छत्तीसगढ़ / बालोद

गुमसुम बालोद खनिज शाखा, धड़ल्ले से हो रहा अवैध रेत उत्खनन

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)

बालोद। डौंडी ब्लॉक में अवैध रेत उत्खनन व परिवहन का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रतिदिन घोटिया, दल्ली राजहरा, डौंडी एवं अंचल के क्षेत्र में लगभग पांच सौ से सात सौ वाहन रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन में लगे हुए हैं। वहीं बालोद खनिज विभाग के अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। जबकि प्रतिदिन प्रशासन के नाक के नीचे लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। 
 
रेत खनन करने वालों का कहना है कि अधिकारी का कार्य कार्रवाई करने का है और हमारा कार्य रेत उत्खनन व परिवहन करना है। घोटिया, दल्ली राजहरा, डौंडी, चिखलाकसा क्षेत्र में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष से जुड़े हुए लोग ही रेत का अवैध खनन व परिवहन कर रहे हैं। अब प्रश्न यह उठता है कि जो लोग अवैध रेत उत्खनन व परिवहन का कार्य कर रहे हैं। खनिज विभाग और राजस्व अमला कोई कार्यवाही ही करता। वहीं शासन-प्रशासन भी मूकदर्शक बना हुआ है।
 
दल्ली राजहरा के निकट कोकान मार्ग से होते हुए कई छोटे-बड़े वाहन रेत का परिवहन कर रहे हैं। इसके बावजूद किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होना समझ से परे है। डौंडी पुलिस की नाक के नीचे से ही प्रतिदिन कई वाहन रेत लेकर जाते हैं। डौंडी ब्लाक क्षेत्र की नदी, नालों व घाटों रेत को उत्खनन कर रेत माफिया राजस्व को चूना लगा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार पल्लेकसा, पचेड़ा, मंगलतरई, पेंड्री, घोटिया, बेलोदा, कुरुटोला एवं अन्य नदी, घाटों से खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है।
 
ग्रामीणों की शिकायत है कि बड़ी मुश्किल से मौके पर कभी-कभी खनिज अधिकारी पहुंचते हैं और स्टाफ की कमी का रोना रोते है। ग्रामीणों के अनुसार यहां प्रतिदिन सुबह-शाम कई पिकअप, डंपर व ट्रैक्टर से रेत परिवहन व जेसीबी से उत्खनन किया जाता है। बिना रायल्टी के रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन करने वालों के हौसले इतने बुलंद है कि उनको शासन - प्रशासन की कार्रवाई का डर नहीं है। खनिज विभाग के जिम्मेदारों को अवैध रेत उत्खनन व परिवहन के बारे में जानकारी पूछो तो स्टाफ की कमी का राग अलाप देते है।

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