छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
महापौर ने सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का किया शुभारंभ
राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम
स्कूली बच्चों सहित अन्य लोगों ने किया दवा सेवन
बिलासपुर, 27 फरवरी 2025/राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अन्तर्गत सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का शुभारंभ शंकर नगर स्कूल बंधवापारा में किया गया है। महापौर नगर निगम बिलासपुर श्रीमती पूजा विधानी के द्वारा सामूहिक दवा सेवा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान वार्ड नंबर 44 के पार्षद श्री शिबू दत्ता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रमोद तिवारी, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ बी. के. वैष्णव एवं श्री एस. के. पाण्डेय प्राचार्य शंकर नगर स्कूल उपस्थित रहे। स्कूल में नामांकित 1005 बच्चों को सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के अन्तर्गत दवाईयां डीईसी, एलबेन्डाजॉल एवं आईवरमेक्टिन का सेवन कराया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी एवं स्कूल के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने दवा का सेवन किया। महापौर द्वारा अपील की गई है कि समाज के सभी उम्र के लोग इस दवा का सेवन करे ताकि फाईलेरिया रोग को जड से खत्म किया जा सके।
डीईओ ने अनुकंपा नियुक्ति के पूर्व मंगाई दावा-आपत्ति
बिलासपुर, 27 फरवरी 2025/जिला शिक्षा अधिकारी ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदन के छानबीन के क्रम में 7 दिवस के भीतर आमजनता से दावा आपत्ति मंगाई है। फिलहाल एक आवेदक ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया है। डीईओ ने बताया कि दुर्ग जिले के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में सहायक प्राध्यापक मूल पद प्राचार्य पर कार्यरत स्व. श्री नदीम मोहम्मद के परिवार से उनकी पत्नी श्रीमती नसरीन ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया है। आमजनों की जानकारी में यदि दिवंगत शासकीय सेवक के आश्रित परिवार में यदि कोई सदस्य राज्य अथवा केन्द्र की शासकीय सेवा में कार्यरत होने की सूचना है, तो वे सात दिवस के भीतर पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग स्थित कक्ष क्रमांक 25 जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अथवा डाक के जरिए जानकारी दे सकते हैं ताकि नियमानुसार पात्र व्यक्ति को ही अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ दिया जा सके।
5वीं की छात्राओं से शिक्षकों ने की छेड़छाड़, दो शिक्षक निलंबित
बिलासपुर । तखतपुर और बिल्हा ब्लॉक की प्राथमिक शाला में पदस्थ दो शिक्षकों को कक्षा 5वीं की छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करना महंगा पड़ गया और जांच के बाद डीईओ ने उन्हें निलंबित कर दिया है। बिल्हा के शासकीय प्राथमिक शाला आवासपारा मंगला (पासीद) के प्रधान पाठक रामकिशोर निर्मलकर पर कक्षा 5वीं की छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगा था। मामले की जांच विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा द्वारा की गई, जिसमें आरोप सही पाए गए।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय राजेंद्र नगर उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिल्हा निर्धारित किया गया है। दूसरा मामला तखतपुर के शासकीय प्राथमिक शाला खुडिय़ाडीह का है। यहां सहायक शिक्षक अशोक कुमार कुर्रे पर भी कक्षा 5वीं की छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगा था। मामले की जांच विकासखंड शिक्षा अधिकारी तखतपुर ने की, जिसमें आरोप सही पाए गए।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, तखतपुर रहेगा। दोनों शिक्षकों का यह कृत्य शिक्षकीय गरिमा और सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियमों के उल्लंघन का मामला है। इन पर विभागीय जांच भी प्रस्तावित की गई है। निलंबन के दौरान दोनों शिक्षकों को नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता मिलेगा।
मत्स्य विभाग द्वारा कैंप का आयोजन 52 किसानों ने डिजीटल पोर्टल में कराया पंजीयन
