छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
वित्त मंत्री ओपी चौधरी बिलासपुर में फहराएंगे तिरंगा
गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां पूर्ण
बिलासपुर । वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के मंत्री ओ.पी.चौधरी संभागीय मुख्यालय बिलासपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में तिरंगा झण्डा फहराएंगे। वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के गणतंत्र दिवस संदेश वाचन के साथ ही आयोजित परेड की सलामी लेंगे। इस अवसर पर स्कूली बच्चों के आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल में हुए विकास कार्यों पर केन्द्रित शासकीय विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों की शानदार झांकी प्रदर्शनी भी देखने का मौका मिलेगा। गणतंत्र दिवस समारोह आयोजन की तमाम तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।
समारोह स्थल पर आयोजित कार्यक्रमों के लिए जारी मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार सवेरे 8.59 बजे मुख्य अतिथि चौधरी का समारोह स्थल पर आगमन होगा। इसके बाद 9 बजे ध्वजारोहण, राष्ट्रगान एवं परेड कमाण्डर द्वारा राष्ट्रध्वज की सलामी, 9.03 बजे परेड का निरीक्षण, बैण्ड द्वारा मार्च धुन, 9.06 बजे हर्ष फायर, 9.13 बजे परेड द्वारा मार्च पास्ट, 9.18 बजे मुख्यमंत्री जी के संदेश का वाचन, 9.39 परेड निष्क्रमण की कार्यवाही, 9.48 बजे स्कूली बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम, 10.17 बजे विकास कार्यों पर आधारित झांकी प्रदर्शन, 10.47 बजे उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों का सम्मान तथा 11 बजे कार्यक्रम का समापन होगा।
कृषि महाविद्यालय में मनाया गया 15वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित, दिलाई मतदाता शपथ
बिलासपुर। 15वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा कोनी स्थित बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मत देने का अधिकार हमें कड़े संघर्ष के बाद मिला है। हमें अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का उपयोग करना चाहिए। मतदान लोकतंत्र का आधार है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर व्यक्ति को मतदान करना चाहिए। कार्यक्रम में नये वोटरों को ईपिक कार्ड दिए गए। मतदाता जागरूकता से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम और चुनाव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईजी संजीव शुक्ला ने की।
कुलपति वाजपेयी ने सभी को मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें हम सभी की सहभागिता शत-प्रतिशत सुनिश्चित होनी चाहिए। राष्ट्रीय मतदाता दिवस हमें अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने का अवसर प्रदान करता है। आईजी संजीव शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर हमें यह विचार करना चाहिए कि देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने में हम कैसे अपना योगदान दे सकते हैं। सभी व्यक्ति के मत का समान्य मूल्य है। शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित हो, इसके लिए हम सभी को अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करना चाहिए। मतदान को हमे अपना पुनीत कर्तव्य मानना चाहिए।
कलेक्टर अवनीश शरण ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस क्यों मनाया जाता है इस पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमें अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करने के लिए जागरूक होना चाहिए। युवा मतदाता हमारे लोकतंत्र के भविष्य के निर्माता है। उन्हें मतदान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
एसपी रजनेश सिंह ने कहा कि मतदान हमारा अधिकार ही नहीं कर्तव्य भी है। एक-एक वोट से लोकतंत्र मजबूत बनता है। लोकतांत्रिक पद्धति को मजबूत बनाने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। मतदाता जागरूकता कार्यक्रम से मतदान हेतु युवा वर्ग में जो जागरूकता आई है उससे न केवल परिवार जागरूक होगा अपितु समाज भी जागरूक होगा।
मतदाता जागरूकता की शपथ
कुलपति वाजपेयी ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों एवं युवा मतदाताओं को देश की लोकतांत्रिक परंपरा बनाए रखने और निर्भिक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में चुनाव के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
नये मतदाताओं को ईपिक कार्ड
कार्यक्रम में नये युवा मतदाताओं को ईपिक कार्ड दिया गया। मतदाता जागरूक्ता से संबंधित गानों, नुक्कड़ नाटक और नृत्य की शानदार प्रस्तुति विभिन्न कॉलेज के युवाओं द्वारा दी गई।
