छत्तीसगढ़ / रायगढ़

सखी सेंटर की समझाईश पर आवेदक के व्यवहार में आया सकारात्मक परिवर्तन

 रायगढ़। महिला संरक्षण अधिकारी के माध्यम से सखी वन स्टॉप सेंटर रायगढ़ में एक प्रकरण पर दोनों पक्षकारों (पति-पत्नी) का लिखित बयान लिया गया। जिसमें 18 अप्रैल 2023 को दोनों पक्ष का सामाजिक रीति रिवाज से विवाह हुआ व कोई संतान नहीं है व पति बेरोजगार है, जिस कारण से ससुराल में अनावेदक पति, सास, ससुर द्वारा छोटी-छोटी बातों पर विवाद एवं अनावेदक पति द्वारा शराब सेवन कर मारपीट किया जाता था एवं जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी जिस कारण आवेदिका मायके में जा कर रहने लगी।

उक्त घटना की शिकायत आवेदिका द्वारा 23 सितम्बर 2024 को थाना पूंजीपथरा में किया गया था जिस पर थाने द्वारा समझाईश दी गई थी परंतु अनावेदक के व्यवहार में परिवर्तन नहीं हुआ। आवेदिका द्वारा पति को प्रेम पूर्वक साथ रहने के लिए समझाईश का आवेदन सखी सेंटर को दिया गया एवं उक्त आवेदन के आधार पर दोनों पक्ष का 3 बार संयुक्त काऊंसलिंग करते हुये प्रकरण को निरंतर फॉलोअप में रखा गया। 30 नवम्बर को दोनों पक्ष पुन: उपस्थित हुए। आवेदिका द्वारा सखी के परामर्श कार्यवाही उपरांत अनावेदक के व्यवहार में सुधारात्मक परिर्वतन होने से सखी का आधार प्रकट करते हुए लिखित में अग्रिम कार्यवाही नहीं करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। उक्त आधार पर सखी वन स्टॉप सेंटर रायगढ़ से प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। उक्त प्रकरण की कार्यवाही जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला महिला संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन पर सखी वन स्टॉप सेेंटर रायगढ़ के सेवा प्रदाताओं द्वारा किया गया। 

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