छत्तीसगढ़ / रायगढ़

दुकानदारों ने 9 साल से नहीं जमा किया किराया: हाईकोर्ट ने दिया 50% बकाया जमा करने का निर्देश

 रायगढ़ । श्याम टॉकीज रोड पचरी घाट स्थित 35 दुकानों के बकाया किराए को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता दुकान संचालकों को बकाया किराया राशि की 50 प्रतिशत रकम जमा करनी होगी, तभी मामले की अगली सुनवाई की जाएगी। इससे नगर निगम रायगढ़ को बड़ी राहत मिली है।

9 साल से नहीं जमा किया किराया
नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, इन दुकानों का पिछले 9 वर्षों से किराया जमा नहीं किया जा रहा था। प्रशासन ने पहले 5 मई को प्राथमिक और 23 मई को अंतिम नोटिस जारी करते हुए किराया चुकाने की चेतावनी दी थी। अंतिम नोटिस में सात दिन की मोहलत भी दी गई थी।

हाईकोर्ट ने किरायादारों की याचिका पर दिया निर्देश
कार्तार सिंह, रविंद्र पाल सिंह, लक्ष्मी मोटवानी और सहोरी देवी ने नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने निगम द्वारा प्रस्तुत टैक्स फिक्सेशन और दस्तावेजों को वैध मानते हुए याचिकाकर्ताओं को निर्देशित किया कि 50% बकाया जमा करें, तभी याचिका पर अगली सुनवाई होगी।

लीज खत्म, अब कब्जा अवैध
नगर निगम के अनुसार, इन दुकानों की लीज 31 मार्च 2014 को समाप्त हो चुकी है। इसके बाद लीज नवीनीकरण की कोई प्रक्रिया नहीं हुई, न ही किराया जमा किया गया। नियमानुसार 1 अप्रैल 2014 से इन दुकानों पर कब्जा अवैध माना गया है और संचालक हर्जाना देनदार हैं।

किस पर कितना बकाया?
    करतार सिंह – ₹3,06,495
    रविंद्र पाल सिंह – ₹2,78,345
    लक्ष्मी मोटवानी – ₹2,83,975
    सहोरी देवी – ₹2,83,975
    अन्य 31 दुकानदारों पर भी लाखों का बकाया

निगम सख्त, हो सकता है अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
नगर निगम अब कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई की तैयारी में है। यदि तय समय सीमा में राशि जमा नहीं की गई, तो दुकानें सील करने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो सकती है।

अब सबकी नजर इस पर है कि क्या बकाया जमा कर किरायेदार अपनी दुकानें बचा पाते हैं या प्रशासनिक कार्रवाई की गाज गिरती है।

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