छत्तीसगढ़ / बिलासपुर

यूपीआई पर क्रेडिट लाइन’ की सुविधा

बिलासपुर, सितंबर 2026, - ‘यूपीआई पर क्रेडिट लाइन’ के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम मुद्रा योजना सहित विभिन्न योजनाओं को शामिल किया गया है। डीएफएस सचिव ने जीएफएफ 2026 में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने के लिए नवाचारों का अनावरण किया। जिसमें एटीएम को तत्काल रुपे कार्ड और मर्चेंट यूपीआई क्यूआर जारी करने वाले केंद्रों में परिवर्तित करना, जिससे प्रक्रिया में लगने वाला समय कई सप्ताह से घटकर कुछ मिनट रह गया है। यह घोषणा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरभ विजय की उपस्थिति में की गई।


ई-केवाईसी के माध्यम से पंजीकृत सदस्यों को सहभागी एईपीएस टचपॉइंट ऑपरेटरों के जरिए सुरक्षित तरीके से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे नकद जमा करने की सुविधा प्रदान करना। यह घोषणा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरभ विजय की उपस्थिति में की गई।

रुपे कार्ड और मर्चेंट क्यूआर जारी करने के लिए ओपन-सोर्स (एंड्रॉयड) एटीएम के अंतरगत यह समाधान ग्राहकों को एक सरल सेल्फ-सर्विस प्रक्रिया के माध्यम से एटीएम से सीधे तत्काल व्यक्तिगत रुपे डेबिट, क्रेडिट और एनसीएमसी कार्ड प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा। ओपन-सोर्स (एंड्रॉयड) एटीएम यूपीआई आधारित भुगतान स्वीकार करने के लिए मर्चेंट क्यूआर कोड भी जारी करेगा, जिससे व्यापारी आसानी से क्यूआर कोड स्थापित कर सकेंगे और भुगतान स्वीकार करना शुरू कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, ये एटीएम चेक जमा करने, खाता खोलने और ऋण के लिए आवेदन करने जैसी बैंकिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराएंगे।

वर्तमान में, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक सहित नौ बैंक इस समाधान का आकलन और इसकी संभावनाओं का पता लगाने के लिए एनपीसीआई तथा हिताची पेमेंट सर्विसेज, पर्टो इंडिया और वॉर्टेक्स इंजीनियरिंग जैसे एटीएम ओईएम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम मुद्रा योजना के लिए ‘यूपीआई पर क्रेडिट लाइन’ भारतीय रिजर्व बैंक ने सितंबर 2023 में ‘यूपीआई पर क्रेडिट लाइन’ की सुविधा को सक्षम किया था, जिसके तहत पूर्व-स्वीकृत बैंक क्रेडिट लाइनों को यूपीआई पर फंडिंग अकाउंट के रूप में जोड़ा जा सकता है। इस पहल के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम मुद्रा योजना के पात्र लाभार्थी अपनी स्वीकृत क्रेडिट सीमा का उपयोग यूपीआई के जरिए व्यापारियों को भुगतान करने के लिए कर सकेंगे। इससे किसानों और छोटे व्यवसायों के लिए औपचारिक ऋण तक डिजिटल पहुंच को बढ़ावा मिलेगा।

सामूहिक रूप से, ये योजनाएं एक महत्वपूर्ण ऋण पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। इसके तहत 7.7 करोड़ से अधिक सक्रिय केसीसी  खातों में 10 लाख करोड़ रू से अधिक की स्वीकृत ऋण सीमाएं हैं, जबकि पीएमएमवाय के 57 करोड़ से अधिक ऋणों की कुल राशि 40 लाख करोड़ रू से अधिक है।

इन योजनाओं को ‘यूपीआई पर क्रेडिट लाइन’ के साथ एकीकृत करने से ऋण के परिदृश्य में व्यापक बदलाव लाने की क्षमता है। इससे इन प्राथमिकता वाले वर्गों के लिए औपचारिक ऋण अधिक सुलभ, सुविधाजनक और डिजिटल रूप से सक्षम हो सकेगा।

भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और यूको बैंक के पात्र केसीसी खाताधारक अब अपने क्रेडिट खातों का उपयोग यूपीआई पर क्रेडिट लाइन के रूप में कर सकते हैं।

भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक और यूको बैंक के मुद्रा लाभार्थी भी अब यूपीआई के माध्यम से इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। आने वाले महीनों में और अधिक बैंकों द्वारा यूपीआई पर इन ऋण सुविधाओं का विस्तार किए जाने की उम्मीद है।

एईपीएस थ्री-पार्टी कैश डिपॉजिट एक इंटरऑपरेबल असिस्टेड-बैंकिंग सेवा है, जो आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण आधारित ई-केवाईसी के माध्यम से पंजीकृत जमाकर्ता को सहभागी एईपीएस टचपॉइंट ऑपरेटरों के जरिए अपने परिवार के सदस्यों या प्रियजनों के बैंक खातों में सीधे नकद जमा करने की सुविधा प्रदान करती है।

यह सेवा मौजूदा एईपीएस इकोसिस्टम और उसके अंतिम छोर तक पहुंच वाले असिस्टेड-बैंकिंग नेटवर्क का लाभ उठाकर पारंपरिक बैंक शाखाओं से आगे सुविधाजनक नकद जमा की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तैयार की गई है। पारंपरिक नकद जमा विकल्पों के विपरीत, जो किसी बैंक की अपनी शाखा, कैश डिपॉजिट मशीन या उसके स्वामित्व वाले बुनियादी ढांचे पर निर्भर हो सकते हैं, एईपीएस थ्री-पार्टी कैश डिपॉजिट को एईपीएस नेटवर्क के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में नकद जमा की सुविधा प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।

यह सेवा ग्राहकों और लाभार्थियों, दोनों के लिए नकद जमा को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएगी। आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण प्रत्येक लेनदेन के लिए जमाकर्ता की उपस्थिति की पुष्टि करता है, जबकि लाभार्थी का सत्यापन सुरक्षा और भरोसे की एक अतिरिक्त परत प्रदान करता है। नकद जमा पूरा करने से पहले, ग्राहक को एसएमएस के माध्यम से लाभार्थी के नाम की पुष्टि प्राप्त होती है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि राशि सही लाभार्थी के खाते में जमा हो।

वर्तमान में इस सेवा के लिए सक्षम बैंकों की सूची में एयरटेल पेमेंट्स बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, फिनो बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, करूर वैश्य बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक शामिल हैं। आने वाले महीनों में इस सेवा के लिए और अधिक बैंकों के सक्षम होने की उम्मीद है।
 
 

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