इस अवसर पर नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, एडीशनल एसपी श्रीमती अर्चना झा, राजेन्द्र जायसवाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिव कुमार बनर्जी, कृषि महाविद्यालय के डीन एन. के. चौरे सहित अधिकारी-कर्मचारी और कॉलेज के विद्यार्थी मौजूद थे।
हाईकोर्ट ने जमानत व लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए जारी की गाइडलाइन
बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल (ज्यूडिशियल) ने जमानत आवेदनों और लंबित मामलों के निपटारे को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार, जमानत आवेदनों पर संबंधित न्यायालयों को एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेना होगा। साथ ही सत्र और मजिस्ट्रेट स्तर के विचाराधीन मामलों को क्रमशः दो साल और छह महीने में निपटाने की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
प्रदेश के सत्र व जिला न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के शीघ्र सुनवाई को लेकर आरजी ज्यूडिशियल ने जरुरी गाइड लाइन जारी कर दिया है। जारी आदेश पर नजर डालें तो आरजी ज्यूडिशियल ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य के जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों में पुराने लंबित मामलों, विचाराधीन मामलों, जमानत मामलों, अंतरिम आदेश पारित किए गए मामलों और विशेष श्रेणी के मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए कुछ इस तरह का उपाय किया जाना है। जिस पर अमला करना अनिवार्य किया गया है।
गाइड लाइन
पुराने लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए कट-ऑफ तिथियों के साथ जारी सभी पिछले निर्देशों का पालन करते हुए, छत्तीसगढ़ राज्य के जिला और अधीनस्थ न्यायालयों को संबंधित जिलों के लिए निर्धारित 30.04.2018 और 30.06.2018 तक 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों के निपटारे के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी विशिष्ट योजना बनानी है,
इसी तरह, संबंधित जिलों के लिए निर्धारित 30.09.2018 और 30.11.208 तक 05 से 10 साल के बीच लंबित मामलों के निपटारे के लक्ष्य को प्राप्त करना है। इसके अलावा, जमानत आवेदनों पर एक सप्ताह के भीतर फैसला किया जाना है, और सत्र विचाराधीन मामलों और मजिस्ट्रेट विचाराधीन मामलों को क्रमशः दो साल और छह महीने के भीतर निपटाया जाना है।
सभी जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा 10 वर्ष से अधिक अवधि से लंबित, 05 से 10 वर्ष की अवधि के बीच लंबित, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत आने वाले मामले, विचाराधीन मामले, जमानत मामले, ऐसे मामले जिनमें अंतरिम आदेश पारित हो चुके हैं तथा महिलाओं, बच्चों, दिव्यांग व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं समाज के वंचित वर्गों के विरुद्ध अपराध से संबंधित मामलों की सूची तैयार की जाए। इस सूची की प्रत्येक पीठासीन अधिकारी द्वारा हर माह समीक्षा की जाए, इन मामलों के निपटान की प्रगति का आकलन किया जाए तथा यदि कोई बाधा हो तो उसे दूर करने के लिए आगे की रणनीति बनाई जाए।
प्रत्येक पीठासीन अधिकारी को पुराने लंबित मामलों के प्रकारों की पहचान करनी है (चाहे वह मुख्य मामला हो, विविध न्यायिक मामला हो, निष्पादन मामला हो, आदि) तथा उसे ऐसे प्रत्येक पुराने लंबित मामले में देरी का सही कारण पता लगाना है।
सभी पुराने लंबित मामलों में आदेश पत्र पीठासीन अधिकारियों द्वारा स्वयं दर्ज किए जाएंगे।
जहां भी संभव हो, जटिल मामलों को वरिष्ठ एवं अधिक अनुभवी न्यायिक अधिकारियों को सौंपा जा सकता है।
जिन मामलों में उच्च न्यायालय या अन्य अपीलीय या पुनरीक्षण न्यायालय द्वारा कार्यवाही स्थगित कर दी गई है, उनमें कार्यवाही को नियमित रूप से लंबी तारीख देकर स्थगित नहीं किया जाएगा, बल्कि प्रत्येक तारीख को पीठासीन अधिकारी मामले की कार्यवाही की स्थिति की जांच करेगा। यह आसानी से ऑनलाइन किया जा सकता है।
कार्य योजना (ज्ञापन संख्या 5671/डी एंड ए/2017, दिनांक 05 जुलाई, 2017 द्वारा भेजा गया) और विशेष श्रेणी के मामलों (ज्ञापन संख्या 5672/डी एंड ए/2017, दिनांक 05 जुलाई, 2017 द्वारा भेजा गया) में दर्शाए गए सभी प्रकार के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना है, निकटतम संभावित सुनवाई की तारीख निर्धारित की जानी है और अपर्याप्त और तुच्छ आधारों पर मांगे गए सभी स्थगन से बचना है।
पीठासीन अधिकारियों को पार्टियों की विलंबकारी चालों से चतुराई से निपटना होगा।
पुराने लंबित आपराधिक मामलों में जारी किए गए सभी समन/वारंट के शीर्ष पर "अत्यावश्यक पुराना लंबित मामला" लिखा जाए। समन/वारंट की तामील के लिए जिम्मेदार एजेंसी के उच्च स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वे ऐसे समन/वारंट की तामील को गंभीरता से लें।
