किसानो की बड़ी चिंता धराशायी हो सकती है धान की फसलें
कवर्धा--
पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जहां एक ओर ग्रामीण जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है,वहीं दूसरी ओऱ किसानों के माथे में चिंता की लकीरें बढ़ा दी है।
धान की फसलें पकने की स्थिति में है और आने वाले कुछ दिनों में धान की कटाई भी शुरू हो जाएगी,लेकिन लगातार बारिश के कारण फसलो को नुकसान होने की आशंका है।।
इससे किसानों को अपनी साल भर की मेहनत की कमाई से वंचित होना पड़ सकता है इसी प्रकार लगातार की बारिश से किसानों की सोयाबीन और मूंगफली की फसल भी प्रभावित होती दिखाई दे रही है। "किसानो की बड़ी चिंता" किसानों का कहना है कि सरकारी व्यवस्था के तहत रासायनिक खादों कि पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से व्यापारियों के पास तिगुने चोगुने दामों पर उन्हें खाद खरीदना पड़ा है जिससे इस साल की खेती उन्हें पहले से ही महंगी पड़ी है अब बारिश के कारण फसलों को नुकसान होने से उनकी आर्थिक स्थिति और भी खराब हो सकती है जिसे लेकर उनके माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देना स्वाभाविक है।।
"धराशायी हो सकती है धान की फसलें " धान की परिपक्व हो चुकी बालियों के भार से पौधे झुकने लगे हैं और लगातार बारिश की मार झेल कर कब तक तने रह सकते हैं और कुछ दिनों तक बारिश का कर इसी तरह चलता रहा तो खेतों में धान की फैसले धराशाई होना निश्चित है जो किसानों की उम्मीद पर पानी फेर सकता है।