पढ़ें पत्रकार चंद्र शेखऱ शर्मा की बात बेबाक
राजनैतिक रूप से पुष्ट और विपक्ष ने सदा निशाने पर रहने वाले जिला कबीरधाम की 21 वीं कलेक्टर के रूप में श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिले की कमान सम्हाली है । इनके समक्ष पूर्व कलेक्टरों के भरोसे और सुशासन की परंपरा को और आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। राजस्व नजूल व आदिवासियों के बिक्री की अनुमति के लिए धूल खाती फाइलों , अवैध खनन, अतिक्रमण, भू-माफिया व अन्य प्रशासनिक चुनौतियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति क्रियान्वित होगी या प्रभावशील राजनीति हावी होगी अभी भविष्य के गर्भ में है किंतु सालों से थम सी गई विकास की गति को फिर से रफ्तार मिलने की उम्मीद आमजन के मन में है । नव पदस्थ कलेक्टर को शासन-प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत करते हुए सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना, कुपोषण की चुनौती पर प्रभावी ढंग से काम करना तथा युवाओं और जरूरतमंद परिवारों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक चुनौतियों में शामिल होंगी। साथ ही कामठी जैसे विवाद , लोहारिडीह जैसे कांड , झंडा कांड के बाद बने धार्मिक विवाद व जातिय हिंसा कर्फ्यू , धरमपुरा कांड , हरमो कांड की पुनरावृत्ति ना हो जिले की शांति व्यवस्था बनाये रखने के साथ साथ पूर्व मुख्य मंत्री व वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमण सिंह व उपमुख्य मंत्री विजय शर्मा के गृह जिले व पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सदा निशाने पर रहने वाली कबीरधाम जिले में राजनैतिक संतुलन बनाये रखना भी चुनौतीपूर्ण होगा । राजनैतिक संतुलन के साथ साथ जिले में शासन की योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं को सहज, सरल एवं पारदर्शी तरीके से अंतिम छोर तक पहुंचाकर आम नागरिक के मन में यह विश्वास और भावना मजबूत करना होगा कि “यह सरकार मेरी है और शासन-प्रशासन मेरे साथ खड़ा है।”