सेवा संकल्प अभियान : कहानी बदलाव की
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से इश्वरी प्रसाद पटेल की बदली खेती की तस्वीर
धान की जगह ग्राफ्टेड बैंगन और टमाटर की खेती ने बढ़ाई आमदनी, किसान श्री इश्वरी प्रसाद प्राप्त कर रहे 8 से 10 लाख रुपए का शुद्ध लाभ
सक्ती, 21 सितम्बर 2026
सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओ से लोगों के जीवन मे आ रहे बदलाव की कहानिया सामने आ रही है| परंपरागत धान की खेती में लागत की तुलना में अपेक्षित आय नहीं मिलने से जिले के किसान परिवार आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई का सामना कर रहे थे। ऐसे समय में उद्यान विभाग अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के माध्यम से उद्यानिकी फसलों को अपनाने का अवसर किसान श्री इश्वरी प्रसाद पटेल, निवासी ग्राम जर्वे, विकासखण्ड सक्ती के लिए आय बढ़ाने का नया रास्ता बना। श्री इश्वरी प्रसाद पटेल ने वर्ष 2025-26 में 1.00 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन और टमाटर की खेती प्रारंभ की। उद्यान विभाग के अधिकारियों से प्राप्त तकनीकी जानकारी, मार्गदर्शन एवं योजनांतर्गत 30 हजार रुपये के विभागीय अनुदान का लाभ लेकर उन्होंने आधुनिक तकनीक से बैंगन की फसल तैयार की। किसान के अनुसार, पहले इसी भूमि पर धान की खेती करने से लागत की तुलना में आय कम प्राप्त होती थी। परिवार की घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक कठिनाइयां आती थीं। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाने के बाद उत्पादन और आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। लगभग 1 हेक्टेयर में 1000 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त हुआ तथा बाजार में 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपज का विक्रय किया गया। इससे किसान को धान की अपेक्षा कहीं अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ। श्री पटेल बताते हैं कि ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 8 से 10 लाख रुपये तक शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। बढ़ी हुई आमदनी से अब वे परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ-साथ खेती में पुनः निवेश कर रहे हैं। उनके लिए उद्यानिकी फसल अब केवल आय का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बन गई है। श्री इश्वरी प्रसाद पटेल की सफलता का प्रभाव आसपास के किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। उनकी ग्राफ्टेड बैंगन की सफल खेती से प्रेरित होकर क्षेत्र के अन्य किसान भी धान के स्थान पर उद्यानिकी एवं सब्जी फसलों को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। इससे क्षेत्र में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों के लिए आय के वैकल्पिक अवसर भी विकसित हो रहे हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के सहयोग, विभागीय मार्गदर्शन और किसान की मेहनत ने उद्यानिकी खेती को लाभ का माध्यम बना दिया है।