ब्रह्मकुमारी की दीदीयों ने जेल में मनाया रक्षाबंधन, कैदियों को दी नई जिंदगी की सीख
गरियाबंद |
2025-08-07 18:45:09
राधेश्याम सोनवानी / रितेश यादव
ब्रह्मकुमारी की दीदीयों ने जेल में मनाया रक्षाबंधन, कैदियों को दी नई जिंदगी की सीख
जिला जेल में कैदियों के बीच अनोखा रक्षाबंधन।
गरियाबंद। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की दीदीयों द्वारा गरियाबंद जिला जेल में एक विशेष और भावुक माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय गरियाबंद की दीदीयों ने जेल में बंद कैदियों के साथ राखी का त्योहार मनाया। यह कार्यक्रम कैदियों के जीवन में सकारात्मकता और प्रेम का संदेश लेकर आया।
ब्रह्माकुमारी संस्था से आईं दीदीयों ने जेल में बंद सभी कैदियों को रक्षासूत्र बांधी और उनके माथे पर तिलक लगाया। इस दौरान, उन्होंने सभी को मिठाइयां भी खिलाईं। राखी बांधते समय, बहनों ने कैदियों को यह अहसास दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं और समाज आज भी उन्हें प्रेम और सम्मान की दृष्टि से देखता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कैदियों के मन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्म-सम्मान की भावना को जगाना था। ब्रह्मकुमारी बहनों ने अपने संदेश में कहा कि जीवन में हुई गलतियों से निराश होने के बजाय, उन गलतियों से सीखकर एक बेहतर और नेक इंसान बनने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कैदियों को बुराई छोड़कर अच्छाई के रास्ते पर चलने और ईश्वर पर विश्वास रखने के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर, जेल अधीक्षक रवि कुमार भूआर्य सहित कर्मचारी भी मौजूद थे। उन्होंने ब्रह्मकुमारी आश्रम की बहनों का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से कैदियों के मानसिक और भावनात्मक सुधार में मदद मिलती है। कैदियों ने भी इस स्नेहपूर्ण पहल के लिए बहनों का धन्यवाद किया। यह कार्यक्रम सिर्फ एक त्योहार का हिस्सा नहीं था, बल्कि यह समाज की ओर से एक ऐसा संदेश था जो यह बताता है कि हर इंसान को सुधरने और एक नया जीवन शुरू करने का अवसर मिलना चाहिए। राखी का यह पवित्र धागा सिर्फ कलाई पर नहीं, बल्कि कैदियों के मन में एक नई उम्मीद और प्रेम की भावना को भी बांध गया। ब्रह्मकुमारी की बहनों ने कहा कि हम हर साल रक्षाबंधन पर जेल में आते हैं ताकि जिन भाइयों की बहनें दूर हैं, उन्हें भी यह त्यौहार महसूस हो सके। हम सिर्फ राखी नहीं बांधते, उनसे ये वादा भी लेते हैं कि वे अच्छा इंसान बनकर अपने जीवन को सार्थक बनाएंगे।