छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव

हेलेन केलर दिवस पर सीआरसी उदयाचल का संयुक्त आयोजन

 राजनांदगांव। नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विद इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटीज (NIEPID) के प्रशासनिक नियंत्रण में संचालित कंपोज़िट रीजनल सेंटर (CRC), राजनांदगांव ने उदयाचल हेल्थ एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के सहयोग से हेलेन केलर दिवस को उत्साहपूर्वक एवं सामुदायिक सहभागिता के साथ मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत उदयाचल टीम द्वारा पारंपरिक स्वागत के साथ हुई। डॉ. पुखराज बाफना, अतुल रायचा, अशोक मोदी, त्रिलोचन बग्गा, श्रीमती सुनीता शुक्ला (सीईओ), , डॉ. सार्थक बाफना और डॉ. नम्रता पैक्रो ने डॉ. स्मिता महोबिया (निदेशक, सीआरसी राजनांदगांव) एवं चुनमुन मोहंती (प्रोस्थेटिस्ट एवं ऑर्थोटिस्ट) का तिलक और मोती माला से अभिनंदन किया।

इसके उपरांत, उपस्थित लाभार्थियों, स्टाफ एवं गणमान्य अतिथियों को हेलेन केलर के जीवन, संघर्ष और प्रेरणादायक कार्यों पर आधारित एक लघु डॉक्युमेंट्री फिल्म दिखाई गई। यह वीडियो दिव्यांगजनों के लिए आशा, आत्मबल और समर्पण का संदेश लेकर आया। डॉ. स्मिता महोबिया ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में हेलेन केलर दिवस की प्रासंगिकता और सीआरसी राजनांदगांव द्वारा दी जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में समुदाय की भूमिका को रेखांकित किया।

प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पुखराज बाफना ने सीआरसी की गतिविधियों का संक्षिप्त परिचय देते हुए कहा कि समाज को दिव्यांगजनों के प्रति अधिक संवेदनशील और सहयोगी बनना चाहिए। चुनमुन मोहंती ने पीएमडीके योजना के तहत एडीआईपी (ADIP) और आरवीवाई (RVY) योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि व्हीलचेयर, ब्रेसेस, श्रवण यंत्र, ट्राइपॉड, टेट्रापॉड आदि सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए जाते हैं, जिनके लिए लाभार्थियों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। डॉ. सार्थक बाफना और डॉ. नम्रता पैक्रो, नेत्र विशेषज्ञ, ने आंखों की देखभाल, समय पर पहचान और उपचार की आवश्यकता पर उपयोगी जानकारी साझा की।

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