छत्तीसगढ़ / सूरजपुर

सूरजपुर जिले को पूर्ण साक्षर करने कलेक्टर ने जारी किए निर्देश

 सूरजपुर/20 जनवरी 2026

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप जिले को पूर्ण साक्षर घोषित किए जाने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन की ओर से समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक (समग्र शिक्षा) एवं विकासखंड परियोजना अधिकारी (साक्षरता) को निर्देश जारी किए गए हैं।
यह निर्देश कार्यालय राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के पत्र के संदर्भ में जारी किए गए हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि बुनियादी साक्षरता, शिक्षा प्राप्त करने और जीविकोपार्जन का अवसर प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। साक्षरता न केवल व्यक्ति के व्यक्तित्व, नागरिक एवं आर्थिक विकास में सहायक है, बल्कि आजीवन सीखने के नए अवसर भी प्रदान करती है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, जिसका लक्ष्य 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे वयस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्होंने औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की है।
पत्र में साक्षरता की स्पष्ट परिभाषा देते हुए बताया गया है कि साक्षरता का आशय केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समझ के साथ गणना करने की क्षमता, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता एवं अन्य महत्वपूर्ण जीवन कौशलों से भी जुड़ा हुआ है। किसी राज्य या जिले में 95 प्रतिशत साक्षरता स्तर प्राप्त होने पर उसे पूर्ण साक्षर के समतुल्य माना जा सकता है। उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक मूल्यांकन परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात गैर-साक्षर व्यक्ति को साक्षर घोषित किया जाएगा।
                   कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करते हुए जिले में चिन्हित निरक्षर व्यक्तियों को उल्लास कार्यक्रम से जोड़कर साक्षर घोषित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए तथा की गई कार्यवाही से जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण सूरजपुर को अवगत कराया जाए।

Leave Your Comment

Click to reload image