जिला न्यायाधीशों और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में पुराने लंबित मामलों का तर्कसंगत न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करना है। यह तर्कसंगत न्यायसंगत वितरण केवल पुराने मामलों का समान वितरण नहीं होना चाहिए, बल्कि मामलों की अवस्था और प्रकृति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। मामलों के तर्कसंगत न्यायसंगत वितरण के लिए अभ्यास की रिपोर्ट उच्च न्यायालय को भेजी जानी चाहिए।
जिला न्यायाधीशों/मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों को जिला मुख्यालय पर तैनात न्यायिक अधिकारियों के साथ महीने में कम से कम एक बार बैठक करनी होगी, ताकि न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित सभी मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा की जा सके।
पोर्टफोलियों जज को देनी होगी जानकारी
पुराने लंबित मामलों और अन्य प्राथमिकता वाले मामलों और आवेदनों का शीघ्र निपटारा किया जाना है। बैठकों का विवरण तैयार करना होगा और संबंधित जिलों के पोर्टफोलियो न्यायाधीशों या विलंब और बकाया मामलों के लिए समिति के अध्यक्ष के समक्ष अवलोकन के लिए रखना होगा।
आरजी ज्यूडिशियल ने दी ये हिदायत
अपने आदेश में कहा हैकि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि त्वरित निपटान से वादकारी पक्षों के साथ अन्याय न हो तथा किसी भी स्थिति में गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।
जहां कहीं भी ऐसे प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी हैं, जिन्हें अभी तक बोर्ड नहीं सौंपा गया है, उन्हें प्रशिक्षण के एक भाग के रूप में सहायता के लिए अधिक लंबित मामलों वाले न्यायालयों से संबद्ध किया जा सकता है।
अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघिन की संदिग्ध मौत, जांच जारी
बिलासपुर । अचानकमार टाइगर रिजर्व के लमनी रेंज में एक बाघिन की मौत हो गई है। मृत बाघिन का शव चिरहट्टा इलाके में मिला है। हालांकि, मौत के कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती जांच में बाघों के बीच आपसी संघर्ष के चलते मौत होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल वन विभाग की टीम इस मामले की जांच कर रही है।
बाघिन की पहचान AKT-13 के रूप में हुई
मृत बाघिन की पहचान AKT-13 के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, बाघिन की उम्र लगभग चार साल थी। बताया गया है कि बाघिन लमनी क्षेत्र में ही रहती थी और उसने कभी इस इलाके से बाहर कदम नहीं रखा।
घटना पर प्रबंधन की अनदेखी
घटना की चौंकाने वाली बात यह है कि बाघिन की मौत के दो दिन बाद तक ATR प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी। गुरुवार को सर्चिंग के दौरान स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स की टीम ने बाघिन का शव देखा।
मौत का कारण पोस्टमॉर्टम के बाद स्पष्ट होगा
ATR प्रबंधन का दावा है कि बाघों के आपसी संघर्ष के चलते बाघिन की मौत हुई है। हालांकि, मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। वन विभाग इस मामले में पूरी सतर्कता के साथ जांच कर रहा है।
यह घटना वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती है। बाघ जैसे संरक्षित प्रजातियों की सुरक्षा के लिए बेहतर निगरानी और सक्रिय कदम उठाने की जरूरत है।
अस्पतालों की बुनियादी सुविधाओं के निर्माण में विलंब से कलेक्टर नाराज
तेजी से कार्य पूर्ण करने एजेंसियों को दी चेतावनी
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेक्टर की मजबूती के लिए गत 1 वर्ष में डीएमएफ सहित अन्य मद से 30 करोड़ के लगभग कार्य मंजूर किए गए हैं। लेकिन इन कार्यों की प्रगति अत्यंत धीमा है। मरीजों और जनहित के कामों में ढिलाई और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कार्य एजेंसियों को तेज गति से काम करने की चेतावनी दी है। बैठक में निगम आयुक्त अमितकुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, सीएमएचओ डॉक्टर प्रमोद तिवारी उपस्थित थे।
कलेक्टर अवनीश शरण ने आज अपने कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की कार्य एजेंसी अफसरों, पीएचई, पीडब्ल्यूडी और निर्माण एजेंसियों की बैठक ली। उन्होंने डीएमएफ के तहत स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन के लिए स्वीकृत किए गए कार्यों की सिलसिलेवार समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्रों में नलकूप खनन और पेयजल आपूर्ति के विषय में पीएचई के जिम्मेदार अधिकारी से जानकारी ली, स्पष्ट जवाब न मिलने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराज़गी जाहिर की और अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल और सिम्स के लिए स्वीकृत कार्यों की जानकारी ली और अधूरे कार्यों को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
