भाटापारा : सेवा संकल्प अभियान : कुएं ने बदली मुरली प्रसाद की खेती की तस्वीर
*एक फसल से दोहरी फसल तक का सफर, 2.5 एकड़ असिंचित जमीन से अब गेहूं, चना और सरसों की भी खेती*
बलौदा बाजार-भाटापारा, 23 सितंबर 2026
बलौदाबाजार जिले के विकासखंड पलारी से करीब 6 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत कोसमंदी के मुरली प्रसाद वर्मा के लिए खेत में बना कुआं सिर्फ सिंचाई का साधन नहीं, बल्कि उनकी खेती में आए बड़े बदलाव की वजह बना है। कभी बारिश के पानी पर निर्भर रहने वाली उनकी 2.5 एकड़ जमीन अब सालभर खेती के काम आ रही है। सिंचाई सुविधा मिलने के बाद मुरली प्रसाद अब धान के साथ गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों की खेती कर दोहरी फसल का लाभ ले रहे हैं।
कृषक मुरली प्रसाद के लिए पहले सिंचाई साधनों की कमी बड़ी चुनौती थी। बारिश पर निर्भरता के कारण समय पर फसल लेना मुश्किल होता था और धान के बाद दूसरी फसल की खेती नहीं कर पाते थे। अपनी निजी भूमि में सिंचाई सुविधा विकसित करने के उद्देश्य से उन्होंने ग्राम पंचायत कोसमंदी में कुआं निर्माण की मांग रखी।
विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे 20 जनवरी 2025 को स्वीकृति प्रदान की गई। परिसंपत्ति आईडी 3316004030/IF/1111890848 के तहत 2.77 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से कुआं निर्माण कराया गया। इस कार्य से 410 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ।
कुआं निर्माण पूर्ण होने और जलभराव होने के बाद मुरली प्रसाद की खेती की तस्वीर बदल गई। अब उन्हें सिंचाई के लिए बारिश का इंतजार नहीं करना पड़ता। खेत में पानी की उपलब्धता होने से वे समय पर धान की खेती कर रहे हैं और इसके बाद गेहूं, चना तथा सरसों जैसी फसलें भी ले पा रहे हैं। पहले असिंचित पड़ी 2.5 एकड़ जमीन अब नियमित खेती के काम आ रही है, जिससे उनकी कृषि आय में भी वृद्धि हुई है।
मुरली प्रसाद बताते हैं, “पहले पानी की कमी के कारण एक ही फसल पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब अपने खेत में कुआं होने से समय पर सिंचाई कर दो फसलें ले पा रहे हैं। इससे खेती आसान हुई है और आमदनी भी बढ़ी है।” कुएं में पानी भरने और खेती के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलने से मुरली प्रसाद और उनका परिवार बेहद प्रसन्न है।