बिलासपुर, 27 फरवरी 2025/मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन किसानों का मात्स्यकि डिजीटल पोर्टल में पंजीयन कराने जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा कक्ष में कैंप का आयोजन किया गया। मत्स्य विभाग के उप संचालक श्री ए.के. महिस्वर ने बताया कि जिले के विकासखण्ड बिल्हा, मस्तूरी, कोटा एवं तखतपुर से 72 लोग मौजूद थे। जिनमें मछुआ सहकारी समिति, मछुआ समूह, स्व सहायता समूह एवं व्यक्तिगत मत्स्य किसान शामिल थे। मौके पर 52 मत्स्य कृषकों ने मात्स्यकि डिजीटल पोर्टल में अपना पंजीयन कराया। उन्होंने बताया कि एन.एफ.डी.पी. में पंजीकृत मत्स्य किसानों को ही विभागीय योजना का लाभ दिया जाएगा। इस अवसर पर सहायक मत्स्य अधिकारी श्री सतीश मेमन, श्री डी. डी. रात्रे, श्रीमती संगीता सार्वा, श्रीमती अल्का स्वर्णकार, मत्स्य निरीक्षक श्री राजेश वर्मा, सुश्री शतरूपा जायसवाल, श्रीमती संजुला सोनी एवं प्रांजल शर्मा उपस्थित थे।
कलेक्टर-एसपी ने ली एनकॉर्ड समिति की बैठक
नशीले पदार्थों पर प्रभावी रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाने निर्देश
बिलासपुर, 27 फरवरी 2025/कलेक्टर श्री अवनीश शरण और एसपी श्री रजनेश सिंह ने आज जिला स्तरीय एनकॉर्ड (NCORD) समिति की बैठक जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में ली। उन्होंने नशीले पदार्थों पर प्रभावी रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कोटपा एक्ट के तहत लगातार कार्रवाई करने करने कहा। कलेक्टर ने बैठक में सीएमएचओ को नशा मुक्ति केन्द्रों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। नशे के खिलाफ वृहद स्तर पर जागरूकता फैलाने कहा। महिला एवं बाल विकास विभाग को जिम्मेदारी दी कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करें। कलेक्टर ने विश्वविद्यालयों में भी नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने कुलपतियों को पत्र लिखने कहा। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को भी कहा कि सभी छात्रावासों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही समय-समय पर छात्रावासों की जांच भी की जाए।
बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, सीएमएचओ डॉ. प्रमोद तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अनिल तिवारी, समाज कल्याण विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती श्रद्धा मैथ्यू, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्री सुरेश सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 28 फरवरी को शामिल होंगे महापौर एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में
बिलासपुर, 27 फरवरी 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में कल 28 फरवरी को बिलासपुर नगर निगम के नव निर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया है। समारोह सवेरे साढ़े 10 बजे मुंगेली नाका मैदान में शुरू होगा। केन्द्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू एवं उप मुख्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरूण साव के विशिष्ट आतिथ्य तथा विधायक सर्वश्री अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, दिलीप लहरिया एवं सुशांत शुक्ला के आतिथ्य में कार्यक्रम संपन्न होगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों संपन्न नगर निगम चुनाव में भाजपा की श्रीमती पूजा विधानी महापौर निर्वाचित हुई हैं। उनके साथ भाजपा से 49 पार्षद भी निगम में चुने गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 28 फरवरी को शामिल होंगे महापौर एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में
बिलासपुर, 27 फरवरी 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में कल 28 फरवरी को बिलासपुर नगर निगम के नव निर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया है। समारोह सवेरे साढ़े 10 बजे मुंगेली नाका मैदान में शुरू होगा। केन्द्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू एवं उप मुख्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरूण साव के विशिष्ट आतिथ्य तथा विधायक सर्वश्री अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, दिलीप लहरिया एवं सुशांत शुक्ला के आतिथ्य में कार्यक्रम संपन्न होगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों संपन्न नगर निगम चुनाव में भाजपा की श्रीमती पूजा विधानी महापौर निर्वाचित हुई हैं। उनके साथ भाजपा से 49 पार्षद भी निगम में चुने गए हैं।
इनोवेशन और रिसर्च से विज्ञान को दिशा देने वाली बिलासपुर की बेटियों को मिलेगा सम्मान