पीडब्ल्यूडी द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए अनुमोदित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने अफसरों की लापरवाही और लेटलतीफी पर कड़ी आपत्ति जताई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्रों में सोलर पैनल के विषय में क्रेडा प्रभारी से जानकारी ली, डीएमएफ के तहत 15 स्वास्थ्य केंद्रों में सौर संयंत्र की स्थापना की जा रही है,जिनमें से 10 केंद्रों में सोलर पैनल की स्थापना की जा चुकी है, जिस पर कलेक्टर ने संतोष जाहिर किया। कलेक्टर अवनीश शरण ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के उन्नयन की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं जिसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए ये जरूरी है कि जिम्मेदार अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी से करें।
उल्लेखनीय है कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए डीएमएफ के तहत बिल्हा, बेलगहना, आमागोहन, कुरदर, सीपत, खोनंदरा, पिपरतराई, सिम्स, जिला चिकित्सालय सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में अधोसंरचना विकास के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है जिनमें, सिम्स में गैस पाइपलाइन, रैंप निर्माण, डिजी सेट स्थापना, जिला चिकित्सालय में परिजन शेड, बर्न यूनिट, नेफ्रोलॉजी विभाग नवीनीकरण, विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में परिवर्तन, परिवर्धन एवं एनक्यूएएस कार्यक्रम के लिए उन्नयन कार्य, पेयजल आपूर्ति सहित केंद्रों में मरम्मत, रेनोवेशन सहित विभिन्न कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
गणतंत्र दिवस समारोह का अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल
वित्त मंत्री ओपी चौधरी होंगे मुख्य अतिथि
बिलासपुर । गणतंत्र दिवस समारोह का अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल पुलिस परेड मैदान में सवेरे संपन्न हुआ। सब कुछ ठीक उसी तरह व उसी क्रम से हुआ जैसे कि 26 जनवरी को इस स्थल पर होना है। कलेक्टर अवनीश शरण और एसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी और निर्देशन में रिहर्सल किया गया। कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप बेहतरीन आयोजन के लिए कलेक्टर ने महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
जिला स्तरीय समारोह इसी पुलिस परेड मैदान में होगा। राज्य सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। समारोह सवेरे 9 बजे से लेकर 11.30 बजे तक विविध कार्यक्रम होंगे। रिहर्सल में अपर कलेक्टर आर ए कुरूवंशी मुख्य अतिथि की भूमिका में थे। स्कूली बच्चों ने इस अवसर पर देशभक्ति पूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इस बार 8 स्कूलों की टीमों को प्रस्तुति के लिए चयन किया गया है। आकर्षक मार्च पास्ट किया गया।
तेरह टुकड़ियों ने शानदार मार्च पास्ट कर अनुशासन का परिचय दिया। समारोह में छत्तीसगढ़ के विकास की झलक दिखाती विभागीय झांकी भी लोगों को देखने को मिलेगी। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्य अतिथि द्वारा नक्सल हिंसा में शहीद के परिवारों से मुलाकात कर उनके प्रति आदर और श्रद्धा व्यक्त करेंगे। मुख्य समारोह का संचालन हमेशा की तरह व्याख्याता द्वय सौरभ सक्सेना और मुकुल शर्मा करेंगे। अंतिम रिहर्सल को देखने बड़ी संख्या में शहर के नागरिक, छात्र - छात्राएं, अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
संभागायुक्त व कलेक्टर ने मतदाता दिवस पर दिलाई शपथ
बिलासपुर। संभागायुक्त महादेव कावरे एवं कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारियों-कर्मचारियों को एक मतदाता के रूप में सजगता एवं निष्पक्षता के साथ अपने मताधिकार का उपयोग करने की शपथ दिलाई। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर 25 जनवरी को अवकाश की वजह से चुनाव आयोग के निर्देशानुसार शपथ का कार्यक्रम आज आयोजित किया गया। कमिश्नर महादेव कावरे ने अपने कार्यालय में तथा कलेक्टर अवनीश शरण ने जिला कार्यालय परिसर में सवेरे 11 बजे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को थपथ दिलाई। सभी ने यह शपथ ली कि लोकतंत्र में हम अपनी पूर्ण आस्था रखते हैं।
हम अपने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे। स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए निर्भिक होकर बिना किसी भेद-भाव अथवा प्रलोभन में आये अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवकुमार बनर्जी ने बताया कि 25 जनवरी को कोनी स्थित कृषि महाविद्यालय ऑडिटोरियम में सवेरे 10 बजे मतदाता दिवस समारोह मनाया जायेगा। इस अवसर पर बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियो को प्रशस्ति पत्र भेंट किया जायेगा। इसी तरह जिले के सभी कार्यालयों में राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ दिलाई गई।
70 लाख रुपए के 2238 क्विंटल धान के रकबे का किया समर्पण
