छत्तीसगढ़ / महासमुंद

सिरपुर के महिलाओं को नालसा के योजनाओं की दी गई जानकारी

 महासमुंद  । नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं के संबंध में जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद की सचिव श्रीमती आफरीन बानों द्वारा ग्राम सिरपुर पहुंचकर उपस्थित महिलाओं को विभिन्न विषयों पर अधारित विधिक जानकारी प्रदान की गई। प्राधिकरण की सचिव श्रीमती आफरीन बानो द्वारा महिलाओं को नालसा के समुचे योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे जागृति योजना, स्प्रोहा, मानव वन्य जीव संघर्ष, वीर परिवार सहायता योजना और संवाद जैसे योजनाओं तथा विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यो एवं दिए जाने वाली विधिक सहायता तथा सलाह के बारे में विस्तापूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि प्राधिकरण का उद्देश्य सभी के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना ताकि आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के कारण कोई भी न्याय से वंचित रहे। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39 ए में सभी के लिए न्याय सुनिश्चित किया गया है और गरीबों तथा समाज के कमजोर वर्गो के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था की गई है। सबके लिए समान अवसर एवं समानता के आधार पर समाज के कमजोर वर्गो को सक्षम विधिक सेवाएं प्रदान करने के लिए एक तंत्र की स्थापना करने के लिए वर्ष 1987 में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम पारित किया गया। जिसके तहत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) का गठन किया गया है, जो कानूनी सहायता कार्यक्रम लागू करने और उसका मूल्यांकन एवं उनके सतत निगरानी का कार्य कर लोगों को कानूनी सहायता एवं सलाह उपलब्ध कराती है। इसी प्रकार प्रत्येक राज्य में एक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जिसके अंतर्गत उस राज्य के पूरे सभी जिलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा तहसील क्षेत्रों में तालुका विधिक सेवा समिति का गठन किया गया है। इसका कार्य नालसा की नीतियों और निर्देशों को कार्य रूप देना और लोंगो को निःशुल्क कानूनी सेवाएं प्रदान कराना होता है। इस अवसर पर लीगल एड डिफौस कौसिल असिस्टेंट श्रीमती ईश्वरीय निषाद, अधिकार मित्र तेजराम यादव, मोहित कुमार साहू उपस्थित थे।

 

 

Leave Your Comment

Click to reload image