बिलासपुर। विज्ञान के क्षेत्र में प्रभावी पढ़ाने के तरीके, इनोवेशन और रिसर्च के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालीं 15 लेक्चरर्स का 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर सम्मान किया जाएगा। इसके अलावा 14 पुरुष व्याख्याताओं ने भी विज्ञान में बेहतर काम किया है। इन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा।
28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारतीय विज्ञानी चंद्रशेखर वेंकट रमन को याद किया जाता है। इस बार जिला शिक्षा अधिकारी सह जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।उसलापुर के श्री पदाक्षी ग्लोब स्कूल में 28 फरवरी की सुबह 10:30 बजे कार्यक्रम होगा। इसमें विज्ञान के क्षेत्र में प्रभावी अध्यापन, इनोनेशन, रिसर्च के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 31 लेक्चरर्स को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है।
बच्चों को दी जाएगी रमन प्रभाव की जानकारी
इसमें सबसे अधिक 15 व्याख्याता महिलाएं हैं, जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में बेहतर काम किया है। कार्यक्रम के दौरान इन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। गौरतलब है कि बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए हर साल यह दिवस धूमधाम से मनाया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रसिद्ध भौतिक शास्त्र के विज्ञानी सर चंद्रशेखर वेंकट रमन के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है। इस दिन बच्चों को उनके रमन प्रभाव की खोज और विज्ञान के विकास में उनके योगदान के बारे में जानकारी दी जाएगी।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर पुरस्कृत होने वाले व्याख्याता
बिल्हा: विनोद व्यास, रिचा तिवारी, डॉ. प्रवीण मिश्रा, पदमिनी चंद्राकर, डॉ. धनंजय पांडेय, पदमा द्विवेदी, कामना पांडेय, पूजा दुबे, सुनील शर्मा, मधु जायसवाल, अंकिता प्रिया श्रीवास्तव, मनोज कुमार यादव, सुष्मिता पांडेय।
कोटा: कुमार गौरव गुप्ता, सुशील कुमार पटेल, मीतेश कुमार नेमा, सुशीला मौर्य, महेंद्र सिंह राजपूत।तखतपुर: गोपी वल्लभ दुबे, सूर्य प्रकाश सोनी, डॉ. आरपी कश्यप, डॉ. रश्मी सिंह ध्रुव, चेतना सिंह ठाकुर, सजल चक्रवर्ती, अनिता वर्मा, संगीता महिपाल।
मस्तूरी: डॉ. सुरभि पांडेय, शुभ्ररानी चतुर्वेदी, नीता वर्मा, दिलीप कुमार साहू, आरती कश्यप।
इसलिए हर साल मनाते हैं विज्ञान दिवस
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी को मनाया जाता है, ताकि भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व को बढ़ावा दिया जा सके। इस दिन को मनाने का मुख्य कारण है 28 फरवरी 1930 को भारतीय वैज्ञानिक सीवी रमण ने ‘रमन प्रभाव’ की खोज की थी।
इसके लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार मिला था। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का उद्देश्य लोगों में विज्ञान के प्रति जागरूकता और उत्साह बढ़ाना है, ताकि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिले और नवाचार, अनुसंधान और विकास में सुधार हो।
धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहा पति, मना करने पर पीटा...
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की सख्ती और चेतावनी के बावजूद राज्य में धर्मांतरण के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला बिलासपुर का है, जहां एक महिला ने अपने पति पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हुए सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का कहना है कि उनकी शादी हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी और उस समय उनका पति हिंदू था, लेकिन बाद में उसने ईसाई धर्म अपना लिया। अब वह अपनी पत्नी और दोनों बच्चों पर भी धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बना रहा है। इंकार करने पर उसने पत्नी के साथ मारपीट की और पूजा घर से भगवान की मूर्तियों को बाहर फेंक दी।
महिला का कहना है कि वह दलित समाज से आती है और वर्ष 2016 में उसकी शादी हिंदू परंपराओं के अनुसार हुई थी। कुछ समय बाद पति ने ईसाई धर्म अपना लिया और प्रारंभ में उसे अपने धर्म का पालन करने की अनुमति दी। लेकिन धीरे-धीरे उस पर भी धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाने लगा। महिला ने बताया कि पति के दबाव में वह चर्च भी जाने लगी, लेकिन जबरन धर्म परिवर्तन के लिए राजी नहीं हुई। इस पर पति ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे तंग आकर वह मायके आ गई। लेकिन अब पति बच्चों पर भी धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाल रहा है, जिससे वह बेहद परेशान है।
