों की स्वास्थ्य जांच पर विशेष बल देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षकों को भोजन व्यवस्था का विवरण फोटो सहित प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिले में चल रहे रजत महोत्सव कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी भी साझा की गई। शिक्षा के क्षेत्र में कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारी बच्चों के हित में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चैबे, अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल, सभी अनुभागों के एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दण्डाधिकारी जांच हेतु उपस्थित होने की सूचना
बीजापुर 07 अक्टूबर 2025
थाना बीजापुर क्षेत्र के कोन्दु मेटा जंगल पहाड़ में 17 सितम्बर को पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हुई। घटनास्थल की बारिकी से सर्चिंग के दौरान 2 अज्ञात पुरूष माओवादियों के शव सहित नक्सली साहित्य, हत्यार व अन्य सामग्री बरामद की गई। उक्त घटनाओं से संबंधित कोई भी जानकारी रखने वाले व्यक्ति 15 अक्टूबर 2025 तक अनुविभागीय दण्डाधिकारी, बीजापुर के न्यायालय में उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते है।
ई-कॉमर्स के माध्यम से उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने हेतु कार्यशाला का आयोजन
बीजापुर 07 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ में रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) योजना के अंतर्गत जिले के MSMEs, महिला उद्यमियों, स्व-सहायता समूह (SHG) सदस्यों एवं पारंपरिक कारीगरों को ई-कॉमर्स प्लेटफार्म के माध्यम से अपने उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने, विपणन सहायता प्राप्त करने, नेटवर्किंग के अवसर समझने, उत्पादों की दृश्यता में वृद्धि तथा लॉजिस्टिक्स समर्थन के बारे में जानकारी प्रदान करने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यशाला में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), महिला उद्यमी, स्व-सहायता समूह SHG), हस्तशिल्प, हथकरघा, खाद्य प्रसंस्करण तथा वनोपज आधारित उद्यमों से जुड़े कारीगर एवं उत्पादक जो ऑनलाइन बिक्री के इच्छुक हैं, भाग ले सकेंगे। कार्यशाला का आयोजन 08 अक्टूबर 2025 (बुधवार) को प्रातः 11ः00 बजे से जिला पंचायत सभाकक्ष, बीजापुर में किया जाएगा।
कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक, आश्रम, छात्रावासों के संचालन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बीजापुर । कलेक्टर संबित मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय बीजापुर के इन्द्रावती सभाकक्ष में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित सभी मण्डल संयोजक, अधीक्षक-अधीक्षिकाएं एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये। जिसमें स्वास्थ्य जांच सभी छात्रों का महीने में 2 बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया। मौसम को देखते हुए मलेरिया टेस्ट करवाने तथा संक्रमित पाए जाने पर दवाई देने और उन्हें पृथक कमरे में रखने के निर्देश दिए गए। छात्रों के स्थायी जाति, निवास प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए। स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्तापूर्ण निगरानी अधीक्षक और मण्डल संयोजक द्वारा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सुविधाएं दवाईयां प्रत्येक आश्रम-छात्रावास में फर्स्ट -एड बॉक्स अनिवार्य रखने तथा मौसमी बीमारियों की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खेलों में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं का बस्तर ओलम्पिक में पंजीयन कराने को कहा गया। छात्रों को नाश्ता, मध्यान्ह भोजन और रात्रि भोजन में प्रोटीनयुक्त साग-सब्जियां अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा प्रतिदिन भोजन की तस्वीरें नोडल अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए गए।
नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक, अधीक्षिका की उपस्थिति अनिवार्य की गई। दशहरा व दीपावली की छुट्टियों में छात्रों को केवल माता-पिता की उपस्थिति में ही घर भेजने के निर्देश दिए गए।
