छत्तीसगढ़ / बीजापुर

सरेंडर करने एसपी ऑफिस पहुंचे 51 नक्सली, पुलिस ने किया स्वागत

 बीजापुर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 51 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण करने एसपी कार्यालय पहुंचे हैं। जहा थोड़ी देर बाद सभी नक्सली बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव के समक्ष पुलिस ऑफिसर्स मेस में औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करेंगे। जिनमें कुल 66 लाख के इनामी नक्सली भी शामिल है।


पुलिस सूत्रों के अनुसार बीजापुर पुलिस और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सल संगठन पर दबाव बढ़ गया है। कई इलाकों में चल रहे विकास कार्य और पुनर्वास योजनाओं के असर से नक्सली अब मुख्यधारा में लौटने का निर्णय ले रहे हैं। जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण कार्यक्रम के बाद एसपी जितेंद्र यादव मीडिया से चर्चा करेंगे।

कांकेर में 21 नक्सलियों का रेड कारपेट में स्वागत
उत्तर बस्तर में सक्रिय रहे 21 माओवादियों ने 18 हथियारों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है, सभी नक्सलियों का आज जंगलवार कालेज में आयोजित कार्यक्रम में रेड कारपेट में स्वागत किया गया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को बस्तर आईजी ने संविधान की प्रति सौंपकर मुख्यधारा में उनका स्वागत किया है।

फोर्स ने बदली रणनीति
नक्सलवाद के खात्मे को लेकर जारी अभियान के बीच इस माह पुलिस ने अपनी रणनीति बदली है। एनकाउंटर की जगह समर्पण को प्राथमिकता देते हुए नक्सलियों को साफ संदेश दिया गया था कि, वो यदि आत्म समर्पण कर मुख्य धारा में लौटने को तैयार है तो उनका स्वागत किया जाएगा। लेकिन वो ऐसा नहीं करेंगे तो उनसे फोर्स निपटने को तैयार बैठी है। जिसका असर भी देखने को मिला और इसी माह 208 नक्सलियों ने 109 हथियारों के साथ जगदलपुर में सरेंडर किया, जिसके बाद कांकेर जिले के दो एरिया कमेटी ने आज एक साथ हथियार डाले है, जिसमें 21 नक्सलियों ने 18 हथियार पुलिस को सौंपे है।

दक्षिण बस्तर में छिपे नक्सलियों से की सरेंडर की अपील

 
 


बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने कहा कि एक समय था जब नक्सलियों के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी में 45 सदस्य हुआ करते थे। लेकिन 2025 की शुरुआत में इनकी संख्या घटकर 18 रह गई थी, और 2025 का अंत आते आते महज 6 से 7 सेंट्रल कमेटी और पोलित ब्यूरो मेंबर शेष बचे है जो दक्षिण बस्तर के जंगलों में छिपे हुए है। वहीं आईजी ने कहा कि दक्षिण बस्तर में छिपे नक्सलियों से अपील भी कर रहे है और उन्हें चेतावनी भी दे रहे है कि अब भी समय है वो सरेंडर कर दे अन्यथा बस्तर के तैनात डीआरजी समेत तमाम सुरक्षाबल के जवान उनसे निपटने के लिए तैयार बैठे है।

 

 

 

Leave Your Comment

Click to reload image