पास्टर पर भी लगे आरोप
इस मामले में पास्टर संतोष मोसेस और उनकी पत्नी अनु मोसेस के खिलाफ सकरी थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं उतरा कुमार साहू और रामेश्वर साहू का आरोप है कि पास्टर ने उन्हें बार-बार ईसाई धर्म अपनाने के लिए धमकाया और डराया। पुलिस ने इस मामले में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के बहाने धर्मांतरण का आरोप
शहर के स्लम एरिया और गरीब इलाकों में मिशनरी संगठनों द्वारा धर्मांतरण कराने की घटनाओं की भी शिकायतें मिल रही हैं। आरोप है कि ये संगठन शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक मदद के नाम पर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। बताया जाता है कि ये खासकर महिलाओं को प्रार्थना सभाओं में शामिल कराते हैं और धीरे-धीरे उन्हें ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए मनाने लगते हैं।
धर्मांतरण प्रभावित इलाके
बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी, पचपेड़ी, बेलगहना, रतनपुर, सीपत, चिंगराजपारा, चांटीडीह, सकरी, हाफा, मोपका, घुरू, तिफरा, मस्तूरी, लखराम, हरदीकला और टोना सहित कई अन्य इलाकों में धर्मांतरण गतिविधियां सक्रिय बताई जा रही हैं।
हिंदू संगठन आए समर्थन में
हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता धनंजय गोस्वामी ने कहा कि जिले में जिस तरह से धर्मांतरण का खेल चल रहा है, वह निंदनीय है। उन्होंने पीड़ित महिला को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया और प्रशासन से इस पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
पुलिस की प्रतिक्रिया
सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआर साहू ने बताया कि महिला की शिकायत पर जांच जारी है। प्रारंभिक जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सकरी थाना पुलिस ने पास्टर और उनकी पत्नी के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है।
यह मामला प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर बढ़ती घटनाओं की ओर इशारा करता है, जिससे समाज में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
मोबाइल पर वीडियो देख 12 साल के बच्चे ने 5 साल की बच्ची से की रेप की कोशिश, चिल्लाई तो मार डाला
बिलासपुर। बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र के एक कॉलोनी में रहने वाले 12 साल के बच्चे ने मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखने के बाद पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश की। इस दौरान बच्ची ने शोर मचाया तो पास पड़ी लकड़ी के टुकड़े से उसके सिर में मारकर हत्या कर दी। बच्ची का शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने जांच के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपित को बाल न्यायालय में पेश करने कार्रवाई की जा रही है। सरकंडा क्षेत्र में रहने वाली पांच साल की बच्ची सोमवार की शाम घर से गायब हो गई। सुबह स्वजन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इस पर पुलिस की टीम बच्ची की जानकारी जुटा रही थी।इसी बीच पता चला कि जिस कॉलोनी में बच्ची अपने माता-पिता के साथ रहती है उसी कॉलोनी के निर्माणाधीन मकान की छत पर बच्ची की खून से सनी लाश मिली है। वह पूरी तरह से निर्वस्त्र थी। सूचना पर एसपी रजनेश सिंह, एएसपी अनुज कुमार, सीएसपी सिद्धार्थ बघेल, थाना प्रभारी निलेश पांडेय मौके पर पहुंचे।
सीसीटीवी फुटेज की जांच की
एसपी ने मौके का निरीक्षण कर जवानों को तेजी से जांच के निर्देश दिए। इधर पुलिस की टीम कॉलोनी में काम करने वालों से पूछताछ में जुट गई। साथ ही कॉलोनी के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। प्राथमिक पूछताछ के बाद पुलिस की टीम ने नाबालिग समेत नौ लोगों को हिरासत में ले लिया।
नाबालिग ने कबूल ली वारदात
नाबालिग से पूछताछ में उसने दुष्कर्म के दौरान शोर मचाने पर लकड़ी के टुकड़े से सिर पर वार कर हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने अपचारी को हिरासत में लिया है। उसने बाल न्यायालय में पेश करने कार्रवाई की जा रही है।सरकंडा थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने बताया कि नाबालिग के माता-पिता भी उसी कॉलोनी में काम करते हैं। सोमवार की रात बच्ची के गायब होने के बाद आरोपित नाबालिग भी उसकी तलाश कर रहा था। इस दौरान उसने बच्ची के स्वजन को गलत जानकारियां भी दी।
