छत्तीसगढ़ / रायपुर

पीएमएफई योजना से मिली नई दिशा, आधुनिक मशीनों से बढ़ा कारोबार

 कृषि परिवार से निकलकर प्रो. जितेन्द्र कुमार धनकर ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में बनाई नई पहचान

रायपुर, 10 अगस्त 2026

खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के ग्राम अतरिया निवासी 35 वर्षीय प्रो. जितेन्द्र कुमार धनकर ने कृषि परिवार से होने के बावजूद स्वरोजगार को अपनाकर फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। बी.एससी. एग्रीकल्चर शिक्षित जितेन्द्र कुमार ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को आधुनिक स्वरूप दिया और सीमित स्तर से शुरू हुए कारोबार को विस्तार की दिशा में आगे बढ़ाया।
जितेन्द्र कुमार ने “धनकर एंटरप्राइजेज (एमएफजी यूनिट)” की शुरुआत 16 मार्च 2022 को की। उनके उद्यम में लीची जूस, मैंगो जूस, ऑरेंज जूस, भेल, मसाला मुरमुरा, चना मिक्स, नमकीन सहित विभिन्न खाद्य उत्पादों का निर्माण एवं पैकेजिंग किया जाता है।
पीएमएफएमई से पहले सीमित था व्यवसाय का दायरा
पीएमएफएमई योजना से पहले जितेन्द्र कुमार का व्यवसाय मुख्य रूप से मौसमी उत्पादों तक सीमित था। इस दौरान उनकी मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये थी और व्यवसाय के विस्तार की संभावनाएं सीमित थीं। इसी दौरान उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र (डीटीआईसी) के माध्यम से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त कर उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और आवश्यक प्रशिक्षण भी प्राप्त किया।
35 प्रतिशत सब्सिडी से मिला व्यवसाय विस्तार का अवसर
पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा, छुईखदान से जितेन्द्र कुमार को 6.30 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इसमें उन्हें 2.45 लाख रुपये की 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिला। इस वित्तीय सहायता से उन्होंने अपने उद्यम में आधुनिक मशीनें स्थापित कीं और उत्पादन, पैकेजिंग तथा ब्रांडिंग को बेहतर बनाने पर काम किया।
उद्यम में वीएफएफएस पैकिंग मशीन, एयर कम्प्रेसर, मिक्सर मशीन और ड्रायर मशीन जैसी आधुनिक मशीनों की स्थापना की गई। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी और खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग को भी बेहतर स्वरूप मिला।
मौसमी कारोबार से नियमित उत्पादन तक का सफर
पीएमएफएमई योजना का लाभ मिलने के बाद धनकर एंटरप्राइजेज के कारोबार में उल्लेखनीय बदलाव आया। पहले जहां व्यवसाय मुख्य रूप से मौसमी उत्पादों पर निर्भर था, वहीं अब नमकीन, मसाला मुरमुरा, चना मिक्स सहित अन्य उत्पादों का नियमित उत्पादन एवं पैकेजिंग किया जा रहा है। 
आधुनिक मशीनों और बेहतर पैकेजिंग से उत्पादों को स्थानीय बाजार के साथ नए बाजारों तक पहुंचाने में भी मदद मिली। वर्तमान में उद्यम में प्रतिदिन लगभग 2,000 से 2,500 रुपये की बिक्री हो रही है। वहीं उनकी मासिक आय बढ़कर लगभग 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
5 स्थानीय लोगों को मिला रोजगार
जितेन्द्र कुमार की सफलता केवल उनके स्वयं के व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके उद्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। वर्तमान में 5 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। उनका लक्ष्य आने वाले समय में उत्पादन क्षमता का विस्तार कर और अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है।
स्थानीय बाजार में बनी ‘धनकर एंटरप्राइजेज’ की पहचान
पीएमएफएमई योजना के सहयोग से जितेन्द्र कुमार ने अपने उद्यम को आधुनिक स्वरूप देने के साथ-साथ ‘धनकर एंटरप्राइजेज’ ब्रांड की स्थानीय बाजार में पहचान बनाने में सफलता हासिल की है। आधुनिक मशीनरी, बेहतर पैकेजिंग और नियमित उत्पादन ने उनके व्यवसाय को नई दिशा दी है।जितेन्द्र कुमार का लक्ष्य आने वाले समय में अपने ब्रांड को जिले और राज्य स्तर पर स्थापित करना तथा फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपने व्यवसाय का और अधिक विस्तार करना है।
आवेदक का संदेश
“पीएमएफएमई योजना ने मेरे छोटे व्यवसाय को नई दिशा और नई पहचान दी है। आधुनिक मशीनें, बैंक ऋण और 35 प्रतिशत सब्सिडी की सहायता से मैं अपने उद्योग का विस्तार कर पाया। आज मेरा व्यवसाय निरंतर बढ़ रहा है और मैं स्थानीय लोगों को रोजगार भी दे रहा हूं। मेरा संदेश है कि हर युवा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़े।”

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