भोरमदेव पदयात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए जुटा शासन-प्रशासन और जनसमुदाय
कांवड़ियों-पदयात्रियों के लिए अलग-अलग स्थानों में होगी विश्राम, स्वागत और जलपान की व्यवस्था
कवर्धा । प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन महीने के प्रथम सोमवार 3 अगस्त को ऐतिहासिक, धार्मिक, पुरातत्व एवं पर्यटन महत्त्व स्थल भोरमदेव पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। पदयात्रा बुढ़ा महादेव मंदिर कवर्धा से सबेरे 7 बजे से शुरू होगी। उपमुख्मंत्री विजय शर्मा के मंशानुरूप कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भोरमदेव पदयात्रा की तैयारी जोरो शोरो से की जा रही है। पदयात्रा को ऐतिहासिक पदयात्रा बनाने के लिए शासन-प्रशासन सहित जनसमुदाय और विभिन्न संगठन जुटे हुए है।
कलेक्टर वर्मा ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में श्रावण मास के प्रथम सोमवार 3 अगस्त को आयोजित होने वाली पारंपरिक बूढ़ा महादेव मंदिर कवर्धा से भोरमदेव मंदिर तक पदयात्रा की तैयारियों को लेकर जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, पत्रकारों तथा विभिन्न क्लब, संघ एवं समाजों के अध्यक्षों एवं प्रमुखों की बैठक लेकर आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए उनके सुझाव लिए। बैठक में कवर्धा से भोरमेदव मंदिर तक 18 किलोमीटर की पदयात्रा में कांवडियों और पदयात्रियों के लिए अलग-अलग स्थानों पर जलपान, शरबत, चाय नाश्ते की व्यवस्था की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि भोरमदेव पदयात्रा में श्रद्धालु उत्साह से भाग लेते है। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी कवर्धा सहित आसपास के सभी नागरिक इस पदयात्रा में शामिल होकर भव्य बनाएं। उन्होंने कहा कि आयोजन के संबंध में पूर्व वर्षो की भांति इस वर्ष भी सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेगी। इस दौरान विभिन्न संस्था के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखें। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, पार्किग, पदयात्रा के रास्ते में पड़ने वाले ग्राम पंचायतों द्वारा रास्ते की साफ-सफाई एवं स्वागत द्वार बनाने, पेयजल, सुलभ शौचालयों की साफ-सफाई, रास्ते में जगह-जगह आपात चिकित्सा व्यवस्था, डीजे व्यवस्था तथा पदयात्रियों के लौटने के लिए निःशुल्क बसों की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक तैयारियों के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई। बैठक में भोरमदेव पदयात्रा के गरिमामय आयोजन के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।