इधर शव मिलने के बाद पुलिस की टीम जब जांच के लिए पहुंची तो जवानों को भी गलत जानकारी देता रहा। इसी बात से जवानों को उस पर शंका हो गई। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तो उसके शरीर पर खून के छींटे थे। इसके बाद पुलिस को उस पर शंका और गहरी हो गई।
सीसीटीवी फुटेज से पकड़ा गया आरोपित
जांच के लिए पहुंची पुलिस आसपास के लोगों से घटना की जानकारी जुटा रही थी। इसी दौरान नाबालिग ने बताया कि उसने बच्ची को कॉलोनी के दूसरी ओर देखा था। इधर पुलिस ने कॉलोनी का सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो वह कॉलोनी में ही बच्ची के साथ घटनास्थल के आसपास देखा गया।
इससे पुलिस को नाबालिग पर शंका हुई। पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि वह रात को भी स्वजन को अलग-अलग जानकारी दे रहा था। इसके बाद पुलिस को उस पर शंका हो गई। सीसीटीवी फुटेज से पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया।
बेहोश हो गई मां, पिता नहीं बता पा रहा था नाम
बेटी की लाश मिलने के बाद उसकी मां घर पर ही बदहवास हो गई। किसी तरह वह घटनास्थल पर पहुंची। तब तक उनके साथ काम करने वाली महिलाएं भी वहां आ गईं। उन्होंने किसी तरह बच्ची की मां को संभाला। इधर बेटी की लाश देखने के बाद पिता भी बदहवास हो गया।
वह अपना नाम तक नहीं बता पा रहा था। पुलिस की पूछताछ के दौरान भी वह गुमसुम बना रहा। उसके भाई और साथियों ने उसे किसी तरह संभाला। इसके बाद वह पुलिस को सोमवार की शाम से लेकर सुबह तक के घटनाक्रम की जानकारी दे पाया। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ी।
डेढ़ हजार श्रमिक करते हैं काम, इनके बीच से नौ संदेहियों की हुई थी पहचान
निर्माणाधीन कॉलोनी में करीब डेढ़ हजार लोग काम करते हैं। इसमें ज्यादातर लोग कॉलोनी में ही झुग्गी बनाकर रहते हैं। वहीं, कुछ लोग बाहर से काम पर आते हैं। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सोमवार को काम पर आए लोगों की जानकारी जुटाई।
इसके साथ ही उन लोगों की जानकारी मांगी जो मंगलवार को काम पर नहीं आए थे। इधर आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई। इनमें से नौ लोगों की पहचान की गई। जिसमें नाबालिग पर सबसे ज्यादा संदेह था। इसके बाद अधिकारी उससे मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ कर रहे थे।
दहशत में आ गए श्रमिक
सोमवार की शाम कॉलोनी से पांच साल की बच्ची के गायब होने के बाद वहां रहने वाले श्रमिक परेशान थे। इधर मंगलवार की सुबह श्रमिक सौरभ बेलदार वहां पर काम करने आया। वह काम करने के लिए कॉलोनी के निर्माणाधीन मकान की छत पर गया।
वहां पर बच्ची की खून से लथपथ लाश देखकर श्रमिक दहशत में आ गया। भागते हुए वह किसी तरह बाहर आया। इसके बाद उसने शोर मचाकर आसपास काम कर रहे श्रमिकों को घटना की जानकारी दी। बच्ची के स्वजन समेत वहां मौजूद श्रमिक बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए।
हाईकोर्ट ने फर्जी आर्य समाज विवाह संस्थानों पर की सख्ती, नोटिस जारी
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा हाई कोर्ट में दायर याचिका के बाद प्रदेश में आर्य समाज के नाम पर अवैध रूप से विवाह कराने वाले संस्थानों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ संस्थान बिना मान्यता के आर्य समाज के नाम पर विवाह संपन्न करा रहे हैं और इसके बदले लोगों से भारी रकम वसूल रहे हैं। इस मामले में हाई कोर्ट ने रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी के अलावा 12 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिका में क्या कहा गया?
याचिकाकर्ता छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा ने रजिस्ट्रार, फर्म एवं सोसायटी के अधिकारियों पर छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। याचिका में कहा गया है कि इन संस्थानों द्वारा विवाह को व्यवसाय बना दिया गया है और वे आर्य समाज के मूल सिद्धांतों का पालन नहीं कर रहे हैं। प्रतिनिधि सभा ने ऐसे सभी संस्थानों के पंजीयन को रद्द करने की मांग की है।
संस्थानों पर लगे गंभीर आरोप
याचिका में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 24 से अधिक संस्थाएं आर्य समाज के नाम पर विवाह व अन्य अनुष्ठान करा रही हैं, जिनमें से 10 सिर्फ रायपुर में संचालित हो रही हैं। दुर्ग में पांच और बिलासपुर में तीन संस्थाएं शामिल हैं। इन संस्थानों को विवाह संपन्न कराने के लिए किसी भी प्रकार की मान्यता प्राप्त नहीं है, फिर भी वे आर्य समाज के नाम का उपयोग कर रहे हैं।