सेवा पखवाड़ा आश्रम-छात्रावासों में निबंध, चित्रकला और खेल गतिविधियां अनिवार्य रूप से आयोजित कर प्रतिवेदन व फोटोग्राफ कार्यालय भेजने को कहा गया। उत्कर्ष विद्यालयों में प्रवेश की तैयारी हेतु विशेष कक्षाएं चलाने, सामान्य ज्ञान से संबंधित रोजाना 2 जानकारी देने तथा छोटे-छोटे क्विज प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश दिए गए। कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। बैठक में सीईओ जिला पंचायत नम्रता चैबे, अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री देवेन्द्र सिंह उपस्थित थे।
कलेक्टर ने ली आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा बैठक
आश्रम, छात्रावासों के संचालन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बीजापुर 28 सितम्बर 2025
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय बीजापुर के इन्द्रावती सभाकक्ष में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित सभी मण्डल संयोजक, अधीक्षक-अधीक्षिकाएं एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये। जिसमें स्वास्थ्य जांच सभी छात्रों का महीने में 2 बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया। मौसम को देखते हुए मलेरिया टेस्ट करवाने तथा संक्रमित पाए जाने पर दवाई देने और उन्हें पृथक कमरे में रखने के निर्देश दिए गए। छात्रों के स्थायी जाति, निवास प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए। स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्तापूर्ण निगरानी अधीक्षक और मण्डल संयोजक द्वारा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सुविधाएं दवाईयां प्रत्येक आश्रम-छात्रावास में फर्स्ट -एड बॉक्स अनिवार्य रखने तथा मौसमी बीमारियों की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खेलों में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं का बस्तर ओलम्पिक में पंजीयन कराने को कहा गया। छात्रों को नाश्ता, मध्यान्ह भोजन और रात्रि भोजन में प्रोटीनयुक्त साग-सब्जियां अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा प्रतिदिन भोजन की तस्वीरें नोडल अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए गए।
नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक, अधीक्षिका की उपस्थिति अनिवार्य की गई। दशहरा व दीपावली की छुट्टियों में छात्रों को केवल माता-पिता की उपस्थिति में ही घर भेजने के निर्देश दिए गए।
सेवा पखवाड़ा आश्रम-छात्रावासों में निबंध, चित्रकला और खेल गतिविधियां अनिवार्य रूप से आयोजित कर प्रतिवेदन व फोटोग्राफ कार्यालय भेजने को कहा गया। उत्कर्ष विद्यालयों में प्रवेश की तैयारी हेतु विशेष कक्षाएं चलाने, सामान्य ज्ञान से संबंधित रोजाना 2 जानकारी देने तथा छोटे-छोटे क्विज प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश दिए गए। कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चैबे, अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री देवेन्द्र सिंह उपस्थित थे।
कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक, आश्रम, छात्रावासों के संचालन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बीजापुर । कलेक्टर संबित मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय बीजापुर के इन्द्रावती सभाकक्ष में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित सभी मण्डल संयोजक, अधीक्षक-अधीक्षिकाएं एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये। जिसमें स्वास्थ्य जांच सभी छात्रों का महीने में 2 बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया। मौसम को देखते हुए मलेरिया टेस्ट करवाने तथा संक्रमित पाए जाने पर दवाई देने और उन्हें पृथक कमरे में रखने के निर्देश दिए गए। छात्रों के स्थायी जाति, निवास प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए। स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्तापूर्ण निगरानी अधीक्षक और मण्डल संयोजक द्वारा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सुविधाएं दवाईयां प्रत्येक आश्रम-छात्रावास में फर्स्ट -एड बॉक्स अनिवार्य रखने तथा मौसमी बीमारियों की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खेलों में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं का बस्तर ओलम्पिक में पंजीयन कराने को कहा गया। छात्रों को नाश्ता, मध्यान्ह भोजन और रात्रि भोजन में प्रोटीनयुक्त साग-सब्जियां अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा प्रतिदिन भोजन की तस्वीरें नोडल अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए गए।
नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक, अधीक्षिका की उपस्थिति अनिवार्य की गई। दशहरा व दीपावली की छुट्टियों में छात्रों को केवल माता-पिता की उपस्थिति में ही घर भेजने के निर्देश दिए गए।
सेवा पखवाड़ा आश्रम-छात्रावासों में निबंध, चित्रकला और खेल गतिविधियां अनिवार्य रूप से आयोजित कर प्रतिवेदन व फोटोग्राफ कार्यालय भेजने को कहा गया। उत्कर्ष विद्यालयों में प्रवेश की तैयारी हेतु विशेष कक्षाएं चलाने, सामान्य ज्ञान से संबंधित रोजाना 2 जानकारी देने तथा छोटे-छोटे क्विज प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश दिए गए। कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। बैठक में सीईओ जिला पंचायत नम्रता चैबे, अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री देवेन्द्र सिंह उपस्थित थे।
सीआरपीएफ ने क्रमवार 5 आईईडी बरामद कर निष्क्रिय कर दिया
बीजापुर। भोपालपटनम ब्लाक के नेशनल पार्क क्षेत्र में स्थापित चिल्लामर्का कैंप से क्रमवार 214 बटालियन, 206 तथा डीआरजी के जवान और एवं बीडीएस की संयुक्त टीम चिल्लामार्का व कांडलापड़ती के जंगली पहाड़ी क्षेत्र में एरिया डॉमिनेशन कम रेकी आभियान हेतु निकली हुई थीं।
अभियान के दौरान सोमवार को चिल्लामार्का से आगे लगभग 6 किलोमीटर दूर कांडला पड़ती की तरफ जाते हुए पहले नाले को पार करने के बाद 214 बटालियन सीआरपीएफ की बीडीएस टीम द्वारा कुछ संदिग्ध चीजें देखी। जिसके बाद सुरक्षा बलों की टीम द्वारा क्षेत्र की सघन जांच करने पर कुल पांच आईईडी क्रमवार पाई गई। जिसे सीआरपीएफ की बीडीएस टीम द्वारा सुरक्षित तरीके से बरामद कर उसी स्थान पर नष्ट कर नक्सलियों के नापाक मंसूबों को विफल कर दिया है।
मड्डेड में बिना अनुमति चल रहा प्राइवेट स्कूल, 63 बच्चों का भविष्य अधर में
बीजापुर । भोपलपट्टनम ब्लॉक के मड्डेड में प्राइज पब्लिक स्कूल नाम से एक निजी स्कूल बिना शिक्षा विभाग की अनुमति के संचालित किया जा रहा है। यहां करीब 63 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन स्कूल को विभागीय मान्यता न मिलने से बच्चों का भविष्य संकट में है।
मामले की जानकारी मिलने पर मीडिया ने भोपालपट्टनम एसडीएम से संपर्क करने की कोशिश की। कई बार कॉल न उठाने के बाद जब नए नंबर से बात की गई तो एसडीएम ने कहा – “इसमें मैं क्या करूँ, आप लोग स्वयं जाकर बंद करा लो।” इस बयान ने न केवल प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े किए, बल्कि यह भी संदेह पैदा किया कि कहीं न कहीं अधिकारी खुद इस मामले में लापरवाही या संलिप्तता बरत रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना अनुमति स्कूल का संचालन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। अब मांग उठ रही है कि जिला प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप करे, अवैध स्कूल को बंद कराए और बच्चों की पढ़ाई व भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
रेड कॉरिडोर से डेवलपमेंट कॉरिडोर की ओर बढ़ रहा बस्तर” : केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू
बीजापुर मुठभेड़: दो माओवादी ढेर, हथियार और विस्फोटक बरामद
बीजापुर। जिले के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए। घटना स्थल से .303 रायफल, विस्फोटक सामग्री और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुई हैं।
पुलिस के अनुसार, माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान माओवादी जवानों के सामने आ गए, जिसके बाद दोनों ओर से लगभग दो घंटे तक गोलीबारी चली। मुठभेड़ खत्म होने के बाद की गई सर्चिंग में दो माओवादियों के शव बरामद किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद हुए हैं, जिससे साफ है कि माओवादी किसी बड़ी साजिश की तैयारी में थे। जब्त सामग्री में .303 रायफल के अलावा बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजें भी शामिल हैं।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा किचन सेट एवं हाईजीन किट का वितरण
बीजापुर-
बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक स्थित सुरोखी गांव के बाढ़ प्रभावित 18 परिवारों को रेडक्रॉस सोसायटी बीजापुर द्वारा किचन सेट एवं हाईजीन किट का वितरण किया गया। यह वितरण कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के दिशा-निर्देश में स्थानीय जनप्रतिनिधियों सरपंच एवं उप सरपंच के माध्यम से कराया गया। बाढ़ प्रभावित ग्राम सुरोखी के कुंजाम पारा के 18 परिवारों के कुल 86 सदस्य वर्तमान में सुरोखी राहत शिविर में रह रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा राहत शिविर में भोजन, स्वास्थ्य और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सामग्री वितरण कार्यक्रम में रेडक्रॉस के जिला संगठक श्री नरवेद सिंह, विद्यालय के प्राचार्य एवं रेडक्रॉस के विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।
