छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

25 करोड़ रुपये के धान शॉर्टेज पर कबीरधाम जिला प्रशासन कटघरे में, किसानों का धान आखिर गया कहां? – नवीन जायसवाल

कबीरधाम जिले में सामने आए लगभग 25 करोड़ रुपये के धान शॉर्टेज के मामले ने पूरे जिले में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम के अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने इस मामले को किसानों की मेहनत और उनके अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से जवाब मांगा है । 

नवीन जायसवाल ने बताया कि उन्होंने स्वयं संबंधित धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खेरझिटी नया केंद्र में लगभग 855 क्विंटल, दुल्लापुर केंद्र में 377 क्विंटल, कोदवा गोंडान केंद्र में 711 क्विंटल तथा कुकदूर केंद्र में लगभग 1000 क्विंटल धान शॉर्टेज दर्ज पाया गया। जिले के अन्य केंद्रों को मिलाकर यह आंकड़ा करोड़ों रुपये तक पहुंच गया है। 

*जिला अध्यक्ष ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब धान खरीदी केंद्रों में धान मौजूद नहीं है, तब रिकॉर्ड में दर्ज हजारों क्विंटल धान आखिर गया कहां?* किसानों की मेहनत की उपज का हिसाब कौन देगा? क्या प्रशासन इस बात का जवाब देगा कि इतने बड़े स्तर पर धान की कमी कैसे हुई?

 *श्री जायसवाल ने कहा कि कलेक्टर ने कहा है अधिकारियों को "कैसे भी करके शॉर्टेज जीरो करो"* के निर्देश दिए गए हैं। यदि यह सही है तो जनता जानना चाहती है कि पहले धान का पता लगाया जाएगा या सीधे शॉर्टेज को शून्य दिखाने की कोशिश होगी? क्या प्रशासन का काम सच्चाई सामने लाना है या आंकड़ों को ठीक करना उन्होंने कहा कि यह पहला मामला नहीं है। पूर्व में भी धान से जुड़े करोड़ों रुपये के नुकसान और अनियमितताओं के मामले सामने आए थे। उस समय भी काग्रेंस ने व किसानों और जनता ने सवाल उठाए थे, लेकिन आज तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आई। अब फिर 25 करोड़ रुपये के धान शॉर्टेज का मामला सामने आने से लोगों का भरोसा प्रशासनिक व्यवस्था पर कमजोर हुआ है।

 जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क था तो इतना बड़ा शॉर्टेज कैसे हुआ? यदि जानकारी नहीं थी तो यह प्रशासनिक विफलता है और यदि जानकारी थी तो समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आखिर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही कब तय होगी । 

*जायसवालने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि* किसानों के हितों की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली सरकार को इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। जब बार-बार धान खरीदी और भंडारण से जुड़े मामलों में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं तो सरकार और प्रशासन दोनों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। 

*नवीन जायसवाल ने मांग की कि* पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए तथा दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। जनता के सवाल खेरझिटी नया के 855 क्विंटल धान का हिसाब कौन देगा दुल्लापुर के 377 क्विंटल धान का जिम्मेदार कौन है?
कोदवा गोंडान के 711 क्विंटल धान का क्या हुआ कुकदूर के 1000 क्विंटल धान कहां गए जिले के 25 करोड़ रुपये के धान शॉर्टेज का सच जनता को कब बताया जाएगा?
शॉर्टेज जीरो करो" का मतलब जांच है या केवल हिसाब-किताब ठीक करना कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और जब तक 25 करोड़ रुपये के धान शॉर्टेज की सच्चाई सामने नहीं आती, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक इस मुद्दे को जिला काग्रेंस मजबूती से उठाती रहेगी।

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