छत्तीसगढ़ / बेमेतरा

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 बिहान से बदली तक़दीर: टेमरी की दीदियां बनी आत्मनिर्भर, सेंटरिंग प्लेट से लाखों की कमाई

बेमेतरा, 21 जनवरी 2026

नवागढ़ ब्लॉक के राज्यपाल गोद ग्राम पंचायत टेमरी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत महिलाओं की आजीविका को नई दिशा मिली है। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर गांव की दीदियां सेंटरिंग प्लेट निर्माण एवं आपूर्ति की आजीविका गतिविधि के माध्यम से न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि लखपति दीदी की श्रेणी में भी शामिल हो रही हैं।

2024-25 से शुरू की सेंटरिंग प्लेट आजीविका गतिविधि

वित्तीय वर्ष 2024-25 से टेमरी ग्राम पंचायत की समूह की दीदियों ने ‘बिहान’ योजना से संलग्न होकर सेंटरिंग प्लेट की आजीविका गतिविधि शुरू की। इस कार्य के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य निर्माण कार्यों में सेंटरिंग प्लेट की मांग को अवसर में बदला गया, जिससे समूहों को सतत आय का साधन प्राप्त हुआ।

राधे-राधे समूह की जाम बाई बनीं सफलता की मिसाल

राधे-राधे स्व-सहायता समूह से जुड़ी जाम बाई दीदी ने बताया कि सेंटरिंग प्लेट की गतिविधि के माध्यम से उन्होंने 15 आवासों में कार्य कर लगभग 1 लाख 70 हजार रुपये की आय अर्जित की है। इस आय से उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

जय मां तुरतुरिया दाई समूह ने अर्जित की 2.20 लाख की आय

इसी तरह जय मां तुरतुरिया दाई स्व-सहायता समूह की सदस्य भोजकुमारी दीदी ने बताया कि उनके समूह द्वारा 18 आवासों में सेंटरिंग प्लेट का कार्य कर 2 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त की गई। इससे समूह की सभी सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

कैला देवी समूह की रुक्मिण दीदी बनीं ‘लखपति दीदी’

कैला देवी स्व-सहायता समूह से जुड़ी रुक्मिण दीदी ने जानकारी दी कि उन्होंने 16 आवासों में कार्य कर लगभग 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित की है। नियमित आमदनी के चलते वे लखपति दीदी की श्रेणी में लाभान्वित हो रही हैं।

आर्थिक सशक्तिकरण के साथ आत्मविश्वास में वृद्धि

सेंटरिंग प्लेट की आजीविका गतिविधि से दीदियों की आय में वृद्धि हुई है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं। साथ ही उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे सम्मानजनक जीवन यापन कर रही हैं।

बिहान से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

टेमरी ग्राम पंचायत की यह पहल इस बात का जीवंत उदाहरण है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर महिलाएं सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बन रही हैं। यह सफलता अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।

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