छुटभैये नेता की शर्मनाक हरकत ने लोगों को किया शर्मसार
कवर्धा - आखिर ये राजनीति की कैसी रंगत है कि पुलिस वालों के साथ ही लड़ने लगे छूट भइये नेता लोग ।राज्य उत्सव कार्यक्रम से किसी को मतलब रहे या न रहे राजनीतिक दल के नेताओं को तो जरूर रहता है और ऐसे विशेष कार्यक्रम का उन्हें काफी बेसब्री से इंतजार भी रहता है।विगत 25 साल से जिला मुख्यालय में राज्य उत्सव मनाया जा रहा है न तो कभी विवाद हुआ न कोई झड़प किंतु इस बार कवर्धा को क्या ग्रहण लग गया या यह कहे कि किसी की बुरी नजर लग गई, कबीरधाम जिले के इतिहास में जो कभी नही हुआ वो सब हो गया और जो हुवा वो काफी शर्मशार करने वाली घटना थी।सत्ता पक्ष के कुछ दबंग लोगों के द्वारा 3 दिवसीय राज्य उत्सव के कार्यक्रम में ड्यूटी में तैनात रक्षक को ही आंख दिखाने लगें और हाथापाई करने में भी उतारू हो गए ।नगर के प्रथम नागरिक इस मामले में झड़प को शांत कराते दिखाई दे रहे थे । वहीं एक छूट भइये नेता को अशोभनीय भाषा का प्रयोग करते हुए चिल्लाते भी देखा गया है।
यह घटना कबीरधाम रजत जयंती राज्य उत्सव का कार्यक्रम के दौरान ग्रन्थ मुन्नी साहेब पी.जी. कॉलेज मैदान में अनुराग शर्मा के द्वारा छत्तीसगढ़ी कार्यक्रम आयोजन दिया जा रहा था उसी समय पूरा मामला हुआ है। लगता है ये लोग सत्ता के मदहोशी में सबका साथ सबका विकाश एवम प्रयाश के स्लोगन को ही जिले में भुला दिया हैं।कार्यक्रम के प्रथम दिन तो अधिकांश कुर्सियां खाली थी दूसरे दिन की घटना तो सबके सामने ही है ।जो लोग धमकी चमकी लगाते हैं कहीं किसी की अच्छी लोकप्रिय छबि को बदनाम करने में तो नही तुले हैं। समय रहते ऐसे लोगो को अपने पास से दर किनार करने की आवश्यकता है ताकि आने वाले समय के लिए सब कुछ ठीक ठाक रहे ।घटना के संबंध लोगो की तरह तरह की जो प्रतिक्रिया सामने आई है उससे ऐसा प्रतीत होता है की जिनके कंधे पर पार्टी को आगे बढ़ाने की बात की जा रही है । वह शराब के नशे में मदमस्त था। कहते हैं ना सौ शेर पालने के बजाय एक स्वान पाला जाना चाहिए जो स्वामी का परम भक्त हो । पर यहां तो कहावत उल्टा हो रहा है एक मछली ही सारे तालाब को गंदा कर रही है। खैर जो भी हो इस घटना पर लोगो की अच्छी प्रतिक्रिया सामने नही आ रही है।
कबीरदास जी के दोहे चलती चाकी देख ...... चरितार्थ करते हुए राज्यो उत्सव के आमंत्रण कार्ड से बाहर कलाकार को निवेदन कर बुलाया गया ताकि लोगों की भीड़ इकट्ठा हो सके किंतु उपद्रवियों ने सब गुड गोबर कर दिए हैं। और उन्हें बचाने में ही शक्ति लगा दी गई प्रशासन की बात मान लिया जाय तो उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर अनुमति मांगी गई है। पता चला कि उस उपद्रवी छूट भईया के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली गयी है। इधर राजनीति भी खूब उछाली जा रही है। राज्य उत्सव में जो तोहमत लगी है उस दाग को कैसे मिटाई जाएगी यह आने वाले भविष्य के गर्भ में छिपा है!