बिलासपुर । धान खरीदी के सत्यापन के लिए बनी संयुक्त टीम ने आज फिर बड़ी कार्रवाई की। टीम ने लगभग 70 लाख रुपए के 2238 क्विंटल धान के रकबे का समर्पण किया। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर संयुक्त टीम की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। राज्य सरकार ने 31 जनवरी तक धान खरीदी की अंतिम समय सीमा निर्धारित की है।
खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया ने बताया कि तहसील कोटा स्थित धान उपार्जन केन्द्र चपोरा का निरीक्षण नायब तहसीलदार द्वारा किया गया । मौके पर उपस्थित कृषकों के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत 610 क्विंटल धान रकबा समर्पण कराया गया। उपार्जन केन्द्र रतनपुर में आज 23 किसानों से कुल 610 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया। तहसील कोटा स्थित धान उपार्जन केन्द्र रानीगांव का निरीक्षण नायब तहसीलदार द्वारा किया गया एवं धान उपार्जन केन्द्र रानीगांव में आज जारी 08 टोकन में से 03 किसान अनुपस्थित थे। जिनसे कुल 190 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया।
तहसील पचपेड़ी स्थित धान उपार्जन केन्द्र जोधरा का निरीक्षण नायब तहसीलदार द्वारा किया गया एवं मौके पर उपस्थित कृषकों के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत 07 कृषकों से 350 क्विंटल धान रकबा 6.2 एकड़ का रकबा समर्पण कराया गया। धान उपार्जन केन्द्र सोन के निरीक्षण के दौरान 3.11 हेक्टेयर (162 क्विंटल धान) का रकबा समर्पण कराया गया एवं धान उपार्जन केन्द्र चिल्हाटी के निरीक्षण के दौरान 1.056 हेक्टेयर (54 क्विंटल धान) का रकबा समर्पण कराया गया। तहसील तखतपुर स्थित धान उपार्जन केन्द्र जुनापारा में तहसीलदार द्वारा निरीक्षण के दौरान 108 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया। धान उपार्जन केन्द्र टिकारी में नायब तहसीलदार द्वारा निरीक्षण के दौरान कुल 03 कृषकों से 154.40 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया।
पं जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष विद्यार्थी योजना के तहत आवेदन 14 फरवरी तक
बिलासपुर। पं. जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष विद्यार्थी योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति,जनजाति वर्ग के ग्रामीण प्रतिभावान छात्र, छात्राओं को वर्ष 2025-26 में राज्य के उत्कृष्ट निजी विद्यालयों में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए 23 मार्च 2025 रविवार दोपहर 12.00 से 2.00 बजे तक लिखित परीक्षा आयोजित की जावेगी।
छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्थाई जाति प्रमाण-पत्र धारक ऐसे प्रतिभावान छात्र, छात्राएं जो छ०ग० में संचालित किसी मान्यता प्राप्त शाला में कक्षा पांचवीं में नियमित अध्ययनरत् हो व जिन्होंने कक्षा चौथी की परीक्षा में अस्सी प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त किया हो। जिनके पालक की समस्त स्रोतों से वार्षिक आय रू. 2.50 लाख, दो लाख पचास हजार से अधिक न हो जो ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों में अध्ययरत हो, ऐसे विद्यार्थी ही इस योजना के तहत आवेदन कर सकेगें। प्रवेश के लिए जिला स्तर, विकास खण्ड स्तर पर निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में लिखित परीक्षा 23 मार्च 2025 (रविवार) को दोपहर 12.00 से 2.00 बजे तक आयोजित की जावेगी।
राज्य के अंतर्गत छात्र, छात्राएं जिस जिले के मूल निवासी हो (सक्षम प्राधिकारी के हस्ताक्षर से जारी निवास प्रमाण-पत्र के आधार पर) उन्हें उसी जिले में आवेदन करने की पात्रता होगी। मूल निवास जिले से भिन्न जिले में किये गये आवेदन मान्य नहीं होंगे।
आवेदन-पत्र का प्रारूप एवं नियमावली की जानकारी संबंधित विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। विद्यार्थी द्वारा अध्ययनरत् शाला में आवेदन-पत्र जमा किया जाना है, जिसकी अंतिम तिथि दिनांक 14 फरवरी 2025 शाम पांच बजे तक निर्धारित है।
योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी विभाग के वेबसाईट www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध है।
बिलासपुर जिले में धारा-163 प्रभावशील
जिला दण्डाधिकारी ने जारी किये आदेश
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए कार्यक्रम जारी करने के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अवनीश शरण द्वारा जारी आदेशानुसार जिले में लोक परिशांति बनाए रखने एवं निर्वाचन प्रक्रिया एवं मतदान निर्विघ्न, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने अन्य उपायों के साथ साथ प्रतिबंधात्मक उपाय आवश्यक है।
उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा जारी किया हैः- बिलासपुर जिले के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का घातक अस्त्र-शस्त्र यथा बंदूक, रायफल, पिस्टल, रिवाल्वर, भाला, बल्लम, बरछा, लाठी एवं अन्य प्रकार के घातक हथियार तथा विस्फोटक सामग्री को किसी भी सार्वजनिक स्थान आम सड़क, रास्ता, सार्वजनिक सभाएँ एवं अन्य स्थानों पर लेकर नहीं चलेगा। कोई भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी सशस्त्र जुलूस नहीं निकालेगा और न ही आपत्तिजनक नारे लगायेगा और न ही आपत्तिजनक पोस्टर वितरित करेगा।
यह आदेश उन शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जिन्हें अपने कार्य के सम्पादन के लिये लाठी या शस्त्र रखना आवश्यक है। यह आदेश उन शासकीय कर्मचारियों पर भी लागू नहीं होगा जिन्हें चुनाव, मतदान के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा जिन्हें शारीरिक दुर्बलता, वृद्धावस्था तथा लंगडापन होने के कारण लाठी रखना आवश्यक है।
इस आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति अथवा दल भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 के अंतर्गत दण्डनीय होगा। प्रकरण के तथ्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए इस आदेश के संबंध में संबंधितों को सूचना पत्र जारी कर सुनवाई, सम्यक रूप से संभव नहीं है। अतः यह आदेश एकपक्षीय पारित किया जाता है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से निर्वाचन प्रक्रिया समाप्ति तक संपूर्ण बिलासपुर जिले में प्रभावशील रहेगा।
रैली, सभा एवं प्रचार वाहनों की अनुमति के लिए राजस्व अधिकारी अधिकृत
बिलासपुर । नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अंतर्गत रैली, सभा एवं प्रचार वाहनों की अनुमति के लिए जिला कार्यालय में पदस्थ राजस्व अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अवनीश शरण ने इस आशय के आदेश जारी किए है। जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के प्रावधानों के अनुपालन में चुनाव प्रचार सभाओं एवं प्रचार वाहनों में लाउडस्पीकरों के उपयोग, चुनाव सभाओं के आयोजन, जुलूस, रैली, रोड शो आदि निकालने, वाहनों की अनुमति देने जिला मुख्यालय की नगर पालिका क्षेत्र हेतु अनुविभागीय दण्डाधिकारी, अनुविभागीय मुख्यालयों की नगर पालिका क्षेत्र हेतु संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील मुख्यालयों की नगर पालिका क्षेत्र हेतु तहसीलदार एवं कार्यपालिका दण्डाधिकारी एवं उप तहसील मुख्यालयों की नगर पालिका क्षेत्र हेतु अतिरिक्त तहसीदार, नायब तहसीदार एवं कार्यपालिका दण्डाधिकारी को अधिकृत किया गया है।
सड़क हादसे में चार वर्षीय बच्ची की मौत
बिलासपुर । जिले के रतनपुर थाना अंतर्गत लिम्हा गांव में भीषण हादसा हुआ। जहां एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर बीती देर रात घर में जा घुसा। इस हादसे में एक चार वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। वहीं चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने आरोपी ट्रेलर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, कोरबा की ओर जा रहा ट्रेलर लिम्हा गांव होकर गुजर रहा था।
इसी दौरान ट्रेलर का ब्रेक फेल हो गया, जिससे अनियंत्रित होकर वह सीधे एक घर में जा घुसा। हादसे के दौरान घर में परिवार मौजूद था. घर में अनियंत्रित ट्रेलर घुसने से चार वर्षीय मासूम सौम्या की मौत हो गई। वहीं चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि ट्रेलर का ड्राइवर टोल टैक्स बचाने के लिए गांव की सड़क का इस्तमाल कर रहा था। इसी दौरान ट्रेलर का ब्रेक फेल होने से बड़ा हादसा हो गया। रतनपुर पुलिस आरोपी ट्रेलर चालक को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
सत्यापन में नहीं मिला धान, 1.46 करोड़ मूल्य के 4685 क्विंटल रकबे का समर्पण
अंतिम दिन तक जारी रहेगी जांच अभियान
बिलासपुर । धान खरीदी के लिए जारी टोकन के अनुरूप धान के उपलब्धता की सघन जांच आज भी जारी रही। संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1.46 करोड़ मूल्य के लगभग 4685 क्विंटल के रकबे का समर्पण कराया। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर सत्यापन सहित अवैध संग्रहण और परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई आखिरी दिन तक जारी रहेगी। उन्होंने दलालों और बिचौलियों की गतिविधियों पर नज़र रखने और कार्रवाई करने के सख्त निर्देश संयुक्त टीम को दिए हैं।
जिले के खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया ने बताया कि तहसील बोदरी स्थित धान उपार्जन केन्द्र बोडसरा का निरीक्षण नायब तहसीलदार बोदरी द्वारा किया गया एवं मौके पर उपस्थित कृषकों के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत 295 क्विंटल धान रकबा 14 एकड़ का रकबा समर्पण कराया गया। इसी प्रकार धान उपार्जन केन्द्र सरवानी में 06 किसानों से 505 क्विंटल धान का 24 एकड़ का रकबा समर्पण कराया गया। तहसील मस्तूरी स्थित धान उपार्जन केन्द्र किरारी का निरीक्षण नायब तहसीलदार मस्तूरी द्वारा किया गया एवं मौके पर उपस्थित कृषकों के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत 130 क्विंटल धान रकबा 6. 2 एकड़ का रकबा समर्पण कराया गया।
