मनेन्द्रगढ़ में गैस पाइपलाइन परियोजना जारी रखने कलेक्टर ने दी अनुमति
नगर पालिका का निर्णय किया निलंबित
मनेन्द्रगढ़ । भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना को बड़ी राहत मिली है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट ने नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ के उस निर्णय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जिसमें भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की पाइपलाइन कार्य के लिए समयावधि विस्तार के आवेदन को बिना कारण अस्वीकार कर दिया गया था।
क्या है मामला?
भारत पेट्रोलियम को 15 मार्च 2024 को मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र में भूमिगत गैस पाइपलाइन बिछाने की अनुमति दी गई थी, जिसमें छह महीने में कार्य पूर्ण करने की शर्त जोड़ी गई थी। कार्य की समयावधि बढ़ाने के लिए बीपीसीएल ने दो बार, 5 सितंबर 2024 और 7 जून 2025 को आवेदन दिया, लेकिन 12 जून 2025 की नगर पालिका बैठक में उसे बिना कारण ठुकरा दिया गया।
कलेक्टर ने क्या कहा?
कलेक्टर ने अपने आदेश में नगर पालिका के फैसले को "संकुचित दृष्टिकोण" और "कारण रहित प्रस्ताव" बताया है और स्पष्ट किया कि यह राष्ट्रीय महत्व की योजना में बाधा डालता है। उन्होंने कहा कि BPCL ने शर्तों के तहत समय पर आवेदन दिया था, फिर भी उसे अस्वीकार करना न सिर्फ प्रशासनिक रूप से अनुचित है, बल्कि जनहित की अवहेलना भी है।
क्यों है यह योजना महत्वपूर्ण?
यह गैस वितरण परियोजना भविष्य में कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा और बलरामपुर तक विस्तारित होगी और लाखों लोगों को प्राकृतिक गैस की सुविधा मिलेगी। इसे भारत सरकार की राष्ट्रीय प्राथमिकता वाली योजना माना गया है।
आगे क्या?
कलेक्टर ने बीपीसीएल को कार्य जारी रखने की अनुमति देते हुए निर्देशित किया है कि लोक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। किसी भी लापरवाही पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश न केवल इस परियोजना को राहत देता है, बल्कि राष्ट्रीय विकास योजनाओं को राजनीति से परे रखे जाने का भी एक स्पष्ट संकेत है।