छत्तीसगढ़ / नारायणपुर

जिले के अंतिम छोर पर बसे ग्राम आदिंगपार और धुरबेड़ा पहुंचने वाली पहली कलेक्टर नम्रता जैन

ग्रामीणों की समस्याएँ सुनकर शीघ्र समाधान करने का दिलाया भरोसा

नारायणपुर, 02 जनवरी 2026// शासन की मंशा के अनुरूप नारायणपुर जिले के दूरस्थ व पहुंच-विहीन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किए जाने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में कलेक्टर नम्रता जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल अजय कुमार सिंह ने जिले के अंदरूनी अंचलों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया। कलेक्टर नम्रता जैन जिले के अंतिम छोर पर बसे ग्राम आदिंगपार और धुरबेड़ा पहुंचने वाली पहली कलेक्टर है।
कलेक्टर जैन ने जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम आदिंगपार और धुरबेड़ा का भ्रमण किया। धुरबेड़ा पहुंचकर उन्होंने बालक आश्रम छात्रावास का निरीक्षण किया और भोजन, पेयजल, कमरों की स्वच्छता, शौचालय व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की विस्तृत जानकारी लिया। छात्रावास में कलेक्टर ने बच्चों से लिया पहाड़ा एवं अंग्रेजी अक्षर ज्ञान की जानकारी ली, बच्चों के द्वारा आसानी से उत्तर बताये जाने पर कलेक्टर ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आगे पढ़कर डॉक्टर, इंजिनियर, शिक्षक, पटवारी, तहसीलदार जैस उच्च पदों को प्राप्त करें। उन्होंने बच्चों की संख्या, उपस्थिति, भोजन की उपलब्धता और दैनिक व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। छात्रावास अधीक्षक राधेश्याम रावटे ने शौचालय, खेल सामग्री और अधीक्षक निवास कक्ष निर्माण की मांग की। छात्रावास अधीक्षक ने ग्राम धुरबेड़ा के परिवार संख्या और जनसंख्या के बारे में विस्तार से जानकारी दिया। कलेक्टर ने उनकी मांगो को गंभीरता से लेते हुए पूर्ण कराने का आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने धुरबेड़ा के उप स्वास्थय केन्द्र में भर्ती हुए मरीजों से उनका हालचाल जाना और केन्द्र परिसर में लगे नलजल से पेयजल का जायजा लिया।
कलेक्टर जैन ने धुरबेड़ा बालक आश्रम का निरीक्षण पश्चात् आदिंगपार पहुंचकर ग्राम पंचायत धुरबेड़ा की सरपंच श्रीमती सुदनी ध्रुव एवं ग्रामीणों से चर्चा करते हुए ग्राम की समस्याओं के बारे में जानकारी लिया। ग्राम धुरबेड़ा में आंगनबाड़ी को घोटूल में संचालित कराने तथा आदिंगपार पहुंच मार्ग को सुगम बनाने उपस्थित जनपद सीईओ को निर्देश दिये। सरपंच ने जानकारी दिया कि ग्राम पंचायत धुरबेड़ा के आश्रित ग्राम में माटवाड़ा, फरसबेड़ा, कोड़तामरका, गुमरका, आदिंगपार और मंदोड़ा शामिल हैं। सभी आश्रित ग्रामों का सर्वे कर आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने हेतु प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने कोड़नार के आंगनबाड़ी का किया निरीक्षण – कलेक्टर नम्रता जैन ने कोड़नार के आंगनबाड़ी केन्द का निरीक्षण करते हुए आंगनबाड़ी केन्द्र को साफ सफाई रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कोड़नार के आश्रित ग्राम करकानार आदि ग्रामों के बच्चों को कोड़नार आंगनबाड़ी केन्द्र में दर्ज कर टीएचआर वितरण कराने और आश्रित ग्रामों में भी आंगनबाड़ी खोलने के प्रस्ताव बनाने के निर्देश उपस्थित जनपद सीईओ को दिये। कोड़नार के आंगनबाड़ी केन्द का निरीक्षण पश्चात ग्राम कुतुल पहंुचकर ग्रामीणों से मुलाकात किया। कुतुल में बाजार शेड, नलजल के पाईप लाईन मरम्मत, पुलिया और सीसी सड़क निर्माण करने की मांग सरपंच रामजी वरदा द्वारा किये जाने पर कलेक्टर जैन ने कहा कि सभी मांगो का शीघ्र निराकरण कराया जाएगा। बेरोजगार युवाओं को आरसेटी के माध्यम से व्यवसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा। इस दौरान एसडीएम ओरछा डॉ. सुमित गर्ग, तहसीलदार कोहकामेटा डॉ. अयाज हाशमी, जनपद सीईओ ओरछा लोकेश चतुर्वेदी उपस्थित थे।

 

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