धान उपार्जन केन्द्र टिकारी में 236 क्विंटल धान लगभग 11.5 एकड़ रकबे का समर्पण कराया गया एवं धान उपार्जन केन्द्र मल्हार में 160 क्विंटल धान लगभग 8 एकड़ रकबे का समर्पण कराया गया। तहसील सीपत स्थित धान उपार्जन केन्द्र कौडिया का निरीक्षण तहसीलदार सीपत द्वारा किया गया एवं मौके पर उपस्थित कृषकों के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत 177.60 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया। इसी प्रकार धान उपार्जन केन्द्र कूकदा में 1379.2 क्विंटल धान विकय हेतु टोकन कटाया गया था। भौतिक सत्यापन में कम धान पाये जाने पर 639.2 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया। निरतू समिति में 1379.2 क्विंटल धान का टोकन कटा था। भौतिक सत्यापन में धान नहीं कम पाये जाने पर 654.4 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया।
तहसील तखतपुर स्थित धान उपार्जन केन्द्र तखतपुर का निरीक्षण तहसीलदार तखतपुर द्वारा किया गया एवं मौके पर उपस्थित कृषकों के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत 165 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया। तहसील बेलगहना स्थित धान उपार्जन केन्द्र आमागोहन का निरीक्षण अनु० अधिकारी (रा०) कोटा द्वारा किया गया। जाँच में पाया गया कि विगत 02 दिवस में 23 कृषकों द्वारा धान विक्रय हेतु टोकन कटाया गया था, जिनका भौतिक सत्यापन उपरांत 6.530 हेक्टेयर रकबे का समर्पण कराया गया।
इसी प्रकार धान उपार्जन केनद्र मिट्ठुनवागांव में 3.786 हेक्टेयर एवं धान उपार्जन केन्द्र केंदा में 6.621 हेक्टेयर रकबे का समर्पण कराया गया। तहसील बिल्हा स्थित धान उपार्जन केन्द्र मोहतरा का निरीक्षण नायब तहसीलदार बिल्हा द्वारा किया गया आज दिनांक 22 जनवरी को 19 किसानों का 1414.80 क्विंटल धान का टोकन जारी किया गया था, जिसमें से 16 कृषकों द्वारा 1079.20 क्विंटल धान फड़ में लाया गया। शेष 317.6 क्विंटल धान के रकबे का समर्पण कराया गया। इसी प्रकार उपार्जन केन्द्र मुरकुटा में 25.8 क्विंटल धान के रकबे का समर्पण कराया गया।
आयुर्वेद महाविद्यालय में वार्षिक उत्सव उमंग का आयोजन
बिलासपुर । शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में आज वार्षिक उत्सव एवं स्नेह सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में कलेक्टर अवनीश शरण भी शामिल हुए। उन्होंने बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर दिनदयाल उपाध्याय स्मृति आयुष एवं स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पी के पात्रा, संचालक आयुष विभाग इफ्फत आरा (IAS) , सिम्स के डीन डॉ रामनेश मूर्ति , शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय बिलासपुर के प्राचार्य डॉ जी आर चतुर्वेदी भी मौजूद थे।
सभी अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रक्षपाल गुप्ता एवं प्रोफेसर इन चार्ज स्टूडेंट यूनियन डॉ मीनू श्रीवास्तव खरे ने किया। कुलपति डॉ पात्रा ने विश्विद्यालय से पीएचडी पाठ्यक्रमों के प्रारंभ होने की जानकारी दी। कलेक्टर ने आयुर्वेद महाविद्यालय के वर्तमान भवन का उन्नयन करवाने का आश्वासन दिया। संचालक आयुष इफ्फत आरा ने विभिन्न राष्ट्रीय आयुष कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ विवेक दुबे तथा डॉ विद्या भूषण पांडेय द्वारा किया गया। वार्षिक उत्सव में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न पारंपरिक एवं रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।
नगरीय निकायों में आज से शुरू होगा नामांकन, तैयारियां पूर्ण
रिटर्निंग अफसरों को दिया गया सघन प्रशिक्षण
बिलासपुर। नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 के लिए नामांकन की प्रक्रिया 22 जनवरी से शुरू हो रही है। इसके साथ ही जिले के 07 नगरीय निकायों के लिए नामांकन लेने का काम शुरू हो जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए तमाम तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर्स को उनके काम-काज के संबंध में सघन प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवनीश शरण ने रिटर्निंग अफसरों के कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि फार्म भरने आने वालों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए।
नाम निर्देशन पत्र जमा करने नामांकन पत्रों की जांच एवं चुनाव चिन्ह आवंटन के लिए अलग-अलग रिटर्निंग आफिसर नियुक्त किए गए हैं। जिला कार्यालय के अलग-अलग 08 कमरों में नाम निर्देशन पत्र जमा करने एवं नामांकन पत्रों की जांच एवं चुनाव चिन्ह के वितरण करने के लिए व्यवस्था की है। इसी प्रकार तहसील कार्यालय, नगर पालिका एवं नगर पंचायत कार्यालय में भी नामांकन लेने की व्यवस्था की गई है।
