छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

कांग्रेस एवं विपक्षी दलों को जनमत का सम्मान नहीं, वोट चोरी का आरोप बेबुनियाद - मुरलीधर सिन्हा

राधेश्याम सोनवानी / रितेश यादव


गरियाबंद - भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व जिला महामंत्री भाजपा जिला गरियाबंद के मुरलीधर सिन्हा ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण या विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण करते समय मतदाता सूची का प्रथम प्रकाशन एवं अंतिम प्रकाशन के समय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को पूरे जिला का मतदाता सूची की एक प्रति उपलब्ध कराया जाता है और आपत्ति दावा करने का पूरा अवसर दिया जाता है ।
भाजपा नेता श्री सिन्हा के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी (DM) कलेक्टर द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए विशेष गहन या विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण करने हेतु अनुविभागीय दण्डाधिकारी  (SDM) को मतदाता रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) एवं तहसीलदार को सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) बनाया जाता है ।  उपरोक्त्त कार्य हेतु प्रत्येक मतदान केंद्र (बूथ) के लिए मतदाता रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा एक बूथ लेबल एजेंट (BLA) प्रत्येक राजनीतिक दलों से जानकारी उपलब्ध कराने की मांग किया जाता है , उसी प्रकार मतदाता सूची रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र के लिए एक बूथ लेबल अधिकारी (BLO) नियुक्त किए होते हैं जो मतदान केंद्र के अंतर्गत आने वाले मतदाताओं के घर-घर जाकर सम्पर्क करते हैं और जानकारी देते हैं । भाजपा नेता मुरलीधर सिन्हा ने बताया कि वे लम्बे समय से राजनीतिक दल से जुड़े होने के कारण  निर्वाचन कार्य को देखते आ रहा हूँ । भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के द्वारा समय-समय पर नवीन जानकारी दिए जाते हैं उसे अवलोकन करते रहता हूँ । यह बताना लाजिमी है कि भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 (1950 का 43) की धारा 28 के अंतर्गत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियम 2022 के द्वारा निर्वाचकों के पंजीयन हेतु निर्धारित प्ररूप को उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सरल बनाने एवं मतदाताओं के सुविधा के लिए प्ररूप 1, 2, 2क, 3, 6, 7, 8, 11, 11क, 11ख, 18, 19 में  महत्वपूर्ण संशोधन जून 2022 को किया गया है । भाजपा नेता श्री सिन्हा ने बताया कि मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण या संक्षिप्त गहन पुनरीक्षण करने हेतु जिला निर्वाचन अधिकारी (DM) द्वारा समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को जानकारी दिया जाता है, वर्ष में दो बार किया जाता है जिसमें बूथ के लिए बूथ लेबल अधिकारी (BLO) के पास नये मतदाता के लिए प्ररूप 6 में आवेदन देना होता है जो निर्धारित समय में 18 वर्ष पूर्ण करते हैं, प्ररूप 7 का आवेदन मृत्यु हो जाने, अनुपस्थित या स्थायी रूप से स्थानांतरित हो जाने पर, भारतीय नागरिक नहीं है करके आक्षेप किया जाता है, प्ररूप 8 वह मतदाता के लिए है जिसका निवास स्थानांतरण या बिना सुधार के ईपीआईसी प्रतिस्थापन का मुद्दा और दिब्यांगजन व्यक्तियों के रूप में चिन्हांकित करने हेतु अनुरोध किया जाता है, उक्त प्ररूप 6, 7, एवं 8 को भरकर एक घोषणा करना होता कि मैं यह घोषणा करता/करती हूँ कि मेरे सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार कि ऐसा कथन करना या घोषणा करना जो असत्य है और जिसके मिथ्या होने का मुझे ज्ञान या विश्वास है या जिसके सत्य होने का मुझे विश्वास है, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (1950 का 43) की धारा 31 के अधीन ऐसे कारावास से जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, दोनों से, दंडनीय है । तत्पश्चात मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन का समय निर्धारित की सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी (DM) कलेक्टर द्वारा जिले के समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक कर जानकारी दिया जाता है और अंतिम प्रकाशन का मतदाता सूची प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र का उपलब्ध कराया जाता है, फिर वोट चोरी का आरोप कैसे लगा सकते हैं ? क्या राजनीतिक दलों के पदाधिकारी बैठक में सिर्फ समोसा खाने और चाय पीने जाते हैं ?  भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ कार्यसमिति सदस्य एवं  भाजपा जिला गरियाबंद पूर्व जिला महामंत्री मुरलीधर सिन्हा ने कांग्रेस एवं विपक्षी दलों का वोट चोरी का आरोप बेबुनियाद है और यह आरोप जनमत का सम्मान नहीं है ।

 

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