महिलाओं की भागीदारी से ही मजबूत होगा गांव का लोकतंत्र : वीरेंद्र साहू
मगरलोड । महिला बिहान समूह के तत्वावधान में आयोजित जेंडर सभा एवं “छोटी संसद” कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकार, समान अवसर, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, पोषण, आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं ग्राम विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक एवं सार्थक चर्चा हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत मगरलोड के अध्यक्ष वीरेंद्र साहू ने कहा कि महिलाएं केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि समाज और गांव के विकास की मजबूत शक्ति हैं। जिस गांव की महिलाएं जागरूक, आत्मनिर्भर और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय हों, उस गांव के विकास को नई दिशा मिलती है।
श्री साहू ने कहा कि “छोटी संसद” महिलाओं को अपनी बात खुलकर रखने, समस्याओं पर चर्चा करने और समाधान के लिए सामूहिक रूप से आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मंच है। लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी बात रखना, सवाल पूछना और विकास के निर्णयों में भागीदारी करना भी लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, रोजगार तथा आर्थिक स्वावलंबन जैसे विषयों पर समाज को मिलकर काम करना होगा। बिहान समूहों ने ग्रामीण महिलाओं को बचत और आजीविका से जोड़ने के साथ-साथ नेतृत्व एवं सामाजिक जागरूकता की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद सदस्य डुगेश्वारी साहू ने की। कार्यक्रम में जनपद सदस्य हेमलता ध्रुव, ग्राम पंचायत भरदा की सरपंच भानु प्रियंका साहू, ग्राम पंचायत कमरौद की सरपंच नवीना साहू, ग्राम पंचायत गड़ाडीह के सरपंच रामचरण साहू, ग्राम पंचायत बोडरा के सरपंच केवल वर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मगरलोड रोहित बोर्झा, डॉ. शारदा ठाकुर बीएमओ, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी सुमित गांडेचा, ब्लॉक समन्वयक कमल कुजूर, ललित साहू, अजय सिंह, टुकेश्वरी साहू एवं धर्मीला सोरी सहित भरदा क्लस्टर की बिहान समूह की बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने अनुभव एवं विचार साझा करते हुए गांव में महिलाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही महिला सम्मान, समान अवसर, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि आज महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ पंचायत, ग्रामसभा और सामाजिक विकास के निर्णयों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जेंडर सभा एवं छोटी संसद जैसे आयोजन महिलाओं को अपनी आवाज बुलंद करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देना, उनके अधिकारों एवं जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना तथा ग्राम विकास की प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय और सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान “नारी शक्ति—गांव की शक्ति, महिला की भागीदारी—विकास की जिम्मेदारी” का संदेश प्रमुखता से सामने आया।