शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है-पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह
*शिक्षा की राह हुई आसान, पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बच्चों को बांटे शैक्षणिक सामाग्री एवं 27 स्कूल बैग*
कवर्धा--
कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने और बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से कबीरधाम पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत संचालित अस्थाई स्कूलों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ग्राम झुरर्गीदादर स्थित अस्थाई प्राथमिक कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सामग्री सहित 27 नग स्कूल बैग उनके शिक्षाकें को प्रदान किए। यह पहल पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र सिंह एवं श्री अमित पटेल के मार्गदर्शन में संचालित सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकें। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र सिंह बघेल, आरआई श्री पुष्पेन्द्र प्रताप, प्रधान आरक्षक श्री घनाराम सिन्हा, आरक्षक श्री कृपाराम मेरावी उपस्थित थे।
पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देती है। वनांचल क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने की है। कबीरधाम पुलिस का प्रयास है कि वनांचल क्षेत्र के बच्चे शिक्षा से वंचित न रहे। स्कूल बैग एवं शैक्षणिक सामग्री वितरण का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करना तथा उनकी मूलभूत शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास से भी जुड़ी है। पुलिस और समाज के बीच विश्वास एवं सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण में योगदान देना भी पुलिस की जिम्मेदारी है।
गौरतलब है कि कबीरधाम जिले के दूरस्थ और दुर्गम वन क्षेत्रों में ऐसे कई अस्थाई स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, जहां बच्चों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग द्वारा शिक्षकों की भी व्यवस्था की गई है। इन स्कूलों का समय-समय पर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण कर बच्चों की शैक्षणिक प्रगति और आवश्यकताओं का जायजा लेते रहते हैं।