आर्य समाज की स्थापना और उद्देश्य
आर्य समाज की स्थापना स्वामी दयानंद सरस्वती ने 10 अप्रैल 1857 को की थी। यह संगठन सामाजिक सुधार और जागरूकता के लिए कार्य करता है। संगठन का संचालन तीन स्तरों पर किया जाता है—केंद्रीय स्तर पर सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा, प्रांतीय स्तर पर प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा और जिला स्तर पर संबद्ध आर्य समाज। छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा राज्य में आर्य समाज मंदिरों की देखरेख और मान्यता देने वाली पंजीकृत संस्था है। याचिकाकर्ता ने कहा कि बिना संबद्धता के विवाह संपन्न कराना आर्य समाज के नियमों का उल्लंघन है।
इन संस्थानों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
ओम कृण्णवंतो विश्वमार्यम आर्य समिति, टिकरापारा, जिला रायपुर (छत्तीसगढ़), सनातन धर्म आर्य सेवक मंडल, बसना, जिला महासमुंद, संयोग आर्य समाज राजिम, हनुमान मंदिर के पास, पीतलबंद रोड, आमापारा, राजिम, जिला गरियाबंद,आर्य क्षत्रिय तेलंग समाज, जिला रायपुर, श्री साई राम आर्य समाज, जिला रायपुर, आर्य समाज कांकेर, जिला कांकेर, आर्य समाज कल्याण एवं शिक्षण समिति, श्री रायंद स्वामी नागरीदास मंदिर, पुरानी बस्ती सरस्वती चौक, जिला रायपुर, महर्षि दयानंद आर्य सेवा संस्थान, ग्राम एवं पोस्ट सोंठी, जिला जांजगीर-चांपा, आर्य समाज, छत्तीसगढ़ ओम मंदिर, कुकुरबेड़ा, आमानाका, जिला रायपुर, छत्तीसगढ़ आर्य क्षत्रिय तेलंग समाज, सुनकेश टेलर एंड क्लॉथ, श्याम टॉकीज रोड के सामने। श्री नवदुर्गा मंदिर, बूढ़ापारा, जिला रायपुर, आर्य सनातन समाज, खरखरा नाहर, आमापारा, मकान नंबर-143, वार्ड-13, जिला बालोद, आर्य समाज मंदिर, गली नं. 28, पुरानी बस्ती, वार्ड-12, सुपेला, भिलाई, जिला दुर्ग, ओम आर्य समाज, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, जिला रायपुर, श्री आर्य समाज, सिद्धार्थ चौक, टिकरापारा, जिला रायपुर,आर्य समाज संस्कार सेवा समिति, मगर पारा रोड, जिला बिलासपुर, आर्य समाज संस्कार सेवा केंद्र, तीसरी मंजिल, सुपर मार्केट, अग्रसेन चौक, जिला बिलासपुर, वैदिक आर्य समाज, रिंग रोड नं.-01, संजय नगर, जिला रायपुर, आर्य समाज, वंडरलैंड वाटर पार्क, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, जिला रायपुर, आर्य समाज, वसुन्धरा नगर, बहतराई रोड, सीओ रूप लाल चावला, कान अरपा ब्रिज राम सेतु, सरकंडा, जिला बिलासपुर, आर्य समाज रिसाली, रिसाली गांव, जय स्तंभ चौक, भिलाई, जिला दुर्ग, आर्य समाज, ओवरब्रिज के नीचे, बी.आई.टी. रोड, रायपुर नाका, भिलाई, जिला दुर्ग, आर्य समाज, प्रेम नगर, सिकोला भाटा, जिला दुर्ग,आर्य समाज, 45- ए/1, नेहरू नगर (पश्चिम), भिलाई, जिला दुर्ग, आर्य सनातन समाज मंदिर, भिलाई जिला दुर्ग।
आगे की कार्रवाई
हाई कोर्ट ने रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी से जवाब मांगते हुए यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि किन आधारों पर इन संस्थाओं का पंजीकरण किया गया और क्या वे आर्य समाज के नियमों का पालन कर रही हैं। इस मामले की अगली सुनवाई में संबंधित संस्थानों को अपना पक्ष रखना होगा।
यह मामला छत्तीसगढ़ में विवाह प्रक्रिया से जुड़े कानूनी पहलुओं और धार्मिक संगठनों के नाम के दुरुपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
एसईसीएल के दीपका मेगा प्रोजेक्ट में नए साइलो और रैपिड लोडिंग सिस्टम किया चालू
बिलासपुर । कोल इंडिया की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने कोयला खनन से जुड़े बुनियादी ढांचे को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत, फस्र्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं को गति देने के प्रयासों के तहत, एसईसीएल के दीपका मेगाप्रोजेक्ट में नए साइलो और रैपिड लोडिंग सिस्टम को सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है।
दीपका मेगाप्रोजेक्ट में निर्मित नवीनतम रैपिड लोडिंग सिस्टम और साइलो 3 एवं 4 से पहली कोयला रेक को लोड किया गया। इस परियोजना की वार्षिक कोयला निकासी क्षमता 25 मिलियन टन है, जिससे कोयला डिस्पैच की दक्षता में भारी वृद्धि होगी।
इससे पहले, दिपका परियोजना केवल मेरी-गो-राउंड (रूत्रक्र) डिस्पैच प्रणाली पर निर्भर थी, जिसकी क्षमता 15 मिलियन टन प्रति वर्ष थी। नए साइलो 3 और 4 के चालू होने के साथ, अब दिपका की कुल कोयला डिस्पैच क्षमता बढ़कर 40 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई है। यह उत्पादन स्तर के अनुरूप परिवहन अवसंरचना को मजबूती प्रदान करेगा।
कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में, एसईसीएल प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत एफएमसी अवसंरचना विकास को प्राथमिकता दे रहा है। कंपनी ने 233 मिलियन टन प्रति वर्ष की कुल क्षमता वाली 17 एफएमसी परियोजनाएं शुरू की हैं, जिनमें से 9 परियोजनाएं 151 एमटीपीए की क्षमता के साथ पहले ही चालू हो चुकी हैं। शेष 8 परियोजनाएं, जिनकी क्षमता 82 एमटीपीए है, विभिन्न विकास चरणों में हैं और अगले 2-3 वर्षों में इनकी पूर्णता का लक्ष्य है। एफएमसी प्रणाली को सबसे कुशल और पर्यावरण-अनुकूल कोयला परिवहन प्रणाली के रूप में माना जाता है। दिपका में एफएमसी संरचना लागू होने से कई लाभ होंगे।
कोयला लदान की सटीकता में वृद्धि, जिससे अंडरलोडिंग और ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी। तेज लोडिंग समय, जिससे कोयला रेक की उपलब्धता में सुधार होगा। कोयले की गुणवत्ता में सुधार, जिससे संदूषण और नुकसान कम होगा। सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने से डीजल खर्च में बचत और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी।
नए साइलो और रैपिड लोडिंग सिस्टम के चालू होने से एसईसीएल, भारतीय रेलवे और कोयला उपभोक्ताओं को समग्र रूप से लाभ मिलेगा। इससे लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को सुगम बनाया जा सकेगा, कोयला परिवहन में सुधार होगा और प्रदूषण को कम करने में सहायता मिलेगी।
आर्य समाज के नाम का इस्तेमाल कर अवैध रूप से विवाह कराने वाले सस्थानों को हाईकोर्ट का नोटिस
बिलासपुर । बिना किसी संबंद्धता के आर्य समाज के नाम का इस्तेमाल कर अवैध रूप से विवाह कराने वाले सस्थानों को हाईकोर्ट ने नोटिस भेजा है। छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से इस मामले में याचिका दायर की गई थी। याचिका में बताया गया कि रजिस्ट्रार, फर्म और सोसायटी ने छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 का उल्लंघन करते हुए कई संस्थाओं का पंजीकरण किया है. ये संस्थाएं धन कमाने के उद्देश्य से समाज शब्द का अवैध रूप से इस्तेमाल करते हैं। आर्य समाज के नियमों और सिद्धांतों का इन संस्थानों में पालन नहीं किया जाता है. ना ही हवन, सत्यसंध के कार्यक्रम होते हैं और ना ही गुरकुल से उपाधि प्राप्त कोई पुरोहित होता है जिसके बाद हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी जवाब तलब किया है।
ड्यूटी के दौरान जूडो के साथ छेड़खानी, एचओडी पर केस
बिलासपुर । संभाग के सबसे बड़े सिम्स अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एचओडी द्वारा जूनियर डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ और उत्पीड़न करने के मामले में सिटी कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
इसके बाद सिम्स में हड़कंप मच गया है। मामले का खुलासा होने के बाद सिम्स प्रबंधन ने प्रोफेसर को परीक्षा कार्य से अलग कर दिया था।
सिम्स अस्पताल एक बार फिर से चर्चा में है। सिम्स के मेडिसीन विभाग के एचओडी डॉ. पंकज टेम्भूर्णीकर पर विभाग की महिला जूनियर डॉक्टर ने गंभीर आरोप लगाए थे। महिला डॉक्टर ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी और पत्र लिखकर डॉक्टर्स फेडरेशन संगठन के प्रदेश अध्यक्ष को मामले में संज्ञान लेने की अपील की थी।
इसके बाद डॉक्टर्स फेडरेशन ने सीएम विष्णुदेव साय से अपील की थी। पीड़िता पोस्ट ग्रेजुएट रेसीडेंट और पीजी की छात्रा है। पीड़िता ने मेडिसिन विभाग के एचओडी पर अनुचित व्यवहार, उत्पीड़न, अनुचित स्पर्श का आरोप लगाया है।
पीड़िता ने पत्र में कहा था कि, एचओडी डॉ टेम्भूर्णीकर द्वारा पिछले 8 माह से उत्पीड़न किया जाता रहा है। इससे पूर्व भी सिम्स के डॉक्टरों द्वारा साथी महिला डॉक्टरऔर स्टाफ के साथ ही उत्पीड़न का मामला सामने आ चुका है।
पुलिस ने जूनियर डॉक्टर की रिपोर्ट पर एचओडी डॉ. पंकज टेम्भूर्णीकर के खिलाफ अपराध क्रमांक 104/25 बीएनएस की धारा 351, 74,78 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया गया है। ज्ञात हो कि जूनियर डॉक्टर ने सबसे पहले मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी थी लेकिन शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।