बाढ़ पीड़ित परिवारों को रेडक्राॅस सोसायईटी द्वारा किचन सेट और हाईजीन किट का किया गया वितरण
बीजापुर 31 अगस्त 2025
बीजापुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र भैरमगढ़ ब्लाॅक के सुरोखी गांव के ग्रामीण परिवारों को कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के दिशा-निर्देश में रेडक्राॅस सोसायटी बीजापुर द्वारा 18 नग किचन सेट एवं हाईजीन किट का वितरण स्थानीय जनप्रतिनिधियों सरपंच, उप सरपंच के माध्यम से कराया गया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ग्राम सुरोखी के कुंजाम पारा के 18 परिवार के 86 सदस्यों को सुरोखी के राहत शिविर में रखा गया है। जिला प्रशासन द्वारा उन्हे सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है। सामग्री वितरण के दौरान रेडक्राॅस के जिला संगठक श्री नरवेद सिंह सहित रेडक्राॅस के अन्य विद्यार्थीगण, स्कूल के प्राचार्य मौजूद थे।
जिले के 16 संकुल संगठन में "दीदी के गोठ" का प्रसारणबीजापुर 31 अगस्त 2025-पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अन्तगत रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का प्रसारण बीजापुर जिला पंचायत सभाकक्ष में किया गया। कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चैबे के निर्देशन में जिले भर में एस एच जी की अधिक से अधिक महिलाओं को प्रसारण से जोड़ने हेतु तैयारियां किं गई। जिला स्तर के प्रसारण में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा सहित समूह की महिलाएँ, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए चारों जनपद पंचायतों में भी कार्यक्रम के प्रसारण की व्यवस्था की गई। जिले में स्व सहायता समूह सी जुड़ी दीदियों ने अन्य जिले की दीदियों की सफलता की कहानी सुनी और कार्यक्रम की तारीफ की।
रेडियो प्रसारण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का शुभकामना संदेश के साथ बिहान योजना के दीदियों की कहानी उन्हीं की जुबानी सुनाई गई। जिसमें नारायणपुर की दीदी का कहानी का प्रसारण किया गया।
जिले के 16 संकुल संगठन में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्तर पर उपसंचालक पंचायत हिमांशु साहू, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री कल्पना समेत समूह की दीदियाँ एवं कर्मचारी उपस्थित रहीं।
जिले में उर्वरक वितरण की पारदर्शिता पर जोर, निरीक्षण में मिली अनियमितताएँ
बीजापुर 31 अगस्त 2025
कृषि विभाग बीजापुर की टीम ने शनिवार को जिले के विभिन्न आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित (लैम्प्स) एवं निजी कृषि सेवा केंद्रों का निरीक्षण कर उर्वरक के भंडारण एवं वितरण की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान लैम्प्स प्रबंधकों एवं निजी विक्रेताओं द्वारा भंडारित व वितरित उर्वरकों के भौतिक स्टॉक का मिलान Pos मशीन में दर्ज आंकड़ों से किया गया। इस दौरान वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासनात्मक ढंग से कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिले के गंगालूर लैम्प्स में (10.740 टन) इसी तरह आवापल्ली में (33.20 टन), इलमिड़ी (195.79 टन), चिलकापल्ली (66.30 टन) ), बासागुड़ा (107.735 टन) तथा बीजापुर स्थित धुरवा कृषि केंद्र (13.900 टन) एवं बालाजी कृषि केंद्र, आवापल्ली (1.05 टन) इस प्रकार जिले में कुल 428.715 टन उर्वरक वितरण की जांच में भौतिक स्टॉक व Pos मशीन प्रविष्टियों में असंगतियाँ पाई गईं।
निरीक्षण टीम ने लैम्प्स प्रबंधकों और निजी दुकान संचालकों को दो दिनों के भीतर वास्तविक भौतिक स्टॉक के अनुसार Pos मशीन में प्रविष्टि करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में अनुपालन न होने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस कारवाही में उप संचालक कृषि बीजापुर के निर्देश पर गठित इस टीम में सहायक संचालक कृषि, श्री कृष्ण कुमार सिन्हा, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, श्री सी.पी. देवांगन एवं कृषि विकास अधिकारी, श्री वी.एस. कुमार शामिल रहे।