प्राकृतिक आपदा के 5 प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को कुल 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत
रायपुर, 30 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा एवं नैसर्गिक विपत्तियों से होने वाली जनहानि पर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी के तहत जशपुर जिले में प्राकृतिक आपदाओं में हुई मृत्यु के 5 प्रकरणों में कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा कुल 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील पत्थलगांव के ग्राम बटुराबहार निवासी स्व. पुषोबाई पति श्री विष्णु प्रसाद की 2 फरवरी 2025 को पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका के निकटतम वैध वारिस उनके पति श्री विष्णु प्रसाद को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील पत्थलगांव के ग्राम कटंगजोर निवासी स्व. भोजराम नाग पिता श्री रूंजा राम की 9 फरवरी 2025 को कुएं के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। मृतक की निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी श्रीमती उषा बाई नाग को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। तहसील सन्ना के ग्राम कुरकुरिया निवासी स्व. शिवकली पिता श्री ललु राम नाग की 12 मई 2025 को भण्डारकोना तालाब के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका के निकटतम वैध वारिस उनके माता-पिता श्री ललु राम नाग एवं श्रीमती शांति को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। तहसील बगीचा के ग्राम कलिया निवासी स्व. विष्णु दास महंत पिता श्री जितेन्द्र दास की 8 मार्च 2026 को तालाब के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता श्री जितेन्द्र दास को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील जशपुर के ग्राम गम्हरिया निवासी स्व. कमलावती बाई पति स्व. सुखनाथ की 25 अक्टूबर 2025 को कुएं के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका की निकटतम वैध वारिस उनकी माता श्रीमती रंथी बाई को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदा एवं आकस्मिक जनहानि के प्रकरणों में प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के साथ की जा रही है।