एग्रीस्टैक पर किसान पंजीयन अनिवार्य, योजनाओं का लाभ पहुंचाने में होगी आसानी
नारायणपुर । जिले के सभी किसानों से एग्रीस्टैक के तहत फार्मर रजिस्ट्री में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने की अपील की गई है। भू-अभिलेख विभाग, नारायणपुर द्वारा किसानों को डिजिटल पहचान प्रदान करने तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से किसान पंजीयन का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
एग्रीस्टैक भारत सरकार की महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है, जिसके माध्यम से कृषि एवं किसानों से संबंधित जानकारी का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। पंजीयन के बाद किसानों के भूमि संबंधी विवरण को डिजिटल रूप से जोड़ा जाएगा, जिससे राजस्व एवं कृषि संबंधी सेवाओं में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।
एग्रीस्टैक में पंजीयन होने से पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा खाद-बीज सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। भूमि विवरण के डिजिटल लिंक होने से भू-अभिलेख संबंधी कार्य भी आसान होंगे। इसके साथ ही भविष्य में कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाओं की प्रक्रिया को अधिक सरल एवं त्वरित बनाने में मदद मिलेगी।
ई-गिरदावरी एवं फसल संबंधी सटीक जानकारी दर्ज होने से समर्थन मूल्य पर धान और अन्य फसलों के उपार्जन में भी किसानों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। किसान अपना फार्मर रजिस्ट्री पंजीयन संबंधित क्षेत्र के पटवारी, निकटतम चॉइस सेंटर/लोक सेवा केंद्र अथवा तहसील कार्यालय के माध्यम से निःशुल्क करा सकते हैं। पंजीयन के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर तथा भूमि संबंधी दस्तावेज जैसे बी-1/खसरा की आवश्यकता होगी।
भू-अभिलेख विभाग ने किसानों से अपील की है कि भविष्य में कृषि एवं राजस्व विभाग की विभिन्न लाभकारी योजनाओं को एग्रीस्टैक आईडी से जोड़े जाने की संभावना को देखते हुए सभी किसान प्राथमिकता के आधार पर अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।