छत्तीसगढ़ / सरगुजा

तकनीक और पारदर्शिता से बदली धान खरीदी व्यवस्था, किसान को मिली राहत

 किसानों को मिली घर बैठे तुहंर टोकन ऐप से टोकन कटाने की सुविधा

अंबिकापुर, 21 जनवरी 2026

जिले में धान उपार्जन की सुव्यवस्थित व्यवस्था से किसानों को सुविधा मिल रही है। शासन द्वारा अपनाई गई डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया से किसानों का भरोसा बढ़ा है और धान विक्रय की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सहज हो गई है। ग्राम पंचायत कृष्णापुर के रहने वाले किसान श्री स्माइल पैकरा ने नई व्यवस्था को किसान हित में एक बड़ा बदलाव बताया है।

किसान श्री स्माइल पैकरा ने बताया कि उनके पास लगभग 150 क्विंटल धान का रकबा है। पहले धान बेचने के लिए उपार्जन केंद्रों पर समय से पहले पहुंचना पड़ता था और भीड़ के कारण घंटों इंतजार करना पड़ता था। लेकिन इस वर्ष किसान तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से उन्होंने घर बैठे ही मोबाइल से टोकन प्राप्त कर लिया। इससे न केवल भीड़ से राहत मिली, बल्कि धान विक्रय की पूरी योजना पहले से तय हो गई।

उन्होंने बताया कि मोबाइल ऐप के जरिए टोकन काटने की सुविधा ने किसानों को समय का बेहतर उपयोग करने का अवसर दिया है। अब समिति के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे खेती के अन्य कार्यों पर ध्यान देना आसान हो गया है। यह व्यवस्था खासकर दूर-दराज के ग्रामीण किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।

कृषक स्माइल पैकरा ने बताया कि मेंड्राकला धान उपार्जन केंद्र में पहुंचने पर सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित मिली। केंद्र पर नमी परीक्षण, गेट पास जारी करने और बारदाना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तुरंत पूरी कर दी गई। उन्होंने कहा कि धान विक्रय के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई और समिति कर्मचारियों ने पूरे समय सहयोग किया।

किसान ने बताया कि धान से होने वाली आय के साथ-साथ वे अब मक्का, गेहूं और अरहर जैसी अन्य फसलों की खेती भी कर रहे हैं। धान का उचित मूल्य मिलने से खेती में निवेश की क्षमता बढ़ी है और आय के नए स्रोत तैयार हुए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का लाभकारी समर्थन मूल्य मिल रहा है और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक की खरीदी से किसानों को आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।

किसान श्री स्माइल पैकरा ने कहा कि पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और तकनीक के उपयोग से किसानों को सम्मान और आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने किसान हितैषी नीतियों के लिए शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा धान खरीदी व्यस्थाओं से किसान अब आर्थिक रूप से सशक्त और समृद्ध मजबूत बन रहे हैं।

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