छत्तीसगढ़ / बालोद

देवरी थाने के करीब ही ढाबे में खुलेआम परोसी जा रही अवैध शराब।

बालोद। एक तरफ जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जहां जिले को अपराध मुक्त बनाने में जुटे हुए हैं तो दूसरी तरफ ये ढाबा संचालक एसपी कलेक्टर के आदेश को धता बता रहे हैं। बालोद जिले के देवरीबंगला में मुख्य सड़क किनारे चल रहे ढाबे खूब फल-फूल रहे हैं और इसकी वजह यह है कि इनमें अवैध तरीके से शराब बेची और परोसी जा रही है जिससे इनका व्यवसाय बढ़ रहा है। देवरी थाने के आसपास के क्षेत्रों में होटल और ढाबे की आड़ में शराब परोसने का धंधा खूब फल-फूल रहा है।

 
यहां पर बेतहाशा शराब परोसी जा रही है, हालांकि आबकारी विभाग का दौरा इस क्षेत्र में कभी कभार ही रहता है लेकिन इस महानदी ढाबे से मात्र आधे किलोमीटर की दूरी पर देवरी पुलिस थाना है। बावजूद इसके यहां पर शराब परोसा जाना पुलिस विभाग के लिए शर्मनाक हैं। देवरी के ग्रामीणों ने देवरी पुलिस को इस संबंध में कई बार जानकारी दी लेकिन परिणाम ये है कि इन ढाबा संचालकों के हौसले और बढ़ते जा रहे हैं। 
 
ऐसा नहीं है कि पुलिस प्रशासन को या फिर आबकारी विभाग को इसकी जानकारी नहीं है। जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। यह गोरखधंधा प्रशासन की नाक के नीचे अवैध शराब का विक्रय-क्रय इन महानदी ढाबे में संचालित हो रहा है  धड़ल्ले से खुलेआम किए जा रहे इस गोरखधंधे के पीछे कहीं ना कहीं विशेष संरक्षण प्राप्त होने की आशंका को भी दरकिनार नहीं किया जा सकता है। कुछ संरक्षण प्राप्त कालाबाजारी अपनी जेब भरने के लिए शासकीय नीति के खिलाफ काम करने में भी संकोच नहीं कर रहे।
 
हाइवे तथा सड़क किनारे शराब बिक्री पर रोक लगाने सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश 
सुप्रीम कोर्ट ने हाइवे और मुख्य मार्गों से शराब की दुकानों को हटवाने का आदेश दिया है  लेकिन अब मुख्य मार्ग और हाइवे पर बने ढाबे और रेस्टोरेंट शराब की दुकानों का रूप ले रही हैं। हालत यह है कि हाइवे और ढाबों पर किसी भी समय जाएं तो वहां देशी, अंग्रेजी या ठंडी बियर सिर्फ 20 रुपए ज्यादा देने पर उपलब्ध करा दी जाती है। यही नहीं, शराब या बियर लेने पर इन्हीं ढाबों में बैठकर आराम से पीने की भी आजादी दी जा रही है।

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