छत्तीसगढ़ / सरगुजा

फाइलेरिया मुक्ति अभियान अंतर्गत जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित, 10 से 25 फरवरी तक होगा सामूहिक दवा सेवन

 अंबिकापुर 28 जनवरी 2026

  राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला सरगुजा में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु फाइलेरिया मुक्ति अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर सरगुजा श्री अजीत वसंत के निर्देशन में तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. एस. मार्को एवं जिला मलेरिया एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. राजेश कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में जिले के समस्त विकासखण्डों में दिनांक 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक फाइलेरिया रोधी दवाओं का सामूहिक सेवन कराया जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं भारत सरकार द्वारा वर्ष 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य की प्राप्ति हेतु अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समन्वय के साथ व्यापक जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। जिला मलेरिया एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि सामूहिक दवा सेवन अभियान के अंतर्गत जिले के सभी विकासखण्डों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिनों एवं स्वयंसेवकों के माध्यम से लक्षित जनसंख्या को निःशुल्क फाइलेरिया रोधी दवाएं (एल्बेंडाजोल, डी.ई.सी. एवं आईवरमेक्टिन) खिलाई जाएंगी। 02 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर शेष सभी पात्र नागरिकों को दवा सेवन कराया जाएगा। यह दवाएं पूर्णतः सुरक्षित एवं फाइलेरिया रोग की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी हैं। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे दवा का सेवन अवश्य करें एवं अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। फाइलेरिया रोग क्यूलेक्स प्रजाति के मच्छरों के माध्यम से फैलता है, जो गंदे एवं स्थिर जल में पनपते हैं। इस रोग के प्रमुख लक्षणों में हाथ-पैरों में सूजन, अंगों का असामान्य मोटापा, पुरुषों में अंडकोष की सूजन तथा महिलाओं में स्तनों में सूजन शामिल हैं। परजीवी संक्रमण के 5 से 6 वर्षों बाद इसके लक्षण प्रकट होते हैं। अतः सामूहिक दवा सेवन के साथ-साथ जल जमाव रोकने एवं स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है। अभियान के तहत दवा सेवन कार्यक्रम निम्नानुसार संचालित किया जाएगा- 10 से 12 फरवरी 2026 तक आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों, कॉलेजों एवं शैक्षणिक संस्थानों में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। 13 से 22 फरवरी 2026 तक ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा गृह भेंट के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर दवा सेवन कराया जाएगा। 23 से 25 फरवरी 2026 तक मॉप-अप राउंड में छूटे हुए लाभार्थियों को दवा खिलाई जाएगी। अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु जिले में 1998 ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन टीम, 3996 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर एवं 369 स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें जिला सलाहकार मलेरिया श्री सुरजीत कुमार कुशवाहा (मो. +91-9238360399) को कंट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किया गया है। श्रीमती आभा श्रीवास्तव (मो. +91-9993730048) एवं श्रीमती सुल्ताना नुसरत (मो. +91-8253081689) को सहायक प्रभारी नियुक्त किया गया है। ब्लॉक स्तर पर नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है। अभियान की तैयारी के अंतर्गत जिला सरगुजा में जिला स्तरीय प्रशिक्षण (District TOT) का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी, जिला क्षय अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, डब्ल्यू.एच.ओ. जोनल को-ऑर्डिनेटर डॉ. स्नेहा एवं पी.सी.आई. से श्री धीरज सिंह की उपस्थिति में जिले के सातों विकासखण्डों के खण्ड चिकित्सा अधिकारी, खण्ड कार्यक्रम प्रबंधक, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक, विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी, मितानिन को-ऑर्डिनेटर एवं मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिला सरगुजा में चिन्हित 66 लिम्फेडिमा (हाथीपांव) मरीजों को शत-प्रतिशत एम.एम.डी.पी. किट प्रदाय कर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अतिरिक्त हाइड्रोसील से पीड़ित मरीजों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा रहा है।

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