र्गत तीन रेत खदान संचालित फरवरी तक 15 लाख 70 हजार रायल्टी एवं 33 लाख 91 हजार प्रीमियम राशि प्राप्त
उत्तर बस्तर कांकेर, 01 अप्रैल 2026
खनिज अधिकारी कांकेर से मिली जानकारी के अनुसार दुर्गूकोंदल तहसील में तीन रेत खदान संचालित हैं। ग्राम पंचायत भंडारडिगी अंतर्गत डांगरा, ग्राम पंचायत गुदुम अंतर्गत पित्तेफुलचूर और ग्राम पंचायत परभरेली अंतर्गत भेलवापानी में रेत खदान संचालित की जा रही है, जो ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्तुत आवेदन के आधार पर सरपंच ग्राम पंचायत के पक्ष में स्वीकृत किया गया है। इन रेत खदानों के उत्खनन और रेत परिवहन किए जाने पर वर्ष 2025-26 में माह फरवरी तक 15 लाख 70 हजार 22 रूपए की रायल्टी तथा 33 लाख 91 हजार 248 रूपए प्रीमियम राशि प्राप्त हुई है। दुर्गूकोंदल तहसील में कुल चार अस्थाई रेत भण्डारण अनुज्ञप्ति ग्राम पंचायत भण्डारडिगी के आश्रित ग्राम डांगरा, ग्राम पंचायत गोड़पाल, ग्राम पंचायत लोहत्तर अंतर्गत ग्राम सोनादई तथा ग्राम पंचायत हानपतरी अंतर्गत ग्राम नवागांव में स्वीकृत एवं संचालित है, जो संबंधित ग्रामसभा से प्राप्त अनुमति एवं अनापति अनुसार स्वीकृत किए गए हैं।
खनिज अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 टॉस्क फोर्स की टीम द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण एवं कार्यवाही करते हुए दुर्गूकोंदल तहसील में अवैध रेत परिवहन के 46 प्रकरण दर्ज कर 46 वाहन जप्त किए गए और 14 लाख 44 हजार 200 रूपए समझौता राशि वसूल किया गया है। अवैध भण्डारण के दो प्रकरण ग्राम चिहरो एवं ग्राम पंचायत महेन्द्रपुर अंतर्गत महेन्द्रपुर सटेली में प्रकरण दर्ज कर दो मशीन जप्त किया गया है। क्षेत्र में अवैध खनन में संलिप्त पाए जाने पर तहसीलदार दुर्गूकोंदल द्वारा 17 मार्च को ग्राम सटेली में एक मशीन एवं 26 मार्च को रात्रि में खनिज विभाग के उड़नदस्ता दल द्वारा ग्राम जाड़ेकुर्से एवं डंडईखेड़ा में दो मशीन जप्त किया गया है, जिसमें संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। इसी प्रकार दुर्गूकोंदल तहसील में स्वीकृत 02 खदानों में पट्टा शर्तों के उल्लंघन किए जाने पर ग्राम पंचायत भण्डारडिगी अंतर्गत रेत खदान डांगरा और ग्राम पंचायत गुदुम अंतर्गत रेत खदान पित्तेफुलचूर पर दण्डात्मक कार्यवाही की गई है एवं अर्थदण्ड की राशि 01 लाख 50 हजार रूपए आरोपित किया गया है। खनिज अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में रेत खदानों का नियमानुसार संचालन सुनिश्चित करते हुए अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर निरंतर कार्यवाही की जा रही है, साथ ही सतत निगरानी भी रखी जा रही है।