छत्तीसगढ़ / महासमुंद

जैन समाज को सौंपी जायेगी आरंग में मिली प्राचीन जैन तीर्थंकर की प्रतिमा

 आरंग । आरंग के अंधियार खोप तालाब से वर्ष 2021 में मिली प्राचीन जैन तीर्थंकर की प्रतिमा को लेकर चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है। 24 सितंबर को स्थानीय विश्राम गृह में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रतिमा को जैन समाज को सौंपा जाएगा।

बैठक में हुआ फैसला
बैठक में केबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन की मौजूदगी में नगर के व्यापारियों, नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने चर्चा की। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि प्रतिमा को जैन समाज को सामाजिक अनुरूप विधिवत पूजा-अर्चना के लिए सौंपा जाए।

जैन समाज ने बताया कि उक्त प्रतिमा को रायपुर के शंकर नगर में प्राणप्रतिष्ठा कराई जाएगी।

पृष्ठभूमि
सितंबर 2021 में आरंग के अंधियार खोप तालाब के गहरीकरण के दौरान यह प्राचीन प्रतिमा मिली थी। फिलहाल इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित भांडदेवल मंदिर में सुरक्षित रखा गया है।

शुरुआत में तत्कालीन रायपुर कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे ने प्रतिमा को जैन समाज को सौंपने का आदेश जारी किया था। लेकिन स्थानीय संगठनों और निवासियों ने प्रतिमा को आरंग में ही सुरक्षित रखने और संग्रहालय बनाने की मांग उठाई थी। इसी वजह से प्रतिमा अभी तक वहीं सुरक्षित रखी गई थी।

शर्तों के साथ सौंपेगी प्रशासन
अब बैठक में यह भी तय किया गया है कि आरंग की धरोहरों को संरक्षित रखने और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप पूजा-अनुष्ठान करने की शर्तों के साथ प्रतिमा को जैन समाज को सौंपा जाएगा। प्रशासन जल्द ही आवश्यक नियमों व प्रक्रियाओं का पालन करते हुए प्रतिमा को जैन समाज को सौंप देगा।

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