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जिला पंचायत सीईओ ने विभागीय योजनाओं का किया गहन समीक्षा

 जिला पंचायत सीईओ का कड़ा निर्देश समय पर जियो टैगिंग और गुणवत्तापूर्ण निर्माण ही सर्वाेच्च प्राथमिकता

एमसीबी/ 09 दिसम्बर 2025

जिले के अमृतधारा स्थित जिला संसाधन केंद्र सभागार में आज जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक का नेतृत्व किया। जिले में चल रहे सभी निर्माण एवं विकास कार्यों की धरातली प्रगति पर विशेष चर्चा करते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में जियो टैगिंग समय पर अपडेट हो, स्थल चयन में भू-सत्यापन का विशेष ध्यान रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए ,कि विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण न किया जाए। सीईओ ने कहा कि योजनाओं की सफलता का वास्तविक पैमाना निर्माण की गुणवत्ता और समय सीमा का पालन है। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के ग्राम पंचायतवार प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। आर-सेटी के माध्यम से किए गए राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति पर भी चर्चा की गई और तय लक्ष्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण आवास समयावधि में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। जिला पंचायत सीईओ ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे सभी हितग्राहियों की पहचान कर कार्यवाही की जाए जिन्होंने आवास राशि प्राप्त कर ली है, लेकिन निर्माण में रुचि नहीं ले रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आवास राशि का गबन करने वालों पर वसूली की कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाए और किसी भी स्थिति में शिथिलता न बरती जाए।

अमृत सरोवर से आजीविका डबरी तक सभी लंबित कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश
मनरेगा योजना के तहत अमृत सरोवर, आजीविका डबरी, नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण, महिला मानव दिवस सृजन, मजदूरों को समयबद्ध भुगतान, मांग आधारित रोजगार उपलब्धता, कृषि आधारित कार्य, जल संरक्षण, प्रॉजेक्ट उन्नति सहित सभी भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। सीईओ ने लंबित कार्यों को अविलंब पूर्ण कराए जाने तथा युक्तिधारा पोर्टल पर सभी पंचायतों की कार्ययोजना समय पर अपडेट करने को अनिवार्य किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वच्छ मिशन, सामुदायिक शौचालय, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं फिकल स्लज प्लांट के सुचारू संचालन पर विशेष जोर
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में स्वीकृत सामुदायिक शौचालयों के निर्माण की प्रगति, उनकी उपयोगिता, संचालन एवं संधारण की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य केंद्रों और पीडीएस दुकानों के पास स्वीकृत नाले एवं सोख्ता गड्ढा निर्माण, अपशिष्ट संग्रहण और पृथक्करण कार्य, स्वच्छाग्रहियों की तैनाती और यूजर चार्ज "हमारा शौचालय - हमारा भविष्य" की अवधारणा के प्रभाव का मूल्यांकन किया गया। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई और फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट के सुचारू संचालन को भी प्राथमिकता में रखने के निर्देश देते हुए सीईओ ने कहा कि स्वच्छता मॉडल तभी सफल माना जाएगा जब उसका धरातली लाभ नागरिकों तक निरंतर रूप से पहुँचता रहे।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा, अनुविभागीय अधिकारी आरईएस, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन, पीएमएवाई पदाधिकारी, खंड स्वच्छता अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, तकनीकी सहायक एवं सभी ब्लॉक समन्वयक उपस्थित रहे। समीक्षा के अंत में जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले की हर विकास योजना का उद्देश्य ग्रामीणों तक लाभ पहुँचाना है और इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक अधिकारी अपनी जवाबदेही के साथ दायित्वों का निर्वहन करें।

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