जब मामला बढ़ा तो पहले इसे विशाखा समिति के हवाले किया गया पर कार्रवाई से बचते रहे। उच्च स्तरीय शिकायत के बाद डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने डॉ. पंकज टेम्भूर्णीकर को परीक्षा कार्य से पृथक कर दिया था।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
सिटी कोतवाली टीआई विवेक पांडेय ने बताया कि, जूनियर डॉक्टर ने सिम्स के एचओडी के खिलाफ लंबे समय से ड्यूटी के दौरान अश्लील हरकते करते हुए छेड़खानी करने की रिपोर्ट लिखाई है।
उसकी रिपोर्ट पर डॉ. पंकज टेम्भूर्णीकर के खिलाफ छेड़खानी का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे चरण के जिला पंचायत सदस्य चुनाव परिणाम की घोषणा
बिलासपुर । जिला पंचायत के सीईओ और रिटर्निंग ऑफिसर संदीप अग्रवाल ने दूसरे चरण के मतदान के सारणीकरण के बाद जिला पंचायत सदस्य चुनाव परिणाम की घोषणा की। उन्होंने नव निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। दूसरे चरण में 20 फरवरी को बिल्हा विकासखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुआ था। इनमें जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 1 से अनुसुइया जागेंद्र कश्यप ग्राम गढ़वट रतनपुर, क्रमांक 2 से राजेश सूर्यवंशी, क्षेत्र क्रमांक 3 से स्मृति त्रिलोक श्रीवास, रमतला बिलासपुर, क्रमांक 4 से अनीता राजेंद्र शुक्ला कृष्णा नगर, बेलगहना और क्षेत्र क्रमांक 5 से गोविंद राम यादव ग्राम बरतोरी बिल्हा शामिल हैं। इस अवसर पर विधायक बिल्हा धरम लाल कौशिक भी उपस्थित थे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 चुनाव के अंतिम चरण में कोटा और तखतपुर के मतदाता करेंगे मतदान
कोटा से 150908 एवं तखतपुर से 208291 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे
बिलासपुर, 21 फरवरी 2025/त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तृतीय एवं अंतिम चरण में 23 फरवरी 2025 को जनपद पंचायत कोटा एवं तखतपुर में चुनाव होंगे। कोटा एवं तखतपुर ब्लॉक में निर्वाचन संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मतदान केन्द्रों में मतदाताओं की सुविधा के सभी इंतजाम किये गये हैं। कोटा में 104 एवं तखतपुर में 124 ग्राम पंचायत है जिनमें 697 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं, जिनमें कोटा के 299 एवं तखतपुर के 398 मतदान केंद्र शामिल हैं। कोटा में कुल 75 हजार 51 पुरूष मतदाता एवं 75 हजार 852 महिला मतदाता और 5 तृतीय लिंग के मतदाता है। इसी प्रकार तखतपुर में 1 लाख 5 हजार 340 पुरूष एवं 1 लाख 2 हजार 948 महिला मतदाता और 3 तृतीय लिंग के मतदाता हैं जो निर्वाचन में अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपने जनप्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। मतदान का समय सवेरे 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा।
बलौदाबाजार हिंसा मामले में 27 लोगों को मिली जमानत
बिलासपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने सतनामी समाज के 27 लोगों की जमानत मंजूरी कर ली है। ये सभी हिंसा और आगजनी के मामले में जेल में बंद थे। वहीं इसी बीच भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। देवेन्द्र यादव आज शाम 5 बजे तक रिहा हो सकते हैं।
बलौदाबाजार में 10 जून 2024 को कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर हिंसा और आगजनी की घटना हुई थी। जिसमें उपद्रवियों ने कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया था। वहीं इस हिंसा मामले में पुलिस ने कुल 187 लोगों को गिरफ्तार किया है। हाईकोर्ट ने मामलों की सुनवाई करते हुए 27 और लोगों की जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
उल्लेखनीय है कि इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। यह पूरे देश की पहली ऐसी घटना है जिसमें उपद्रवियों के द्वारा कलेक्टर और एस पी कार्यालय को जला दिया गया था। हिंसा में उपद्रवियों ने 12.5 करोड़ की शासकीय एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। गिरौदपुरी धाम स्थित महकोनी ग्राम के अमरगुफा की घटना के बाद उपजे विवाद के बाद उग्र भीड़ ने 10 जून को बलौदाबाजार शहर और जिला संयुक्त कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। जिला प्रशासन के मुख्य कार्यालय- एसपी और कलेक्टर के कार्यालय तक को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया था। इस आगजनी में दो दमकल की गाड़िया सहित 200 से अधिक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया था। वहीं 25 से ज्यादा पुलिस कर्मी घायल हुए थे। इस घटना में 12.53 करोड़ रुपये की संपत्ति के नुकसान का आंकलन किया गया है।