छत्तीसगढ़ / बिलासपुर

सुनियोजित तरीके से करें सुशासन तिहार में मिले आवेदनों का निराकरण: कलेक्टर

 मुख्यमंत्री सचिवालय कर रहा अभियान की मॉनीटरिंग

 

बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने आज टीएल की बैठक में सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। तिहार के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्र मिलाकर जिले में 1 लाख 94 हजार से ज्यादा आवेदन मिले हैं। उन्होंने एक-एक आवेदनों को अच्छी तरह से पढ़ समझकर और योजनाबद्ध तरीके से उनके सार्थक निराकरण करने अधिकारियों से कहा है। कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार का यह सर्वोच्च प्राथमिकता का अभियान है। अधिकारी इसे कदापि हल्के में ना लें। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। यथासंभव आवेदनकर्ता को निराकरण की सूचना भी दिया जाए। कलेक्टर ने विभागवार मिले आवेदनों की टीएल बैठक में व्यौरा दिया और इनके परिणाम मूलक निराकरण के लिए दिशा-निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सुशासन तिहार के दूसरे चरण के अंतर्गत आवेदनों के निराकरण का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने अगले 15 दिवस में सभी आवेदनों का निराकरण कर लेने को कहा है। इसके बाद 5 मई से 31 मई तक पंचायतां के समूह के बीच समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में सबके सामने निराकरण की स्थिति से आम जनता को बताया जायेगा। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागों को प्राप्त शिकायतों और मांग से संबंधित आवेदनों की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध कराया जायेगा।बाकायदा इसकी पावती भी रखी जायेगी। उन्होंने कहा कि कुछ शिकायतों का निराकरण तो कार्यालय स्तर पर किया जा सकता है, लेकिन कुछ के निराकरण में फिल्ड स्तर पर दौरे की भी जरूरत पड़ सकती है। शिकायतों की जांच में आवेदकों को विश्वास में लेकर जांच कराएं। यदि उपलब्ध नहीं हों तो फोन पर जरूर उन्हें सूचित किया जाये। त्रुटि से यदि कोई आवेदन किसी अन्य विभाग को चला गया हो तो उसे तत्काल संबंधित विभाग को फारवर्ड कर दिया जाए ताकि निराकरण में अनावश्यक विलंब ना हो।

 

कलेक्टर ने बैठक में विभिन्न विभागों की लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। निराकरण की प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने बताया कि कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर का मोबाईल एप्प विकसित किया जा रहा है। बायोमेट्रिक से एडवांस स्तर का होगा। चेम्बर में अपने टेबल पर बैठेंगे तभी यह रीड करेगा। जिनका अंगूठा की रेखाएं घिस गई हों तो फेस रिकगनिशन तकनीक से यह पकड़ लेगा। इसमें गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। ये एप्प कार्यालय के 10 मीटर से बाहर काम नहीं करेगा। घर पर बैठकर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पायेगा। कलेक्टर ने बैठक में गरमी के मौसम में पेयजल एवं निस्तारी की समीक्षा की। बताया गया कि खूंटाघाट जलाशय से 91 गांवों के 222 तालाब भर लिए गए हैं। फिलहाल 37 फीसदी जल भराव खूंटाधाट में उपलब्ध है। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं को और तेज गति से प्रगति लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी बहुत शिकायतें रहती हैं, उनकी समय रहते जांच अपने स्तर पर कर लिया जाये अन्यथा समाधान शिविरों में अप्रिय स्थिति पैदा हो जाती है।

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