बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम एवं हेल्पलाइन की दी गई जानकारी
एमसीबी/15 दिसंबर 2025
जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम लगातार संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के निर्देशानुसार जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा ग्राम कठौतिया स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित जनसमुदाय को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि यदि बालक की आयु 21 वर्ष तथा बालिका की आयु 18 वर्ष पूर्ण होने से पहले विवाह किया जाता है, तो वह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन अपराध है। साथ ही विवाह की वैधानिक एवं सही आयु के बारे में स्पष्ट रूप से समझाया गया।
जागरूकता सत्र में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं 181 के बारे में भी जानकारी दी गई और बताया गया कि किसी भी प्रकार के बाल अधिकार उल्लंघन, बाल विवाह या संकट की स्थिति में इन नंबरों पर तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है। जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह नहीं होने देने की शपथ भी दिलाई गई। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में स्पॉन्सरशिप योजना, “एक युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान तथा नशे के दुष्परिणामों के बारे में भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, सोशल वर्कर, आउटरीच वर्कर सहित शाला के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी ने बाल विवाह उन्मूलन एवं बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर लोगों को कानून, अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।