नामांकन सवेरे 10.30 बजे से दोपहर 3.00 बजे तक स्वीकार किये जाएंगे। महापौर के लिए जिला कार्यालय के कक्ष क्रमांक 50, न्यायालय अतिरिक्त कलेक्टर प्रथम तल में नाम निर्देशन पत्र लिए जाएंगे। वार्ड क्रमांक 01 एवं 10 के लिए नामांकन न्यायालय सिटी मजिस्ट्रेट 1 के कक्ष क्रमांक 25 में, वार्ड क्रमांक 11 से 20 तक के नामांकन न्यायालय सिटी मजिस्ट्रेट 2 के कक्ष क्रमांक 35, वार्ड क्रमांक 21 से 30 तक के नामांकन राहत शाखा कक्ष क्रमांक 51, वार्ड क्रमांक 31 से 40 तक न्यायालय भाड़ा नियंत्रण कक्ष क्रमांक 26, वार्ड क्रमांक 41 से 50 तक भू-अभिलेख शाखा कक्ष क्रमांक 44, वार्ड क्रमांक 51 से 60 तक भू-अभिलेख शाखा कक्ष क्रमांक 46, वार्ड क्रमांक 61 से 70 तक के प्रत्याशी नजूल शाखा कक्ष क्रमांक 38 में अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे यही पर नामांकन पत्रों की जांच तथा चुनाव चिन्ह का वितरण भी किया जाएगा।
इसी प्रकार तखतपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष एवं पार्षद के लिए नामांकन तहसील कार्यालय तखतपुर के कक्ष क्रमांक 02, रतनपुर में तहसील कार्यालय रतनपुर और नगर पालिका परिषद बोदरी में नामांकन नगर पालिका परिषद कार्यालय बोदरी, नगर पंचायत कोटा में अध्यक्ष एवं पार्षद पद के लिए नामांकन तहसील कार्यालय कोटा में, नगर पंचायत बिल्हा के लिए तहसील कार्यालय बिल्हा के कक्ष क्रमांक 03 एवं इसी प्रकार नगर पंचायत मल्हार के अध्यक्ष एवं पार्षद पद के लिए नामांकन नगर पंचायत मल्हार कार्यालय के कक्ष क्रमांक 03 में लिए जाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टोरेट के सामने दोनों ओर बैरिकेड्स लगाए गये है एवं सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
साप्ताहिक जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण ने साप्ताहिक नियमित जनदर्शन में लोगों की समस्याएं इत्मीनान से सुनी। उन्होंने मिलने पहुंचे हर व्यक्ति से मुलाकात कर उनकी परेशानी पूछी और इनके समुचित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
साप्ताहिक जनदर्शन में कोटा ब्लॉक के ग्राम सिरसहा की सरपंच एवं ग्रामीणों ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की। कलेक्टर ने आवेदन कोटा एसडीएम को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कोनी के ग्राम कछार निवासी सावन खाण्डे ने नदी किनारे लगी कृषि भूमि के पास रोहित यादव के द्वारा रेत खनन करने की शिकायत कलेक्टर से की। उन्होंने बताया कि रेत खनन होने से उन्हें खेती किसानी के लिए अपने खेत पर ट्रेक्टर ले जाने में परेशानी हो रही है।
इस मामले को बिलासपुर एसडीएम देखेंगे। तखतपुर ब्लॉक के ग्राम दैजा निवासी दुरपेशी साहू ने किसान सम्मान निधि की राशि 1 साल से नहीं मिलने की शिकायत कलेक्टर से की। बेलतरा तहसील के ग्राम नेवसा निवासी परसराम डोंगरे ने कलेक्टर से शिकायत की है कि उनके प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत राशि 74 हजार 500 रूपए को ठेकेदार वासुदेव सूर्यवंशी के द्वारा अवैध रूप से निकाल लिया गया है। कलेक्टर ने आवेदन सीईओ जनपद को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
अवैध धान के विरुद्ध फिर कार्रवाई
बिलासपुर । अवैध धान संग्रहण और परिवहन के विरुद्ध रविवार को भी कार्रवाई जारी रही। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर संयुक्त टीमों ने आज भौतिक सत्यापन के लिए निरीक्षण किया। दो ठिकानों में गड़बड़ियां पाई गई। जिला खाद्य अधिकारी अनुराग भदौरिया ने बताया कि उप तहसील गनियारी के ग्राम मुंडा में 150 बोरी धान अवैध रूप से ग्राम के निवासी श्याम बिहारी पाटले के घर पर वाहन से अनलोड किया जा रहा था। जाँच के दौरान नायब तहसीलदार द्वारा मौके पर उक्त धान के संबंध में जानकारी मांगी गई,किन्तु मौके पर उपस्थित कृषक द्वारा कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
इसलिए 150 कट्टी धान को मण्डी अधिनियम के तहत जब्त किया गया। अनुविभागीय अधिकारी (रा०) तखतपुर के मार्गदर्शन में नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के संयुक्त दल द्वारा धान उपार्जन केन्द्र विजयपुर विकासखंड तखतपुर में उपस्थित होकर रकबा सत्यापन का कार्य किया गया। जाँच के दौरान कृषक जनकसिंह द्वारा 776 क्विंटल धान के लिये टोकन कटाया गया था, किन्तु मौके पर रकबा सत्यापन में 105 क्विंटल धान (5 एकड़ का) कम पाया गया, जिसका रकबा समर्पण कराया गया। कलेक्टर के निर्देश पर सभी एसडीएम ने धान खरीदी से जुड़े फील्ड स्तर के अधिकारी कर्मचारियों की बैठक ली और कड़े निर्देश दिए। निर्देश दिया गया कि जारी टोकन का शत प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाए। देखा जाए कि टोकन में उल्लिखित मात्रा के अनुरूप धान की उपलब्धता है कि नहीं। नहीं हो तो उनका रकबा समर्पण कराया जाए।