नूतन संभवनाथ जिनालय में प्रथम पाषाण स्थापना महोत्सव
रायपुर । विवेकानंद नगर स्थित ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के निर्माणाधीन नूतन जिनालय में 15 अगस्त को देवाधिदेव संभवनाथ भगवान परमात्मा के मंदिर की प्रथम पाषाण स्थापना का महामहोत्सव भक्तिभाव और धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। चतुर्विध संघ की पावन निश्रा में पार्श्व पद्मावती जिनालय, टेगौर नगर से विवेकानंद नगर स्थित नूतन जिनालय तक भव्य बरगोड़ा निकाला गया। इसमें पाषाण स्थापना के लाभार्थी परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए।
महोत्सव का आयोजन खरतरगच्छाधिपति जिनमणिप्रभसूरीश्वर के आज्ञा प्रदाता तथा खरतरगच्छाचार्य जिनपीयूषसागर की पावन प्रेरणा से किया गया। समारोह में मुनि संवेगरत्न सागर आदि ठाणा 5 एवं प.पू. साध्वी मंजूलाश्रीजी आदि ठाणा 4 की पावन निश्रा रही।
भक्ति गीतों से सजा आयोजन
महोत्सव की शुरुआत 14 अगस्त से प्रभुभक्ति के साथ हुई। संध्या में संगीतकार राहुल झाबक ने भक्तिमय प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। मुख्य आयोजन शनिवार सुबह 7.30 बजे नूतन जिनालय के प्रांगण में हुआ।
इस दौरान रत्न एवं स्वर्ण पाषाण स्थापना का धार्मिक आयोजन विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। पाषाण स्थापना की विधि मुनि संवेगरत्न सागर के सान्निध्य में विधिकारक अरविंदज चौरड़िया, इंदौर द्वारा संपन्न कराई गई।
बरगोड़े में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
टेगौर नगर से निकले बरगोड़े में श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ शामिल हुए। जिनालय स्थल पहुंचने के बाद धार्मिक विधियों के साथ पाषाण स्थापना का कार्यक्रम हुआ। इस दौरान पूरा परिसर प्रभु भक्ति और जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम के पश्चात साधर्मिक वात्सल्य रत्नप्रभसूरी भवन के प्रथम तल पर हुआ।