छत्तीसगढ़ / कोरबा

झोपड़ी से पक्के घर तक- गीताबाई का पूरा हुआ वर्षों पुराना सपना

पीएम जनमन योजना से बना पक्का मकान

 

कोरबा । जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम डोंगा नाला की विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समाज की महिला गीताबाई पति सीताराम के जीवन में प्रधानमंत्री पीएम जनमन योजना ने नया उजाला भर दिया है। वर्षों तक बारिश, हवा और ठंड में झोपड़ी में जीवन बिताने वाली गीताबाई अब पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।

गीताबाई और उनका परिवार जंगल से वनोपज संग्रहण, बाँस से टोकरियाँ तथा अन्य उपयोगी वस्तुएँ बनाकर अपना जीवन चलाते रहे। सीमित आय और कठिन परिस्थितियों में उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह कभी पक्का मकान में रहेगी। उन्हें लगता था कि जीवन भर झोपड़ी ही उनका घर रहेगा। लेकिन प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए पीएम जनमन योजना लागू किए जाने के बाद गीताबाई जैसे कई बिरहोर परिवारों के सपनों को नए पंख मिले। योजना के अंतर्गत उनके ससुर धरम सिंह का भी पक्का घर स्वीकृत हुआ, जो अब बनकर तैयार है। अब इस घर में गीता बाई भी रहती है।

गीताबाई बताती हैं कि जब वह शादी होकर आई तो झोपड़ी थी। घर भी छोटा सा था। पीएम जनमन योजना से जब घर बनना शुरू हुआ तो उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। कुछ दिन बाद घर बनकर तैयार हो गया और वे लोग इस घर में रहते हैं। उनका कहना है कि अब बारिश में रातें जागकर नहीं बितानी पड़तीं, घर सुरक्षित है और जीवन में स्थिरता आई है। मजदूरी करके परिवार चलाने वाली गीताबाई को अब भविष्य थोड़ा उज्जवल दिखाई देता है।

पीएम जनमन योजना ने न सिर्फ बिरहोर धरम सिंह का घर बनाया उनके बहू गीताबाई का भी घर बनाया और उनके सपनों को भी मजबूत नींव दी है। यह उन अनेक परिवारों की कहानी है जिनका जीवन इस योजना से बदल रहा है और जो अब सम्मान, सुरक्षा और आशा के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

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