छत्तीसगढ़ / मोहला मानपुर चौकी

धान के बदले अन्य वैकल्पिक फसल लगाने किसानों को करें प्रेरित : कलेक्टर

 मोहला । कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कृषि विभाग और संबंधित विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विकास विभाग और मत्स्य पालन विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए आगामी खरीफ फसल की तैयारी के लिए कार्य योजना बनाने निर्देशित की। 

जिले के ऐसे किसान जो धान के बदले अन्य फसल मक्का, उड़द, मुंगफली, अरहर, कोदो, कुटकी, रागी, जैसे फसलों की बुआई करना चाहते हैं, ऐसे किसानों को लक्ष्य अनुरूप बीज उपलब्ध कराने कहा है। इस दौरान कलस्टरवार निर्धारित किसानों की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को लक्ष्य तय कर किसानों की आय में वृद्धि करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अधिक मुनाफा देने वाले और कम समय में तैयार होने वाले फसल उत्पादन के लिए जिले के किसानों को प्रेरित करने कहा गया है। इसके साथ ही मिलेट फसलों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने कहा गया है। कृषि मेला में एस एच जी समूह की महिलाएं को बुलाकर धान के बदले अन्य फसल के लिए जागरूक करने कहा गया है। कलेक्टर ने बीज निगम एवं जिले में बीज संरक्षण करने वाले किसानों की जानकारी ली।

 
 

कलेक्टर ने बैठक में किसानों को मिलने वाले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से जिले में सक्रिय और असक्रिय केसीसी की स्थिति की जानकारी ली तथा असक्रिय केसीसी को पुन:सक्रिय करने के लिए ठोस कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, ऐसे किसान जो अभी तक केसीसी का लाभ नहीं ले सके हैं, उन्हें जागरूक करने निर्देशित किया गया है। कलेक्टर ने ऋण प्रकरणों की भी समीक्षा की। विभागों में संचालित योजना अंतर्गत ऋण प्रकरणों की निरस्त होने के कारणों की समीक्षा की गई साथ ही संबंधित विभाग से समन्वय कर निरस्त हुए ऋण प्रकरणों का गहराई से परीक्षण कर पुन: बैंकों को भेजें जाने निर्देश दिए।

 
 

आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए कलेक्टर ने जिले में खाद-बीज के भंडारण, उठाव एवं वितरण की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को पर्याप्त खाद समय पर उपलब्ध हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही वितरण में किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने पशु विकास विभाग की समीक्षा करते हुए पशु सखी योजनाओं के तहत तीनों विकासखण्डों में क्लस्टर बनाने के निर्देश दिए। इच्छुक पशु सखी की सूची तैयार कर आगे की कार्रवाई करने को कहा गया हैं। भारत पशुधन ऐप में डेटा एंट्री की स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही मोबाइल वेटरनरी यूनिट के कॉल सेंटर को सशक्त करने, मिल्क क्लस्टर बनाने, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और विभागीय योजनाओं के तहत निरस्त ऋण प्रकरणों के परीक्षण सहित दुधारू पशुओं की अद्यतन जानकारी की समीक्षा की। कलेक्टर ने मछली पालन विभाग की समीक्षा करते हुए मछली पालन के लिए तालाब निर्माण के स्वीकृत कार्यों के लिए जिले में उपयुक्त भूमि चयन करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने मछली पालन के लिए आच्छादित गांवों की जानकारी ली और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

 
 

कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने निर्देश किया कि सभी योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो और इसका लाभ जिले के किसानों और स्थानीय लोगों तक पहुंचे। उन्होंने समयबद्ध तरीके से योजनाओं को लागू करने और उनके लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभागों को स्पष्ट दिशा निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर विजेन्द्र सिंह पाटले, जिला पंचायत सीईओ भारती चन्द्राकर सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

 

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